ShareChat
click to see wallet page
search
#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - गावै को ताणु होवै किसै ताणु गावै को दाति जाणै नीसाणुप 6 Mta' अर्थः परमात्मा की महिमा अनंत है और उसे शब्दों में पूरी तरह समेटना मीठा असंभव है। गुरु नानक देव जी समझाते हैं कि हर मनुष्य अपनी बुद्धि, सामर्थ्य और अनुभव के अनुसार उस अकाल पुरख का गुणगान करता है। परमात्मा की महिमा को वही गा सकता है जिसे वह स्वयं बल प्रदान करे। जिसकी लगे जितनी आध्यात्मिक क्षमता या सामर्थ्य होती है, वह उस प्रभु के प्रताप और उसकी असीम शक्ति का उतना ही बखान करता है। बहुत से लोग ईश्वर द्वारा दिए गए सुखों , संसाधनों और आशीर्वादों के माध्यम से उसे याद करते हैं। वे तेरा प्रभु की दी हुई दातों उउपहारों ) को ही उसकी दया का साक्षात प्रमाण (निशान) मानते हैं और उन्हीं के लिए उसका शुक्राना करते हैंl वास्तव में, ईश्वर इतना विशाल है कि उसे पूरी तरह बयान करना किसी के वश में नहीं। कोई उसे भाणा उसकी शक्ति के लिए भजता है, तो कोई जीवन में मिली खुशियों और भोजन के लिए। जिसे जैसा अनुभव प्राप्त होता है, वह अपनी समझ के अनुसार उस परमात्मा की महिमा में लीन हो जाता है। गावै को ताणु होवै किसै ताणु गावै को दाति जाणै नीसाणुप 6 Mta' अर्थः परमात्मा की महिमा अनंत है और उसे शब्दों में पूरी तरह समेटना मीठा असंभव है। गुरु नानक देव जी समझाते हैं कि हर मनुष्य अपनी बुद्धि, सामर्थ्य और अनुभव के अनुसार उस अकाल पुरख का गुणगान करता है। परमात्मा की महिमा को वही गा सकता है जिसे वह स्वयं बल प्रदान करे। जिसकी लगे जितनी आध्यात्मिक क्षमता या सामर्थ्य होती है, वह उस प्रभु के प्रताप और उसकी असीम शक्ति का उतना ही बखान करता है। बहुत से लोग ईश्वर द्वारा दिए गए सुखों , संसाधनों और आशीर्वादों के माध्यम से उसे याद करते हैं। वे तेरा प्रभु की दी हुई दातों उउपहारों ) को ही उसकी दया का साक्षात प्रमाण (निशान) मानते हैं और उन्हीं के लिए उसका शुक्राना करते हैंl वास्तव में, ईश्वर इतना विशाल है कि उसे पूरी तरह बयान करना किसी के वश में नहीं। कोई उसे भाणा उसकी शक्ति के लिए भजता है, तो कोई जीवन में मिली खुशियों और भोजन के लिए। जिसे जैसा अनुभव प्राप्त होता है, वह अपनी समझ के अनुसार उस परमात्मा की महिमा में लीन हो जाता है। - ShareChat