सनातन वैदिक धर्म
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏गीता ज्ञान🛕 - स्सुविचार अज का २३ अप्रैल जैसे लकड़ी दूसरों को जलाने से पहले स्वयं जलती है। ऐसे ही आपका क्रोध दूसरे का नाश करने से पहले आपका ही नाश कर देगा। अतः क्रोध करने से बचें। स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https:Ildarshanyog.org स्सुविचार अज का २३ अप्रैल जैसे लकड़ी दूसरों को जलाने से पहले स्वयं जलती है। ऐसे ही आपका क्रोध दूसरे का नाश करने से पहले आपका ही नाश कर देगा। अतः क्रोध करने से बचें। स्वामी विवेकानंद परिव्राजक निदेशक, दर्शन योग महाविद्यालय https:Ildarshanyog.org - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
🕉️सनातन धर्म🚩 - आर्य समाज की आग आर्य समाज की आग मुझे एक आग दिखाई देती हैं यह आग एशिया   ٥ की पर्वत चोटियों, अप्रून्नीका के घने जंगलों को पार करती हुई यूरोप और अमेरिका को और तीव्रता से बढ रही है। इस आग में पाप और अन्यान जल कर नष्ट हो रहा है। हिन्दू मुस्लमान और ईसाई इस आग को जितना को कोशिश करते हैं॰ यह उतनी ही बुझाने भड़क जाती है। यह आग भारत में परम योगी महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की पावन भट्टी में सुलगाई है। मैं इस आग को परम मांगलिक मानता हूँ । इस आग से विश्वव का कल्याण अवश्य होगा। -एंड्रो जैक्कन डेविस . fs) (प्रसिद्ध अमेरिकी आर्य समाज की आग आर्य समाज की आग मुझे एक आग दिखाई देती हैं यह आग एशिया   ٥ की पर्वत चोटियों, अप्रून्नीका के घने जंगलों को पार करती हुई यूरोप और अमेरिका को और तीव्रता से बढ रही है। इस आग में पाप और अन्यान जल कर नष्ट हो रहा है। हिन्दू मुस्लमान और ईसाई इस आग को जितना को कोशिश करते हैं॰ यह उतनी ही बुझाने भड़क जाती है। यह आग भारत में परम योगी महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज की पावन भट्टी में सुलगाई है। मैं इस आग को परम मांगलिक मानता हूँ । इस आग से विश्वव का कल्याण अवश्य होगा। -एंड्रो जैक्कन डेविस . fs) (प्रसिद्ध अमेरिकी - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏गीता ज्ञान🛕 - जागरण = सब्सक्राइब करें ब्रेकिंग दुनिया राष्ट्रीय चुनाव २०२६ নাতা PRIME मिडिल ईस्ट संकट VIT University बढ़ता यूपी |PL 2026 HINDI NEWS JHARKHAND WEST-SINGHBHUM Jharkhand News: अंधविश्वास में ११ माह की बच्ची की कुत्ते से कराई शादी , बरातियों को भोज भी खिलाया BY JAGRAN NEWS EDITED BY: MUKUL KUMAR UPDATED: MON 03 MAR 2025 01:13 AM (IST) जागरण = सब्सक्राइब करें ब्रेकिंग दुनिया राष्ट्रीय चुनाव २०२६ নাতা PRIME मिडिल ईस्ट संकट VIT University बढ़ता यूपी |PL 2026 HINDI NEWS JHARKHAND WEST-SINGHBHUM Jharkhand News: अंधविश्वास में ११ माह की बच्ची की कुत्ते से कराई शादी , बरातियों को भोज भी खिलाया BY JAGRAN NEWS EDITED BY: MUKUL KUMAR UPDATED: MON 03 MAR 2025 01:13 AM (IST) - ShareChat
#🕉️सनातन धर्म🚩 #🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕
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🕉️सनातन धर्म🚩 - मौहम्मद हिजबुल्ला  की नंगी तस्वीर इस्लाम ( हन्फी मजहब ?? মুলী ಹಗ- रोजा नहीं टूटता। 31797 ( गायतुल औतार सफा ५११ से ५१५तक ) ( १४ ) अगर  किसो रोजादार ने किसी औरत की शर्मगाह अर्थात् योनि को तरफ निगाह की और इन्जाल अर्थात् वीर्यपात हो गया, तो रोजा नहीं टूटता।  ( गायतुल औतार सफा ५०९ ) अगर किसी रोजादार ने किसी दींवानी अर्थात् ( १५ ) कम अकल वाली औरत से विषयभोग कर डाला हो॰तो दोनों पर कोई पाप या प्रायश्चित अर्थात् कफ्फारा लागू नहीं होता। फताबी काजी खाँ जिल्द १ हदीस १०१ व गायतुल औतार जिल्द १ सफा ५१५ अगर कोई रोजादार शख्स़ किसी चौपाये ( १६ ) या बेहोश औरत या छोटी बच्ची से बदफेली अर्थात् सहवास इन्जाल अर्थात् वीर्यपात  531 ೯ 7 करे  और उसका उसका रोजा नहीं टूटता तथा उस पर गुसल अर्थात् स्नान भी वाजिब नहीं होता फताबी काजी खाँ जिल्द १ सफा १०० ) शख्स़ अपने ऐजातनासुल अर्थात् अगर   काइ १७ ) पर कपडा लपेट कर रोजे की हालत में औरत से লিযা सुहबत अर्थात् सम्भोग करे और सख्त   रह 3{ कपडा Scanned by CamScann मौहम्मद हिजबुल्ला  की नंगी तस्वीर इस्लाम ( हन्फी मजहब ?? মুলী ಹಗ- रोजा नहीं टूटता। 31797 ( गायतुल औतार सफा ५११ से ५१५तक ) ( १४ ) अगर  किसो रोजादार ने किसी औरत की शर्मगाह अर्थात् योनि को तरफ निगाह की और इन्जाल अर्थात् वीर्यपात हो गया, तो रोजा नहीं टूटता।  ( गायतुल औतार सफा ५०९ ) अगर किसी रोजादार ने किसी दींवानी अर्थात् ( १५ ) कम अकल वाली औरत से विषयभोग कर डाला हो॰तो दोनों पर कोई पाप या प्रायश्चित अर्थात् कफ्फारा लागू नहीं होता। फताबी काजी खाँ जिल्द १ हदीस १०१ व गायतुल औतार जिल्द १ सफा ५१५ अगर कोई रोजादार शख्स़ किसी चौपाये ( १६ ) या बेहोश औरत या छोटी बच्ची से बदफेली अर्थात् सहवास इन्जाल अर्थात् वीर्यपात  531 ೯ 7 करे  और उसका उसका रोजा नहीं टूटता तथा उस पर गुसल अर्थात् स्नान भी वाजिब नहीं होता फताबी काजी खाँ जिल्द १ सफा १०० ) शख्स़ अपने ऐजातनासुल अर्थात् अगर   काइ १७ ) पर कपडा लपेट कर रोजे की हालत में औरत से লিযা सुहबत अर्थात् सम्भोग करे और सख्त   रह 3{ कपडा Scanned by CamScann - ShareChat
#💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #🕉️सनातन धर्म🚩 #🚩राम नवमी Status⏳ #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #❤️ रोमांटिक फोटो
💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस - ठोकरें खा-्खा कर सीखने से 3@ सत्यार्थ प्रकाश H लो। आर्य - पुत्र ठोकरें खा-्खा कर सीखने से 3@ सत्यार्थ प्रकाश H लो। आर्य - पुत्र - ShareChat
#🪔नवरात्रि Status⏳ #🚩राम नवमी coming soon⏳ #🙏रामायण🕉 #🙏🏻सीता राम #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस
🪔नवरात्रि Status⏳ - इस्लाम ( हन्फी मजहव को नंगी तस्वीर मौहम्मद हिजबुल्ला कृत-सुन्नी ( १० ) शरमगाह अर्थात् औरत की योनि के মিলায  = ( सम्भोग ) करने   से किसी ओर जमाव 16 अर्थात् प्रायश्चित जरूरी नहीं ख़्वाह अर्थात् कफ्फारा चाह इन्जाल अर्थात् वीर्ययात भी हो गया हो। हिदायत मुस्तफानी सफा ২০০ ) रोजादार मर्द से अपनी दब्र अर्थात्  8 ? ) 3TT गुदा सें या औरत ने अपनी अंजामनहानी अर्थात् योनि में अंगुली या कोई भी चोज चलाई और वह खुश्क निकली तो रोजा 76} टटता| औतार যামনুল  जिल्द 9 77 ५१० ) १२ ) अगर किसी रोजादार ने किसी ಈ के ऐज সপনি   দহান की 4 23l को जगह  हाथ लगा कर सहलाया और रोजादार का इन्जाल अर्थात् र्वार्यपात గై7 7ా उससे रोजे पर कोई फर्क नहीं पडता अर्थात् रोजा नहों टूटता ( যামনুল औतार सफा ५१५ ) रोजादार ( १३ ) किसी औरत नेअगर को  शर्मगाह योनी 4 अर्थात् स्थान  जैसे बगल॰ रन बजाय अन्य उरोज - छाती  पोठ, या नितम्ब वगैरा में वत হাল, नाक अर्थात् मसल कर या दबा कर सम्भोग रूपो आनन्द लिय हो परन्तु वह खलास अर्थात् उसका वीर्यपात न हुआ हो त Scanned by CamScan इस्लाम ( हन्फी मजहव को नंगी तस्वीर मौहम्मद हिजबुल्ला कृत-सुन्नी ( १० ) शरमगाह अर्थात् औरत की योनि के মিলায  = ( सम्भोग ) करने   से किसी ओर जमाव 16 अर्थात् प्रायश्चित जरूरी नहीं ख़्वाह अर्थात् कफ्फारा चाह इन्जाल अर्थात् वीर्ययात भी हो गया हो। हिदायत मुस्तफानी सफा ২০০ ) रोजादार मर्द से अपनी दब्र अर्थात्  8 ? ) 3TT गुदा सें या औरत ने अपनी अंजामनहानी अर्थात् योनि में अंगुली या कोई भी चोज चलाई और वह खुश्क निकली तो रोजा 76} टटता| औतार যামনুল  जिल्द 9 77 ५१० ) १२ ) अगर किसी रोजादार ने किसी ಈ के ऐज সপনি   দহান की 4 23l को जगह  हाथ लगा कर सहलाया और रोजादार का इन्जाल अर्थात् र्वार्यपात గై7 7ా उससे रोजे पर कोई फर्क नहीं पडता अर्थात् रोजा नहों टूटता ( যামনুল औतार सफा ५१५ ) रोजादार ( १३ ) किसी औरत नेअगर को  शर्मगाह योनी 4 अर्थात् स्थान  जैसे बगल॰ रन बजाय अन्य उरोज - छाती  पोठ, या नितम्ब वगैरा में वत হাল, नाक अर्थात् मसल कर या दबा कर सम्भोग रूपो आनन्द लिय हो परन्तु वह खलास अर्थात् उसका वीर्यपात न हुआ हो त Scanned by CamScan - ShareChat