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#🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 #😍विकसित भारत💪
🫡गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं🤝 - TH 7| HAPPY REPUBLIGDAY Let us honor the Constitution and the heroes who made our freedom possible Happy Republic Day TH 7| HAPPY REPUBLIGDAY Let us honor the Constitution and the heroes who made our freedom possible Happy Republic Day - ShareChat
#👍स्पेशल शायरी🖋
👍स्पेशल शायरी🖋 - जिंदगी एक रात थी हम तो जागते रहे किस्मत को नींद 3TTui. जिंदगी एक रात थी हम तो जागते रहे किस्मत को नींद 3TTui. - ShareChat
##️⃣DilShayarana💘
#️⃣DilShayarana💘 - किस्मत ही तो रूठी है. किस्मत बनाने वाला थोड़ी रूठा है.. किस्मत ही तो रूठी है. किस्मत बनाने वाला थोड़ी रूठा है.. - ShareChat
#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - ख़ुदा की ज़ात पर कितना भरोसा है परिंदों को जो अपनी चोंच में कल के লিৎ दाना नहीं रखते ...!! ख़ुदा की ज़ात पर कितना भरोसा है परिंदों को जो अपनी चोंच में कल के লিৎ दाना नहीं रखते ...!! - ShareChat
#👍स्पेशल शायरी🖋
👍स्पेशल शायरी🖋 - इन हसरतों से कह दो कहीं और जा बसें इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-्दाग़-्दार में Mushaion Ki Duia बह्यादुर श१ह फ़फ़र इन हसरतों से कह दो कहीं और जा बसें इतनी जगह कहाँ है दिल-ए-्दाग़-्दार में Mushaion Ki Duia बह्यादुर श१ह फ़फ़र - ShareChat
#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - के आएं तो , ೯ फुर्सत रंजिशे भूला देना दोस्तों किसी को पता नहीं , सांसो की मोहलत कहां तक है ...!! गुलज़ार के आएं तो , ೯ फुर्सत रंजिशे भूला देना दोस्तों किसी को पता नहीं , सांसो की मोहलत कहां तक है ...!! गुलज़ार - ShareChat
#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - इससे पहले के कोई और उड़ा ले जाए जिसके हाथों से गिरे हैं वो उठा ले जाए इन दिनों देख मेरी जान मेरी आँखों में इतना पानी है के सब ख़ाब बहा ले जाए 42 के बिखरे हैं सो इसकी मर्ज़ी शाख़ ख़ुश्क़ पत्तों को जिधऱ चाहे हवा ले जाए इससे पहले के कोई और उड़ा ले जाए जिसके हाथों से गिरे हैं वो उठा ले जाए इन दिनों देख मेरी जान मेरी आँखों में इतना पानी है के सब ख़ाब बहा ले जाए 42 के बिखरे हैं सो इसकी मर्ज़ी शाख़ ख़ुश्क़ पत्तों को जिधऱ चाहे हवा ले जाए - ShareChat
#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - इससे पहले के कोई और उड़ा ले जाए जिसके हाथों से गिरे हैं वो उठा ले जाए इन दिनों देख मेरी जान मेरी आँखों में इतना पानी है के सब ख़ाब बहा ले जाए 42 के बिखरे हैं सो इसकी मर्ज़ी शाख़ ख़ुश्क़ पत्तों को जिधऱ चाहे हवा ले जाए इससे पहले के कोई और उड़ा ले जाए जिसके हाथों से गिरे हैं वो उठा ले जाए इन दिनों देख मेरी जान मेरी आँखों में इतना पानी है के सब ख़ाब बहा ले जाए 42 के बिखरे हैं सो इसकी मर्ज़ी शाख़ ख़ुश्क़ पत्तों को जिधऱ चाहे हवा ले जाए - ShareChat
#गुलज़ार शायरी
गुलज़ार शायरी - Poutry Ino सबको मिल रही हैं. अपनी मन पसंद ज़िन्दगी, एक हम ही है. माधव जो सबकुछ खोते जा रहे हैं..!! Poutry Ino सबको मिल रही हैं. अपनी मन पसंद ज़िन्दगी, एक हम ही है. माधव जो सबकुछ खोते जा रहे हैं..!! - ShareChat
#🖋ग़ालिब की शायरी
🖋ग़ालिब की शायरी - ShareChat