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जयश्री कृष्णा #जय श्री कृष्णा #परमात्मा
जय श्री कृष्णा - सुदामा को दरिद्रता क्यों मिली थी? एक निर्धन ब्राह्मणी ने कई दिनों की भूख के बाद कुछ चने जुटाए थे, जिन्हें चोर सोने के सिक्के समझकर चुरा ले गए। पकड़े जाने के डर से पोटली को आश्रम में फेंक दी। ब्राह्मणी ने श्राप दिया कि जो भी चनों को खाएगा , वह आजीवन दरिद्र रहेगा। गुरुमाता ने वे चने सुदामा को दिए थे ताकि जंगल में लकड़ी काटते समय खा सकें। सुदामा को उस श्राप का आभास f हो गया था। इसलिए, श्री कृष्ण को दरिद्रता से बचाने के सुदामा ने लिए। हालांकि इसके पीछे उनकी गहरी जानबूझकर सारे चने अकेले खा मित्रता और त्याग की भावना छिपी थी। सुदामा को दरिद्रता क्यों मिली थी? एक निर्धन ब्राह्मणी ने कई दिनों की भूख के बाद कुछ चने जुटाए थे, जिन्हें चोर सोने के सिक्के समझकर चुरा ले गए। पकड़े जाने के डर से पोटली को आश्रम में फेंक दी। ब्राह्मणी ने श्राप दिया कि जो भी चनों को खाएगा , वह आजीवन दरिद्र रहेगा। गुरुमाता ने वे चने सुदामा को दिए थे ताकि जंगल में लकड़ी काटते समय खा सकें। सुदामा को उस श्राप का आभास f हो गया था। इसलिए, श्री कृष्ण को दरिद्रता से बचाने के सुदामा ने लिए। हालांकि इसके पीछे उनकी गहरी जानबूझकर सारे चने अकेले खा मित्रता और त्याग की भावना छिपी थी। - ShareChat