Ankit kashyap
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Ankit kashyap
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Believe in your self 🙏🙏😇😇
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - Board Bxam 2026 महादवी बर्मा औवन शरिचय   आद्युनिक " मीरा  पसिर chनाम महादेवी बर्गा c৮া ডন 26মা মন' 19075 होली ळेदिन फरुखाताद 1631 , उत्तर प्रदेश ভ্রমক্ত লিষ ೪ | इनठे पिताकानम गोतिन्द 7 5 74 Jsl nar हेमरानी देती था| बचवन सेहो इनका लगात काव्य रचना  ओर इन्होले प्रयण िश्च विद्यालय सेसंरकृत मे॰ ಖ इनका चिताह गात्रने तर्षको भए में होगया Tai Pda Fa इनके प्ति डॉ॰थे॰ परन्तु दाम्पत्यढीवन ] रूचि =11 | इनकी  सिम्मानित लोहो थी | आरत सरकार नारा इन्हें पवमम्षण किया १९८नई०मे छाया डनका देहातसान 11 িনযনয सन theboardcoaching गाय। साहित्यिक परिचथ - सहादेवी वर्मओी साहित्य मे बह्त  आलावा संगीत और कला में ধমন্ 7 ப काव्य '्यामा ' त लिश इन्हे ? ٨ रुचिथी | মমন  ईनको भारतीय ज्ञान पीठ प्रुरस्कार से॰शो सम्मानित किया गया | ஜூ கி சர சரி கபர8] 55 आद्युनिक थामा. नीरजाः निहार सान्ध्यगीत , 5115 अतीत केशल चित्र बड़ि | स्मृति की रेखाऐं  Board Bxam 2026 महादवी बर्मा औवन शरिचय   आद्युनिक " मीरा  पसिर chनाम महादेवी बर्गा c৮া ডন 26মা মন' 19075 होली ळेदिन फरुखाताद 1631 , उत्तर प्रदेश ভ্রমক্ত লিষ ೪ | इनठे पिताकानम गोतिन्द 7 5 74 Jsl nar हेमरानी देती था| बचवन सेहो इनका लगात काव्य रचना  ओर इन्होले प्रयण िश्च विद्यालय सेसंरकृत मे॰ ಖ इनका चिताह गात्रने तर्षको भए में होगया Tai Pda Fa इनके प्ति डॉ॰थे॰ परन्तु दाम्पत्यढीवन ] रूचि =11 | इनकी  सिम्मानित लोहो थी | आरत सरकार नारा इन्हें पवमम्षण किया १९८नई०मे छाया डनका देहातसान 11 িনযনয सन theboardcoaching गाय। साहित्यिक परिचथ - सहादेवी वर्मओी साहित्य मे बह्त  आलावा संगीत और कला में ধমন্ 7 ப काव्य '्यामा ' त लिश इन्हे ? ٨ रुचिथी | মমন  ईनको भारतीय ज्ञान पीठ प्रुरस्कार से॰शो सम्मानित किया गया | ஜூ கி சர சரி கபர8] 55 आद्युनिक थामा. नीरजाः निहार सान्ध्यगीत , 5115 अतीत केशल चित्र बड़ि | स्मृति की रेखाऐं - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - Please subscribe ऐयोध्यासिंह ऐपाद्याय  हरिओद्य जीवन परिचय . अयोदृ्यासिंह ढपाध्याय हरिओद्य  जन्म ` सन 651 নিল ৯ নিনামানান 5# GTTxHaTe 1865 बाहमण   परितार मे हुआ मेर्म 77 भोल्ासिंह इनके Tua 97 तथा 657 7707 रुाकैमणी - देवी इनळी माता 657 মTম ப7` सारम्भिळ   शिक्षा   इनळे माई की देखरेख मे हुईूइसके शक्षा केलिर पशचात Gec चले गये ई॰ झाशी ச 1947 ٤ इनका   मृत्ु ద साहित्यिक परिचय छ हरिऔद्य ढ्ी को हिन्दी के सार्वओम   कावे Gச ಔಾಕ್ಮಗಕ್ಗಿಣ್ಕಿೆ हिन्दी खड़ी   बौली के कैेरूप স पथम 6745 81 சகி ச # ٥ ٠ ٢ GTTat दिख्नती है | साथ a Taaలగా आषा इन्होने   हिन्दी हन्दै  में भी॰ नवीन ೯'೯ पष्दाति की उद्भातना की महाळाव्य 567 प्लिय प्तवास ' आपनी विशेषताओ्य ळे दाव्यगत हिन्दी   महाकाव्यो में நT माइलस्टान ಕ್ಲೆಿ इल्होने गह्य ऐर पहा मान। GTTAT दोनो ही- सफलता प्र्वक रचना নী ? বলা उपन्यास  ठेठ हिन्दी के ठाठ , अद्यालिखा ঘ স কান্রসথ = নলেনল {ాా 7ాu झार्कमणी ೩೫೯ . प्ियप्तवास ப164 নলIম रसझलश Please subscribe ऐयोध्यासिंह ऐपाद्याय  हरिओद्य जीवन परिचय . अयोदृ्यासिंह ढपाध्याय हरिओद्य  जन्म ` सन 651 নিল ৯ নিনামানান 5# GTTxHaTe 1865 बाहमण   परितार मे हुआ मेर्म 77 भोल्ासिंह इनके Tua 97 तथा 657 7707 रुाकैमणी - देवी इनळी माता 657 মTম ப7` सारम्भिळ   शिक्षा   इनळे माई की देखरेख मे हुईूइसके शक्षा केलिर पशचात Gec चले गये ई॰ झाशी ச 1947 ٤ इनका   मृत्ु ద साहित्यिक परिचय छ हरिऔद्य ढ्ी को हिन्दी के सार्वओम   कावे Gச ಔಾಕ್ಮಗಕ್ಗಿಣ್ಕಿೆ हिन्दी खड़ी   बौली के कैेरूप স पथम 6745 81 சகி ச # ٥ ٠ ٢ GTTat दिख्नती है | साथ a Taaలగా आषा इन्होने   हिन्दी हन्दै  में भी॰ नवीन ೯'೯ पष्दाति की उद्भातना की महाळाव्य 567 प्लिय प्तवास ' आपनी विशेषताओ्य ळे दाव्यगत हिन्दी   महाकाव्यो में நT माइलस्टान ಕ್ಲೆಿ इल्होने गह्य ऐर पहा मान। GTTAT दोनो ही- सफलता प्र्वक रचना নী ? বলা उपन्यास  ठेठ हिन्दी के ठाठ , अद्यालिखा ঘ স কান্রসথ = নলেনল {ాా 7ాu झार्कमणी ೩೫೯ . प्ियप्तवास ப164 নলIম रसझलश - ShareChat
#📚एजुकेशनल ज्ञान📝
📚एजुकेशनल ज्ञान📝 - जयशंकर प्रसाद जीवन परिचय : 3 4 & अग्रणी ತಕ[ದಡಾರೌಾೆರುತ 689 महाकवि ক্ম্ম जन्म काशो के g4 E पीरिकार यशाव्रे प्रसमक पीति हुश्र श्षवा। ज्रसष्वकरेप्रसापतामेट  ড্া जयशत क्रे ತ | 516 साढू @క్ర gITS 5 ভাপ্সুনাঙ 'TT था [ इनक मा মুল্তকণয_ ঐনম্ব্ানি के 7 ச ভাপ্সু 3 মনঘ্ননক্রিলি सवप्रयम प्रवेथ लिया लज ভুলক্ধা মন 37 नही लगा तोघर परडी संस्कृत अष्ययन करन लगे t హో তী' 17 মরদ_ফ ৩ লষ্ক্মী   ভাপ্সুলাত கி इन्डाने तोन शादिया 5439 ero को असमय 3{1& মূতু 'ন্িনী' নান তলন্চ  गड கி எி F &aeed गइॅजिस ಖಡ೧೦) " ढा कारण प्रसाद जी सएशह्लीहोककर में 293# &:&- $d ೬೫ ग्स्ल होकर सन् এ্বল ম' নিরলীন हा 07D [ रचनाएँ := प्रिम- पथिक  कामायना  स्ककरखप्प ; ककतलत , जयशंकर प्रसाद जीवन परिचय : 3 4 & अग्रणी ತಕ[ದಡಾರೌಾೆರುತ 689 महाकवि ক্ম্ম जन्म काशो के g4 E पीरिकार यशाव्रे प्रसमक पीति हुश्र श्षवा। ज्रसष्वकरेप्रसापतामेट  ড্া जयशत क्रे ತ | 516 साढू @క్ర gITS 5 ভাপ্সুনাঙ 'TT था [ इनक मा মুল্তকণয_ ঐনম্ব্ানি के 7 ச ভাপ্সু 3 মনঘ্ননক্রিলি सवप्रयम प्रवेथ लिया लज ভুলক্ধা মন 37 नही लगा तोघर परडी संस्कृत अष्ययन करन लगे t హో তী' 17 মরদ_ফ ৩ লষ্ক্মী   ভাপ্সুলাত கி इन्डाने तोन शादिया 5439 ero को असमय 3{1& মূতু 'ন্িনী' নান তলন্চ  गड கி எி F &aeed गइॅजिस ಖಡ೧೦) " ढा कारण प्रसाद जी सएशह्लीहोककर में 293# &:&- $d ೬೫ ग्स्ल होकर सन् এ্বল ম' নিরলীন हा 07D [ रचनाएँ := प्रिम- पथिक  कामायना  स्ककरखप्प ; ककतलत , - ShareChat