ShareChat
click to see wallet page
search
#GodMorningThursday जेती लहर समुद्र की, तेती मन की दौर। सहजै हीरा नीपजे जो मन आवै ठौर।। समुद्र की जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैं उतनी ही मन की कामनाओं की दौड है यदि मन किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए, तो सहज भाव से ज्ञान रूपी अनमोल हीरे की प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब परमात्मा के ज्ञान के अभाव में दुःखी और अशांत है। #jagatguru santrampal ji mahraj
jagatguru santrampal ji mahraj - SATLOA ASHRAR WUNUNA जैती लहर समुद्र की , तैती मन की दौर। आवै ठौर।।  सहजै हीरा नीपजे , जो मन समुद्र की जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैं उतनी ही मन की कामनाओँ की दौड है। यदि मन किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए, तो सहज भाव से ज्ञान रूपी अनमोल हीरे की प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब परमात्मा के ज्ञान के अभाव में ही दुःखी और अशांत हैं। वह ज्ञान मन के शांत होने पर ही सुलभ होता है।  SADelhiMundka SatlokAshramMundkaofficial SatlokAshramMundka SATLOA ASHRAR WUNUNA जैती लहर समुद्र की , तैती मन की दौर। आवै ठौर।।  सहजै हीरा नीपजे , जो मन समुद्र की जितनी अनगिनत लहरें व तरंगें हैं उतनी ही मन की कामनाओँ की दौड है। यदि मन किसी प्रकार अपने आप शांत हो जाए, तो सहज भाव से ज्ञान रूपी अनमोल हीरे की प्राप्ति निश्चित ही है। इस जगत में सब परमात्मा के ज्ञान के अभाव में ही दुःखी और अशांत हैं। वह ज्ञान मन के शांत होने पर ही सुलभ होता है।  SADelhiMundka SatlokAshramMundkaofficial SatlokAshramMundka - ShareChat