MONGARAJ J
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कबीर वाणी
कबीर, गुरु के मिले कटे दुःख पापा।
जन्म-जन्म के मिटें संतापा।।
गुरु के चरण सदा चित्त दीजै।
जीवन जन्म सुफल कर लीजै।।
भावार्थ:
सच्चे सद्गुरु की शरण प्राप्त होने पर मनुष्य के दुःख, पाप और अनेक जन्मों के संताप दूर होने लगते हैं। इसलिए मन, वचन और कर्म से सदैव गुरु के चरणों में श्रद्धा रखनी चाहिए। गुरु के बताए सत्य मार्ग पर चलकर ही मानव जीवन सफल और सार्थक बनता है।
सत साहेब। #🙏गुरु महिमा😇
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