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🌹अमल के बिना ज्ञान व्यर्थ है🌹 🙏🙏🙏 एक राजा के विशाल महल में एक सुंदर वाटिका थी, जिसमें अंगूरों की एक बेल लगी थी। वहां रोज एक चिड़िया आती और मीठे अंगूर चुन-चुनकर खा जाती और अधपके और खट्टे अंगूरों को नीचे गिरा देती। माली ने चिड़िया को पकड़ने की बहुत कोशिश की पर वह हाथ नहीं आई। हताश होकर एक दिन माली ने राजा को यह बात बताई। यह सुनकर भानुप्रताप को आश्चर्य हुआ। उसने चिड़िया को सबक सिखाने की ठान ली और वाटिका में छिपकर बैठ गया। जब चिड़िया अंगूर खाने आई तो राजा ने तेजी दिखाते हुए उसे पकड़ लिया। जब राजा चिड़िया को मारने लगा, तो चिड़िया ने कहा, हे राजन, मुझे मत मारो। मैं आपको ज्ञान की 4 महत्वपूर्ण बातें बताऊंगी।' राजा ने कहा, 'जल्दी बताओ ।' चिड़िया बोली, 'हे राजन, सबसे पहले, तो हाथ में आए शत्रु को कभी मत छोड़ो।' राजा ने कहा, 'अब दूसरी बात बता।' चिड़िया ने कहा, 'असंभव बात पर भूलकर भी विश्वास मत करो और तीसरी बात यह है कि बीती बातों पर कभी पश्चाताप मत करो।' राजा व्यग्र होकर बोला, 'अब चौथी बात भी जल्दी से बता दो।' इस पर चिड़िया बोली, चौथी बात बड़ी गूढ़ और रहस्यमयी है। मुझे जरा ढीला छोड़ दें क्योंकि मेरा दम घुट रहा है। कुछ सांस लेकर ही बता सकूंगी।' चिड़िया की बात सुन जैसे ही राजा ने अपना हाथ ढीला किया, चिड़िया उड़कर एक डाल पर बैठ गई और बोली, 'मेरे पेट में दो हीरे हैं।' यह सुनकर राजा पश्चाताप में डूब गया। राजा की हालत देख चिड़िया बोली, 'हे राजन, ज्ञान की बात सुनने और पढ़ने से कुछ लाभ नहीं होता, उस पर अमल करने से होता है। आपने मेरी बात नहीं मानी। मैं आपकी शत्रु थी, फिर भी आपने पकड़कर मुझे छोड़ दिया। मैंने यह असंभव बात कही कि मेरे पेट में दो हीरे हैं फिर भी आपने उस पर भरोसा कर लिया। आपके हाथ में वे काल्पनिक हीरे नहीं आए, तो आप पछताने लगे। सारांश- उपदेशों को जीवन में उतारे बगैर उनका कोई मोल नहीं। मंगलमय प्रभात प्रणाम #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🏠घर-परिवार #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👌 आत्मविश्वास
😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख - नेक इरादे की शक्ति सामने दिखनेबाला दृश्य, संपूर्ण सत्य का छोटा सा हिस्सा है। उसे देखकर दुःख देनेवाली कामना न जगाएँ। यदि आपका दृष्टिकोण नेक है तो कुदरत की सारी शक्तियाँ आपको जो चाहिए वह दिलाने में जरूर मदद करेंगी ।   नेक इरादे की शक्ति सामने दिखनेबाला दृश्य, संपूर्ण सत्य का छोटा सा हिस्सा है। उसे देखकर दुःख देनेवाली कामना न जगाएँ। यदि आपका दृष्टिकोण नेक है तो कुदरत की सारी शक्तियाँ आपको जो चाहिए वह दिलाने में जरूर मदद करेंगी । - ShareChat
🌸“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”🌸 🙏“महालक्ष्मी जी का आशीर्वाद आपके जीवन में धन, सुख और समृद्धि की वर्षा करे। जहाँ माँ लक्ष्मी, वहाँ कभी कमी नहीं।”🙏🙏 जय महालक्ष्मी माता 🌷💐🪷🌹🙏🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #शुभ शुक्रवार #जय #🌞 Good Morning🌞
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - senei 3{೦ಐrವ senei 3{೦ಐrವ - ShareChat
🌺*प्रातः अभिनंदनम्*🌺 *आप सभी को हनुमान जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ*॥ *सादर नमन*🙏🙏 #🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 #हनुमान #हनुमान जयंती #जय बजरंगबली #राम
🙏श्री राम भक्त हनुमान🚩 - श्री हनुमान ^जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं श्री हनुमान ^जन्मोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं - ShareChat
🌹मित्रता🌹 🙏🙏🙏 बहुत समय पहले की बात है। एक पाकुड़ के पेड़ पर एक हंस और एक कौआ रहते थे। दोनों में गहरी मित्रता थी। कौआ जलनशील स्वभाव का था। जबकि हंस दयालु स्वभाव का था। गर्मी के मौसम में एक थका हारा यात्री वृक्ष के नीचे आकर बैठ गया। थोड़ी देर में उसे नींद आने लगी। उसने अपना धनुष बाण बगल में रख कर सो गया। वृक्ष की छाया थोड़ी देर में उसके मुख से ढल गई। सूर्य की तेज़ किरणे उसके मुख पर पड़ने लगी। यात्री को विचलित देख कर हंस को दया आने लगी।वृक्ष पर बैठे हुए हंस ने विचार कर अपने पंखों को पसार फिर उसके मुख पर छाया कर दी। गहरी नींद के कारण उसने अपना मुख खोल दिया। कौआ को यात्री का सुख सहन नहीं हो रहा था। कौआ उसके मुँह में बीट करके उड़ गया। इससे पहले की हंस कुछ समझ पाता कौआ उड़ गया। अब पेड़ पर सिर्फ हंस बचा था। यात्री ने जैसे ही ऊपर देखा , उसे सिर्फ हंस दिखाई दिया। हंस द्वारा किये गए उपकार से यात्री अनजान था। उसने सोचा, ‘‘जरुर ही इसी ने मेरे चेहरे को गन्दा किया है।” यात्री ने गुस्से में सोचा इस दुष्ट को दुष्टता की सजा अवश्य दूंगा।ऐसा सोच कर यात्री ने हंस पर बाण चला दिया। हंस तो जानता भी नहीं था कि बाण क्या होता है ? बाण हंस के हृदय में आकर लगा। हंस जमीन पर आकर गिरा और उसके प्राण निकल गए। दयालु और परोपकारी हंस को दूसरे के अपराध की सजा मिली। हंस के जीवन की भूल बस यही थी कौआ उसका मित्र था। दोस्तों , दुष्ट और कुटिल से मित्रता हमेशा घातक होती है..! मंगलमय प्रभात प्रणाम #👌 आत्मविश्वास #👫 हमारी ज़िन्दगी #☝ मेरे विचार #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख
👌 आत्मविश्वास - [ कौन सी संजीवनी प्राप्त करें विचार आपके डॉक्टर हैं। विचारों को जब सही दिशा मिलती है तब वे आपका संपर्क ब्रह्मांडिय शक्ति से जोडते ह। यह संपर्क मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संजीवनी हे। [ कौन सी संजीवनी प्राप्त करें विचार आपके डॉक्टर हैं। विचारों को जब सही दिशा मिलती है तब वे आपका संपर्क ब्रह्मांडिय शक्ति से जोडते ह। यह संपर्क मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए संजीवनी हे। - ShareChat
जो पीले वस्त्रों में सुशोभित हैं जो सदा गदा चक्र और शस्त्र धारण करते हैं जिनके सुंदर चेहरे पर प्यारी मुस्कान है उन भगवान विष्णु को मैं बारंबार प्रणाम करता हूं ये दुनियां के रखवाले हैं जगत के पालनहार हैं जय श्री लक्ष्मी नारायण ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः 🚩🚩🌻🌻🪷🌻🌻🙏🙏 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #शुभ गुरुवार #👏भगवान विष्णु की अद्भुत लीला😇
🔱हर हर महादेव - fawy BIGR ஏ 83 शुभ छ बृहस्पतिवार fawy BIGR ஏ 83 शुभ छ बृहस्पतिवार - ShareChat
🌹लालच ने छीनी शांति🌹 🙏🙏🙏 किसी गाँव में एक धनी सेठ रहता था उसके बंगले के पास एक जूते सिलने वाले गरीब मोची की छोटी सी दुकान थी। उस मोची की एक खास आदत थी कि जब भी जूते सिलता तब भगवान के भजन गुनगुनाया करता था लेकिन सेठ ने कभी उसके भजनों की तरफ ध्यान नहीं दिया । एक दिन सेठ व्यापार के सिलसिले में विदेश गया और घर लौटते वक्त उसकी तबियत बहुत ख़राब हो गयी । लेकिन पैसे की कोई कमी तो थी नहीं सो देश विदेशों से डॉक्टर, वैद्य, हकीमों को बुलाया गया लेकिन कोई भी सेठ की बीमारी का इलाज नहीं कर सका । अब सेठ की तबियत दिन प्रतिदिन ख़राब होती जा रही थी। वह चल फिर भी नहीं पाता था| एक दिन वह घर में अपने बिस्तर पे लेटा था अचानक उसके कान में मोची के भजन गुनगुनाने की आवाज सुनाई दी, आज मोची के भजन कुछ अच्छे लग लग रहे थे सेठ को, कुछ ही देर में सेठ इतना मंत्रमुग्ध हो गया कि उसे ऐसा लगा जैसे वो साक्षात परमात्मा से मिलन कर रहा हो। मोची के भजन सेठ को उसकी बीमारी से दूर लेते जा रहे थे कुछ देर के लिए सेठ भूल गया कि वह बीमार है उसे अपार आनंद की प्राप्ति हुई । कुछ दिन तक यही सिलसिला चलता रहा, अब धीरे धीरे सेठ के स्वास्थ्य में सुधार आने लगा। एक दिन उसने मोची को बुलाया और कहा – मेरी बीमारी का इलाज बड़े बड़े डॉक्टर नहीं कर पाये लेकिन तुम्हारे भजन ने मेरा स्वास्थ्य सुधार दिया ये लो 1000 रुपये इनाम, मोची खुश होते हुए पैसे लेकर चला गया । लेकिन उस रात मोची को बिल्कुल नींद नहीं आई वो सारी रात यही सोचता रहा कि इतने सारे पैसों को कहाँ छुपा कर रखूं और इनसे क्या क्या खरीदना है? इसी सोच की वजह से वो इतना परेशान हुआ कि अगले दिन काम पे भी नहीं जा पाया। अब भजन गाना तो जैसे वो भूल ही गया था, मन में खुशी थी पैसे की। अब तो उसने काम पर जाना ही बंद कर दिया और धीरे धीरे उसकी दुकानदारी भी चौपट होने लगी । इधर सेठ की बीमारी फिर से बढ़ती जा रही थी । एक दिन मोची सेठ के बंगले में आया और बोला सेठ जी आप अपने ये पैसे वापस रख लीजिये, इस धन की वजह से मेरा धंधा चौपट हो गया, मैं भजन गाना ही भूल गया। इस धन ने तो मेरा परमात्मा से नाता ही तुड़वा दिया। मोची पैसे वापस करके फिर से अपने काम में लग गया । मित्रो ये केवल एक कहानी मात्र नहीं है ये एक सीख है कि किस तरह हम पैसों का लालच हमको अपनों से दूर ले जाता है हम भूल जाते हैं कि कोई ऐसी शक्ति भी है जिसने हमें बनाया है मंगलमय प्रभात प्रणाम #🏠घर-परिवार #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
🏠घर-परिवार - 1 निश्चित करेक्शन कहाँ करें जैसी दृष्टि बैसी सृष्टि , ठीक उसी तरह है जैसा दूषित दृष्टिकोण, बैसा ही घटना का असर और दुःख का भुगतान. ! अब निर्णय लेने का समय आचुका है कि दृष्टिकोण में सुधार लाएँ या घटना में बदलाव की थपेक्षा करें। 1 निश्चित करेक्शन कहाँ करें जैसी दृष्टि बैसी सृष्टि , ठीक उसी तरह है जैसा दूषित दृष्टिकोण, बैसा ही घटना का असर और दुःख का भुगतान. ! अब निर्णय लेने का समय आचुका है कि दृष्टिकोण में सुधार लाएँ या घटना में बदलाव की थपेक्षा करें। - ShareChat
*🙏श्री गणेंशाय नमः*🙏 *त्वमेव प्रत्यक्षं तत्वमसि,त्वमेव केवलं कर्तासि,,* *त्वमेंव केवलं धर्तासि,,त्वमेंव केवलं हर्तासि,,* *त्वमेंव सर्व खल्विदं ब्रहांसि,त्वं साक्षादात्मासि नित्यम्,हे देव त्वमेंव चरणम् प्रणमामी पुनः पुनः..।।* 🙏हे श्री गंणेश! आप ही प्रथम हैं,आप ही प्रत्यक्ष हैं,आप ही कर्ता हैं आप ही धर्ता हैं,निश्चित आप ही इन सभी में विराजमान सर्व व्यापी ब्रह्मा हो,और आप ही साक्षात आत्मस्वरुप हो.. आपको मेंरा बारम्बार प्रणांम है* *ॐगं गंणपतैः नंम* 💐🌷🪷🌹 #🌞 Good Morning🌞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #शुभ बुधवार #श्री गणेश
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
*🌹भावना🌹* 🙏🙏🙏 *यह एक मनोवैज्ञानिक सत्य है कि जैसा भाव हमारे मन मेे होता है वैसा ही भाव सामने वाले के मन में आता है। इस सबंध में एक ऐतिहासिक घटना सुनी जाती है जो इस प्रकार है*- *एक बार राजा भोज की सभा में एक व्यापारी ने प्रवेश किया। राजा ने उसे देखा तो देखते ही उनके मन में आया कि इस व्यापारी का सबकुछ छीन लिया जाना चाहिए। व्यापारी के जाने के बाद राजा ने सोचा* – मै प्रजा को हमेशा न्याय देता हूं। आज मेेरे मन में यह अन्याय पूर्ण भाव क्यों आ गया कि व्यापारी की संपत्ति छीन ली जाये?* *उसने अपने मंत्री से सवाल किया मंत्री ने कहा, “इसका सही जवाब कुछ दिन बाद दे पाउंगा, राजा ने मंत्री की बात स्वीकार कर ली। मंत्री विलक्षण बुद्धि का था वह इधर-उधर के सोच-विचार में सयम न खोकर सीधा व्यापारी से मिलने पहूंचा। व्यापारी से दोस्ती करके उसने व्यापारी से पूछा, “तुम इतने चिंतित और दुखी क्यों हो? तुम तो भारी मुनाफे वाला चंदन का व्यापार करते हो।”* *व्यापारी बोला, “धारा नगरी सहित मैं कई नगरों में चंदन की गाडीयां भरे फिर रहा हूं, पर चंदन इस बार चन्दन की बिक्री ही नहीं हुई! बहुत सारा धन इसमें फंसा पडा है। अब नुकसान से बच पाने का कोई उपाय नहीं है।* *व्यापारी की बातें सुन मंत्री ने पूछा, “क्या अब कोई भी रास्ता नही बचा है?”* *व्यापारी हंस कर कहने लगा अगर राजा भोज की मृत्यु हो जाये तो उनके दाह-संस्कार के लिए सारा चंदन बिक सकता है।* *मंत्री को राजा का उत्तर देने की सामग्री मिल चुकी थी। अगले दिन मंत्री ने व्यापारी से कहा कि, तुम प्रतिदिन राजा का भोजन पकाने के लिए एक मन ४० किलो चंदन दे दिया करो और नगद पैसे उसी समय ले लिया करो। व्यापारी मंत्री के आदेश को सुनकर बड़ा खुश हुूआ। वह अब मन ही मन राजा की लंबी उम्र होने की कामना करने लगा।* *एक दिन राज-सभा चल रही थी। व्यापारी दोबारा राजा को वहां दिखाई दे गया। तो राजा सोचने लगा यह कितना आकर्षक व्यक्ति है इसे क्या पुरस्कार दिया जाये?* *राजा ने मंत्री को बुलाया और पूछा, “मंत्रीवर, यह व्यापारी जब पहली बार आया था तब मैंने तुमसे कुछ पूछा था, उसका उत्तर तुमने अभी तक नहीं दिया। खैर, आज जब मैंने इसे देखा तो मेरे मन का भाव बदल गया! पता नहीं आज मैं इसपर खुश क्यों हो रहा हूँ और इसे इनाम देना चाहता हूँ!* *मंत्री को तो जैसे इसी क्षण की प्रतीक्षा थी। उसने समझाया*- *महाराज! दोनों ही प्रश्नों का उत्तर आज दे रहा हूं। जब यह पहले आया था तब अपनी चन्दन की लकड़ियों का ढेर बेंचने के लिए आपकी मृत्यु के बारे में सोच रहा था। लेकिन अब यह रोज आपके भोजन के लिए एक मन लकड़ियाँ देता है इसलिए अब ये आपके लम्बे जीवन की कामना करता है। यही कारण है कि पहले आप इसे दण्डित करना चाहते थे और अब इनाम देना चाहते हैं।* *मित्रों, अपनी जैसी भावना होती है वैसा ही प्रतिबिंब दूसरे के मन पर पड़ने लगता है। जैसे हम होते है वैसे ही परिस्थितियां हमारी ओर आकर्षित होती हैं। हमारी जैसी सोच होगी वैसे ही लोग हमें मिलेंगे। यहीं इस जगत का नियम है – हम जैसा बोते हैं वैसा काटते हैं…हम जैसा दूसरों के लिए मन में भाव रखते हैं वैसा ही भाव दूसरों के मन में हमारे प्रति हो जाता है!* *अतः इस कहानी से हमें ये सीख मिलती है कि हमेशा औरों के प्रति सकारात्मक भाव रखने चाहिए...* *मंगलमय प्रभात* *स्नेह वंदन* *प्रणाम* #☝ मेरे विचार #👌 आत्मविश्वास #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🏠घर-परिवार
☝ मेरे विचार - 1 किसे और कैसे देखें समस्या को समझने सेही समस्या का हल दिखाई देगा | समस्या की आग देखने सेही जलते घर से बाहर आने का रास्ता मिलेगा | 1 किसे और कैसे देखें समस्या को समझने सेही समस्या का हल दिखाई देगा | समस्या की आग देखने सेही जलते घर से बाहर आने का रास्ता मिलेगा | - ShareChat
अनंत रूप, असीम शक्ति, और अपार भक्ति के प्रतीक जहां हनुमान है वहां भय नहीं सिर्फ विश्वास और विजय है.... पवन पुत्र की कृपा हम सभी पर बनी रहे.... जय जय श्री राम जय हनुमान जी 🚩🚩🌹🌹🌻🌹🌹🙏🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ मंगलवार #जय हनुमान
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - ತಣ रँम ತಣ रँम - ShareChat
*🌹निर्दोष को सजा🌹* 🙏🙏🙏 बहुत समय पहले हरिशंकर नाम का एक राजा था। उसके तीन पुत्र थे और अपने उन तीनों पुत्रों में से वह किसी एक पुत्र को राजगद्दी सौंपना चाहता था पर किसे? राजा ने एक तरकीब निकाली और उसने तीनो पुत्रों को बुलाकर कहा– अगर तुम्हारे सामने कोई अपराधी खड़ा हो तो तुम उसे क्या सजा दोगे? पहले राजकुमार ने कहा कि अपराधी को मौत की सजा दी जाए तो दूसरे ने कहा कि अपराधी को काल कोठरी में बंद कर दिया जाये अब तीसरे राजकुमार की बारी थी.उसने कहा कि पिताजी सबसे पहले यह देख लिया जाये कि उसने गलती की भी है या नहीं.. इसके बाद उस राजकुमार ने एक कहानी सुनाई– किसी राज्य में राजा हुआ करता था, उसके पास एक सुन्दर सा तोता था वह तोता बड़ा बुद्धिमान था, उसकी मीठी वाणी और बुद्धिमत्ता की वजह से राजा उससे बहुत खुश रहता था एक दिन की बात है कि तोते ने राजा से कहा कि मैं अपने माता-पिता के पास जाना चाहता हूँ वह जाने के लिए राजा से विनती करने लगा। तब राजा ने उससे कहा कि ठीक है पर तुम्हें पांच दिनों में वापस आना होगा वह तोता जंगल की ओर उड़ चला, अपने माता- पिता से जंगल में मिला और खूब खुश हुआ ठीक पांच दिनों बाद जब वह वापस राजा के पास जा रहा था तब उसने एक सुन्दर सा उपहार राजा के लिए ले जाने का सोचा। वह राजा के लिए अमृत फल ले जाना चाहता था जब वह अमृत फल के लिए पर्वत पर पहुंचा तब तक रात हो चुकी थी उसने फल को तोड़ा और रात वहीं गुजारने का सोचा वह सो रहा था कि तभी एक सांप आया और उस फल को खाना शुरू कर दिया सांप के जहर से वह फल भी विषाक्त हो चुका था। जब सुबह हुई तब तोता उड़कर राजा के पास पहुँच गया और कहा– राजन मैं आपके लिए अमृत फल लेकर आया हूँ। इस फल को खाने के बाद आप हमेशा के लिए जवान और अमर हो जायेंगे तभी मंत्री ने कहा कि महाराज पहले देख लीजिए कि फल सही भी है कि नहीं ? राजा ने बात मान ली और फल में से एक टुकड़ा कुत्ते को खिलाया। कुत्ता तड़प-तड़प कर मर गया राजा बहुत क्रोधित हुआ और अपनी तलवार से तोते का सिर धड़ से अलग कर दिया राजा ने वह फल बाहर फेंक दिया कुछ समय बाद उसी जगह पर एक पेड़ उगा राजा ने सख्त हिदायत दी कि कोई भी इस पेड़ का फल ना खाएं क्यूंकि राजा को लगता था कि यह अमृत फल विषाक्त होते हैं और तोते ने यही फल खिलाकर उसे मारने की कोशिश की थी। एक दिन एक बूढ़ा आदमी उस पेड़ के नीचे विश्राम कर रहा था उसने एक फल खाया और वह जवान हो गया क्यूंकि उस वृक्ष पर उगे हुए फल विषाक्त नहीं थे जब इस बात का पता राजा को चला तो उसे बहुत ही पछतावा हुआ उसे अपनी करनी पर लज़्ज़ा हुई। तीसरे राजकुमार के मुख से यह कहानी सुनकर राजा बहुत ही खुश हुआ और तीसरे राजकुमार को सही उत्तराधिकारी समझते हुए उसे ही अपने राज्य का राजा चुना। शिक्षा: किसी भी अपराधी को सजा देने से पहले यह देख लेना चाहिए कि उसकी गलती है भी या नहीं, कहीं भूलवश आप किसी निर्दोष को तो सजा देने नहीं जा रहे हैं। निरपराध को कतई सजा नहीं मिलनी चाहिए..!! मंगलमय प्रभात प्रणाम #👫 हमारी ज़िन्दगी #👌 आत्मविश्वास #🌸पॉजिटिव मंत्र #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👍 डर के आगे जीत👌
👫 हमारी ज़िन्दगी - { कैसो पाएँ स्वयं की असली पहचान लोग आपको सिर्फ कपडों या शारीरिक सुंदरता से नहीं बल्कि आपके कार्यों और से पहचानें और यह होगा गुणों अपनी नींब नाइन्टी (चरित्र) को मजबूत बनाकर। { कैसो पाएँ स्वयं की असली पहचान लोग आपको सिर्फ कपडों या शारीरिक सुंदरता से नहीं बल्कि आपके कार्यों और से पहचानें और यह होगा गुणों अपनी नींब नाइन्टी (चरित्र) को मजबूत बनाकर। - ShareChat