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#✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 - लैला अब नहीं थामती किसी बेरोजगार का हैथतो मजनु को अगर इश्क कमाना सीखें . ! साहित्य वाइब गुलज़ार साहब Wbe लैला अब नहीं थामती किसी बेरोजगार का हैथतो मजनु को अगर इश्क कमाना सीखें . ! साहित्य वाइब गुलज़ार साहब Wbe - ShareChat