Sandhya Sharma
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✍🏻 राधा नाम की ज्योति:वृंदावन के अनमोल संत प्रेमानंद जी महाराज...।।
#वृंदावन की रज में जन्मा एक भक्त अनमोल,
बचपन से ही राधा नाम, यही था जीवन का मोल।।
दुनिया के मेले छोड़े, छोड़ा मोह का जाल,
कृपालु गुरु की शरण में, पाया प्रेम का हाल।
रात रहे अंधियारी जब सारा जग सोता,
नंगे पाँव परिक्रमा को, संत अकेला चल देता।।
ढाई बजे ब्रह्म मुहूर्त में, राधा नाम की धुन,
यमुना तट गूंजे जब, मिटे मन का हर जूनून।।
न महल अटारी चाही, न चाही कोई शान,
एक कमरे की कुटिया में, बस राधा का ध्यान।।
देह नहीं,यह दीप है जो राधा नाम से जलता,
जिसके प्रकाश में अज्ञानी का तिमिर भी पिघलता।।
जो भी आया दुख लेकर, आँसू लेकर द्वार,
"राधे राधे" कहकर उसने, पाए खुशियाँ अपार।
कहते हैं "क्रोध अग्नि है, सब रिश्ते जला दे,
क्षमा का जल छिड़को, तो जीवन महका दे।।
लोभ, मोह, अहंकार ये तीनों हैं दुश्मन,
राधा नाम की ढाल से, जीत लो अपना मन।।
न जाति पूछी न पाती, न देखा धन-दौलत,
हर जीव में देखा उन्होंने, राधा-कृष्ण की सूरत।।
आज लाखों कंठों से गूंजे उनका एक ही नारा,
कलयुग में तारणहारा, बस राधा नाम सहारा।।
हे प्रेमानंद महाराज, तुम हो प्रेम की खान,
तुम्हारे जीवन से सीखे, सच्चा भक्ति का ज्ञान।।
हम भी तुम्हारी राह चलें, बस इतना वर दो दान,
होंठों पर राधे राधे, मन में राधा का ध्यान।।
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संध्या शर्मा"श्रेष्ठ"
जयपुर (राजस्थान)
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏गुरु महिमा😇 #प्रेमानंद #श्री प्रेमानंद जी महाराज
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