#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज का जन्म धनखड़ जाट परिवार में वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717 ई. (विक्रमी संवत 1774) में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था। जब आदरणीय गरीबदास जी 10 वर्ष की आयु के थे,तब कबलाना गाँव की सीमा से सटे नला खेत में जांडी के पेड़ के नीचे प्रातः 10 बजे परमेश्वर कबीर साहिब जी सतलोक से आकर मिले।
कबीर परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
हरियाणा की पावन धरती झज्जर के गांव छुड़ानी में 10 वर्ष के बालक गरीबदास जी को खेतों में गउएं चराते समय पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब मिले। सतलोक दर्शन हुआ—और यहीं से संत गरीबदास जी का जीवन ही बदल गया।
उन्होंने कहा—
“अजब नगर में ले गया, हमकूं सतगुरु आन…”
कबीर परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
Hari aaye Hariyane Nu
God graced Haryana in 1727.
Supreme God Kabir Sahib descended from Satlok to meet Sant Garibdas Ji on the auspicious date of phalgun Shudi Dwadashi.
कबीर परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
God Kabir came from Satlok and gave initiation to Sant Garibdas ji in 1727 A.D.
(Falgun mah, sudi, dwadashi).
So this day is celebrated as the Bodh Diwas of Sant Garibdas Ji Maharaj.
कबीर परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
#300thBodhDiwasSantGaribdasJi
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज
का जन्म वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717, विक्रमी संवत् 1774 में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था।
कबीर परमेश्वर #jagatguru santrampal ji mahraj
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
हरि आये हरियाणे नू
हरियाणा की पवित्र भूमि जिला झज्जर, गांव छुड़ानी के पास खेतों में अपनी प्यारी आत्मा 10 वर्षीय बालक गरीबदास जी महाराज को गउएं चराते हुए, पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब जी मिले, सतलोक दिखाया और फिर वापिस छोड़ा। बस यहीं से गरीबदास जी महाराज का जीवन पलट गया और परमात्मा की महिमा गाते हुऐ गरीब दास जी चिता से उठ बैठे और बोले:–
अजब नगर में ले गया, हमकूं सतगुरु आन। झिलके बिम्ब अगाध गति, सूते चादर तान। #jagatguru santrampal ji mahraj
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
हरि आये हरियाणे नू
हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी, जिला झज्जर में सन् 1717 में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् 1784, सन् 1727 में फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा है:
सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नूँ।
2Days Left For Bodh Diwas #jagatguru santrampal ji mahraj
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
हरि आये हरियाणे नू
हरियाणा प्रांत के गांव छुड़ानी, जिला झज्जर में सन् 1717 में जन्मे संत गरीबदास जी को परमेश्वर कबीर साहिब जी जिंदा बाबा के रूप में सतलोक से आकर विक्रमी संवत् 1784, सन् 1727 में फाल्गुन मास की सुदी द्वादशी को मिले थे। इसीलिए संत गरीबदास जी ने कहा है:
सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नूँ। #jagatguru santrampal ji mahraj
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
हरि आये हरियाणे नू
संत गरीबदास जी ने कहा है
सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आए हरियाणे नूँ।
सन् 1727 में सर्व शक्तिमान परमेश्वर कबीर जी जिंदा महात्मा रूप में सतलोक से आकर संत गरीबदास जी को गांव छुड़ानी, जिला झज्जर हरियाणा में मिले थे।
2Days Left For Bodh Diwas #jagatguru santrampal ji mahraj
#हरि_आये_हरियाणे_नूं
आदरणीय संत गरीबदास जी महाराज
का जन्म वैशाख के उत्तरार्ध की पूर्णिमा के दिन सन् 1717, विक्रमी संवत् 1774 में ग्राम छुड़ानी, जिला झज्जर, हरियाणा में हुआ था।
संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा व निःशुल्क पुस्तक प्राप्त करने के लिए संपर्क सूत्र:+917496801825 #jagatguru santrampal ji mahraj













