अगर मैं खुद की प्रेमिका होती ना
अगर मैं खुद की प्रेमिका होती ना,
तो अपने बारे में कुछ यूं लिखती—
कि ये लड़की थोड़ी सी ज़िद्दी है,
पर अपने सपनों के लिए सच्ची है।
कभी खुद से ही रूठ जाती है,
फिर खुद ही खुद को मना भी लेती है।
मैं लिखती कि इसकी मुस्कान में सुकून है,
और इसकी खामोशी में भी एक जुनून है।
ये टूटकर भी संभल जाती है हर बार,
जैसे इसे खुद से ही बहुत सा प्यार है।
मैं कहती—
इसे किसी और की ज़रूरत नहीं,
ये खुद ही अपनी दुनिया है।
अपने आँसू भी खुद पोंछ लेती है,
और खुद ही अपनी खुशी का जरिया है।
अगर मैं खुद की प्रेमिका होती ना,
तो हर रोज़ इसे ये एहसास दिलाती—
कि ये जैसी भी है, बहुत खूबसूरत है,
और सबसे ज्यादा…
ये खुद के लिए ही ज़रूरी है। ✨ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️