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🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚 *सुप्रभातम* *ज्ञानं देहि स्मृतिं विद्दां शक्तिं देहि मम प्रभो। बुद्धिं देहि मति देहि विवेकं देहि मे प्रभो॥* उक्त श्लोक *विद्या और बुद्धि की प्राप्ति के लिए प्रार्थना* का श्लोक है। अक्सर विद्यार्थी पढ़ाई शुरू करने से पहले इसका पाठ करते हैं। शब्दार्थ: 1. *ज्ञानं देहि* – हे प्रभु, मुझे ज्ञान दीजिए 2. *स्मृतिं देहि* – स्मरण शक्ति दीजिए, जो पढ़ा है वो याद रहे 3. *विद्दां* – विद्या, शास्त्रों का ज्ञान 4. *शक्तिं देहि* – कार्य करने की शक्ति, सामर्थ्य दीजिए 5. *बुद्धिं देहि* – तर्क करने वाली बुद्धि दीजिए 6. *मति देहि* – सद्बुद्धि, सही निर्णय लेने की क्षमता दीजिए 7. *विवेकं देहि* – नित्य-अनित्य, धर्म-अधर्म को समझने का विवेक दीजिए 8. *मे प्रभो* – हे प्रभु, मुझ पर कृपा करें सरल अर्थ: हे प्रभु! मुझे ज्ञान दो, स्मरण शक्ति दो, विद्या दो और शक्ति दो। हे प्रभु! मुझे बुद्धि दो, सद्बुद्धि दो और विवेक दो ताकि मैं सत्य-असत्य, उचित-अनुचित को समझ सकूँ। भाव: यह श्लोक केवल बौद्धिक ज्ञान नहीं माँगता, बल्कि उस ज्ञान को धारण करने की शक्ति, उसे याद रखने की स्मृति, और सही-गलत समझने का विवेक भी माँगता है। इसे सरस्वती, गणेश या इष्टदेव के सामने पढ़ा जाता है। जय सियाराम ! 🙏🌹🙏 🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚🦚 #जय बजरंगबली #🌞सुप्रभात सन्देश
जय बजरंगबली - सब सुख लहैे ব্রঃমাহী হাহনা 6 तुम रक्षक् काहू क्ा डरना ।। जय श्रां रंगबली doll सब सुख लहैे ব্রঃমাহী হাহনা 6 तुम रक्षक् काहू क्ा डरना ।। जय श्रां रंगबली doll - ShareChat