झारखण्ड प्रहरी
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❇️ *बोकारो:अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव, दो जवान घायल* बोकारो के सेक्टर 12 थाना क्षेत्र के सेक्टर 12ए काली मंदिर के पास अतिक्रमण हटाने पहुंची बोकारो स्टील के सिक्योरिटी विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव कर दिया. शनिवार को हुए इस हमले में दो होमगार्ड जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है.जानकारी के अनुसार, खाली जमीन पर कुछ लोग झोपड़ी नुमा घर बनाकर अतिक्रमण कर रहे थे. इसकी सूचना मिलने पर बोकारो स्टील के सिक्योरिटी विभाग के अधिकारी और सुरक्षा कर्मी तीन गाड़ियों में मौके पर पहुंचे थे. टीम ने जब अतिक्रमण कर रहे लोगों को रोकने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद लोग आक्रोशित हो गए और सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरों से हमला शुरू कर दिया. पथराव के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई.स्थिति बिगड़ते देख अधिकारी और जवान किसी तरह जान बचाकर वहां से निकले. हालांकि इस हमले में होमगार्ड जवान अकरम अंसारी और बबलू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल बोकारो जनरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *राँची:रमजान कॉलोनी में आदिवासी महिला की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार* लालपुर थाना क्षेत्र के रमजान कॉलोनी में आदिवासी महिला की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के आरोपी को लालपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान रमजान कॉलोनी निवासी राजू उर्फ हलीम खान के रूप में हुई है.बताया जा रहा है कि रमजान कॉलोनी में आदिवासी महिला की जमीन है. आरोपी राजू उर्फ हलीम खान की नजर उस जमीन पर थी और वह जमीन पर कब्जा कर उसे दूसरे लोगों को बेचना चाहता था. इसी उद्देश्य से उसने अपने लोगों को लगाकर जमीन हथियाने की कोशिश की. आरोप है कि उसने जमीन की बाउंड्री भी तोड़ दी थी. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *राँची :रिम्स के मनोरोग विभाग में इलाज के लिए भर्ती एक मरीज ने फांसी लगाकर आत्महत्या की* शुक्रवार को रिम्स के मनोरोग विभाग में इलाज के लिए भर्ती एक मरीज, विवेक कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. जानकारी के अनुसार, विवेक कुमार नशे की लत से ग्रसित था और उसे इसी समस्या के उपचार के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया था. घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच में जुट गई है. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *राँची:खादगड़ा में 12 घरों को तोड़ने के मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को जारी किया अवमानना नोटिस* ▪️ *पीड़ितों की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका पर प्रार्थी महादेव उरांव की ओर से जवाब दाखिल किया गया। प्रार्थी के जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र में झूठे तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं और न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया गया* राँची के खादगढ़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 घरों को तोड़ेने के मामले में हाईकोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। जिसमें महादेव उरांव द्वारा दायर अवमानना याचिका पर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए प्रार्थी को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट में हुई। कोर्ट के आदेश के आलोक में प्रतिवादियों (पीड़ितों) की ओर से दायर हस्तक्षेप याचिका पर प्रार्थी महादेव उरांव की ओर से जवाब दाखिल किया गया। प्रार्थी के जवाब से असंतुष्ट कोर्ट ने कहा कि शपथ पत्र में झूठे तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं और न्यायालय को गुमराह करने का प्रयास किया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि हस्तक्षेपकर्ताओं से कथित पैसे के लेन-देन की जानकारी छिपाई गई है। इस पर कोर्ट ने महादेव उरांव से पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना और अन्य फौजदारी कानूनों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। कोर्ट ने इस संबंध में उनसे जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पीड़ित परिवारों को पूर्व में दी गई अंतरिम राहत को अगले आदेश तक जारी रखने का निर्देश दिया। इसके तहत उनके खिलाफ किसी प्रकार की पीड़क कार्रवाई पर रोक बरकरार रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। हस्तक्षेपकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता गौरव राज ने पक्ष रखा। पूर्व की सुनवाई में हेहल अंचल कार्यालय की ओर से कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया था। इसमें बताया गया था कि हस्तक्षेपकर्ताओं को तीन बार नोटिस जारी किया गया, लेकिन उन्होंने जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए। इसके बाद संरचनाओं को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई थी। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए पूछा था कि केवल कब्जा हटाने के बजाय मकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई क्यों की गई। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया था कि रिट याचिका दायर करते समय हस्तक्षेपकर्ताओं से एग्रीमेंट और पैसे लेने की बात क्यों छिपाई गई। यह मामला सुखदेवनगर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से जुड़ा हुआ है। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन ने खादगड़ा शिव दुर्गा मंदिर रोड स्थित मुंडारी प्रकृति की जमीन पर बने 12 मकानों को तोड़ने का आदेश दिया था। इसके बाद बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। लोगों का कहना था कि उन्होंने प्रति कट्ठा 5.25 लाख रुपये की दर से जमीन खरीदी थी और वर्षों से वहां घर बनाकर रह रहे हैं।लोगों के अनुसार, 38.25 डिसमिल जमीन के लिए उन्होंने कुल लगभग 1 करोड़ 8 लाख 93 हजार 750 रुपये का भुगतान किया था। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *रामगढ़ :मैहर फेरो एलॉयज प्लांट की चिमनी में धमाका,कोई हताहत नहीं* रामगढ़ जिले के कुजू ओपी क्षेत्र स्थित राउता में मैहर फेरो एलॉयज प्लांट की चिमनी में देर रात अचानक धमाका हो गया. घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.जानकारी के अनुसार, ओवरलोड और अत्यधिक गर्म होने के कारण चिमनी फट गई. धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *जमशेदपुर:टाटा स्टील के नाम पर फर्जी नौकरी का विज्ञापन वायरल* ▪️ *कंपनी प्रबंधन ने विज्ञापन को पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया* जमशेदपुर स्थित देश की प्रतिष्ठित स्टील कंपनी टाटा स्टील के नाम पर सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया में इन दिनों फर्जी नौकरी विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है। इस विज्ञापन में आठवीं पास युवाओं को नौकरी देने का दावा कर 1100 रुपये प्रतिदिन मजदूरी और मुफ्त भोजन का लालच दिया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कंपनी प्रबंधन ने इसे पूरी तरह फर्जी और भ्रामक बताया है।वायरल विज्ञापन में दावा किया गया है कि टाटा स्टील में ‘हेल्पर’ पद पर तत्काल भर्ती की जा रही है। इसमें सेकंड पार्टी पे-रोल के तहत 12 घंटे की ड्यूटी, 1100 रुपये दैनिक भुगतान, ओवरटाइम और फ्री खाना जैसी सुविधाओं का जिक्र किया गया है।हालांकि कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि टाटा स्टील इस प्रकार सोशल मीडिया या मोबाइल नंबरों के जरिए भर्ती प्रक्रिया नहीं चलाती।कंपनी ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर, एजेंट या विज्ञापन के झांसे में न आएं और किसी प्रकार का भुगतान न करें। कंपनी ने कहा है कि नौकरी से जुड़ी सभी वैध सूचनाएं केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से जारी की जाती हैं। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सलाह दी गई है कि वे केवल अधिकृत माध्यमों पर ही भरोसा करें। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *चक्रधरपुर:खाद-बीज दुकानों पर प्रशासन की छापेमारी, अनियमितता मिलने पर दुकान को सील किया गया* पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राज लक्ष्मी के नेतृत्व में शहर की खाद एवं बीज दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया. इस दौरान अंचल अधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी और प्रभारी प्रखंड कृषि पदाधिकारी भी मौजूद रहे.निरीक्षण टीम ने टोकलो रोड स्थित आदिवासी खाद बीज भंडार और आसनतलिया स्थित एलांग दोलांग बीज भंडार की जांच की. जांच के दौरान अधिकारियों ने स्टॉक पंजी और विक्रय पंजी का मिलान किया. साथ ही ऑनलाइन स्टॉक की तुलना भौतिक स्टॉक से की गई. खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य उत्पादों की एक्सपायरी डेट भी जांची गई.निरीक्षण के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आईं. कुछ दुकानों में स्टॉक पंजी और विक्रय पंजी नहीं मिले. वहीं ऑनलाइन रिकॉर्ड की तुलना में अधिक मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद का भंडारण पाया गया. इसके अलावा एक्सपायर्ड बीज भी रखे गए थे.गंभीर अनियमितता मिलने के बाद प्रशासन ने संबंधित दुकानों को तत्काल सील कर दिया. साथ ही एक्सपायर्ड बीज को नष्ट करने का निर्देश दिया गया है. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *बोकारो:बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया,"कागजों में जिंदा"होने के लिए बुजुर्ग लगा रहे सरकारी कार्यालयों का चक्कर* बोकारो जिले में एक बुजुर्ग को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिए जाने का मामला सामने आया है. 83 वर्षीय धरनीधर मांझी की पेंशन सत्यापन के बाद बंद कर दी गई, जबकि वे जीवित हैं. उन्होंने कई अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन समाधान नहीं मिला. अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और पीड़ित को मदद का भरोसा दिलाया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बोकारो जिले के चंदनकियारी प्रखंड से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने सरकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. दामुडीह पंचायत के गोपीनाथपुर निवासी 83 वर्षीय धरनीधर मांझी को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वे जीवित हैं और अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं. धरनीधर मांझी को वर्ष 2021-22 में वृद्धावस्था पेंशन मिलनी शुरू हुई थी, लेकिन 2022-23 में हुए संयुक्त भौतिक सत्यापन के बाद पंचायत स्तर पर उन्हें 'मृत' दिखा दिया गया, जिसके चलते उनकी पेंशन अचानक बंद कर दी गई.जब बुजुर्ग को इस बात की जानकारी मिली तो उसने अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।पीड़ित बुजुर्ग अब लगातार ब्लॉक कार्यालय, और अन्य सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं हर जगह उसे सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, लेकिन सुधार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही।इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था और रिकॉर्ड प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी गलतियां केवल कागजों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी पर भारी पड़ती हैं।विशेषज्ञों के मुताबिक, डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम होने के बावजूद ऐसी त्रुटियां यह दर्शाती हैं कि फील्ड स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया अभी भी कमजोर है।मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और जल्द ही गलती को सुधारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।साथ ही संबंधित विभाग को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में तुरंत सुधार सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी नागरिक को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।यह मामला दिखाता है कि सरकारी रिकॉर्ड में छोटी सी गलती भी किसी व्यक्ति के जीवन को कितना प्रभावित कर सकती है। अब सबकी नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि बुजुर्ग को कब "कागजों में जिंदा" किया जाता है। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *चाईबासा:झींकपानी में युवती से गैंगरेप,तीन के खिलाफ एफआईआर दर्ज* पश्चिमी सिंहभूम जिले के झींकपानी थाना क्षेत्र में एक युवती के साथ उसके ही गांव के तीन युवकों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना करीब 10-12 दिन पुरानी बताई जा रही है। आरोपियों की धमकी के कारण पीड़िता अब तक चुप थी। बाद में तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने जब पूछताछ की तो पीड़िता ने सारी बात बताई।इसके बाद थाने में एफआईआर दर्ज किया गया।पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना उस दिन सुबह की है जब वह घर में अकेली झाड़ू लगा रही थी। घर के अन्य सदस्य बाहर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर गांव के तीन युवक जबरन घर में घुस आए और युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।वारदात के बाद आरोपियों ने पीड़िता को धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे। डर के कारण युवती ने अपने माता-पिता को भी कुछ नहीं बताया।घटना के एक सप्ताह बाद सदमे और शारीरिक प्रताड़ना से पीड़िता की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने विश्वास में लेकर पूछताछ की तो उसने आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजन ग्राम मुंडा के पास पहुंचे। ग्राम मुंडा और ग्रामीणों के सहयोग से बुधवार को झींकपानी थाने में तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई गई.झींकपानी थाना पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया.थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है। गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस हर बिंदु पर जांच कर रही है ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके। #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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❇️ *राँची:झारखण्ड की चरमराती बिजली व्यवस्था को लेकर मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक* ▪️ *मुख्य सचिव ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में रत्ती भर भी लापरवाही मिली, तो अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा* झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार झारखण्ड की चरमराती बिजली व्यवस्था को लेकर पूरी तरह एक्शन मोड में दिखे. उन्होंने ऊर्जा विभाग के सभी अंगों, बिजली उत्पादन, संचरण, ऊर्जा विकास और वितरण निगम के शीर्ष अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. बैठक में मुख्य सचिव का तेवर बेहद कड़ा रहा. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि बिजली आपूर्ति में रत्ती भर भी लापरवाही मिली, तो अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा. मुख्य सचिव ने कहा कि अब जवाबदेही तय होगी. जनता को बिजली चाहिए और इसमें किसी भी स्तर पर होने वाली कोताही सीधे तौर पर अनुशासनहीनता मानी जाएगी.मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने बिजली वितरण निगम के फील्ड में तैनात सभी महाप्रबंधकों को दो टूक लहजे में कहा कि वे केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रमंडलों में दिन-रात काम करने वाले कंट्रोल रूम का तत्काल गठन किया जाए. फील्ड अधिकारी 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल करना सुनिश्चित करें. संचरण निगम के एमडी केके वर्मा को भी निर्देशित किया गया कि वे ट्रांसमिशन स्तर पर आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए विशेष निगरानी रखें.बैठक के दौरान झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम की ओर से जानकारी दी गई कि वर्तमान में राज्य के पास पर्याप्त संख्या में ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध हैं और लगभग 95 फीसदी ट्रांसफॉर्मर सुचारू रूप से कार्यरत हैं. इस पर मुख्य सचिव ने मुख्य अभियंताओं को फटकार लगाते हुए कहा कि जब संसाधन उपलब्ध हैं, तो फिर खराबी के कारण घंटों बिजली बाधित क्यों रहती है? उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर जलने या खराब होने के कारण लंबे समय तक बिजली गुल रही, तो संबंधित चीफ इंजीनियर के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. #🌐 राष्ट्रीय अपडेट
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