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#श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि क्या श्राद्ध करना चाहिए? बात करने वाले पुरोहित कहते हैं कि शादी करने से वह जीव एक वर्ष तक तृप्त हो जाता है फिर एक वर्ष के बाद फिर करना है। विचार करें? जीवित व्यक्ति दिन में तीन बार भोजन करता था। Factful Debates YtChannel #GodNightSunday #GodNightSunday
GodNightSunday - श्राद्ध प्ूँजहीं  क्यों नहीं करनीं चाहिए? पुरोहित :- श्राद्ध करने से वह जीव एक वर्ष तक तृप्त हो जाता है। फिर एक वर्ष में श्राद्ध फिर करना है। विचार करेंः- जीवित व्यक्ति दिन में तीन बार भोजन करता था। अब एक दिन भोजन करने से एक वर्ष कैसे तृप्त हो सकता है? यदि प्रतिदिन ಗಹ छत पर भोजन रखा जाए तो वह कौवा प्रतिदिन ही भोजन खाएगा| हिन्दू D0MNLOAD 300 H0k' फ्री बुक PDF पाएं साहेबान ! नहींसमझे SUBSCRIBE Antml  गीता, वेद, पुयाण சபசக   SAwrleadPPEf [ToMAPRRA] Factful Debates Coarube 7496801822 श्राद्ध प्ूँजहीं  क्यों नहीं करनीं चाहिए? पुरोहित :- श्राद्ध करने से वह जीव एक वर्ष तक तृप्त हो जाता है। फिर एक वर्ष में श्राद्ध फिर करना है। विचार करेंः- जीवित व्यक्ति दिन में तीन बार भोजन करता था। अब एक दिन भोजन करने से एक वर्ष कैसे तृप्त हो सकता है? यदि प्रतिदिन ಗಹ छत पर भोजन रखा जाए तो वह कौवा प्रतिदिन ही भोजन खाएगा| हिन्दू D0MNLOAD 300 H0k' फ्री बुक PDF पाएं साहेबान ! नहींसमझे SUBSCRIBE Antml  गीता, वेद, पुयाण சபசக   SAwrleadPPEf [ToMAPRRA] Factful Debates Coarube 7496801822 - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि In Markandeya Puran (Geeta Press Gorakhpur, page 237), there is a narration of a story about Shradh, in which a sage named Ruchi was told about the sufferings of his four ancestors who had become Pitras by practising Sadhna against the scriptures.
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - performing Shradh (rituals for Is against the scriptures? ancestors) Ruchi Rishi said; "In the Vedas the path of Karm Kand (shradh to offer Pind etc) is said to be sadhna of the fools] 539 1-5=- २५९ মামদ प्रतिदिन  पोया मार्कण्डेयपुराण ता 1778 प्रयल ६।  सयम अन्तर्म  माष्षको प्राप्ति नहा कणताः अपित তিনলিত   নিচানীনী ச गनेक अपोगतिमे ले जानेवाला होता " वत्स| तमः त जनमद्वार सञित कर्मरुूपी परम सने दुर आत्माका  মমস্ব ঢ7 কি ম आत्माको प्रक्षातन काता ऐ ( মনিম্ন; সামা মাড৭ ) বরনল চিন্ত্া जलस प्रक्षालन कर। सद्वासनालपी  মমা| তিন্িয ঢাকব সমক {ಘ प्रक्षालन करनी। ठाचत ही ६३ 114u 77 4] फलेच्ारहित दान आर शुभागुभके उपभोगस = Tum எரா ச 7 7ஈ 7 Te সনে ঢাক্ধয 9া বূন কিবা নানা रयाभावत नटा ढोता | फल कामनास १नकारक মিনে করন সী মশনন নমা ভালনা| ঘূর্ণবন্সম िय मानवाक চুপসা शुभाशुम মুত दुःखमय औोगौके रपमें प्रतिदिन " भोगनपा क्षोण होता ह इस प्रकार विदान पुर्प आत्माका प्रक्षालन कखते और ठसकी यसनासे रक्षा काते ऐसा करनेस वह अबियकके कारण पापरूप  कीपडम नही फसता | বুন _মাম্েণিিব_ন্মী্দি किन्तु  बास्तव्म  वदम फममागकी ٩٥٢ 0 [ ~எ்~ 7்!= कारण पापास कानक দিয বনা সাপলায মুম ಖarವda ffus 7I 7ப் সণিতা _ মান৭য ठस मागम लगात विषको भति मनुष्याको  05 155 எ்ச /0=7 Te HF 77 एसम तनिक भी॰ मिष्या नढी  हिन्दूसाहेबाना कष गया विधिकी अवहतनास फिरभी इतना तो निशित  किउस विद्याक To Find out,Download the PDF नही खिमझे हिन्दू साहेबाना गीता, वेद, पुराष हिन्दू DOWNLOAD BOOK NOW निहीसनझ गीता , वेद, पुराण साहेबान! नहीं समझे आप्यात्म का अतमात खजाता 5f4, 44, Download Pdf पुराण from Website JagatGuruRampalJiorg/publications performing Shradh (rituals for Is against the scriptures? ancestors) Ruchi Rishi said; "In the Vedas the path of Karm Kand (shradh to offer Pind etc) is said to be sadhna of the fools] 539 1-5=- २५९ মামদ प्रतिदिन  पोया मार्कण्डेयपुराण ता 1778 प्रयल ६।  सयम अन्तर्म  माष्षको प्राप्ति नहा कणताः अपित তিনলিত   নিচানীনী ச गनेक अपोगतिमे ले जानेवाला होता " वत्स| तमः त जनमद्वार सञित कर्मरुूपी परम सने दुर आत्माका  মমস্ব ঢ7 কি ম आत्माको प्रक्षातन काता ऐ ( মনিম্ন; সামা মাড৭ ) বরনল চিন্ত্া जलस प्रक्षालन कर। सद्वासनालपी  মমা| তিন্িয ঢাকব সমক {ಘ प्रक्षालन करनी। ठाचत ही ६३ 114u 77 4] फलेच्ारहित दान आर शुभागुभके उपभोगस = Tum எரா ச 7 7ஈ 7 Te সনে ঢাক্ধয 9া বূন কিবা নানা रयाभावत नटा ढोता | फल कामनास १नकारक মিনে করন সী মশনন নমা ভালনা| ঘূর্ণবন্সম िय मानवाक চুপসা शुभाशुम মুত दुःखमय औोगौके रपमें प्रतिदिन " भोगनपा क्षोण होता ह इस प्रकार विदान पुर्प आत्माका प्रक्षालन कखते और ठसकी यसनासे रक्षा काते ऐसा करनेस वह अबियकके कारण पापरूप  कीपडम नही फसता | বুন _মাম্েণিিব_ন্মী্দি किन्तु  बास्तव्म  वदम फममागकी ٩٥٢ 0 [ ~எ்~ 7்!= कारण पापास कानक দিয বনা সাপলায মুম ಖarವda ffus 7I 7ப் সণিতা _ মান৭য ठस मागम लगात विषको भति मनुष्याको  05 155 எ்ச /0=7 Te HF 77 एसम तनिक भी॰ मिष्या नढी  हिन्दूसाहेबाना कष गया विधिकी अवहतनास फिरभी इतना तो निशित  किउस विद्याक To Find out,Download the PDF नही खिमझे हिन्दू साहेबाना गीता, वेद, पुराष हिन्दू DOWNLOAD BOOK NOW निहीसनझ गीता , वेद, पुराण साहेबान! नहीं समझे आप्यात्म का अतमात खजाता 5f4, 44, Download Pdf पुराण from Website JagatGuruRampalJiorg/publications - ShareChat
#❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #श्राद्ध_करने_की_श्रेष्ठ_विधि जीवित की सेवा, मृत का उद्धार संत गरीबदास जी महाराज के अनुसार, मृत्यु के बाद के कर्मकांड व्यर्थ हैं। पितरों की मुक्ति केवल शास्त्रानुकूल भक्ति से ही संभव है। Factful Debates YtChannel
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - पिडदान कापरिणाम जहां छूटत है पिण्ड प्रदान करंत | ঠনেৌব; ৪ুন எளி गवीबदाव्स जिंदा कहै नहीं मिले भगवंत। | संत गरीबदास जी महाराज ने बताया है कि पिंडदान से पितरों की भूत योनि तो छूट जाती है, पर उन्हें परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती , वे चौरासी लाख योनियों मेँ चले जाते মন যসপাল সী সমাযস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিয় ব নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ;   पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र +917496801823 Pay Goog< {5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ पिडदान कापरिणाम जहां छूटत है पिण्ड प्रदान करंत | ঠনেৌব; ৪ুন எளி गवीबदाव्स जिंदा कहै नहीं मिले भगवंत। | संत गरीबदास जी महाराज ने बताया है कि पिंडदान से पितरों की भूत योनि तो छूट जाती है, पर उन्हें परमात्मा की प्राप्ति नहीं होती , वे चौरासी लाख योनियों मेँ चले जाते মন যসপাল সী সমাযস সী ম Sant Rampal Ji Maharaj App Download কীসিয় ব নিঃথুল্ক निःशुल्क नामदीक्षा ;   पुस्तक प्राप्त करने के लिये संपर्क सूत्र +917496801823 Pay Goog< {5 SPIRITUAL LEADER SANT RAMPAL Ji @SAINTRAMPAUIM SUPREMEGODORG SAINT RAMPAL Ji MAHARAJ - ShareChat