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भजन संध्या में कुंवर बैचेन #संतो की रचनायें
संतो की रचनायें - "90" भरन्दो भरन्दो झोली हमारी आई भिकारन तुमरी द्वारी अपने रंग में तनन्मन रंग दो बलिहारी तोरे बलिहारी గf' चरण अब आन लगी हूँ तुमरे  आस ना पीतम तोड़ो़ हमारी तुमरा रूप है रूप निरंजन तुमरा बचन अनमोल बहारी कल नहीं मन को कल पे ना टालो आज बना दो मोहे मतवारी तुमरे चरण से ओ जग ्दाता जाए कहाँ अब दुखिया पुजारी बिक गई मैं तो प्रेम ्नगर में चाहे कहीं जो अब नर-्नारी तुमरे सिवा कुछ सूझत नाहीँ नयन मिला के मोरी मत मारी जा पे पडे़ पीतम नजरिया वही बने पीतम की दुलारी हुस्न के तुम पीतम ्परमेश्वर ये ' बेचैन' है तेरा पुजारी (कुंवर बैचेन) Motivational Videos App Want . "90" भरन्दो भरन्दो झोली हमारी आई भिकारन तुमरी द्वारी अपने रंग में तनन्मन रंग दो बलिहारी तोरे बलिहारी గf' चरण अब आन लगी हूँ तुमरे  आस ना पीतम तोड़ो़ हमारी तुमरा रूप है रूप निरंजन तुमरा बचन अनमोल बहारी कल नहीं मन को कल पे ना टालो आज बना दो मोहे मतवारी तुमरे चरण से ओ जग ्दाता जाए कहाँ अब दुखिया पुजारी बिक गई मैं तो प्रेम ्नगर में चाहे कहीं जो अब नर-्नारी तुमरे सिवा कुछ सूझत नाहीँ नयन मिला के मोरी मत मारी जा पे पडे़ पीतम नजरिया वही बने पीतम की दुलारी हुस्न के तुम पीतम ्परमेश्वर ये ' बेचैन' है तेरा पुजारी (कुंवर बैचेन) Motivational Videos App Want . - ShareChat