Ravinder Bishnoi
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#🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏 जय हनुमान #🙏🏻हनुमान जी के भजन #राम
🙏हनुमान चालीसा🏵 - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 3 नौमी तिथि मधुमास gITI सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। | मध्य दिवस अति सीत न घामा। | पावन काल लोक बिश्रामा। | १९०/१ , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -पवित्र चैत्र का महीना था, नवमी तिथि थी।शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय अभिजित् दोपहर का समय था।न तो बहुत सर्दी মুক্ুন থা और न ही बहुत धूप थी।वह पवित्र समय सब लो- को सुख शांति देने वाला था।(जब श्रीराम जी का अवतरण होता है) ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः 3 नौमी तिथि मधुमास gITI सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता। | मध्य दिवस अति सीत न घामा। | पावन काल लोक बिश्रामा। | १९०/१ , बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -पवित्र चैत्र का महीना था, नवमी तिथि थी।शुक्ल पक्ष और भगवान का प्रिय अभिजित् दोपहर का समय था।न तो बहुत सर्दी মুক্ুন থা और न ही बहुत धूप थी।वह पवित्र समय सब लो- को सुख शांति देने वाला था।(जब श्रीराम जी का अवतरण होता है) - ShareChat
#🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #राम #🙏 जय हनुमान #🙏हनुमान चालीसा🏵
🙏🏻हनुमान जी के भजन - ತ 9 हनुमते रामदूताय नमः जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल। | १९०, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -योग, लग्न, ग्रह,वार और तिथि सभी अनुकूल हो गये। जड़ और चेतन सब हर्ष से भर गये। क्योंकि श्रीराम जी का जन्म सब का सुखों मूल है। ತ 9 हनुमते रामदूताय नमः जोग लगन ग्रह बार तिथि सकल भए अनुकूल। चर अरु अचर हर्षजुत राम जनम सुखमूल। | १९०, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -योग, लग्न, ग्रह,वार और तिथि सभी अनुकूल हो गये। जड़ और चेतन सब हर्ष से भर गये। क्योंकि श्रीराम जी का जन्म सब का सुखों मूल है। - ShareChat
#🙏 जय हनुमान #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #राम #🙏🏻हनुमान जी के भजन
🙏 जय हनुमान - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः मंदिर महँ सब राजहिं रानीं | सोभा सील तेज की खानीं। | सुख जुत कछुक काल चलि गयऊ। जेहिं प्रभु प्रगट सो अवसर भयऊ। | १८९/४, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -शोभा,शील और तेज की खान ( बनी हुई)सब रानियां महल में सुशोभित हुईं।इस प्र- कार कुछ समय सुखपूर्वक बीतता गया। फिर वह अवसर आ गया जब प्रभु को प्रकट होना था। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः मंदिर महँ सब राजहिं रानीं | सोभा सील तेज की खानीं। | सुख जुत कछुक काल चलि गयऊ। जेहिं प्रभु प्रगट सो अवसर भयऊ। | १८९/४, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -शोभा,शील और तेज की खान ( बनी हुई)सब रानियां महल में सुशोभित हुईं।इस प्र- कार कुछ समय सुखपूर्वक बीतता गया। फिर वह अवसर आ गया जब प्रभु को प्रकट होना था। - ShareChat
#राम #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏 जय हनुमान
राम - ऊँ श्री হামনুনায নম: हनुमते एहि बिधि गर्भसहित सब नारी। हरषित सुख भारी। | 91؟ ೯೯ೆ जा दिन तें हरि गर्भहिं आये। सकल लोक सुख संपति छाये। । १८९/३, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस भावार्थ इस प्रकार से दशरथ की सब स्त्रियां गर्भ धारण करतीं हैं ।वे हृदय में बहुत हर्षित होतीं हैं। उन्हें बड़ा सुख प्राप्त होता है।जिस दिन से श्रीहरि (लीला से ही)गर्भ में आए, सब लोकों में सुख और संपत्ति छा गई। ऊँ श्री হামনুনায নম: हनुमते एहि बिधि गर्भसहित सब नारी। हरषित सुख भारी। | 91؟ ೯೯ೆ जा दिन तें हरि गर्भहिं आये। सकल लोक सुख संपति छाये। । १८९/३, बालकाण्ड  श्रीरामचरितमानस भावार्थ इस प्रकार से दशरथ की सब स्त्रियां गर्भ धारण करतीं हैं ।वे हृदय में बहुत हर्षित होतीं हैं। उन्हें बड़ा सुख प्राप्त होता है।जिस दिन से श्रीहरि (लीला से ही)गर्भ में आए, सब लोकों में सुख और संपत्ति छा गई। - ShareChat
#🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏 जय हनुमान #🙏🏻हनुमान जी के भजन #राम
🙏हनुमान चालीसा🏵 - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः कैकेई कहँ नृप सो दयऊ। रह्यो सो उभय भाग पुनि भयऊ। | कौशल्या कैकेई हाथ धरि। दीन्ह सुमित्रहि मन प्रसन्न करि।। १८९/२, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस उनमें से एक भाग राजा ने कैकेयी को भावार्थ दिया।शेष जो बच रहा उसके फिर दो भाग और राजा ने कौशल्या और कैकयी के हाथ पर रखकर अर्थात अनुमति लेकर ,इस प्रकार उनका मन प्रसन्न करके को दिया। सुमित्रा ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः कैकेई कहँ नृप सो दयऊ। रह्यो सो उभय भाग पुनि भयऊ। | कौशल्या कैकेई हाथ धरि। दीन्ह सुमित्रहि मन प्रसन्न करि।। १८९/२, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस उनमें से एक भाग राजा ने कैकेयी को भावार्थ दिया।शेष जो बच रहा उसके फिर दो भाग और राजा ने कौशल्या और कैकयी के हाथ पर रखकर अर्थात अनुमति लेकर ,इस प्रकार उनका मन प्रसन्न करके को दिया। सुमित्रा - ShareChat
#🙏 जय हनुमान #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #राम #🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏हनुमान चालीसा🏵
🙏 जय हनुमान - हनुमते रामदूताय नमः ऊँ श्री तबहि रायँ प्रिय नारि बोलाईं| कौशल्यादि तहाँ चलि आईं। | अर्ध भाग कौशल्यहि दीन्हा। उभय भाग आधे कर दीन्हा। | १८९/१ , बालकाण्डश्रीरामचरितमानस भावार्थ -उसी समत राजा दशरथ ने अपनी प्रिय पत्नियों को बुलाया ।कौशल्यादि सब ( रानियां) वहां चली आईं।राजा ने पायस का आधा भाग कौशल्या को दिया, और  शेष आधे के दो भाग किये। हनुमते रामदूताय नमः ऊँ श्री तबहि रायँ प्रिय नारि बोलाईं| कौशल्यादि तहाँ चलि आईं। | अर्ध भाग कौशल्यहि दीन्हा। उभय भाग आधे कर दीन्हा। | १८९/१ , बालकाण्डश्रीरामचरितमानस भावार्थ -उसी समत राजा दशरथ ने अपनी प्रिय पत्नियों को बुलाया ।कौशल्यादि सब ( रानियां) वहां चली आईं।राजा ने पायस का आधा भाग कौशल्या को दिया, और  शेष आधे के दो भाग किये। - ShareChat
#🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #राम #🙏 जय हनुमान
🙏🏻हनुमान जी के भजन - ತೆ 9 हनुमते যামনুনাম নম: तब अदृस्य भए पावक सकल सभहि समुझाइ| परमानंद मगन नृप AISII గైఢాా हरष न १८९ बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -तदनंतर अग्निदेव सारी सभा को समझा कर अंतर्धान हो गये।राजा परमानंद में मगन हो गये। उनके हृदय में हर्ष समाता न था। ತೆ 9 हनुमते যামনুনাম নম: तब अदृस्य भए पावक सकल सभहि समुझाइ| परमानंद मगन नृप AISII గైఢాా हरष न १८९ बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -तदनंतर अग्निदेव सारी सभा को समझा कर अंतर्धान हो गये।राजा परमानंद में मगन हो गये। उनके हृदय में हर्ष समाता न था। - ShareChat
#🙏हनुमान चालीसा🏵 #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏 जय हनुमान #राम #🙏🏻हनुमान जी के भजन
🙏हनुमान चालीसा🏵 - ऊँ श्री रामदूताय नमः हनुमते जो बसिष्ठ कछु WTTI ೯೯ೆ सिद्ध सकल काजु भा तुम्हारा। | यह हबि बाँटि देहु नृप जाई। जथा जोग जेहि भाग बनाई। | १८८/४, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -(और दशरथ से बोले) वशिष्ठ ने हृदय में सिद्ध जो विचार किया था वह कार्य हो गया है ।से राजन! अब तुम जाकर हविष्यान्न पायस को जिस को जैसा उचित हो ,वैसा भाग बनाकर बांट दो। ऊँ श्री रामदूताय नमः हनुमते जो बसिष्ठ कछु WTTI ೯೯ೆ सिद्ध सकल काजु भा तुम्हारा। | यह हबि बाँटि देहु नृप जाई। जथा जोग जेहि भाग बनाई। | १८८/४, बालकाण्ड श्रीरामचरितमानस भावार्थ -(और दशरथ से बोले) वशिष्ठ ने हृदय में सिद्ध जो विचार किया था वह कार्य हो गया है ।से राजन! अब तुम जाकर हविष्यान्न पायस को जिस को जैसा उचित हो ,वैसा भाग बनाकर बांट दो। - ShareChat
#🙏🏻हनुमान जी के भजन #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #राम #🙏 जय हनुमान #🙏हनुमान चालीसा🏵
🙏🏻हनुमान जी के भजन - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः [ सृंगी रिषिहि बसिष्ठ बोलावा। पुत्र काम सुभ जग्य करावा। | भगति सहित मुनि आहुति दीन्हें। प्रगटे अगिनि चरू कर लीन्हें। | १८८/३, बालकाण्ड- श्रीरामचरितमानस भावार्थ -वशिष्ठ जी ने श्रंगी ऋषि को बुलवाया और उनसे पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया मुनि के भक्ति आहुतियां देने पर अग्निदेव हाथ में चरु सहित ( हविष्यान्न खीर) लिए प्रकट हुए। ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः [ सृंगी रिषिहि बसिष्ठ बोलावा। पुत्र काम सुभ जग्य करावा। | भगति सहित मुनि आहुति दीन्हें। प्रगटे अगिनि चरू कर लीन्हें। | १८८/३, बालकाण्ड- श्रीरामचरितमानस भावार्थ -वशिष्ठ जी ने श्रंगी ऋषि को बुलवाया और उनसे पुत्रकामेष्टि यज्ञ करवाया मुनि के भक्ति आहुतियां देने पर अग्निदेव हाथ में चरु सहित ( हविष्यान्न खीर) लिए प्रकट हुए। - ShareChat
#🙏 जय हनुमान #🙏शक्ति की महिमा- हनुमान🪔 #🙏हनुमान चालीसा🏵 #राम #🙏🏻हनुमान जी के भजन
🙏 जय हनुमान - ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः निज दुख सुख सब TIగ सुनायउ। %f fs बहुबिधि समुदायउ। | धरहु धीर होइहहिं सुत चारी। त्रिभुवन बिदित भगत भय हारी।। १८८/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -राजा दशरथ ने अपना सारा सुख दुख गुरु को सुनाया। गुरु वशिष्ठ ने उन्हें बहुत प्रकार से समझाया और कहा -धीरज धरो, 35R R पुत्र होंगे ,जो तीनों लोकों में प्रसिद्ध और भगतों 477 77/ के भय हरने ऊँ श्री हनुमते रामदूताय नमः निज दुख सुख सब TIగ सुनायउ। %f fs बहुबिधि समुदायउ। | धरहु धीर होइहहिं सुत चारी। त्रिभुवन बिदित भगत भय हारी।। १८८/२, बालकाण्ड -श्रीरामचरितमानस भावार्थ -राजा दशरथ ने अपना सारा सुख दुख गुरु को सुनाया। गुरु वशिष्ठ ने उन्हें बहुत प्रकार से समझाया और कहा -धीरज धरो, 35R R पुत्र होंगे ,जो तीनों लोकों में प्रसिद्ध और भगतों 477 77/ के भय हरने - ShareChat