Shailesh Agrawal
ShareChat
click to see wallet page
@1558696904
1558696904
Shailesh Agrawal
@1558696904
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#😛 व्यंग्य 😛 #😇मन शांत करने के उपाय #🥰Express Emotion #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस
😛 व्यंग्य 😛 - अब ता शक होने लगा भगवान मंथरा और शकुना ये दोनो अमर तो नही क्योंकि ये दोनो ৪২ ঘ২ ম किसी रूप में आज भी बिद्यमान हैं अब ता शक होने लगा भगवान मंथरा और शकुना ये दोनो अमर तो नही क्योंकि ये दोनो ৪২ ঘ২ ম किसी रूप में आज भी बिद्यमान हैं - ShareChat
#👼बेबी हेल्थ केयर टिप्स #🏚चुटकुलों का घर😜 #😵टाइम पास #😝 पकाऊ पोस्ट्स👻 #😛 व्यंग्य 😛
👼बेबी हेल्थ केयर टिप्स - कल सुबह से यह नर्स २४ घंटे ग्रुप में तैनात रहेगी जो,  मेम्बर्स पोस्ट, लाइक, कमेंट करने ম कमजोरी महसूस करते हैं उन्हें ताकत इंजेक्शन लगाएगी का शैलेश Ha Ji Nai to !! कल सुबह से यह नर्स २४ घंटे ग्रुप में तैनात रहेगी जो,  मेम्बर्स पोस्ट, लाइक, कमेंट करने ম कमजोरी महसूस करते हैं उन्हें ताकत इंजेक्शन लगाएगी का शैलेश Ha Ji Nai to !! - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔
❤️जीवन की सीख - जब ईश्वर किसी को दंड देना चाहते है, तो सबसे पहले उसकी 'बुद्धि हर लेते है। वह व्यक्ति स्वर्य हरी ऐसे फैसले लेने लगता हैजो उसके सर्वनाश का कारण बनते ह्ैl डसीलिए कह्ा घायाा ह्ै कि विनाश काले विपरीन बुद्धि ` विनाश के समय बुद्धि विपरीत हो जाती है जब ईश्वर किसी को दंड देना चाहते है, तो सबसे पहले उसकी 'बुद्धि हर लेते है। वह व्यक्ति स्वर्य हरी ऐसे फैसले लेने लगता हैजो उसके सर्वनाश का कारण बनते ह्ैl डसीलिए कह्ा घायाा ह्ै कि विनाश काले विपरीन बुद्धि ` विनाश के समय बुद्धि विपरीत हो जाती है - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #😇मन शांत करने के उपाय #🥰Express Emotion #❤️जीवन की सीख
🌞 Good Morning🌞 - दिन की शुरुआत में लगता है, कि जिन्दगी में पैसा , बहुत जरूरी है, लेकिन दिन ढलने पर, समझ आता है, कि जिन्दगी में, शांति अधिक जरूरी है..!! शुप्रभात.. शैलेश दिन की शुरुआत में लगता है, कि जिन्दगी में पैसा , बहुत जरूरी है, लेकिन दिन ढलने पर, समझ आता है, कि जिन्दगी में, शांति अधिक जरूरी है..!! शुप्रभात.. शैलेश - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी #😇मन शांत करने के उपाय
❤️जीवन की सीख - ज़िद की एक गाँठ खुल जाए, तो खश्तोंकी हरउलझन सुलझ जाए परअहम इतना ऊँचा है॰ किझुकने का पल आने ही नहींदेताः जबकि ज़िंदगी तो बस दो दिन कामेला है॰ इसलिए "मैं" में नहीं "अपनों" में रहिए॰. 68! जयश्री कृष्णा शेलेश ज़िद की एक गाँठ खुल जाए, तो खश्तोंकी हरउलझन सुलझ जाए परअहम इतना ऊँचा है॰ किझुकने का पल आने ही नहींदेताः जबकि ज़िंदगी तो बस दो दिन कामेला है॰ इसलिए "मैं" में नहीं "अपनों" में रहिए॰. 68! जयश्री कृष्णा शेलेश - ShareChat
#🌞 Good Morning🌞 #😎मोटिवेशनल गुरु🤘 #❤️जीवन की सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🌞 Good Morning🌞 - सुप्रभात वस्त्र सिर्फ शरीर को ढकते हैं, पर कर्म चरित्र को उजागर करते हैं, इसलिए सादगी या वैभव से ज़्यादा ज़रूरी है, नियत, आचरण और किए गए कर्म वही मनुष्य को सम्मान के योग्य बनाते हैं! Good morning! day | Have a nlcet शैलेश सुप्रभात वस्त्र सिर्फ शरीर को ढकते हैं, पर कर्म चरित्र को उजागर करते हैं, इसलिए सादगी या वैभव से ज़्यादा ज़रूरी है, नियत, आचरण और किए गए कर्म वही मनुष्य को सम्मान के योग्य बनाते हैं! Good morning! day | Have a nlcet शैलेश - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
🙏गीता ज्ञान🛕 - || श्री कृष्ण कहते हैँ || परिस्थितियों से लड़ता है, वो थक जाता है। परिस्थितियों को समझता है, वो आगे जाता है। बढ परिस्थिंतियों को स्वीकार करता है, वो सफ़ल हो जाता है। और जो परिस्थितियों का उपयोग करता है, वो महान बन जाता है। इसलिए परिस्थिति नहीं , अपने दृष्टिकोण को बदलो, चूमेगी।  तुम्हारे  सफलता खुद कदम शेलेश  || श्री कृष्ण कहते हैँ || परिस्थितियों से लड़ता है, वो थक जाता है। परिस्थितियों को समझता है, वो आगे जाता है। बढ परिस्थिंतियों को स्वीकार करता है, वो सफ़ल हो जाता है। और जो परिस्थितियों का उपयोग करता है, वो महान बन जाता है। इसलिए परिस्थिति नहीं , अपने दृष्टिकोण को बदलो, चूमेगी।  तुम्हारे  सफलता खुद कदम शेलेश - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ঈম ক্রহী নী भगवान #ಹ[, क्योंकि इंसान बदल सकता है भगवान नहीं। [&3[& शैलेश ঈম ক্রহী নী भगवान #ಹ[, क्योंकि इंसान बदल सकता है भगवान नहीं। [&3[& शैलेश - ShareChat
#🙌 Never Give Up #❤️जीवन की सीख #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #🙏कर्म क्या है❓ #📒 मेरी डायरी
🙌 Never Give Up - खुद से मुलाक़ात खुद में रह कर वक़्त बिताओ तो अच्छा है, खुद का परिचय खुद से कराओ तो अच्छा है... इस दुनिया की भीड़ में चलने से तो बेहतर , खुद के साथ में जाओ तो अच्छा है...ः ؟77 लिए अपने घर के रोशन दीपक देख 3|4, अन्दर दीप जलाओ तो अच्छा है॰. ব্রুৎ ৯ तेरी, मेरी इसकी उसकी छोड़ो भी अब, खुद से खुद की शक्ल मिलाओ तो अच्छा है बदन को महकाने में सारी उम्र काट ली॰ को अब अपनी महकाओ तो अच्छा है॰. दुनिया भर में घूम लिए हो जी भर के अब, वापस खुद में लौट के आओ तो अच्छा है॰ तन्हाई में खामोशी के साथ बैठ कर खुद कीग़ज़ल तो अच्छा हे सुनाओ खुद को शैलेश खुद से मुलाक़ात खुद में रह कर वक़्त बिताओ तो अच्छा है, खुद का परिचय खुद से कराओ तो अच्छा है... इस दुनिया की भीड़ में चलने से तो बेहतर , खुद के साथ में जाओ तो अच्छा है...ः ؟77 लिए अपने घर के रोशन दीपक देख 3|4, अन्दर दीप जलाओ तो अच्छा है॰. ব্রুৎ ৯ तेरी, मेरी इसकी उसकी छोड़ो भी अब, खुद से खुद की शक्ल मिलाओ तो अच्छा है बदन को महकाने में सारी उम्र काट ली॰ को अब अपनी महकाओ तो अच्छा है॰. दुनिया भर में घूम लिए हो जी भर के अब, वापस खुद में लौट के आओ तो अच्छा है॰ तन्हाई में खामोशी के साथ बैठ कर खुद कीग़ज़ल तो अच्छा हे सुनाओ खुद को शैलेश - ShareChat
#📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #🙏गुरु महिमा😇 #🙌 Never Give Up
📖जीवन का लक्ष्य🤔 - समाज ये जो समाज है, ये आईना भी है, सवाल भी॰ कभी दुआओं की छाँव, कभी काँटों का जाल भी।  जो चल पडे़ अपने ही रास्तों पर लिए उसे रोकने के खडी एक दीवार भी। कभी नाम, कभी इज़्ज़त , कभी रिवाजों का बोझ हर क़दम पर सौ बातें , हर ख्वाब पर एक रोक। "लोग क्या कहेंगे?" है चारों और ये आवाज़ जो उड़़ना भी चाहे, तो कट जाए परवाज़।  पर सवाल ये है - क्या झुकना ज़रूरी है? क्या हर रिवायत को मानना ज़रूरी है? अगर अपने सपनों का इज़हार किया जाए तो क्या वाकई बग़ावत ज़रूरी है? समाज का असर है, पर सोच तो अपनी है, जो चाहो, वो बनो - उड़ान तो अपनी है। रास्ते चाहे मुश्किल हों , मन को मज़बूत बना, अपनी पहचान खुद गढ़ - क़दमों को मत थमा! शैलेश समाज ये जो समाज है, ये आईना भी है, सवाल भी॰ कभी दुआओं की छाँव, कभी काँटों का जाल भी।  जो चल पडे़ अपने ही रास्तों पर लिए उसे रोकने के खडी एक दीवार भी। कभी नाम, कभी इज़्ज़त , कभी रिवाजों का बोझ हर क़दम पर सौ बातें , हर ख्वाब पर एक रोक। "लोग क्या कहेंगे?" है चारों और ये आवाज़ जो उड़़ना भी चाहे, तो कट जाए परवाज़।  पर सवाल ये है - क्या झुकना ज़रूरी है? क्या हर रिवायत को मानना ज़रूरी है? अगर अपने सपनों का इज़हार किया जाए तो क्या वाकई बग़ावत ज़रूरी है? समाज का असर है, पर सोच तो अपनी है, जो चाहो, वो बनो - उड़ान तो अपनी है। रास्ते चाहे मुश्किल हों , मन को मज़बूत बना, अपनी पहचान खुद गढ़ - क़दमों को मत थमा! शैलेश - ShareChat