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#शहीद दिवस #बलिदान दिवस #🙏🏻माँ तुझे सलाम #🇮🇳 देशभक्ति #आज जिनकी पुण्यतिथि है
शहीद दिवस - आजादी तो केवल चरखे ने दिलाई? साथियों मैं जिक्र कर रहा हूँ १२ जून १८५७ की घटना का जब अमानत अली और उनके दो अन्य साथी अंग्रेज़ी घुड़सवार सेना से बगावत कर तलवारों व अन्य हथियारों से लैस होकर कमांडेंट, मेजर मैक्डोनल्ड पर उस समय अंधाधुंध हमला कर बैठे जब वह अपने बंगले में सर नॉर्मन लेस्ली तथा असिस्टेंट सर्जन डॉ ग्रांट के साथ चाय पी रहा था। सर नॉर्मन लेस्ली को तो वहीं तलवार से काट डाला, जबकि मैक्डोनल्ड व डॉ ग्रांट बहुत बुरी तरह घायल हो गए इस घटना के चार दिन बाद हत्या और हमला करने के लिए  आरोप में अमानत अली जी गिरफ्तार कर गए तथा उसी दिन कोर्ट मार्शल कर मेजर मैक्डोनल्ड के पर्यवेक्षण में ওমানন ওলী फाँसी दे दी गई। फांसी १६ जून १८५७ शत शत नमन आजादी तो केवल चरखे ने दिलाई? साथियों मैं जिक्र कर रहा हूँ १२ जून १८५७ की घटना का जब अमानत अली और उनके दो अन्य साथी अंग्रेज़ी घुड़सवार सेना से बगावत कर तलवारों व अन्य हथियारों से लैस होकर कमांडेंट, मेजर मैक्डोनल्ड पर उस समय अंधाधुंध हमला कर बैठे जब वह अपने बंगले में सर नॉर्मन लेस्ली तथा असिस्टेंट सर्जन डॉ ग्रांट के साथ चाय पी रहा था। सर नॉर्मन लेस्ली को तो वहीं तलवार से काट डाला, जबकि मैक्डोनल्ड व डॉ ग्रांट बहुत बुरी तरह घायल हो गए इस घटना के चार दिन बाद हत्या और हमला करने के लिए  आरोप में अमानत अली जी गिरफ्तार कर गए तथा उसी दिन कोर्ट मार्शल कर मेजर मैक्डोनल्ड के पर्यवेक्षण में ওমানন ওলী फाँसी दे दी गई। फांसी १६ जून १८५७ शत शत नमन - ShareChat