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ऊंची उड़ान - Author on ShareChat
ऊंची उड़ान
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#👌 दोहे #👌 दोहे #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📓 हिंदी साहित्य #📓 हिंदी साहित्य #🕊️ ऊंची उड़ान 🏃 #💔 हमारी भावनाऐं ❤️
कबीरा कहे ज्ञान का मत करना अभिमान , झुका हुआ जो वृक्ष है, वही बने वरदान.! कबीरा कहे ज्ञान का मत करना अभिमान , झुका हुआ जो वृक्ष है, वही बने वरदान.!
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  • ganesh vaishnav - Author on ShareChat
    ganesh vaishnav
    #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #उम्दा- पंक्तियां ✍️ #सन्त कबीरदास जी 🪷 #✍️ दोहे 📖, भावार्थ 📝 #आध्यात्मिक सन्देश 🪷
    प्रीत करो तो ऐसी करो जैसी करे कपास। जीते जी या तन ढके मरेन छोड़े साथ।। कबीरदास जी कहते हैं कि यदि प्रेम (प्रीति) करनी हो तो कपास (रूई) जैसी निस्वार्थ और समर्पित होनी चाहिए। जिस प्रकार कपास अपना अस्तित्व मिटाकर धागा और फिर वस्त्र बनती है, जो जीते जी हमारे शरीर को ढकता है, ठंड और धूप से बचाता है और हमारा मान बढ़ाता हैः ठीक वैसे ही सच्चा प्रेम जीवन भर अपने प्रिय का साथ और सम्मान नहीं छोड़ता। यहाँ तक कि जब छूट जाते हैं और व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तब भी यह प्राण कफ़न के रूप में अंतिम समय तक साथ निभाता है। कबीरदास उम्दा पंक्तियां प्रीत करो तो ऐसी करो जैसी करे कपास। जीते जी या तन ढके मरेन छोड़े साथ।। कबीरदास जी कहते हैं कि यदि प्रेम (प्रीति) करनी हो तो कपास (रूई) जैसी निस्वार्थ और समर्पित होनी चाहिए। जिस प्रकार कपास अपना अस्तित्व मिटाकर धागा और फिर वस्त्र बनती है, जो जीते जी हमारे शरीर को ढकता है, ठंड और धूप से बचाता है और हमारा मान बढ़ाता हैः ठीक वैसे ही सच्चा प्रेम जीवन भर अपने प्रिय का साथ और सम्मान नहीं छोड़ता। यहाँ तक कि जब छूट जाते हैं और व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तब भी यह प्राण कफ़न के रूप में अंतिम समय तक साथ निभाता है। कबीरदास उम्दा पंक्तियां
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  • ganesh vaishnav - Author on ShareChat
    ganesh vaishnav
    #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #उम्दा- पंक्तियां ✍️ #सन्त कबीरदास जी 🪷 #✍️ दोहे 📖, भावार्थ 📝 #आध्यात्मिक सन्देश 🪷
    लोहा भँवर गरासिया , चन्दन बास न लेइ। सो तौ कबीर बिगरिया, उत्तम संगति देइ।। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन पर अच्छी संगति का असर भी नहीं होता। जैसे लोहा अगर पानी के भँवर में फंसा हो, तो पास में रखे चंदन की खुशबू उस लोहे में नहीं समा सकती। कबीर कहते हैं कि उत्तम संगति मिलने पर भी जो खुद को नहीं सुधारना चाहता, लोहे जैसा ही जड़ रहता है। उसका स्वभाव ಹಷೆಣ पंक्तिया उम्दा लोहा भँवर गरासिया , चन्दन बास न लेइ। सो तौ कबीर बिगरिया, उत्तम संगति देइ।। कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन पर अच्छी संगति का असर भी नहीं होता। जैसे लोहा अगर पानी के भँवर में फंसा हो, तो पास में रखे चंदन की खुशबू उस लोहे में नहीं समा सकती। कबीर कहते हैं कि उत्तम संगति मिलने पर भी जो खुद को नहीं सुधारना चाहता, लोहे जैसा ही जड़ रहता है। उसका स्वभाव ಹಷೆಣ पंक्तिया उम्दा
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  • ganesh vaishnav - Author on ShareChat
    ganesh vaishnav
    #आध्यात्मिक सन्देश 🪷 #उम्दा- पंक्तियां ✍️ #✍️ दोहे 📖, भावार्थ 📝 #सन्त कबीरदास जी 🪷 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
    पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात। देखत ही छुप जाएगा , ज्यों तारा परभात। | मानव का यह शरीर पानी के बुलबुले के समान बहुत जिस प्रकार सुबह होते ही कमजोर और नश्वर है तारे छिप जाते हैँ, उसी प्रकार यह जीवन भी एक दिन नष्ट हो जाएगा| इसलिए व्यर्थ का अहंकार करने के बजाय जीवन की सच्चाई को समझना चाहिए। कबीरदास ওচ্ম্া_প্দিনিযা पानी केरा बुदबुदा, अस मानस की जात। देखत ही छुप जाएगा , ज्यों तारा परभात। | मानव का यह शरीर पानी के बुलबुले के समान बहुत जिस प्रकार सुबह होते ही कमजोर और नश्वर है तारे छिप जाते हैँ, उसी प्रकार यह जीवन भी एक दिन नष्ट हो जाएगा| इसलिए व्यर्थ का अहंकार करने के बजाय जीवन की सच्चाई को समझना चाहिए। कबीरदास ওচ্ম্া_প্দিনিযা
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  • ऊंची उड़ान - Author on ShareChat
    ऊंची उड़ान
    #👌 दोहे #🙏सुविचार📿 #☝ मेरे विचार #🕊️ ऊंची उड़ान 🏃 #💔 हमारी भावनाऐं ❤️
    66 कबीरा देखे जगत को कैसी बदली चाल, के सिर ताज है मूर्खों ज्ञानी रहे बेहाल.! 66 कबीरा देखे जगत को कैसी बदली चाल, के सिर ताज है मूर्खों ज्ञानी रहे बेहाल.!
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