ShareChat
click to see wallet page
search
#सोचने वाली बात #points to ponder #*આપણે વિચારીશું ખરા?* #islam guide us in every field of life #*let us understand our religion
सोचने वाली बात - बेहतरीन सूफ़ी क़ौल ३३ जिस दिल में अल्लाह की याद बस जाए, उसे दुनिया की कोई चीज़ बेचैन नहीं कर सकती| मोहब्बत का रास्ता अदब से शुरू होता है और कुर्बत ए -इलाही पर जाकर पूरा होता है। सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ़ लिबास बदल ले, बल्कि वह है जिसका दिल बदल जाए। ज़िक्र से दिलों को सुकून मिलता है और ग़फ़लत से दिल अंधे हो जाते हैं। अपने दिल को नफ़रत से खाली करो, ताकि उसमें रहमत का नूर उतर सके। जो इंसानों पर रहम करता है, अल्लाह उस पर अपनी रहमत के दरवाज़े खोल देता है। तवक्कुल यह है कि कोशिश पूरी करो और नतीजा अल्लाह पर छोड़ दो। औलिया की सोहबत दिल को ज़़िंदा करती है और ग़फ़लत को दूर करती है। खूबसूरत सूफ़ियाना क़ौलः "दिल को अल्लाह का घर बना लो, फिर तुम्हें हर तरफ़ उसी का नूर दिखाई देगा। " हज़रतों और सूफ़िया की तालीमात से प्रेरित। ' बेहतरीन सूफ़ी क़ौल ३३ जिस दिल में अल्लाह की याद बस जाए, उसे दुनिया की कोई चीज़ बेचैन नहीं कर सकती| मोहब्बत का रास्ता अदब से शुरू होता है और कुर्बत ए -इलाही पर जाकर पूरा होता है। सूफ़ी वह नहीं जो सिर्फ़ लिबास बदल ले, बल्कि वह है जिसका दिल बदल जाए। ज़िक्र से दिलों को सुकून मिलता है और ग़फ़लत से दिल अंधे हो जाते हैं। अपने दिल को नफ़रत से खाली करो, ताकि उसमें रहमत का नूर उतर सके। जो इंसानों पर रहम करता है, अल्लाह उस पर अपनी रहमत के दरवाज़े खोल देता है। तवक्कुल यह है कि कोशिश पूरी करो और नतीजा अल्लाह पर छोड़ दो। औलिया की सोहबत दिल को ज़़िंदा करती है और ग़फ़लत को दूर करती है। खूबसूरत सूफ़ियाना क़ौलः "दिल को अल्लाह का घर बना लो, फिर तुम्हें हर तरफ़ उसी का नूर दिखाई देगा। " हज़रतों और सूफ़िया की तालीमात से प्रेरित। ' - ShareChat