अनिल साहू
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अनिल साहू
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#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - युगतीथ समाधि स्थल का दिव्य दर्शन गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिँद्वार से 18.05.2026 मनुष्य का अज्ञान तब स्पष्ट समझ में जब वह अपने ही भूल और आता है.. उसके परिणाम के लिए ईश्वर को दोषी ठहराता है..! जबकि मनुष्य अपने कर्मों का स्वयं जिम्मेदार है..!! युगतीथ समाधि स्थल का दिव्य दर्शन गायत्री तीर्थ शांतिकुंज, हरिँद्वार से 18.05.2026 मनुष्य का अज्ञान तब स्पष्ट समझ में जब वह अपने ही भूल और आता है.. उसके परिणाम के लिए ईश्वर को दोषी ठहराता है..! जबकि मनुष्य अपने कर्मों का स्वयं जिम्मेदार है..!! - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - जनजातीय कार्य मंत्रातप MINISTRY OF' TRIBAL AFFAIRS नशामुक्त एवं शाकाहारी সীণল সীন কা মঐথা ঐ্ন वाले प्रसिद्ध धार्मिक गुरु परम पूज्य गुरुदेव जी बाबा जय (स्वामी तुलँसीदास ) की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! दुर्गादास (डी॰डी ) उइके केंद्रीय राज्यमंत्री (जनजातीय कार्य विभाग ) भारत सरकार uikey uikey uikey @DD_ @Durgadas_DD  @dd जनजातीय कार्य मंत्रातप MINISTRY OF' TRIBAL AFFAIRS नशामुक्त एवं शाकाहारी সীণল সীন কা মঐথা ঐ্ন वाले प्रसिद्ध धार्मिक गुरु परम पूज्य गुरुदेव जी बाबा जय (स्वामी तुलँसीदास ) की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! दुर्गादास (डी॰डी ) उइके केंद्रीय राज्यमंत्री (जनजातीय कार्य विभाग ) भारत सरकार uikey uikey uikey @DD_ @Durgadas_DD  @dd - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं लिए और वृक्ष अपने फल के जैसे नदी अपने जल के लिए कभी चिंतित नहीं होते , वैसा ही स्वभाव एक सच्चे होता है, वह केवल श्रेष्ठ कर्म करता है और भक्त का अपनी जीवन रूपी नैय्या उस परम मल्लाह (ईश्वर) को सौंपकर निश्चिंत हो जाता है। सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम हरि शरणं लिए और वृक्ष अपने फल के जैसे नदी अपने जल के लिए कभी चिंतित नहीं होते , वैसा ही स्वभाव एक सच्चे होता है, वह केवल श्रेष्ठ कर्म करता है और भक्त का अपनी जीवन रूपी नैय्या उस परम मल्लाह (ईश्वर) को सौंपकर निश्चिंत हो जाता है। सभी प्रभु प्रेमियों को सुबह की राम राम - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - अनुलड़्घनीयः सदाचारः 4 सदाचार का उल्लड़घन नहीं करना चाहिए। SANSKRITKAUDAY अनुलड़्घनीयः सदाचारः 4 सदाचार का उल्लड़घन नहीं करना चाहिए। SANSKRITKAUDAY - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - निष्काम भाव से कर्म करते रहिए भाग्य और कर्म तकदीर और तदवीर दोनों एक ही वस्त हैं | जैसे कल का दूध आज दही बन जाता है, वैसे ही भूतकाल  के कर्म आज प्रारब्ध बन कर प्रकट होते हैं | हम अपने भाग्य के निर्माता आप हैं | अपनी कर्म- रेखा के लेखक, प्रारब्ध के रचायता  हम स्वयं हैं | भूतकाल में जो कर चुके हैं, उसका परिणाम आज मौजूद है। यदि हम भविष्य को अच्छा, सुख- शांतिमय, आनंद- दायक बनाना चाहते हैं॰ तो आज के कर्त्तव्य-्कर्म को मजवृती से अपनाना पड़ेगा, कर्मयोगी बनना पड़ेगा। यदि आज के कर्त्तव्य की उपेक्षा की जा रही है॰ तो निश्चय है कि कल का प्रारब्ध हमें के रूप में भोगना पड़ेगा। अत्यंत त्रासदायक दुर्भाग्य कर्म से वैराग्य लेना भूल है। बुराइयों से॰ लिप्सा से॰ तृष्णा  से, आलस्य से ` वैराग्य ' शब्द की ম, से कुविचारों दुष्कर्मों करना है। दुर्गति प्रत्येक कर्मयोगी को वैसा ही वैरागी होना चाहिए जैसे घर में रह कर तपोवन का निर्माण करना। भोग के साधन होते हुए भी उनका परित्याग करना, सच्चा वैराग्य कहा जा सकता है। अभाव में जो त्याग होता है॰ उसके अपरोक्षित होने के कारण परीक्षा के समय पर विफल हो जाने का भय बना रहता है। भोग होना ही सच्ची तपस्या है। कर्मयोगी अनुद्विग्न के रहते हुए त्यागी  केंद्रबिंदु 7 8 वह कर्मबंधनं में नहीं रहता है, क्योंकि उसका फँसता, इसलिए जीवनमुक्ति सदा उसे करतलगत रहती है। अखण्ड ज्योति अप्रैल १९५१ पृष्ठ ६ निष्काम भाव से कर्म करते रहिए भाग्य और कर्म तकदीर और तदवीर दोनों एक ही वस्त हैं | जैसे कल का दूध आज दही बन जाता है, वैसे ही भूतकाल  के कर्म आज प्रारब्ध बन कर प्रकट होते हैं | हम अपने भाग्य के निर्माता आप हैं | अपनी कर्म- रेखा के लेखक, प्रारब्ध के रचायता  हम स्वयं हैं | भूतकाल में जो कर चुके हैं, उसका परिणाम आज मौजूद है। यदि हम भविष्य को अच्छा, सुख- शांतिमय, आनंद- दायक बनाना चाहते हैं॰ तो आज के कर्त्तव्य-्कर्म को मजवृती से अपनाना पड़ेगा, कर्मयोगी बनना पड़ेगा। यदि आज के कर्त्तव्य की उपेक्षा की जा रही है॰ तो निश्चय है कि कल का प्रारब्ध हमें के रूप में भोगना पड़ेगा। अत्यंत त्रासदायक दुर्भाग्य कर्म से वैराग्य लेना भूल है। बुराइयों से॰ लिप्सा से॰ तृष्णा  से, आलस्य से ` वैराग्य ' शब्द की ম, से कुविचारों दुष्कर्मों करना है। दुर्गति प्रत्येक कर्मयोगी को वैसा ही वैरागी होना चाहिए जैसे घर में रह कर तपोवन का निर्माण करना। भोग के साधन होते हुए भी उनका परित्याग करना, सच्चा वैराग्य कहा जा सकता है। अभाव में जो त्याग होता है॰ उसके अपरोक्षित होने के कारण परीक्षा के समय पर विफल हो जाने का भय बना रहता है। भोग होना ही सच्ची तपस्या है। कर्मयोगी अनुद्विग्न के रहते हुए त्यागी  केंद्रबिंदु 7 8 वह कर्मबंधनं में नहीं रहता है, क्योंकि उसका फँसता, इसलिए जीवनमुक्ति सदा उसे करतलगत रहती है। अखण्ड ज्योति अप्रैल १९५१ पृष्ठ ६ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - मीठा नीम ) कढ़ी पत्ता एक औषधि wwwwfacebook comIAcharyBalkrishnal मीठे नीम के पत्तों को पानी में उबालकर गरारे करने से छाले ठीक होते हैँ तथा २- ४ पत्तियों को से मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है चबा कर खाने मीठा नीम ) कढ़ी पत्ता एक औषधि wwwwfacebook comIAcharyBalkrishnal मीठे नीम के पत्तों को पानी में उबालकर गरारे करने से छाले ठीक होते हैँ तथा २- ४ पत्तियों को से मुँह की दुर्गन्ध दूर होती है चबा कर खाने - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - बेटियों को गुड़िया मत बनाओ , उन्हें मशाल बनाओ ताकि वे अपने ज्ञान के সক্কাথা মী ত্রী ক্রুল্ী ক हम बदलेंगे युग बदलेगा, अंधेरे को मिटा सकें। हम सुधरेंगे युग सुधरेगा | बेटियों को गुड़िया मत बनाओ , उन्हें मशाल बनाओ ताकि वे अपने ज्ञान के সক্কাথা মী ত্রী ক্রুল্ী ক हम बदलेंगे युग बदलेगा, अंधेरे को मिटा सकें। हम सुधरेंगे युग सुधरेगा | - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - जय कर्मा मां अनिल साहू सुविचार आपका विश्वास पहाड़ हिला सकता है మ पह़ाड़ खडा कर सकता है आपका शक 1 ~  जय कर्मा मां अनिल साहू सुविचार आपका विश्वास पहाड़ हिला सकता है మ पह़ाड़ खडा कर सकता है आपका शक 1 ~ - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - हरि शरणं ८ भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ स्वान्तःस्थमीश्वरम् Re: याभ्यां विना न पश्यन्ति विश्वास के स्वरूप श्री पार्वतीजी और श्री शंकरजी की श्रद्धा और मैं वंदना करता हूँ॰ जिनके बिना सिद्धजन अपने अन्तःकरण में स्थित ईश्वर को नहीं देख सकते हरि शरणं ८ भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ स्वान्तःस्थमीश्वरम् Re: याभ्यां विना न पश्यन्ति विश्वास के स्वरूप श्री पार्वतीजी और श्री शंकरजी की श्रद्धा और मैं वंदना करता हूँ॰ जिनके बिना सिद्धजन अपने अन्तःकरण में स्थित ईश्वर को नहीं देख सकते - ShareChat
#जय माँ गायत्री जय गुरुवर
जय माँ गायत्री जय गुरुवर - TNDIAN . एक सीक्रेट रेलवे कोटा = ೬ जिसके बारे में un' हर कोई नहीं जानता! 37440  P O [ Waiting List होने पर भी मिल सकती है Confirm Seat! किसके लिए होता है ? नाम है HO Quota / মভিকল হ্রসতৌমী Emergency Quota मूवमेंट VVIP VVIP सरकारी यात्रा हेड ऑफिस कोटा , - इमरजेंसी कोटा रेलवे ऑफिसर इस्तेमाल VIP ಹe EQ खास बातेंः वेटिंग में भी चार्ट से पहले 844 रिलीज होती कन्फर्म सीट सीट अलग मिल सकती है सीटें आदमी को मिल सकता है? ? क्या आम सीधे Online 4f47 38 Emergency Cases #: Booking नहीं चिकिल्सा ঠলব 3খিকাযী DRM मुख्य आरक्षण आपातकाल कार्यालय पर्यवेक्षक की सिफ़ारिश ক্রা সমাতা request दी जा सकती है। के आधार पर TNDIAN . एक सीक्रेट रेलवे कोटा = ೬ जिसके बारे में un' हर कोई नहीं जानता! 37440  P O [ Waiting List होने पर भी मिल सकती है Confirm Seat! किसके लिए होता है ? नाम है HO Quota / মভিকল হ্রসতৌমী Emergency Quota मूवमेंट VVIP VVIP सरकारी यात्रा हेड ऑफिस कोटा , - इमरजेंसी कोटा रेलवे ऑफिसर इस्तेमाल VIP ಹe EQ खास बातेंः वेटिंग में भी चार्ट से पहले 844 रिलीज होती कन्फर्म सीट सीट अलग मिल सकती है सीटें आदमी को मिल सकता है? ? क्या आम सीधे Online 4f47 38 Emergency Cases #: Booking नहीं चिकिल्सा ঠলব 3খিকাযী DRM मुख्य आरक्षण आपातकाल कार्यालय पर्यवेक्षक की सिफ़ारिश ক্রা সমাতা request दी जा सकती है। के आधार पर - ShareChat