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*🌹सोच का अंतर🌹* 🙏🙏🙏 *एक बार एक पिता और उसका पुत्र जलमार्ग से कहीं यात्रा कर रहे थे और तभी अचानक दोनों रास्ता भटक गये। फिर उनकी नौका भी उन्हें ऐसी जगह ले गई, जहाँ दो टापू आस-पास थे और फिर वहाँ पहुंच कर उनकी नौका टूट गई।* *पिता ने पुत्र नवनीत से कहा, "अब लगता है, हम दोनों का अंतिम समय आ गया है, दूर-दूर तक कोई सहारा नहीं दिख रहा है।"* *अचानक पिता को एक उपाय सूझा, अपने पुत्र से कहा कि "वैसे भी हमारा अंतिम समय नज़दीक है, तो क्यों न हम ईश्वर की प्रार्थना करें।"* *उन्होने दोनों टापू आपस में बाँट लिए।* *एक पर पिता और एक पर पुत्र, और दोनों अलग-अलग टापू पर ईश्वर की प्रार्थना करने लगे।* *पुत्र ने ईश्वर से कहा, 'हे भगवन, इस टापू पर पेड़-पौधे उग जाए जिसके फल-फूल से हम अपनी भूख मिटा सकें।'* *ईश्वर ने प्रार्थना सुनी गयी, तत्काल पेड़-पौधे उग गये और उसमें फल-फूल भी आ गये। उसने कहा ये तो चमत्कार हो गया।* *फिर उसने प्रार्थना की, एक सुंदर स्त्री आ जाए जिससे हम यहाँ उसके साथ रहकर अपना परिवार बसाएँ।* *तत्काल एक सुंदर स्त्री प्रकट हो गयी।* *अब उसने सोचा कि मेरी हर प्रार्थना सुनी जा रही है, तो क्यों न मैं ईश्वर से यहाँ से बाहर निकलने का रास्ता माँगे लूँ ?* *उसने ऐसा ही किया।* *उसने प्रार्थना की, एक नई नाव आ जाए जिसमें सवार होकर मैं यहाँ से बाहर निकल सकूँ।* *तत्काल नाव प्रकट हुई और पुत्र उसमें सवार होकर बाहर निकलने लगा।* *तभी एक आकाशवाणी हुई, बेटा तुम अकेले जा रहे हो? अपने पिता को साथ नहीं लोगे ?* * *पुत्र ने कहा, उनको छोड़ो, प्रार्थना तो उन्होंने भी की, लेकिन आपने उनकी एक भी नहीं सुनी। शायद उनका मन पवित्र नहीं है, तो उन्हें इसका फल भोगने दो ना ?* * *आकाशवाणी ने कहा, 'क्या तुम्हें पता है कि तुम्हारे पिता ने क्या प्रार्थना की ?* *पुत्र बोला, नहीं।* *आकाशवाणी बोली तो सुनो, 'तुम्हारे पिता ने एक ही प्रार्थना की..." हे भगवन! मेरा पुत्र आपसे जो भी माँगे, उसे दे देना क्योंकि मैं उसे दुःख में हरगिज़ नहीं देख सकता औऱ अगर मरने की बारी आए तो मेरी मौत पहले हो " और जो कुछ तुम्हें मिल रहा है उन्हीं की प्रार्थना का परिणाम है।'* *पुत्र बहुत शर्मिंदा हो गया।* *सज्जनों! हमें जो भी सुख, प्रसिद्धि, मान, यश, धन, संपत्ति और सुविधाएं मिल रही है उसके पीछे किसी अपने की प्रार्थना और शक्ति जरूर होती है लेकिन हम नादान रहकर अपने अभिमान वश इस सबको अपनी उपलब्धि मानने की भूल करते रहते हैं और जब ज्ञान होता है तो असलियत का पता लगने पर सिर्फ़ पछताना पड़ता है।हम चाह कर भी अपने माता पिता का ऋण नहीं चुका सकते हैं। एक पिता ही ऐसा होता है जो अपने पुत्र को उच्चाईयो पर पहुँचाना चाहता है। पर पुत्र मां बाप को बोझ समझते है। इसलिए आप हमेशा जरुरतमंदों की सहायता करते रहो जिससे प्रभु भी आप का ख्याल रखेंगे ।* *मंगलमय प्रभात* *स्नेह वंदन* *प्रणाम* #👫 हमारी ज़िन्दगी #🏠घर-परिवार #👌 आत्मविश्वास #👍 डर के आगे जीत👌 #👍मोटिवेशनल कोट्स✌
👫 हमारी ज़िन्दगी - [[@|![!{4 Ceueli( 8 aOam असल सफल कौन जब आप बिना धक्के, धोखा दिए और बिना धक्के, fg कर्म करने का तरीका सीख जाएँगे तब धोखा मिलेगा , वही सफल जीवन का तोहफा है। जा फल [[@|![!{4 Ceueli( 8 aOam असल सफल कौन जब आप बिना धक्के, धोखा दिए और बिना धक्के, fg कर्म करने का तरीका सीख जाएँगे तब धोखा मिलेगा , वही सफल जीवन का तोहफा है। जा फल - ShareChat
*ॐ नमः शिवाय* 💐🌼🌷🌹🌸🪻 भक्ति की शक्ति* "तांडव करते शिव जब रौद्र रूप धरते हैं,पापी कांप उठते, भक्त निडर रहते हैं,नटराज का ये रूप सिखाता है - जीवन एक नृत्य है, बस ताल न बिगड़ने पाए। हर हर महादेव " 🙏🙏🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ सोमवार #🙏चारधाम यात्रा🛕
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*🌹ईश्वर🌹* 🙏🙏🙏 अहंकार का भार और गुरु का ज्ञान:-- एक राजा अपनी वीरता और सुशासन के लिए प्रसिद्ध था। एक बार वो अपने गुरु के साथ भ्रमण कर रहा था, राज्य की समृद्धि और खुशहाली देखकर उसके भीतर घमंड के भाव आने लगे, और वो मन ही मन सोचने लगे, “सचमुच, मैं एक महान राजा हूँ, मैं कितने अच्छे से अपने प्रजा देखभाल करता हूँ !” गुरु सर्वज्ञानी थे, वे तुरंत ही अपने शिष्य के भावों को समझ गए और तत्काल उसे सुधारने का निर्णय लिया। रास्ते में ही एक बड़ा सा पत्थर पड़ा था, गुरु जी ने सैनिकों को उसे तोड़ने का निर्देश दिया। जैसे ही सैनिकों ने पत्थर के दो टुकड़े किये एक अविश्वश्नीय दृश्य दिखा, पत्थर के बीचो-बीच कुछ पानी जमा था और उसमे एक छोटा सा मेंढक रह रहा था। पत्थर टूटते ही वो अपनी कैद से निकल कर भागा। सब अचरज में थे की आखिर वो इस तरह कैसे कैद हो गया और इस स्थिति में भी वो अब तक जीवित कैसे था ? अब गुरु जी राजा की तरफ पलटे और पुछा, “अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आप इस राज्य में हर किसी का ध्यान रख रहे हैं, सबको पाल-पोष रहे हैं, तो बताइये पत्थरों के बीच फंसे उस मेंढक का ध्यान कौन रख रहा था.. बताइये कौन है इस मेंढक का रखवाला ?” राजा को अपनी गलती का एहसास हो चुका था, उसने अपने अभिमान पर पछतावा होने लगा, गुरु की कृपा से वे जान चुका था कि वो ईश्वर ही है जिसने हर एक जीव को बनाया है और वही है जो सबका ध्यान रखता है। शिक्षा:- मित्रों, कई बार अच्छा काम करने पर मिलने वाले यश और प्रसिद्धि से लोगों के मन में अहंकार घर कर जाता है और अंततः यही उनके अपयश और दुर्गति का कारण बनता है। अतः हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम चाहे इस जीवन में किसी भी मुकाम पर पहुँच जाएं कभी घमंड न करें और सदा अपने अर्थपूर्ण जीवन के लिए उस सर्वशक्तिमान ईश्वर के कृतज्ञ रहें। मंगलमय प्रभात प्रणाम #🏠घर-परिवार #👫 हमारी ज़िन्दगी #👌 आत्मविश्वास #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🏠घर-परिवार - happu thoughur 7134 TdoIn प्रेम और मोह में अंतर न कर पाने के कारण , अज्ञानवश हम बच्चों में गलत आदतें, g मान्मताएँ निर्माण करते हैं। इससे बचने के मोह  स्वयं के भीतर से का त्याग कर, सच्चा प्रेम पाने की प्रार्थना करें। happu thoughur 7134 TdoIn प्रेम और मोह में अंतर न कर पाने के कारण , अज्ञानवश हम बच्चों में गलत आदतें, g मान्मताएँ निर्माण करते हैं। इससे बचने के मोह  स्वयं के भीतर से का त्याग कर, सच्चा प्रेम पाने की प्रार्थना करें। - ShareChat
मैं सोया और स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है मैने सेवा की और देखा कि सेवा ही आनंद है .... ॐ श्री सूर्य देवाय नमः 🚩🚩🌹🌹🌻🌹🌹🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #शुभ रविवार #☀ जय सूर्यदेव
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
*🌹कल की चिंता🌹* 🙏🙏🙏 *एक राजा की पुत्री के मन में वैराग्य की भावनायें थीं। जब राजकुमारी विवाह योग्य हुई तो राजा को उसके विवाह के लिए योग्य वर नहीं मिल पा रहा था।* *राजा ने पुत्री की भावनाओं को समझते हुए बहुत सोच-विचार करके उसका विवाह एक गरीब संन्यासी से करवा दिया। राजा ने सोचा कि एक संन्यासी ही राजकुमारी की भावनाओं की कद्र कर सकता है।* *विवाह के बाद राजकुमारी खुशी-खुशी संन्यासी की कुटिया में रहने आ गई। कुटिया की सफाई करते समय राजकुमारी को एक बर्तन में दो सूखी रोटियां दिखाई दीं। उसने अपने संन्यासी पति से पूछा कि रोटियाँ यहाँ क्यों रखी हैं?* *संन्यासी ने जवाब दिया कि ये रोटियां कल के लिए रखी हैं, अगर कल खाना नहीं मिला तो हम एक-एक रोटी खा लेंगे। संन्यासी का ये जवाब सुनकर राजकुमारी हंस पड़ी। राजकुमारी ने कहा कि मेरे पिता ने मेरा विवाह आपके साथ इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें ये लगता है कि आप भी मेरी ही तरह वैरागी हैं, आप तो केवल भक्ति करते हैं और कल की चिंता करते हैं।* *सच्चा भक्त वही है जो कल की चिंता नहीं करता और भगवान पर पूरा भरोसा करता है। अगले दिन की चिंता तो जानवर भी नहीं करते हैं, हम तो इंसान हैं।* *अगर भगवान चाहेगा तो हमें खाना मिल जायेगा और नहीं मिलेगा तो रातभर आनंद से प्रार्थना करेंगे।* *ये बातें सुनकर संन्यासी की आंखें खुल गई। उसे समझ आ गया कि उसकी पत्नी ही असली संन्यासी है। उसने राजकुमारी से कहा कि आप तो राजा की बेटी हैं, राजमहल छोड़कर मेरी छोटी सी कुटिया में आई हैं, जब कि मैं तो पहले से ही एक फकीर हूं, फिर भी मुझे कल की चिंता सता रही थी।* *केवल कहने से ही कोई संन्यासी नहीं होता, संन्यास को जीवन में उतारना पड़ता है। आपने मुझे वैराग्य का महत्व समझा दिया।* *शिक्षा:-* *अगर हम भगवान की भक्ति करते हैं तो विश्वास भी होना चाहिए कि भगवान हर समय हमारे साथ हैं। उसको (भगवान) हमारी चिंता हमसे ज्यादा रहती हैं।* *कभी आप बहुत परेशान हों, कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा हो तो आप आँखें बंद करके विश्वास के साथ पुकारें, सच मानिये थोड़ी देर में आपकी समस्या का समाधान मिल जायेगा..!!* *मंगलमय प्रभात* *प्रणाम* #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #🏠घर-परिवार #👍 डर के आगे जीत👌
👍मोटिवेशनल कोट्स✌ - happu Chougher The Te Gvan प्रेम और करुणा की भावना मन को शुद्ध करती है, द्वेष को मिटाकर रिश्तों में मधुरता लाती है और का दर्पण बनाती है। इंसान को सच्ची मानवता' happu Chougher The Te Gvan प्रेम और करुणा की भावना मन को शुद्ध करती है, द्वेष को मिटाकर रिश्तों में मधुरता लाती है और का दर्पण बनाती है। इंसान को सच्ची मानवता' - ShareChat
भगवान सूर्यदेव की कृपा से आपके सभी कार्य सफल हों और जीवन सदैव प्रकाशमय बना रहे। !जय सूर्य नारायण देव! 🌻🌼🌹💐🌷🪻🌸 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ शनिवार #जय हनुमान
🌸 जय श्री कृष्ण😇 - शनिदेव की कृपा आप पर बनी रहे शनिदेव की कृपा आप पर बनी रहे - ShareChat
*🌹सदव्यवहार का जादू🌹। 🙏🙏🙏🙏 *किसी गाँव में एक चोर रहता था।* *एक बार उसे कई दिनों तक चोरी करने का अवसर ही नहीं मिला, जिससे उसके घर में खाने के लाले पड़ गये।* *अब मरता क्या न करता, वह रात्रि के लगभग बारह बजे गाँव के बाहर बनी एक साधु की कुटिया में घुस गया।* *वह जानता था कि साधु बड़े त्यागी हैं, अपने पास कुछ नहीं रखते फिर भी सोचा, 'खाने पीने को ही कुछ मिल जायेगा। तो एक दो दिन का गुजारा चल जायेगा।'* *जब चोर कुटिया में प्रवेश कर रहे थे, संयोगवश उसी समय साधु बाबा ध्यान से उठकर लघुशंका के निमित्त बाहर निकले।* *चोर से उनका सामना हो गया। साधु उसे देखकर पहचान गये क्योंकि पहले कई बार देखा था, पर साधु यह नहीं जानते थे कि वह चोर है।* *उन्हें आश्चर्य हुआ कि यह आधी रात को यहाँ क्यों आया !* *साधु ने बड़े प्रेम से पूछाः "कहो बालक ! आधी रात को कैसे कष्ट किया ? कुछ काम है क्या ?"* *चोर बोलाः "महाराज ! मैं दिन भर का भूखा हूँ।"* *साधुः "ठीक है, आओ बैठो। मैंने शाम को धूनी में कुछ शकरकंद डाले थे, वे भुन गये होंगे, निकाल देता हूँ। तुम्हारा पेट भर जायेगा।* *शाम को आ गये होते तो जो था हम दोनों मिलकर खा लेते। पेट का क्या है बेटा ! अगर मन में संतोष हो तो जितना मिले उसमें ही मनुष्य खुश रह सकता है। 'यथा लाभ संतोष' यही तो है।"* *साधु ने दीपक जलाया। चोर को बैठने के लिए आसन दिया, पानी दिया और एक पत्ते पर भुने हुए शकरकंद रख दिये।* *फिर पास में बैठकर उसे इस तरह खिलाया, जैसे कोई माँ अपने बच्चे को खिलाती है।* *साधु बाबा के सद्व्यवहार से चोर निहाल हो गया, सोचने लगा, 'एक मैं हूँ और एक ये बाबा हैं।* *मैं चोरी करने आया और ये इतने प्यार से खिला रहे हैं ! मनुष्य ये भी हैं और मैं भी हूँ।* *यह भी सच कहा हैः* *आदमी-आदमी में अंतर, कोई हीरा कोई कंकर। मैं तो इनके सामने कंकर से भी बदतर हूँ।'* *मनुष्य में बुरी के साथ भली वृत्तियाँ भी रहती हैं, जो समय पाकर जाग उठती हैं।* *जैसे उचित खाद-पानी पाकर बीज पनप जाता है, वैसे ही संत का संग पाकर मनुष्य की सदवृत्तियाँ लहलहा उठती हैं।* *चोर के मन के सारे कुसंस्कार हवा हो गये। उसे संत के दर्शन, सान्निध्य और अमृतवर्षा दृष्टि का लाभ मिला।* *एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनि आध।* *तुलसी संगत साध की, हरे कोटि अपराध।।* *उन ब्रह्मनिष्ठ साधुपुरुष के आधे घंटे के समागम से चोर के कितने ही मलिन संस्कार नष्ट हो गये।* *साधु के सामने अपना अपराध कबूल करने को उसका मन उतावला हो उठा।* *फिर उसे लगा कि 'साधु बाबा को पता चलेगा कि मैं चोरी की नियत से आया था तो उनकी नजर में मेरी क्या इज्जत रह जायेगी !* *क्या सोचेंगे बाबा कि कैसा पतित प्राणी है, जो मुझ संत के यहाँ चोरी करने आया !'* *लेकिन फिर सोचा, 'साधु मन में चाहे जो समझें, मैं तो इनके सामने अपना अपराध स्वीकार करके प्रायश्चित करूँगा।* *इतने दयालू महापुरुष हैं, ये मेरा अपराध अवश्य क्षमा कर देंगे।' संत के सामने प्रायश्चित करने से सारे पाप जलकर राख हो जाते हैं।* *उसका भोजन पूरा होने के बाद साधु ने कहाः "बेटा ! अब इतनी रात में तुम कहाँ जाओगे, मेरे पास एक चटाई है, इसे ले लो और आराम से यहाँ सो जाओ। सुबह चले जाना।"* *नेकी की मार से चोर दबा जा रहा था। वह साधु के पैरों पर गिर पड़ा और फूट-फूट कर रोने लगा।* *साधु समझ न सके कि यह क्या हुआ ! साधु ने उसे प्रेमपूर्वक उठाया, प्रेम से सिर पर हाथ फेरते हुए पूछाः "बेटा ! क्या हुआ ?"* *रोते-रोते चोर का गला रूँध गया। उसने बड़ी कठिनाई से अपने को सँभालकर कहाः* *"महाराज ! मैं बड़ा अपराधी हूँ।"* *साधु बोलेः "बेटा ! भगवान तो सबके अपराध क्षमा करने वाले हैं। उनकी शरण में जाने से वे बड़े-से-बड़े अपराध क्षमा कर देते हैं। तू उन्हीं की शरण में जा।"* *चोरः "महाराज ! मेरे जैसे पापी का उद्धार नहीं हो सकता।"* *साधुः "अरे पगले ! भगवान ने कहा हैः यदि कोई अतिशय दुराचारी भी अनन्य भाव से मेरा भक्त होकर मुझको भजता है तो वह साधु ही मानने योग्य है।"* *"नहीं महाराज ! मैंने बड़ी चोरियाँ की हैं। आज भी मैं भूख से व्याकुल होकर आपके यहाँ चोरी करने आया था लेकिन आपके सदव्यवहार ने तो मेरा जीवन ही पलट दिया।* *आज मैं आपके सामने कसम खाता हूँ कि आगे कभी चोरी नहीं करूँगा, किसी जीव को नहीं सताऊँगा।* *आप मुझे अपनी शरण में लेकर अपना शिष्य बना लीजिये।"* *साधु के प्यार के जादू ने चोर को साधु बना दिया।* *उसने अपना पूरा जीवन उन साधु के चरणों में सदा के समर्पित करके अमूल्य वी मानव जीवन को अमूल्य-से-अमूल्य परमात्मा को पाने के रास्ते लगा दिया।* *महापुरुषों की सीख है कि "आप सबसे आत्मवत् व्यवहार करें क्योंकि सुखी जीवन के लिए विशुद्ध निःस्वार्थ प्रेम ही असली खुराक है।* *मंगलमय प्रभात* *प्रणाम* #🏠घर-परिवार #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👫 हमारी ज़िन्दगी #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👌 आत्मविश्वास
🏠घर-परिवार - 319171  L@ப a रूपांतरण का द्वार जीवन में असफलता को सीढ़ी समझकर देखेंगे तो जितनी बड़ी असफलता , उतना बड़ा रूपांतरण और जितना बड़ा रूपांतरण , उतनी ज्यादा स्थाई सफलता का सीधा चक्र शुरू होगा। 319171  L@ப a रूपांतरण का द्वार जीवन में असफलता को सीढ़ी समझकर देखेंगे तो जितनी बड़ी असफलता , उतना बड़ा रूपांतरण और जितना बड़ा रूपांतरण , उतनी ज्यादा स्थाई सफलता का सीधा चक्र शुरू होगा। - ShareChat
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” 🚩🌺🌷💐🌸🌹 “सच्ची श्रद्धा और सकारात्मक सोच जीवन को उज्ज्वल बना देती है।” 🙏🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #शुभ शुक्रवार #🙏 माँ वैष्णो देवी
🌞 Good Morning🌞 - ShareChat
*🌹नया नज़रिया🌹* 🙏🙏🙏 राजस्थान के एक छोटे से कस्बे में एक बालक के मन में नई-नई बातों को जानने की जिज्ञासा थी। उस बालक के मोहल्ले में एक गुरुजी रहते थे। एक दिन बालक उनके पास गया और बोला, 'मैं कामयाब बनना चाहता हूं, कृपया बताएं कि कामयाबी का रास्ता क्या है?' हंसते हुए गुरुजी बोले, 'बेटा, मैं तुम्हें कामयाबी का रास्ता बताऊंगा, पहले तुम मेरी गाय को सामने वाले खूंटे से बांध दो, कह कर उन्होंने गाय की रस्सी बालक को दे दी। वह गाय किसी के काबू में नहीं आती थी। अतः जैसे ही बालक ने रस्सी थामी कि वह छलांग लगा, हाथ से छूट गई। फिर काफी मशक्कत के बाद बालक ने चतुराई से काम लेते हुए तेजी से भाग कर गाय को पैरों में रस्सी का फंदा बनाकर बराबर पासा फेंका और गाय को पकड़ लिया। पैर में फंदा जकड़ने से गाय एक कदम भी नहीं भाग पाई और बालक उसे खूंटे से बांधने में कामयाब हुआ। यह देख गुरुजी नीत बोले, 'शाबाश,बेटे यही है कामयाबी का रास्ता। जड़ पकड़ने से पूरा पेड़ काबू में आ जाता है। अगर हम किसी समस्या की जड़ पकड़ लें, तो उसका हल आसानी से निकाल सकते हैं। बालक ने इसी सूत्र को आत्मसात कर लिया और जीवन में आगे बढ़ता गया। शिक्षा:- हमें किसी भी समस्या का हल तब तक नहीं मिलता जब तक हम उसकी जड़ को नहीं पकड़ लेते। अत: हर समस्या का समाधान उसकी जड़ काबू में आने पर ही होता है। मंगलमय प्रभात प्रणाम #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #🙏 प्रेरणादायक विचार #👍 डर के आगे जीत👌 #👌 आत्मविश्वास #❤️जीवन की सीख
👍मोटिवेशनल कोट्स✌ - 25 hangit  ThடTe Gyan 2024   SYSTEM FOR WISDOM ओपन सीक्रेट लिए मनुष्य देह में अनुभव तो सभी के खुला है पर उसकी गहराई को वही महसूस कर सकता है, जिसने स्वयं को खोजा हो और के प्रकृति रहस्यों से साक्षात्कार किया हो। 25 hangit  ThடTe Gyan 2024   SYSTEM FOR WISDOM ओपन सीक्रेट लिए मनुष्य देह में अनुभव तो सभी के खुला है पर उसकी गहराई को वही महसूस कर सकता है, जिसने स्वयं को खोजा हो और के प्रकृति रहस्यों से साक्षात्कार किया हो। - ShareChat
॥ श्री हरि की कृपा सदैव बनी रहे ॥ 🪷🌸🌼🌷🪻🌻💐🌹 भगवान विष्णु की दिव्य कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। 🙏🙏🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ गुरुवार #👏भगवान विष्णु😇
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