MP WALI MANU on Instagram: "हिमालय की उन ऊँची और बर्फीली पहाड़ियों के बीच, जहाँ हवाएं भी ठिठुर जाती हैं, आज एक अलग ही खामोशी छाई हुई थी। यह कहानी है भारतीय सेना के उन पांच जांबाज जवानों की, जिन्होंने बचपन में गुड़ियों से खेलने के बजाय अपने पिता की पुरानी फौजी टोपी पहनकर घर के आँगन में मार्च करना सीखा था।सरहद पर अचानक हुई गोलाबारी में, इन पाँचों वीरों ने अपनी टुकड़ी को सुरक्षित बचाने के लिए खुद को खतरे में डाल दिया और वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हो गए। उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा का जो वादा किया था, उसे आख़िरी साँस तक निभाया।आज, बॉर्डर के उसी बेस कैंप पर, जहाँ इन जवानों की हँसी गूँजती थी, उन्हें अंतिम विदाई दी जा रही है। बर्फीली चोटियों के बीच, कँकरीली ज़मीन पर इन पाँचों शहीदों को एक साथ लेटाया गया है। उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटकर और फूलों के भारी हार पहनाकर सजाया गया है। उनके सिरहाने पर उनकी तस्वीर और उनके बलिदान को नमन करते हुए फूलों से ‘NAMAN’ लिखा गया है। यह न�"
214K likes, 19K comments - mp.wali.manu on June 13, 2026: "हिमालय की उन ऊँची और बर्फीली पहाड़ियों के बीच, जहाँ हवाएं भी ठिठुर जाती हैं, आज एक अलग ही खामोशी छाई हुई थी। यह कहानी है भारतीय सेना के उन पांच जांबाज जवानों की, जिन्होंने बचपन में गुड़ियों से खेलने के बजाय अपने पिता की पुरानी फौजी टोपी पहनकर घर के आँगन में मार्च करना सीखा था।सरहद पर अचानक हुई गोलाबारी में, इन पाँचों वीरों ने अपनी टुकड़ी को सुरक्षित बचाने के लिए खुद को खतरे में डाल दिया और वीरतापूर्वक लड़ते हुए शहीद हो गए। उन्होंने अपनी मातृभूमि की रक्षा का जो वादा किया था, उसे आख़िरी साँस तक निभाया।आज, बॉर्डर के उसी बेस कैंप पर, जहाँ इन जवानों की हँसी गूँजती थी, उन्हें अंतिम विदाई दी जा रही है। बर्फीली चोटियों के बीच, कँकरीली ज़मीन पर इन पाँचों शहीदों को एक साथ लेटाया गया है। उनके पार