Govind Hashani
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#मेरी डायरी
मेरी डायरी - लाखू बुराइया सही मुझमें खूबी भी है, लेकिन एक मैँने कभी भी @হথবত লিব মনলন ক नहीं रखा..!! Govind Hashani. लाखू बुराइया सही मुझमें खूबी भी है, लेकिन एक मैँने कभी भी @হথবত লিব মনলন ক नहीं रखा..!! Govind Hashani. - ShareChat
#शुभ बुधवार #श्री गणेश
शुभ बुधवार - गणेशाय  शुभ बुधवार श्री नमः वक्रतुण्ड महाकाय , सूर्यकोटि समप्रभ ম निर्विघ्नं कुरु मे देव , सर्वकार्येषु सर्वदा गणेश जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे जय श्री गणेश Govind Hashani: गणेशाय  शुभ बुधवार श्री नमः वक्रतुण्ड महाकाय , सूर्यकोटि समप्रभ ম निर्विघ्नं कुरु मे देव , सर्वकार्येषु सर्वदा गणेश जी की कृपा आप पर सदा बनी रहे जय श्री गणेश Govind Hashani: - ShareChat
#📢बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 🔴 इस बंगाली युवा के आंसू एवं खुशी देखें 😪👇
📢बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे 🔴 - ShareChat
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इस बंगाली युवा के आंसू एवं खुशी देखे 😪👆🏻 #पश्चिम बंगाल चुनाव, बंगाल में हिंसा
पश्चिम बंगाल चुनाव, बंगाल में हिंसा - ShareChat
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#मेरी डायरी
मेरी डायरी - Girre7 हाथमें है उसी कोल d6(& बन।ओ क्योकि अच्छेसभयके इँतुजारमें ज़िंदगी निकचजातीहै 0 Girre7 हाथमें है उसी कोल d6(& बन।ओ क्योकि अच्छेसभयके इँतुजारमें ज़िंदगी निकचजातीहै 0 - ShareChat
#मेरी डायरी #मेरी डायरी #मेरी डायरी
मेरी डायरी - कुदरत ने सभी को हीरा बनाया है.!! जो जितना घिसेगा उतना ही பசுI Govind Hashani: कुदरत ने सभी को हीरा बनाया है.!! जो जितना घिसेगा उतना ही பசுI Govind Hashani: - ShareChat
*🌿 WELLNESS TIPS – हेल्थी लाइफ के लिए 10 ज़रूरी आदतें 🌞* *1️⃣ पर्याप्त पानी पिएँ –* दिनभर हाइड्रेट रहना आपके शरीर और दिमाग दोनों के लिए ज़रूरी है। *2️⃣ पूरी नींद लें –* 7–8 घंटे की नींद शरीर को हील करती है और ऊर्जा बढ़ाती है। *3️⃣ फल और सब्जियाँ ज्यादा खाएँ –* ये आपके शरीर को नेचुरल विटामिन और मिनरल्स प्रदान करती हैं। *4️⃣ नियमित व्यायाम करें –* रोज़ 20–30 मिनट एक्टिव रहने से फिटनेस और मूड दोनों बेहतर होते हैं। *5️⃣ माइंडफुलनेस का अभ्यास करें –* कुछ मिनट की मेडिटेशन आपके मन को शांत करती है। *6️⃣ स्ट्रेस को मैनेज करें –* तनाव कम होने से शरीर स्वस्थ और मन खुश रहता है। *7️⃣ खुली हवा में समय बिताएँ –* प्रकृति आपकी मानसिक व शारीरिक ऊर्जा बढ़ाती है। *8️⃣ अच्छे रिश्तों को बनाए रखें –* पॉज़िटिव कनेक्शन आपकी भावनात्मक हेल्थ को मजबूत करते हैं। *9️⃣ बीच-बीच में ब्रेक लें –* लगातार काम करने से बचें, छोटे ब्रेक आपके फोकस को बढ़ाते हैं। *🔟 खुद का ख्याल रखें –* आपका शरीर आपका मंदिर है, इसकी देखभाल करना आपकी जिम्मेदारी है। *━━━━━━━━━━━━━━━━━━* *❤️ Like  ☘️ Save For Later* #सेहत #स्वास्थ्य #स्वास्थ्य टिप्स #स्वास्थ्य टिप्स एवं विशेष जानकारियां
*🙏 जय झूलेलाल 🙏* *1.50 करोड़ सिंधी हिंदु, राजनीतिक प्रतिनिधित्व कितना ?* *सम्मेलन खूब करो पर जरा यहां भी विचार करें।* *जागो सिंधी भाइयों जागो* *एक अनुमान के अनुसार भारत देश में 1.50 करोड़ सिंधी हिंदु हैं,* *अर्थात एक प्रतिशत से अधिक।* *लोकसभा सदस्यों की संख्या 543* *राज्य सभा सदस्यों की संख्या 233* *12 राज्य सभा सदस्य माननीय राष्ट्रपति जी नामीनेट करते हैं* *देशभर में विधानसभा सदस्यों की संख्या 4100 से 4123 है* *इस हिसाब से लोकसभा में सिंधी हिंदुओं की संख्या सवा प्रतिशत के हिसाब से कम से कम 5 होना चाहिए है* *और है कितनी मात्र 01* *राज्य सभा में 2 से 3 सिंधी होना चाहिए* *पर हैं कितने केवल 01* *विधान सभाओं में सिंधियों की संख्या होना चाहिए कम से कम 40 से 42* *पर हैं कितने केवल 06* *इसलिए मैं हमेशा कहता हूं कि जितने भी सिंधी सम्मेलन चाहे नेशनल हों या इंटरनेशनल उसमें खूब खाओ पियो, मौज मस्ती करो लेकिन कम से कम ये प्रस्ताव अवश्य पारित कर बाकायदा केंद्र सरकार, राज्य सरकार, प्रधान मंत्री, राष्ट्रपति को अवश्य भेजें कि सिंधी हिंदुओं को:-* *1.राजनीति और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जाए* *2.भारत में पृथक सिंधु प्रांत बनाया जाए* *गुजरात और राजस्थान के पाकिस्तान सीमावर्ती 5 राज्यों को मिलाकर बनाया जाए,* *जहां केवल सिंधी हिंदुओं को उद्योगों के लिए जमीन प्रति वर्ग फीट 200 रूपए और आवास हेतु 500 रूपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से आवंटित की जाए* *चाहे जमी बंजर क्यों न हो।फिर देखिए सिंधी समाज किस तरह से मातृभाषा और राजनीतिक में बुलंदियों को छुता है।* *याद रखें इस हेतु सरकारों से लगातार पत्राचार (लिखा पढ़ी) आवश्यक है* *फिर चाहे रिजल्ट मिले न मिले* *इसके बिना कोई भी वरिष्ठजन या युवाओं का नेशनल चाहे इंटरनेशनल सिंधी सम्मेलन बेमानी होगी।* *कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता जरा पत्त्थर तो तबीयत है उछाल कर देखो यारों।* *जागो सिंधी भाईयों जागो* *आपका* 👏👏👏👏👏👏*भारत माता का हर देश भक्त सनातनी सिंधी* 🙏❤️🙏 #सिन्धी #sindhi Jai Jhulelal #sindhi state #sindhi satetas #sindhi
डॉ. अनन्या सरकार द्वारा आपको दो-तीन दिन बुखार आया था। अगर आपने दवा नहीं भी ली होती, तो भी शरीर खुद ही ठीक हो जाता। लेकिन आप डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने शुरुआत में ही कई जांचें लिख दीं। जांचों में बुखार का कोई ठोस कारण नहीं मिला। लेकिन थोड़ा बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर दिखा — जो सामान्य लोगों में भी हो सकता है। बुखार तो उतर गया, लेकिन अब आप सिर्फ बुखार के मरीज नहीं रहे। डॉक्टर ने कहा: "आपका कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है। शुगर भी थोड़ी बढ़ी हुई है। मतलब आप प्री-डायबिटिक हैं। इसके लिए दवाइयाँ लेनी होंगी।" इसके साथ ही खान-पान पर भी पाबंदियां लगा दी गईं। शायद आपने उन्हें पूरी तरह नहीं माना — लेकिन दवाइयाँ लेना नहीं भूले। तीन महीने बाद फिर जांच हुई। कोलेस्ट्रॉल थोड़ा कम हुआ, लेकिन अब ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिला। एक और दवा जोड़ दी गई। अब आप तीन दवाइयाँ लेने लगे। यह सुनकर आपकी चिंता बढ़ गई। "आगे क्या होगा?" इस चिंता से नींद उड़ गई। डॉक्टर ने नींद की गोली भी दे दी — अब दवाइयाँ हो गईं चार। सभी दवाइयाँ लेने से एसिडिटी और अपच शुरू हो गया। डॉक्टर बोले: "खाने से पहले खाली पेट एसिडिटी की गोली लें।" अब दवाइयाँ हो गईं पाँच। छह महीने बाद एक दिन छाती में दर्द हुआ और आप अस्पताल पहुंचे। पूरी जांच के बाद डॉक्टर ने कहा: "आप समय पर आ गए, नहीं तो बड़ी समस्या हो सकती थी।" फिर कई महंगी जांचें करवाई गईं। और कहा गया: "अभी की दवाइयाँ जारी रखें। लेकिन दिल के लिए दो और दवाइयाँ लें। और एंडोक्राइनोलॉजिस्ट को भी दिखाएं।" अब दवाइयाँ हो गईं सात। दिल के डॉक्टर के कहने पर आप एंडोक्राइनोलॉजिस्ट के पास गए। उन्होंने डायबिटीज के लिए एक और और थायरॉइड के लिए एक और दवा लिख दी। अब कुल दवाइयाँ हो गईं नौ। धीरे-धीरे आपको लगने लगा कि आप गंभीर मरीज हैं: • दिल के मरीज • डायबिटीज • नींद की समस्या • अपच • थायरॉइड • किडनी ... और यह सूची बढ़ती गई। किसी ने आपको यह नहीं बताया कि आप अपनी सेहत को मन की शक्ति, आत्मविश्वास और जीवनशैली में बदलाव से सुधार सकते हैं। लेकिन आपको बार-बार यह बताया गया कि आप कमजोर और बीमार हैं। छह महीने बाद दवाइयों के साइड इफेक्ट से पेशाब संबंधी समस्या शुरू हो गई। जांच में किडनी से जुड़ी समस्या की संभावना बताई गई। डॉक्टर ने फिर जांच करवाई और बोले: "क्रिएटिनिन थोड़ा बढ़ा है। लेकिन चिंता न करें — दवाइयाँ लेते रहें।" और दो दवाइयाँ जोड़ दीं। अब दवाइयाँ हो गईं ग्यारह। अब आप खाने से ज्यादा दवाइयाँ लेने लगे हैं, और इनके साइड इफेक्ट्स से धीरे-धीरे आपकी हालत बिगड़ रही है। अगर शुरुआत में डॉक्टर ने सिर्फ इतना कहा होता: "चिंता मत करें। हल्का बुखार है। दवा की जरूरत नहीं। आराम करें, पानी पिएं, ताजे फल-सब्जियां खाएं, सुबह टहलें — बस इतना ही काफी है।" तो क्या होता? लेकिन फिर डॉक्टर और दवा कंपनियों का व्यवसाय कैसे चलता? --- सबसे बड़ा सवाल: डॉक्टर किस आधार पर किसी को कोलेस्ट्रॉल, बीपी, डायबिटीज, दिल या किडनी का मरीज घोषित करते हैं? ये सीमाएं किसने तय की हैं? थोड़ा गहराई से समझते हैं: 1979 में डायबिटीज के लिए शुगर की सीमा 200 mg/dl मानी जाती थी। तब सिर्फ 3.5% लोग ही डायबिटिक माने जाते थे। 1997 में यह सीमा 126 mg/dl कर दी गई, जिससे अचानक डायबिटिक लोगों की संख्या बढ़कर 8% हो गई। 1999 में WHO ने इसे स्वीकार किया। 2003 में ADA ने प्री-डायबिटिक की सीमा 100 mg/dl तय की। इससे 27% लोग इस श्रेणी में आ गए। आज के अनुसार, भोजन के बाद 140 mg/dl शुगर वालों को भी डायबिटिक माना जाता है। इससे दुनिया की लगभग 50% आबादी को डायबिटिक घोषित किया जा रहा है — जिनमें कई लोग वास्तव में बीमार नहीं हैं। भारत में HbA1c को 5.5% करने की भी कोशिश हो रही है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि HbA1c 11% तक भी डायबिटिक नहीं मानना चाहिए। --- एक और उदाहरण: 2012 में एक बड़ी दवा कंपनी पर US सुप्रीम कोर्ट ने 3 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया। आरोप था कि उनकी डायबिटीज दवा से हार्ट अटैक का खतरा 43% बढ़ता है, यह जानते हुए भी जानकारी छुपाई गई। इस दौरान कंपनी ने 300 अरब डॉलर का मुनाफा कमाया। यही है आज का “अति-आधुनिक चिकित्सा विज्ञान”! सोचिए... और सोचने की शुरुआत कीजिए... --- ✅ इसे जरूर संभालकर रखें 🧏‍♂️🧏‍♀️ सब स्वस्थ और खुश रहें — यही शुभकामना है। #कडवा #कडवा सच #✍️कडवा सच ✍️ #जीवन की कड़वी सच्चाई