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#शुभ मुहूर्त #व्रत एवं त्योहार #पूजन विधि
शुभ मुहूर्त - 21-04-26 श्ची आदिशंकराचार्य प्राकट्योत्सव मंगलवार आदि शंकराचार्य जी का जन्म केरल के कालड़ी में एक नंबूदरी  ब्राह्मण परिवार में हुआ था, इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना गया है। कालड़ी में हुआ श्री आदिशंकराचार्य जी का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी के दिन केरल के इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी [, का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। आदिगुरु : 435' शंकराचार्य का व्यक्तित्व अलौकिक गुणों : था, मात्र आठ वर्ष की आयु में चारों वेदों का ज्ञान अर्जित करने वाले श्री आदिशंकराचार्य जी ने १६ वर्ष की 31್ # उपनिषदों पर भाष्य लिखकर अपनी विद्वता का परिचय दिया। वे अद्वैत वेदान्त के संस्थापक थे और उनका जीवन सनातन धर्म के पुनरुत्थान को समर्पित था, उनके प्रयासों ने हिन्दू धर्म को एक नई दिशा दी और स्मार्त सम्प्रदाय में इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। 21-04-26 श्ची आदिशंकराचार्य प्राकट्योत्सव मंगलवार आदि शंकराचार्य जी का जन्म केरल के कालड़ी में एक नंबूदरी  ब्राह्मण परिवार में हुआ था, इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना गया है। कालड़ी में हुआ श्री आदिशंकराचार्य जी का जन्म वैशाख शुक्ल पंचमी के दिन केरल के इसी उपलक्ष्य में वैशाख मास की शुक्ल पंचमी के दिन श्री आदि गुरु शंकराचार्य जी [, का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है। आदिगुरु : 435' शंकराचार्य का व्यक्तित्व अलौकिक गुणों : था, मात्र आठ वर्ष की आयु में चारों वेदों का ज्ञान अर्जित करने वाले श्री आदिशंकराचार्य जी ने १६ वर्ष की 31್ # उपनिषदों पर भाष्य लिखकर अपनी विद्वता का परिचय दिया। वे अद्वैत वेदान्त के संस्थापक थे और उनका जीवन सनातन धर्म के पुनरुत्थान को समर्पित था, उनके प्रयासों ने हिन्दू धर्म को एक नई दिशा दी और स्मार्त सम्प्रदाय में इन्हें भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। - ShareChat