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#☝रहीम की सीख🌟
☝रहीम की सीख🌟 - ঐনিক HIEOE मल मल धोए शरीर को, धोए न मन का मैल। नहाए गंगा गोमती , रहे बैल के बैल।| अर्थ - लोग अपने शरीर को तो बहुत अच्छी तरह साफ करते हैं। लेकिन, मन के मैल की सफाई नहीं करते हैं। वे गंगा और गोमती जैसे नदी में नहाकर खुद को पवित्र मानते है, लेकिन वे मूर्ख ही रहते हैं। ঐনিক HIEOE मल मल धोए शरीर को, धोए न मन का मैल। नहाए गंगा गोमती , रहे बैल के बैल।| अर्थ - लोग अपने शरीर को तो बहुत अच्छी तरह साफ करते हैं। लेकिन, मन के मैल की सफाई नहीं करते हैं। वे गंगा और गोमती जैसे नदी में नहाकर खुद को पवित्र मानते है, लेकिन वे मूर्ख ही रहते हैं। - ShareChat