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🌹अधूरी चिट्ठी और वो आखिरी कल🌹 🙏🙏🙏 शहर के सबसे बड़े अस्पताल के कमरा नंबर 402 में सन्नाटा पसरा था। वहां लेटे 70 वर्षीय रिटायर्ड प्रोफेसर दीनानाथ जी की नजरें दीवार पर टिकी घड़ी की सुइयों को देख रही थीं। वे सुइयां नहीं थीं, मानो उनके जीवन की शेष बची सांसें थीं जो धीरे-धीरे खिसक रही थीं। दीनानाथ जी ने पूरी उम्र 'कल' के भरोसे जी थी। जब बच्चे छोटे थे, तो उन्होंने सोचा—"कल बच्चों के साथ पार्क जाऊंगा, आज ऑफिस में काम ज्यादा है।" जब पत्नी ने साथ बैठने की जिद की, तो कहा—"कल फुर्सत से बातें करेंगे, आज थक गया हूँ।" जब बूढ़े माता-पिता ने याद किया, तो मन बनाया—"अगले महीने गांव जाऊंगा।" पर वह 'कल' कभी नहीं आया। बच्चे बड़े होकर विदेश चले गए, पत्नी का साथ बीमारी ने छीन लिया और माता-पिता यादों में सिमट गए। आज जब मृत्यु उनके सिरहाने बैठी थी, तो उन्हें अपनी सारी डिग्रियां, बैंक बैलेंस और बड़ा बंगला मिट्टी के ढेर जैसा लग रहा था। तभी नर्स अंदर आई और पूछा, "सर, क्या आप किसी को बुलाना चाहते हैं?" दीनानाथ जी की आँखों में आंसू भर आए। उन्होंने कांपते हाथों से एक कागज मांगा और एक 'अधूरी चिट्ठी' लिखनी शुरू की। उन्होंने लिखा: "मेरे प्रिय बेटे, आज जब मैं जीवन की आखिरी दहलीज पर खड़ा हूँ, तो मुझे समझ आ रहा है कि जिसे मैं अपनी 'उपलब्धियां' समझता था, वे सिर्फ दिखावा थीं। असली पूंजी तो वो हंसी थी जो मैंने काम के चक्कर में दबा दी। असली कमाई तो वो रिश्ते थे जिन्हें मैंने 'कल' पर टाल दिया। काश! मैंने 'मैं' के बजाय 'हम' को चुना होता। काश! मैंने उस दिन क्षमा मांग ली होती जब मेरा अहंकार बड़ा था और रिश्ता छोटा।" उन्होंने महसूस किया कि मृत्यु के करीब पहुंचकर इंसान की नजर धुंधली नहीं, बल्कि और भी साफ हो जाती है। उन्हें याद आया कि उनके छोटे भाई से दस साल पहले एक जमीन के टुकड़े के लिए झगड़ा हुआ था। तब उन्होंने सोचा था—"कल उसे फोन करूँगा।" पर वो फोन कभी नहीं हुआ। दीनानाथ जी ने नर्स से अपना फोन मांगा और अपने भाई का नंबर मिलाया। जैसे ही भाई ने फोन उठाया, दीनानाथ जी सिर्फ इतना कह पाए— "मुझे माफ कर देना भाई..." उधर से भाई की सिसकियां सुनाई दीं। दस साल की कड़वाहट एक पल के 'वर्तमान' में बह गई। उस शाम दीनानाथ जी चले गए, लेकिन उनके चेहरे पर एक अजीब सी शांति थी। वे समझ गए थे कि जीवन को 'कल' के लिए बचाकर रखना ही सबसे बड़ी भूल है। शिक्षा... जीवन की सबसे बड़ी पूँजी प्रेम, क्षमा और वर्तमान है। जो करना है, आज और अभी करें, क्योंकि 'कल' महज एक भ्रम है जो कभी हकीकत नहीं बनता। मंगलमय प्रभात प्रणाम #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #👌 आत्मविश्वास #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👍 डर के आगे जीत👌
❤️Love You ज़िंदगी ❤️ - hoppia, TIc Te Grn परिस्थितियों से लड़ना छोड़कर, जब उन्हें समझना शुरू करते हैं तभी मन का बोझ उतरने लगता है। जिससे जीवन सरल ही नहीं, सहज और सार्थक बन जाता है। hoppia, TIc Te Grn परिस्थितियों से लड़ना छोड़कर, जब उन्हें समझना शुरू करते हैं तभी मन का बोझ उतरने लगता है। जिससे जीवन सरल ही नहीं, सहज और सार्थक बन जाता है। - ShareChat
🙏*हे महादेव ! इस लोक में याद की गयी विद्या और अपने पास संग्रह किया गया धन ही सच्चा मित्र है*॥ *प्रभु ! मेरी प्रार्थना महालक्ष्मीजी को समर्पित कर दीजिए*🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #शुभ शुक्रवार #🙏 माँ वैष्णो देवी
🌞 Good Morning🌞 - WALLSNAPY WALLSNAPY - ShareChat
🌹दो हीरे🌹 🙏🙏🙏 एक सौदागर को बाज़ार में घूमते हुए एक उम्दा नस्ल का ऊंट दिखाई पड़ा! सौदागर और  ऊंट बेचने वाले के बीच काफी लंबी सौदेबाजी हुई और आखिर में सौदागर ऊंट खरीद कर घर ले आया! घर पहुंचने पर  सौदागर ने अपने नौकर को ऊंट का कजावा ( काठी) निकालने के लिए बुलाया..! कजावे के नीचे नौकर को एक छोटी सी मखमल की थैली मिली जिसे खोलने पर उसे कीमती हीरे जवाहरात भरे होने का पता चला..! नौकर चिल्लाया,"मालिक आपने ऊंट खरीदा, लेकिन देखो, इसके साथ क्या  मुफ्त में आया है!" सौदागर भी हैरान था, उसने अपने नौकर के हाथों में हीरे देखे जो कि चमचमा रहे थे और सूरज की रोशनी में और भी टिम टिमा रहे थे! सौदागर बोला: " मैंने ऊंट ख़रीदा है, न कि हीरे, मुझे उसे फौरन वापस करना चाहिए!" नौकर मन में सोच रहा था कि मेरा मालिक कितना  बेवकूफ है...! बोला: "मालिक किसी को पता नहीं चलेगा!" पर, सौदागर ने एक न सुनी और वह फौरन बाज़ार पहुंचा और दुकानदार को मख़मली थैली वापिस दे दी! ऊंट बेचने वाला बहुत ख़ुश था, बोला, "मैं भूल ही गया था कि अपने कीमती पत्थर मैंने  कजावे के नीचे छुपा के रख दिए थे! अब आप इनाम के तौर पर कोई  भी एक हीरा चुन लीजिए! "सौदागर बोला," मैंने ऊंट के लिए सही कीमत चुकाई है इसलिए मुझे किसी शुक्राने और ईनाम की जरूरत नहीं है! " जितना सौदागर मना करता जा रहा था, ऊंट बेचने वाला उतना ही ज़ोर दे रहा था! आख़िर में सौदागर ने मुस्कुराते हुए कहा: असलियत में जब मैंने थैली वापस लाने का फैसला किया तो मैंने पहले से ही दो सबसे कीमती हीरे इसमें से अपने पास रख लिए थे! इस कबूलनामें के बाद ऊंट बेचने वाला भड़क गया उसने अपने हीरे जवाहरात गिनने के लिए थैली को फ़ौरन खाली कर लिया! पर वह था बड़ी पशोपेश में बोला,"मेरे सारे हीरे तो यही है, तो सबसे कीमती दो कौन से थे जो आपने रख़ लिए?" सौदागर बोला:... " मेरी ईमानदारी और मेरी खुद्दारी। हमें अपने अन्दर झांकना होगा कि हम में से किस किस के पास यह 2 हीरे है। जिन जिन के पास यह 2 हीरे है वह दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। मंगलमय प्रभात प्रणाम. #🌸पॉजिटिव मंत्र #👍 डर के आगे जीत👌 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👍 सफलता के मंत्र ✔️
🌸पॉजिटिव मंत्र - haopte The Te ৬van  लक्ष्य ऊँचे हों तो जागरूकता और अनुशासन स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगते हैं। हर निर्णय में समझ और संतुलन आने लगता है। छोटी - छोटी भी मुश्किलें सीख का ज़रिया बन जाती हैं। haopte The Te ৬van  लक्ष्य ऊँचे हों तो जागरूकता और अनुशासन स्वाभाविक रूप से बढ़ने लगते हैं। हर निर्णय में समझ और संतुलन आने लगता है। छोटी - छोटी भी मुश्किलें सीख का ज़रिया बन जाती हैं। - ShareChat
श्री विष्णु भगवान की कृपा आप के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाएं...... और सकारात्मक ऊर्जा से मन को भर दें। हर संकट दूर हो, मन शांत रहे और जीवन खुशियों से भर जाए! ॐ विष्णुओंयः नमः 🙏🏻🙏🏻🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #शुभ गुरुवार #👏भगवान विष्णु की अद्भुत लीला😇
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
🌹हृदय परिवर्तन🌹 🙏🙏🙏 चिड़ियाघर में अपने तीन वर्ष के बच्चे के साथ एक ग्राम्य, सादगीभरी नवयुवती घूम रही थी। वह बच्चे को कभी गोद में लेकर, तो कभी उसकी उँगली थामे, विभिन्न जानवर दिखा रही थी। पास ही खड़े पाँच-सात आवारा कॉलेज के लड़के उस साधारण परंतु सुंदर युवती को देखकर फब्तियाँ कस रहे थे और उसका पीछा कर रहे थे। वे फिल्मी गीत गा-गा कर जोर-जोर से ठहाका लगाते हुए उसे चिढ़ा रहे थे, किंतु युवती ने उनकी बातों पर तनिक भी ध्यान नहीं दिया और अपने बच्चे के आनंद में मग्न रही। जब वह शेर के बाड़े के पास पहुँची, तभी उनमें से एक लड़का अतिउत्साह में ग्रिल पर चढ़ गया और अनियंत्रित होकर बाड़े के भीतर गिर पड़ा। शेर धीरे-धीरे उसकी ओर बढ़ने लगा। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई; उसके साथी भयभीत होकर केवल चिल्ला रहे थे। तभी उस ग्रामीण युवती ने बिना किसी हिचक के अपनी साड़ी उतारकर बाड़े में लटका दी। गिरा हुआ लड़का साड़ी को मजबूती से पकड़कर ऊपर चढ़ आया और लोगों की सहायता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गार्ड ने सहमे हुए युवक से कहा—“पहले तुम्हारी माँ ने तुम्हें जन्म दिया था, आज इस युवती ने तुम्हें दुबारा जन्म दिया है।” केवल ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी वह अर्धवस्त्रा युवती उन सबको उसी क्षण माँ-सी प्रतीत होने लगी; जिन आँखों में उपहास था, वहाँ अब लज्जा और कृतज्ञता थी। यही क्षण था—हृदय परिवर्तन का। इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि स्त्री का सम्मान करना प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है; उसका उपहास नहीं, आदर होना चाहिए। साहस, करुणा और मानवीयता किसी भी बाहरी रूप या गाँव-शहर के भेद पर निर्भर नहीं होती। दूसरों की अस्मिता का अपमान करने वाले क्षणभर में ही परिस्थितियों के सामने असहाय हो सकते हैं, जबकि जिसे वे तुच्छ समझते हैं वही संकट में उनके प्राणों की रक्षक बन सकती है। अतः हमें अपने आचरण में शालीनता, संवेदनशीलता और स्त्री-सम्मान को सदैव प्रथम स्थान देना चाहिए—यही सच्चा हृदय परिवर्तन है। मंगलमय प्रभात प्रणाम #🙏गीता ज्ञान🛕 #😠कभी गुस्सा कभी प्यार🥰 #🏠घर-परिवार #👍 सफलता के मंत्र ✔️ #✍️ जीवन में बदलाव
🙏गीता ज्ञान🛕 - FITI ( N0) IM Recid g 45 % is 54L& | coNce P1 {5+20/891' happ4 thoughcs (P1N TIc Tej Gyn yg   2<  ل TSA Reaiesehion 1రా WARemv 1೦ PR 0OU<T 6"0 210 1000 ?8738 000 55 SUCCE Ss! 257 C6 s Fu ೨90 २5 5 010. 000 0  TV  SERve R LOADi NC ೦೦ 'मुझे सब पता है॰ ক্ঙ্কনা, ওমল ম মীম্ত্রন ম নননা ই| লিব तैयार रहता है, जो हर समय सीखने के वही असली तरक्की कर, अंतिम सफलता पाता है। FITI ( N0) IM Recid g 45 % is 54L& | coNce P1 {5+20/891' happ4 thoughcs (P1N TIc Tej Gyn yg   2<  ل TSA Reaiesehion 1రా WARemv 1೦ PR 0OU<T 6"0 210 1000 ?8738 000 55 SUCCE Ss! 257 C6 s Fu ೨90 २5 5 010. 000 0  TV  SERve R LOADi NC ೦೦ 'मुझे सब पता है॰ ক্ঙ্কনা, ওমল ম মীম্ত্রন ম নননা ই| লিব तैयार रहता है, जो हर समय सीखने के वही असली तरक्की कर, अंतिम सफलता पाता है। - ShareChat
विघ्नहर्ता, बुद्धि और सफलता के दाता श्री गणेश जी की दिव्य ऊर्जा आपके जीवन से सभी विघ्न दूर करे और आपको बुद्धि, समृद्धि और नई शुरुआत का आशीर्वाद दे। ।।ॐ_गं_गणपतये_नमः।। 🚩🚩🙏🙏🌹🌹 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #शुभ बुधवार #श्री गणेश
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🌹क्षमा🌹 🙏🙏🙏 एक सेठ जी ने अपने छोटे भाई को तीन लाख रूपये व्यापार के लिये दिये। उसका व्यापार बहुत अच्छा जम गया, लेकिन उसने रूपये बड़े भाई को वापस नहीं लौटाये। आखिर दोनों में झगड़ा हो गया, झगड़ा भी इस सीमा तक बढ़ गया कि दोनों का एक दूसरे के यहाँ आना जाना बिल्कुल बंद हो गया। घृणा व द्वेष का आंतरिक संबंध अत्यंत गहरा हो गया। सेठ जी, हर समय हर संबंधी के सामने अपने छोटे भाई की निंदा-निरादर व आलोचना करने लगे। सेठ जी अच्छे साधक भी थे, लेकिन इस कारण उनकी साधना लड़खड़ाने लगी। भजन पूजन के समय भी उन्हें छोटे भाई का चिंतन होने लगा। मानसिक व्यथा का प्रभाव तन पर भी पड़ने लगा। बेचैनी बढ़ गयी। समाधान नहीं मिल रहा था। आखिर वे एक संत के पास गये और अपनी व्यथा सुनायी। आज की कहानी संतश्री ने कहाः- 'बेटा ! तू चिंता मत कर। ईश्वरकृपा से सब ठीक हो जायेगा। तुम कुछ फल व मिठाइयाँ लेकर छोटे भाई के यहाँ जाना और मिलते ही उससे केवल इतना कहना, 'अनुज ! सारी भूल मुझसे हुई है, मुझे "क्षमा" कर दो।' सेठ जी ने कहाः- "महाराज ! मैंने ही उनकी मदद की है और "क्षमा" भी मैं ही माँगू !" संतश्री ने उत्तर दियाः- "परिवार में ऐसा कोई भी संघर्ष नहीं हो सकता, जिसमें दोनों पक्षों की गलती न हो। चाहे एक पक्ष की भूल एक प्रतिशत हो दूसरे पक्ष की निन्यानवे प्रतिशत, पर भूल दोनों तरफ से होगी।" सेठ जी की समझ में कुछ नहीं आ रहा था। उसने कहाः- "महाराज ! मुझसे क्या भूल हुई ?" "बेटा ! तुमने मन ही मन अपने छोटे भाई को बुरा समझा– यही है तुम्हारी पहली भूल। तुमने उसकी निंदा, आलोचना व तिरस्कार किया– यह है तुम्हारी दूसरी भूल। क्रोध पूर्ण आँखों से उसके दोषों को देखा– यह है तुम्हारी तीसरी भूल। अपने कानों से उसकी निंदा सुनी– यह है तुम्हारी चौथी भूल। तुम्हारे हृदय में छोटे भाई के प्रति क्रोध व घृणा है– यह है तुम्हारी आखिरी भूल। अपनी इन भूलों से तुमने अपने छोटे भाई को दुःख दिया है। तुम्हारा दिया दुःख ही कई गुना हो तुम्हारे पास लौटा है। जाओ, अपनी भूलों के लिए "क्षमा" माँगों। नहीं तो तुम न चैन से जी सकोगे, न चैन से मर सकोगे। क्षमा माँगना बहुत बड़ी साधना है। ओर तुम तो एक बहुत अच्छे साधक हो।" सेठ जी की आँखें खुल गयीं। संतश्री को प्रणाम करके वे छोटे भाई के घर पहुँचे। सब लोग भोजन की तैयारी में थे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया। दरवाजा उनके भतीजे ने खोला। सामने ताऊ जी को देखकर वह अवाक् सा रह गया और खुशी से झूमकर जोर-जोर से चिल्लाने लगाः "मम्मी ! पापा !! देखो कौन आये ! ताऊ जी आये हैं, ताऊ जी आये हैं....।" माता-पिता ने दरवाजे की तरफ देखा। सोचा, 'कहीं हम सपना तो नहीं देख रहे !' छोटा भाई हर्ष से पुलकित हो उठा, 'अहा ! पन्द्रह वर्ष के बाद आज बड़े भैया घर पर आये हैं।' प्रेम से गला रूँध गया, कुछ बोल न सका। सेठ जी ने फल व मिठाइयाँ टेबल पर रखीं और दोनों हाथ जोड़कर छोटे भाई को कहाः- "भाई ! सारी भूल मुझसे हुई है, मुझे क्षमा करो ।" "क्षमा" शब्द निकलते ही उनके हृदय का प्रेम अश्रु बनकर बहने लगा। छोटा भाई उनके चरणों में गिर गया और अपनी भूल के लिए रो-रोकर क्षमा याचना करने लगा। बड़े भाई के प्रेमाश्रु छोटे भाई की पीठ पर और छोटी भाई के पश्चाताप व प्रेममिश्रित अश्रु बड़े भाई के चरणों में गिरने लगे। क्षमा व प्रेम का अथाह सागर फूट पड़ा। सब शांत, चुप, सबकी आँखों से अविरल अश्रुधारा बहने लगी। छोटा भाई उठ कर गया और रूपये लाकर बडे भाई के सामने रख दिये। बडे भाई ने कहा "भाई! आज मैं इन कौड़ियों को लेने के लिए नहीं आया हूँ। मैं अपनी भूल मिटाने, अपनी साधना को सजीव बनाने और द्वेष का नाश करके प्रेम की गंगा बहाने आया हूँ । मेरा आना सफल हो गया, मेरा दुःख मिट गया। अब मुझे आनंद का एहसास हो रहा है।" छोटे भाई ने कहाः- "भैया ! जब तक आप ये रूपये नहीं लेंगे तब तक मेरे हृदय की तपन नहीं मिटेगी। कृपा करके आप ये रूपये ले लें। सेठ जी ने छोटे भाई से रूपये लिये और अपने इच्छानुसार अनुज बधू , भतीजे व भतीजी में बाँट दिये । सब कार में बैठे, घर पहुँचे। पन्द्रह वर्ष बाद उस अर्धरात्रि में जब पूरे परिवार, का मिलन हुआ तो ऐसा लग रहा था कि मानो साक्षात् प्रेम ही शरीर धारण किये वहाँ पहुँच गया हो। सारा परिवार प्रेम के अथाह सागर में मस्त हो रहा था। "क्षमा" माँगने के बाद उस सेठ जी के दुःख, चिंता, तनाव, भय, निराशारूपी मानसिक रोग जड़ से ही मिट गये और साधना सजीव हो उठी। हमें भी अपने दिल में "क्षमा" रखनी चाहिए अपने सामने छोटा हो या बडा अपनी गलती हो या ना हो क्षमा मांग लेने से सब झगडे समाप्त हो जाते है। मंगलमय प्रभात प्रणाम #👌 आत्मविश्वास #❤️Love You ज़िंदगी ❤️ #👍 डर के आगे जीत👌 #🌸पॉजिटिव मंत्र
👌 आत्मविश्वास - happia, TIc Tej Gr के फैसलों पर टिकाना दूसरों खुशी जीवन की सबसे बड़ी भूल है। जो खुद से खुश रहना सीखता है, वह हर परिस्थिति में जीतता है। happia, TIc Tej Gr के फैसलों पर टिकाना दूसरों खुशी जीवन की सबसे बड़ी भूल है। जो खुद से खुश रहना सीखता है, वह हर परिस्थिति में जीतता है। - ShareChat
🙏 जय श्री हनुमान 🙏 अनंत रूप, असीम शक्ति और अपार भक्ति का प्रतीक जहाँ हनुमान हैं, वहाँ भय नहीं… सिर्फ़ विश्वास और विजय है , पवनपुत्र की कृपा हम सब पर बनी रहे🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #शुभ मंगलवार #जय बजरंगबली
🌞 Good Morning🌞 - उ्य श्री যম बजरंगबली जय मंगलवार सुबह की आप सभी को যস যস তী @ood Moutన उ्य श्री যম बजरंगबली जय मंगलवार सुबह की आप सभी को যস যস তী @ood Moutన - ShareChat
🌹दिव्य मिलन🌹 🙏🙏🙏 यह कथा भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की महिमा को प्रकट करती है। यह केवल पति-पत्नी के प्रेम की कहानी नहीं, बल्कि तप, धैर्य, समर्पण और सत्य की विजय की कथा भी है। एक बार पर्वतराज हिमालय के गृह में पार्वती का जन्म हुआ। पूर्वजन्म में वे सती थीं, जिन्होंने पिता दक्ष के यज्ञ में अपने प्राण त्याग दिए थे। सती का प्रेम शिव से अविच्छिन्न था, इसलिए वे जन्मों के पार फिर से शिव को पाने आई थीं। बचपन से ही पार्वती के हृदय में शिव के प्रति अगाध भक्ति थी। वे फूल तोड़ते समय, आरती करते समय और खेलते समय भी शिव का नाम जपती रहतीं। हिमालय व मेनका उनकी भक्ति देखकर चकित थे। उधर शिव कैलाश पर समाधिस्थ थे – वीतराग, संसार से विरक्त, पर करुणामय। देवताओं पर अत्याचार बढ़ने लगे, तारकासुर जैसे दैत्य अभिमान में चूर थे। देवताओं को वरदान मिला था कि उनका वध केवल शिव-पुत्र ही कर सकता है। पर शिव तो योग में लीन थे, गृहस्थी से दूर। तब देवताओं ने पार्वती से प्रार्थना की कि वे शिव का हृदय जीतें और संसार का कल्याण करें। पार्वती ने संकल्प लिया – “मैं शिव को तप से ही प्राप्त करूँगी।” घने वन में जाकर कठोर तपस्या आरंभ हुई। धूप-वर्षा, सर्दी-गर्मी, सभी कष्टों को सहते हुए वे केवल शिव के ध्यान में लीन रहीं। पहले उन्होंने पत्तों पर निर्वाह किया, फिर केवल जल पर, और अंत में निष्प्राण-सी होकर केवल नाम-स्मरण पर। उनकी तपस्या से त्रिलोक कम्पित हो उठा। कामदेव को देवताओं ने शिव का तप भंग करने भेजा। उसने वसंत की मधुर बयार बहाई, पुष्पवृष्टि की, मनोहर संगीत गूँजा – और उसने अपना बाण छोड़ दिया। किंतु शिव की आँखें खुलीं तो उनका तीसरा नेत्र प्रज्वलित हो उठा। कामदेव भस्म हो गया। पर यही घटना पार्वती के अटूट संकल्प की परीक्षा बन गई। शिव ने जाना कि जिसने इस विकट परिस्थितियों में भी तप नहीं छोड़ा, उसका प्रेम केवल सांसारिक नहीं हो सकता। शिव ने ब्राह्मण वेश धारण कर पार्वती की परीक्षा ली। वे बोले – “शिव औघड़ हैं, भस्म रमण करते हैं, गले में सर्प धारण करते हैं, ऐसे तपस्वी से विवाह क्यों?” पार्वती मुस्कुराईं और उत्तर दिया – “मेरे लिए शिव ही सत्य हैं। वे भले संसार को कठिन प्रतीत हों, पर वे करुणा और ज्ञान के सागर हैं। मैं उन्हें ही पति रूप में स्वीकार करती हूँ।” शिव का हृदय प्रसन्न हो उठा। उन्होंने अपना वास्तविक स्वरूप प्रकट किया और वरदान दिया – “तुम ही शाश्वत शक्ति हो, तुम बिना मैं शून्य हूँ।” हिमालय में उत्सव का वातावरण छा गया। देव-ऋषि, गंधर्व, अप्सराएँ सभी एकत्र हुए। भव्य विवाह हुआ – शिव-शक्ति का मिलन, तप और प्रेम का संगम। आगे चलकर उन्हीं के गृह से स्कंद और गणेश का अवतार हुआ, और शिव-पार्वती लोककल्याण के पथप्रदर्शक बने। यह कथा सिखाती है कि सच्चा प्रेम अधिकार से नहीं, तप-त्याग और धैर्य से प्राप्त होता है। जब दृढ़ निश्चय, संयम और समर्पण साथ हों, तब स्वयं दिव्यता भी मार्ग खोल देती है। शिव-पार्वती का मिलन हमें बताता है कि शिव बिना शक्ति अधूरे हैं और शक्ति बिना शिव – इसलिए जीवन में संतुलन, श्रद्धा और प्रेम ही परम सत्य है। मंगलमय प्रभात प्रणाम #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏 प्रेरणादायक विचार #👌 आत्मविश्वास
😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख - #7 kappk . TGra ' IHTE कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आकर ही अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है हैं जहाँ पुरानी क्योंकि नई राहें वहीं खुलती हैं। जो आज की छोड़ता है, सुविधा छूटती आदतें वही कल की सफलता पाता है। #7 kappk . TGra ' IHTE कम्फर्ट ज़ोन से बाहर आकर ही अपने सपनों को पूरा किया जा सकता है हैं जहाँ पुरानी क्योंकि नई राहें वहीं खुलती हैं। जो आज की छोड़ता है, सुविधा छूटती आदतें वही कल की सफलता पाता है। - ShareChat
हे महादेव! संसार के समस्त रोगों की आप ही एकमात्र औषधि हैं, सभी को स्वस्थ और दीर्घायु जीवन प्रदान करने की कृपा करें .... हर हर महादेव 🌿 🚩🚩🌹🌿🪻🌿🌹🙏🙏 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🌞 Good Morning🌞 #शुभ सोमवार #🛕बाबा केदारनाथ📿
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