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#I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 #👌 छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #💫ध्यान के मंत्र🧘‍♂️
I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳 - 35 ঘ্লুমাল্দ্র 5128 विक्रम संवत २०८३ May স্াজনাহ 04 तत्त्4मा अ.जयेष्ठ (गु. वैशाख ) कृष्ण ०३ महाराजा छत्रसाल बुफ्ला 7- 20/12/1731 04/05/1649 जन्म बुन्देलखण्ड के कुशल संगठक तथा वीर प्रतापी राजा बुन्देलखण्ड केसरी के नाम से विख्यात हुए ೩ ಶಣ मात्र 5 वर्ष की आयु कौशल की शिक्षा प्राप्त की मात्र १६ वर्ष की आयु से युद्ध भूमि में चढ़े मुगल शासक औरंगज़ेब को युद्ध में पराजित किया बुन्देलखण्ड में स्वतंत्र बुंदेला राज्य स्थापित किया और महाराजा की पदवी प्राप्त की शुरू में उनके पिता के मित्र राजा जयसिंह چ5 लिए कार्य करते थे इसलिए वे भी मुगलों के लिए कार्य करते थे मुगलों छत्रपति शिवाजी महाराज से मदद के लिए मिले लेकिन फिर उनसे स्वतंत्र हिंदूस्वराज কা সপ্স লকয গপলী সানপুসি কী মীনা ম লযী २२ साल की उम्र में 5 घुड़सवार और २५ पैदलों की छोटी-सी सेना के साथ 3 मुगलों विरूद्ध युद्ध शुरू किया औरंगजेब ने उन्हें पकड़ने हेतु ३०,००० की सेना भेजी लेकिन वे अपने रणकौशल तथा मुगलों को मात देते रहे छापामार युद्ध निति के बल पर তল্কীন से १२ से अधिक लडाई लड़ी और सभी लडाई जीते भी धीरे धीरे मुगलों महाराजा छत्रसाल की शक्ति बढाती गई बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मुग़ल साम्राज्य को बिखेर कर रख दिया क्ररू मुग़ल सेनापति रणदूलह को युद्ध में विषयुक्त कटार से मारा और वे सडसड के मरा उन्हें भर जनसमर्थन प्राप्त था तथा उन्होंने ७२ सरदार सहित विशाल सेना तैयार की थी १६७८ में उन्होंने पन्ना में अपनी राजधानी स्थापित की जहा उनका राज्याभिषेक हुआ इसके बाद भी कई मुग़ल आक्रमण हुए लेकिन कोई उन्हें हरा नहीं पाया उनकी पुत्री मस्तानी का विवाह बाजीराव पेशवा से हुआ Tatvamasi Youth Club 97234 65767 35 ঘ্লুমাল্দ্র 5128 विक्रम संवत २०८३ May স্াজনাহ 04 तत्त्4मा अ.जयेष्ठ (गु. वैशाख ) कृष्ण ०३ महाराजा छत्रसाल बुफ्ला 7- 20/12/1731 04/05/1649 जन्म बुन्देलखण्ड के कुशल संगठक तथा वीर प्रतापी राजा बुन्देलखण्ड केसरी के नाम से विख्यात हुए ೩ ಶಣ मात्र 5 वर्ष की आयु कौशल की शिक्षा प्राप्त की मात्र १६ वर्ष की आयु से युद्ध भूमि में चढ़े मुगल शासक औरंगज़ेब को युद्ध में पराजित किया बुन्देलखण्ड में स्वतंत्र बुंदेला राज्य स्थापित किया और महाराजा की पदवी प्राप्त की शुरू में उनके पिता के मित्र राजा जयसिंह چ5 लिए कार्य करते थे इसलिए वे भी मुगलों के लिए कार्य करते थे मुगलों छत्रपति शिवाजी महाराज से मदद के लिए मिले लेकिन फिर उनसे स्वतंत्र हिंदूस्वराज কা সপ্স লকয গপলী সানপুসি কী মীনা ম লযী २२ साल की उम्र में 5 घुड़सवार और २५ पैदलों की छोटी-सी सेना के साथ 3 मुगलों विरूद्ध युद्ध शुरू किया औरंगजेब ने उन्हें पकड़ने हेतु ३०,००० की सेना भेजी लेकिन वे अपने रणकौशल तथा मुगलों को मात देते रहे छापामार युद्ध निति के बल पर তল্কীন से १२ से अधिक लडाई लड़ी और सभी लडाई जीते भी धीरे धीरे मुगलों महाराजा छत्रसाल की शक्ति बढाती गई बुन्देलखण्ड क्षेत्र में मुग़ल साम्राज्य को बिखेर कर रख दिया क्ररू मुग़ल सेनापति रणदूलह को युद्ध में विषयुक्त कटार से मारा और वे सडसड के मरा उन्हें भर जनसमर्थन प्राप्त था तथा उन्होंने ७२ सरदार सहित विशाल सेना तैयार की थी १६७८ में उन्होंने पन्ना में अपनी राजधानी स्थापित की जहा उनका राज्याभिषेक हुआ इसके बाद भी कई मुग़ल आक्रमण हुए लेकिन कोई उन्हें हरा नहीं पाया उनकी पुत्री मस्तानी का विवाह बाजीराव पेशवा से हुआ Tatvamasi Youth Club 97234 65767 - ShareChat