Suman Shekhawat on Instagram: "1980 का बचपन बहुत ही सादा, खुशियों भरा और यादगार हुआ करता था। उस समय बच्चों की दुनिया टीवी, मोबाइल और इंटरनेट से दूर होती थी। वे गली-मोहल्लों में खेलते थे जैसे कंचे, गिल्ली-डंडा, कबड्डी और पिट्ठू। परिवार के साथ समय बिताना, दादा-दादी की कहानियाँ सुनना और छोटे-छोटे खिलौनों में खुश रहना ही असली खुशी होती थी। उस दौर में दोस्ती सच्ची होती थी और जीवन में सादगी ही सबसे बड़ी खूबसूरती थी।"
755K likes, 6 comments - rajputi_culture_dance on April 4, 2026: "1980 का बचपन बहुत ही सादा, खुशियों भरा और यादगार हुआ करता था। उस समय बच्चों की दुनिया टीवी, मोबाइल और इंटरनेट से दूर होती थी। वे गली-मोहल्लों में खेलते थे जैसे कंचे, गिल्ली-डंडा, कबड्डी और पिट्ठू।
परिवार के साथ समय बिताना, दादा-दादी की कहानियाँ सुनना और छोटे-छोटे खिलौनों में खुश रहना ही असली खुशी होती थी। उस दौर में दोस्ती सच्ची होती थी और जीवन में सादगी ही सबसे बड़ी खूबसूरती थी।".