Ramchandra Rajpoot
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Ramchandra Rajpoot
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jabalpur mp India
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🤗I 💖 शेयरचैट - शनिश्चराय नमः 3 3 नृमः हुनुमते नी्लांजन समाभासं रवि पुत्र यमाग्रजम छायामार्तंड र्संभूत त नमामि शनैश्चुरम शनिश्चराय नमः 3 3 नृमः हुनुमते नी्लांजन समाभासं रवि पुत्र यमाग्रजम छायामार्तंड र्संभूत त नमामि शनैश्चुरम - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - ३ँ शं शनैश्चराय नमः न्याय एवं कर्मफल के देवता सूर्यपुत्र भगवान श्रीशनि देवजी के प्राकट्योत्सव की आप सभी কী মার্নিক নখাৎ ভন शुभकामनाएं! ३ँ शं शनैश्चराय नमः न्याय एवं कर्मफल के देवता सूर्यपुत्र भगवान श्रीशनि देवजी के प्राकट्योत्सव की आप सभी কী মার্নিক নখাৎ ভন शुभकामनाएं! - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - सभी माताओं एवं बहनों को अखंड सौभाग्य के पावन पर्व सावित्री व्रत पूजन de की हार्दिक बधाई एवं থুমকামনাভ! 88 सभी माताओं एवं बहनों को अखंड सौभाग्य के पावन पर्व सावित्री व्रत पूजन de की हार्दिक बधाई एवं থুমকামনাভ! 88 - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - देवेंद्रनाथ टैगोर जनवरी , १9०५) (15 4$, 1817 19 जयंती पर सादर नमन वे ब्रह्म  महत्वपूर्ण स्तंभों में মমাত ৯ মনমী से एक थे। उन्होंने राजा राममोहन राय के विचारों को दृढ़ता प्रदान की और इस आंदोलन को एक नई ऊँचाई तक पहुँचाया। वर्ष १८३१ में 'तत्वबोधिनी सभा' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य वेदों और उपनिषदों के ज्ञान का प्रसार करना था। उनकी आध्यात्मिक गहराई और पवित्र जीवनशैली के कारण समाज ने उन्हें ' महर्षि' की उपाधि से अलंकृत किया। आज जिसे विश्वभारती विश्वविद्यालय और शांतिनिकेतन के नाम से जानते हैं, उसकी स्थापना का विचार और उस भूमि का देवेंद्रनाथ टैगोर ने ही किया था। चयन वे मूर्ति पूजा के प्रबल विरोधी थे और विश्वास निराकार ईश्वर की उपासना में रखते थे। 'तत्वबोधिनी पत्रिका' के माध्यम से बंगाली साहित्य और भाषा के विकास में भी प्रबल योगदान दिया। देवेंद्रनाथ टैगोर जनवरी , १9०५) (15 4$, 1817 19 जयंती पर सादर नमन वे ब्रह्म  महत्वपूर्ण स्तंभों में মমাত ৯ মনমী से एक थे। उन्होंने राजा राममोहन राय के विचारों को दृढ़ता प्रदान की और इस आंदोलन को एक नई ऊँचाई तक पहुँचाया। वर्ष १८३१ में 'तत्वबोधिनी सभा' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य वेदों और उपनिषदों के ज्ञान का प्रसार करना था। उनकी आध्यात्मिक गहराई और पवित्र जीवनशैली के कारण समाज ने उन्हें ' महर्षि' की उपाधि से अलंकृत किया। आज जिसे विश्वभारती विश्वविद्यालय और शांतिनिकेतन के नाम से जानते हैं, उसकी स्थापना का विचार और उस भूमि का देवेंद्रनाथ टैगोर ने ही किया था। चयन वे मूर्ति पूजा के प्रबल विरोधी थे और विश्वास निराकार ईश्वर की उपासना में रखते थे। 'तत्वबोधिनी पत्रिका' के माध्यम से बंगाली साहित्य और भाषा के विकास में भी प्रबल योगदान दिया। - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - हम सभी के प्रेरणा स्रोत देश के पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय भैरों सिंह जी थखावत की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। हम सभी के प्रेरणा स्रोत देश के पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री श्रद्धेय भैरों सिंह जी थखावत की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - शुभ गुरुवार 30 विष्णु  मंगलम गरुड़ध्वजः मंगलम भगवान मंगलम पुण्डरी काक्षः मंगलाय तनो हरिः I ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सुप्रभात शुभ गुरुवार 30 विष्णु  मंगलम गरुड़ध्वजः मंगलम भगवान मंगलम पुण्डरी काक्षः मंगलाय तनो हरिः I ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सुप्रभात - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - जनता की भी सरकार से 7 अपील सरकारी उत्सवों पर 1 एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया जाए सरकारी कार्यक्रमों में 2 सादगी अपनाई जाए समाजसेवा करने निकले 3 सांसदों -विधायकों का एक वर्ष के लिए वेतन भत्ता और पेंशन बंद की जाए रैलियों में होने वाली भीड़-भा़ड़ और धूमधाम कम की जाए डिजिटल रैली या 5 ऑनलाइन भाषण दिए जाएं विदेशी दौरे और डेलिगेशन 6 पर रोक लगाई जाए VIP काफिले , भव्य होटल जैसे HOtL सरकारी खचों पर एक वर्ष के लिए रोक लगाई जाए देशहित में सादगी अपनाएं, जनधन बचाएं, राष्ट्र को मजबूत बनाएं जनता की भी सरकार से 7 अपील सरकारी उत्सवों पर 1 एक वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया जाए सरकारी कार्यक्रमों में 2 सादगी अपनाई जाए समाजसेवा करने निकले 3 सांसदों -विधायकों का एक वर्ष के लिए वेतन भत्ता और पेंशन बंद की जाए रैलियों में होने वाली भीड़-भा़ड़ और धूमधाम कम की जाए डिजिटल रैली या 5 ऑनलाइन भाषण दिए जाएं विदेशी दौरे और डेलिगेशन 6 पर रोक लगाई जाए VIP काफिले , भव्य होटल जैसे HOtL सरकारी खचों पर एक वर्ष के लिए रोक लगाई जाए देशहित में सादगी अपनाएं, जनधन बचाएं, राष्ट्र को मजबूत बनाएं - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - जिस दिन गलत मुकदमे पर पुलिस को, और झूठे केस पर वकील को, और नाइंसाफी पर जज को, खबर पर मीडिया और 4 को सजा मिलेगी उस दिन भारत में रामराज्य का उदय ह्ोगा| जिस दिन गलत मुकदमे पर पुलिस को, और झूठे केस पर वकील को, और नाइंसाफी पर जज को, खबर पर मीडिया और 4 को सजा मिलेगी उस दिन भारत में रामराज्य का उदय ह्ोगा| - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - के. अमरनाथ (1 14=4<, 1914 14 T5, 1983) पुण्यतिथि पर सादर नमन उनका जन्म पंजाब प्रांत के मियांवाली (अब पाकिस्तान) में हुआ था। अपने करियर की शुरुआत कलकत्ता (अब कोलकाता) में एक " अभिनेता के रूप में की थी, लेकिन बाद में निर्देशन की ओर मुड़ गए। वे एक्शन , थ्रिलर और सामाजिक संदेश वाली फ़िल्में बनाने में माहिर थे और उन्हें ' एक्शन फ़िल्मों का मास्टर माना जाता था। फ़िल्म ' मिर्ज़ा साहिबान' (११४७) की सफलता ने उन्हें उस दौर के सबसे बड़े निर्देशकों की कतार में खड़ा कर दिया। अपना प्रोडक्शन हाउस 'के. अमरनाथ उन्होंने प्रोडक्शंस स्थापित किया और स्वतंत्र रूप से कई हिट फ़िल्में दीं। प्रसिद्ध फ़िल्में - डोली (११४७ ), काजल (१9४८), पारस (११४१), परदेस (११५०), नाज़नीन (१9५१)९ दिल-ए-नादान (१9५३), कुंदन (१9५५), शमा (1५ठ१). के. अमरनाथ (1 14=4<, 1914 14 T5, 1983) पुण्यतिथि पर सादर नमन उनका जन्म पंजाब प्रांत के मियांवाली (अब पाकिस्तान) में हुआ था। अपने करियर की शुरुआत कलकत्ता (अब कोलकाता) में एक " अभिनेता के रूप में की थी, लेकिन बाद में निर्देशन की ओर मुड़ गए। वे एक्शन , थ्रिलर और सामाजिक संदेश वाली फ़िल्में बनाने में माहिर थे और उन्हें ' एक्शन फ़िल्मों का मास्टर माना जाता था। फ़िल्म ' मिर्ज़ा साहिबान' (११४७) की सफलता ने उन्हें उस दौर के सबसे बड़े निर्देशकों की कतार में खड़ा कर दिया। अपना प्रोडक्शन हाउस 'के. अमरनाथ उन्होंने प्रोडक्शंस स्थापित किया और स्वतंत्र रूप से कई हिट फ़िल्में दीं। प्रसिद्ध फ़िल्में - डोली (११४७ ), काजल (१9४८), पारस (११४१), परदेस (११५०), नाज़नीन (१9५१)९ दिल-ए-नादान (१9५३), कुंदन (१9५५), शमा (1५ठ१). - ShareChat
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🤗I 💖 शेयरचैट - फ़ख़रुद्दीन अली अहमद (13 T5, 1905 11 !5<4&1, 1977) जयंती पर सादर नमन क्षेत्र में हुआ  दिल्ली के हौज क़ाज़ी पुरानी ওনব্ধা তন্স था, जबकि उनका परिवार मूल रूप से असम के गोलाघाट से था। अपनी उच्च शिक्षा इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ( सेंट कैथरीन कॉलेज) से प्राप्त की और बैरिस्टर बने। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे और असम की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राज्य के वित्त एवं राजस्व मंत्री भी रहे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ' भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय भागीदारी निभाई। भारत के पांचवें राष्ट्रपति ( १9७४ १९७७ ) के रूप में चुने गए। फ़ख़रुद्दीन अली अहमद (13 T5, 1905 11 !5<4&1, 1977) जयंती पर सादर नमन क्षेत्र में हुआ  दिल्ली के हौज क़ाज़ी पुरानी ওনব্ধা তন্স था, जबकि उनका परिवार मूल रूप से असम के गोलाघाट से था। अपनी उच्च शिक्षा इंग्लैंड के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय ( सेंट कैथरीन कॉलेज) से प्राप्त की और बैरिस्टर बने। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सक्रिय सदस्य रहे और असम की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए राज्य के वित्त एवं राजस्व मंत्री भी रहे। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान ' भारत छोड़ो आंदोलन' में सक्रिय भागीदारी निभाई। भारत के पांचवें राष्ट्रपति ( १9७४ १९७७ ) के रूप में चुने गए। - ShareChat