*🌹ईश्वर🌹*
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अहंकार का भार और गुरु का ज्ञान:--
एक राजा अपनी वीरता और सुशासन के लिए प्रसिद्ध था। एक बार वो अपने गुरु के साथ भ्रमण कर रहा था, राज्य की समृद्धि और खुशहाली देखकर उसके भीतर घमंड के भाव आने लगे, और वो मन ही मन सोचने लगे, “सचमुच, मैं एक महान राजा हूँ, मैं कितने अच्छे से अपने प्रजा देखभाल करता हूँ !”
गुरु सर्वज्ञानी थे, वे तुरंत ही अपने शिष्य के भावों को समझ गए और तत्काल उसे सुधारने का निर्णय लिया।
रास्ते में ही एक बड़ा सा पत्थर पड़ा था, गुरु जी ने सैनिकों को उसे तोड़ने का निर्देश दिया।
जैसे ही सैनिकों ने पत्थर के दो टुकड़े किये एक अविश्वश्नीय दृश्य दिखा, पत्थर के बीचो-बीच कुछ पानी जमा था और उसमे एक छोटा सा मेंढक रह रहा था। पत्थर टूटते ही वो अपनी कैद से निकल कर भागा। सब अचरज में थे की आखिर वो इस तरह कैसे कैद हो गया और इस स्थिति में भी वो अब तक जीवित कैसे था ?
अब गुरु जी राजा की तरफ पलटे और पुछा, “अगर आप ऐसा सोचते हैं कि आप इस राज्य में हर किसी का ध्यान रख रहे हैं, सबको पाल-पोष रहे हैं, तो बताइये पत्थरों के बीच फंसे उस मेंढक का ध्यान कौन रख रहा था.. बताइये कौन है इस मेंढक का रखवाला ?”
राजा को अपनी गलती का एहसास हो चुका था, उसने अपने अभिमान पर पछतावा होने लगा, गुरु की कृपा से वे जान चुका था कि वो ईश्वर ही है जिसने हर एक जीव को बनाया है और वही है जो सबका ध्यान रखता है।
शिक्षा:-
मित्रों, कई बार अच्छा काम करने पर मिलने वाले यश और प्रसिद्धि से लोगों के मन में अहंकार घर कर जाता है और अंततः यही उनके अपयश और दुर्गति का कारण बनता है। अतः हमें ध्यान रखना चाहिए कि हम चाहे इस जीवन में किसी भी मुकाम पर पहुँच जाएं कभी घमंड न करें और सदा अपने अर्थपूर्ण जीवन के लिए उस सर्वशक्तिमान ईश्वर के कृतज्ञ रहें।
मंगलमय प्रभात
प्रणाम #🏠घर-परिवार #👫 हमारी ज़िन्दगी #👌 आत्मविश्वास #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
मैं सोया और स्वप्न देखा कि जीवन आनंद है
मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है
मैने सेवा की और देखा कि सेवा ही आनंद है ....
ॐ श्री सूर्य देवाय नमः
🚩🚩🌹🌹🌻🌹🌹🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #शुभ रविवार #☀ जय सूर्यदेव
*🌹कल की चिंता🌹*
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*एक राजा की पुत्री के मन में वैराग्य की भावनायें थीं। जब राजकुमारी विवाह योग्य हुई तो राजा को उसके विवाह के लिए योग्य वर नहीं मिल पा रहा था।*
*राजा ने पुत्री की भावनाओं को समझते हुए बहुत सोच-विचार करके उसका विवाह एक गरीब संन्यासी से करवा दिया। राजा ने सोचा कि एक संन्यासी ही राजकुमारी की भावनाओं की कद्र कर सकता है।*
*विवाह के बाद राजकुमारी खुशी-खुशी संन्यासी की कुटिया में रहने आ गई। कुटिया की सफाई करते समय राजकुमारी को एक बर्तन में दो सूखी रोटियां दिखाई दीं। उसने अपने संन्यासी पति से पूछा कि रोटियाँ यहाँ क्यों रखी हैं?*
*संन्यासी ने जवाब दिया कि ये रोटियां कल के लिए रखी हैं, अगर कल खाना नहीं मिला तो हम एक-एक रोटी खा लेंगे। संन्यासी का ये जवाब सुनकर राजकुमारी हंस पड़ी। राजकुमारी ने कहा कि मेरे पिता ने मेरा विवाह आपके साथ इसलिए किया था, क्योंकि उन्हें ये लगता है कि आप भी मेरी ही तरह वैरागी हैं, आप तो केवल भक्ति करते हैं और कल की चिंता करते हैं।*
*सच्चा भक्त वही है जो कल की चिंता नहीं करता और भगवान पर पूरा भरोसा करता है। अगले दिन की चिंता तो जानवर भी नहीं करते हैं, हम तो इंसान हैं।*
*अगर भगवान चाहेगा तो हमें खाना मिल जायेगा और नहीं मिलेगा तो रातभर आनंद से प्रार्थना करेंगे।*
*ये बातें सुनकर संन्यासी की आंखें खुल गई। उसे समझ आ गया कि उसकी पत्नी ही असली संन्यासी है। उसने राजकुमारी से कहा कि आप तो राजा की बेटी हैं, राजमहल छोड़कर मेरी छोटी सी कुटिया में आई हैं, जब कि मैं तो पहले से ही एक फकीर हूं, फिर भी मुझे कल की चिंता सता रही थी।*
*केवल कहने से ही कोई संन्यासी नहीं होता, संन्यास को जीवन में उतारना पड़ता है। आपने मुझे वैराग्य का महत्व समझा दिया।*
*शिक्षा:-*
*अगर हम भगवान की भक्ति करते हैं तो विश्वास भी होना चाहिए कि भगवान हर समय हमारे साथ हैं। उसको (भगवान) हमारी चिंता हमसे ज्यादा रहती हैं।*
*कभी आप बहुत परेशान हों, कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा हो तो आप आँखें बंद करके विश्वास के साथ पुकारें, सच मानिये थोड़ी देर में आपकी समस्या का समाधान मिल जायेगा..!!*
*मंगलमय प्रभात*
*प्रणाम* #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #🙏 प्रेरणादायक विचार #🏠घर-परिवार #👍 डर के आगे जीत👌
भगवान सूर्यदेव की कृपा से आपके सभी कार्य सफल हों और जीवन सदैव प्रकाशमय बना रहे।
!जय सूर्य नारायण देव!
🌻🌼🌹💐🌷🪻🌸 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ शनिवार #जय हनुमान
*🌹सदव्यवहार का जादू🌹।
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*किसी गाँव में एक चोर रहता था।*
*एक बार उसे कई दिनों तक चोरी करने का अवसर ही नहीं मिला, जिससे उसके घर में खाने के लाले पड़ गये।*
*अब मरता क्या न करता, वह रात्रि के लगभग बारह बजे गाँव के बाहर बनी एक साधु की कुटिया में घुस गया।*
*वह जानता था कि साधु बड़े त्यागी हैं, अपने पास कुछ नहीं रखते फिर भी सोचा, 'खाने पीने को ही कुछ मिल जायेगा। तो एक दो दिन का गुजारा चल जायेगा।'*
*जब चोर कुटिया में प्रवेश कर रहे थे, संयोगवश उसी समय साधु बाबा ध्यान से उठकर लघुशंका के निमित्त बाहर निकले।*
*चोर से उनका सामना हो गया। साधु उसे देखकर पहचान गये क्योंकि पहले कई बार देखा था, पर साधु यह नहीं जानते थे कि वह चोर है।*
*उन्हें आश्चर्य हुआ कि यह आधी रात को यहाँ क्यों आया !*
*साधु ने बड़े प्रेम से पूछाः "कहो बालक ! आधी रात को कैसे कष्ट किया ? कुछ काम है क्या ?"*
*चोर बोलाः "महाराज ! मैं दिन भर का भूखा हूँ।"*
*साधुः "ठीक है, आओ बैठो। मैंने शाम को धूनी में कुछ शकरकंद डाले थे, वे भुन गये होंगे, निकाल देता हूँ। तुम्हारा पेट भर जायेगा।*
*शाम को आ गये होते तो जो था हम दोनों मिलकर खा लेते। पेट का क्या है बेटा ! अगर मन में संतोष हो तो जितना मिले उसमें ही मनुष्य खुश रह सकता है। 'यथा लाभ संतोष' यही तो है।"*
*साधु ने दीपक जलाया। चोर को बैठने के लिए आसन दिया, पानी दिया और एक पत्ते पर भुने हुए शकरकंद रख दिये।*
*फिर पास में बैठकर उसे इस तरह खिलाया, जैसे कोई माँ अपने बच्चे को खिलाती है।*
*साधु बाबा के सद्व्यवहार से चोर निहाल हो गया, सोचने लगा, 'एक मैं हूँ और एक ये बाबा हैं।*
*मैं चोरी करने आया और ये इतने प्यार से खिला रहे हैं ! मनुष्य ये भी हैं और मैं भी हूँ।*
*यह भी सच कहा हैः* *आदमी-आदमी में अंतर, कोई हीरा कोई कंकर। मैं तो इनके सामने कंकर से भी बदतर हूँ।'*
*मनुष्य में बुरी के साथ भली वृत्तियाँ भी रहती हैं, जो समय पाकर जाग उठती हैं।*
*जैसे उचित खाद-पानी पाकर बीज पनप जाता है, वैसे ही संत का संग पाकर मनुष्य की सदवृत्तियाँ लहलहा उठती हैं।*
*चोर के मन के सारे कुसंस्कार हवा हो गये। उसे संत के दर्शन, सान्निध्य और अमृतवर्षा दृष्टि का लाभ मिला।*
*एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनि आध।*
*तुलसी संगत साध की, हरे कोटि अपराध।।*
*उन ब्रह्मनिष्ठ साधुपुरुष के आधे घंटे के समागम से चोर के कितने ही मलिन संस्कार नष्ट हो गये।*
*साधु के सामने अपना अपराध कबूल करने को उसका मन उतावला हो उठा।*
*फिर उसे लगा कि 'साधु बाबा को पता चलेगा कि मैं चोरी की नियत से आया था तो उनकी नजर में मेरी क्या इज्जत रह जायेगी !*
*क्या सोचेंगे बाबा कि कैसा पतित प्राणी है, जो मुझ संत के यहाँ चोरी करने आया !'*
*लेकिन फिर सोचा, 'साधु मन में चाहे जो समझें, मैं तो इनके सामने अपना अपराध स्वीकार करके प्रायश्चित करूँगा।*
*इतने दयालू महापुरुष हैं, ये मेरा अपराध अवश्य क्षमा कर देंगे।' संत के सामने प्रायश्चित करने से सारे पाप जलकर राख हो जाते हैं।*
*उसका भोजन पूरा होने के बाद साधु ने कहाः "बेटा ! अब इतनी रात में तुम कहाँ जाओगे, मेरे पास एक चटाई है, इसे ले लो और आराम से यहाँ सो जाओ। सुबह चले जाना।"*
*नेकी की मार से चोर दबा जा रहा था। वह साधु के पैरों पर गिर पड़ा और फूट-फूट कर रोने लगा।*
*साधु समझ न सके कि यह क्या हुआ ! साधु ने उसे प्रेमपूर्वक उठाया, प्रेम से सिर पर हाथ फेरते हुए पूछाः "बेटा ! क्या हुआ ?"*
*रोते-रोते चोर का गला रूँध गया। उसने बड़ी कठिनाई से अपने को सँभालकर कहाः*
*"महाराज ! मैं बड़ा अपराधी हूँ।"*
*साधु बोलेः "बेटा ! भगवान तो सबके अपराध क्षमा करने वाले हैं। उनकी शरण में जाने से वे बड़े-से-बड़े अपराध क्षमा कर देते हैं। तू उन्हीं की शरण में जा।"*
*चोरः "महाराज ! मेरे जैसे पापी का उद्धार नहीं हो सकता।"*
*साधुः "अरे पगले ! भगवान ने कहा हैः यदि कोई अतिशय दुराचारी भी अनन्य भाव से मेरा भक्त होकर मुझको भजता है तो वह साधु ही मानने योग्य है।"*
*"नहीं महाराज ! मैंने बड़ी चोरियाँ की हैं। आज भी मैं भूख से व्याकुल होकर आपके यहाँ चोरी करने आया था लेकिन आपके सदव्यवहार ने तो मेरा जीवन ही पलट दिया।*
*आज मैं आपके सामने कसम खाता हूँ कि आगे कभी चोरी नहीं करूँगा, किसी जीव को नहीं सताऊँगा।*
*आप मुझे अपनी शरण में लेकर अपना शिष्य बना लीजिये।"*
*साधु के प्यार के जादू ने चोर को साधु बना दिया।*
*उसने अपना पूरा जीवन उन साधु के चरणों में सदा के समर्पित करके अमूल्य वी मानव जीवन को अमूल्य-से-अमूल्य परमात्मा को पाने के रास्ते लगा दिया।*
*महापुरुषों की सीख है कि "आप सबसे आत्मवत् व्यवहार करें क्योंकि सुखी जीवन के लिए विशुद्ध निःस्वार्थ प्रेम ही असली खुराक है।*
*मंगलमय प्रभात*
*प्रणाम* #🏠घर-परिवार #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #👫 हमारी ज़िन्दगी #😇 जीवन की प्रेरणादायी सीख #👌 आत्मविश्वास
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः”
🚩🌺🌷💐🌸🌹
“सच्ची श्रद्धा और सकारात्मक
सोच जीवन को उज्ज्वल बना
देती है।”
🙏🙏🙏 #🌞 Good Morning🌞 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #शुभ शुक्रवार #🙏 माँ वैष्णो देवी
*🌹नया नज़रिया🌹*
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राजस्थान के एक छोटे से कस्बे में एक बालक के मन में नई-नई बातों को जानने की जिज्ञासा थी। उस बालक के मोहल्ले में एक गुरुजी रहते थे। एक दिन बालक उनके पास गया और बोला, 'मैं कामयाब बनना चाहता हूं, कृपया बताएं कि कामयाबी का रास्ता क्या है?'
हंसते हुए गुरुजी बोले, 'बेटा, मैं तुम्हें कामयाबी का रास्ता बताऊंगा, पहले तुम मेरी गाय को सामने वाले खूंटे से बांध दो, कह कर उन्होंने गाय की रस्सी बालक को दे दी। वह गाय किसी के काबू में नहीं आती थी।
अतः जैसे ही बालक ने रस्सी थामी कि वह छलांग लगा, हाथ से छूट गई। फिर काफी मशक्कत के बाद बालक ने चतुराई से काम लेते हुए तेजी से भाग कर गाय को पैरों में रस्सी का फंदा बनाकर बराबर पासा फेंका और गाय को पकड़ लिया। पैर में फंदा जकड़ने से गाय एक कदम भी नहीं भाग पाई और बालक उसे खूंटे से बांधने में कामयाब हुआ।
यह देख गुरुजी नीत बोले, 'शाबाश,बेटे यही है कामयाबी का रास्ता। जड़ पकड़ने से पूरा पेड़ काबू में आ जाता है। अगर हम किसी समस्या की जड़ पकड़ लें, तो उसका हल आसानी से निकाल सकते हैं।
बालक ने इसी सूत्र को आत्मसात कर लिया और जीवन में आगे बढ़ता गया।
शिक्षा:-
हमें किसी भी समस्या का हल तब तक नहीं मिलता जब तक हम उसकी जड़ को नहीं पकड़ लेते। अत: हर समस्या का समाधान उसकी जड़ काबू में आने पर ही होता है।
मंगलमय प्रभात
प्रणाम #👍मोटिवेशनल कोट्स✌ #🙏 प्रेरणादायक विचार #👍 डर के आगे जीत👌 #👌 आत्मविश्वास #❤️जीवन की सीख
॥ श्री हरि की कृपा सदैव बनी रहे ॥
🪷🌸🌼🌷🪻🌻💐🌹
भगवान विष्णु की दिव्य कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो।
🙏🙏🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🌞 Good Morning🌞 #शुभ गुरुवार #👏भगवान विष्णु😇
🌹जब सब खत्म लगे तभी
शुरू होता है असली साहस🌹 🙏🙏🙏
एक समय की बात है, एक पराक्रमी राजा अपने न्याय और दया के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध था। एक दिन उसकी सेवा से प्रसन्न होकर एक संत ने उसे एक ताबीज भेंट किया। ताबीज देते हुए संत ने गंभीर स्वर में कहा, “राजन, इसे अपने गले में धारण करो। लेकिन इसे खोलना तभी, जब जीवन में ऐसा समय आए जब तुम्हें लगे कि अब सब समाप्त हो गया है, कोई आशा शेष नहीं है।” राजा ने उस ताबीज को आदरपूर्वक स्वीकार किया और हमेशा अपने पास रखने लगा। समय बीतता गया और राजा अपने कार्यों में व्यस्त हो गया।
एक दिन वह अपने सैनिकों के साथ शिकार पर निकला। जंगल बहुत घना और खतरनाक था। शिकार का पीछा करते-करते राजा अपने साथियों से बिछड़ गया और अनजाने में दुश्मन राज्य की सीमा में प्रवेश कर गया। सांझ ढलने लगी थी, अंधेरा बढ़ रहा था और तभी उसे घोड़ों की टापों की आवाज सुनाई दी। दुश्मन सैनिक उसकी ओर बढ़ रहे थे। घबराकर राजा ने अपने घोड़े को तेजी से दौड़ाया, परंतु थकान और भूख-प्यास के कारण उसकी गति धीमी पड़ने लगी।
भागते-भागते उसे पेड़ों के बीच एक छोटी सी गुफा दिखाई दी। उसने तुरंत वहां शरण ली और खुद को छिपा लिया। उसका दिल तेजी से धड़क रहा था, सांसें थम सी गई थीं। दुश्मन सैनिकों की आवाजें पास आती जा रही थीं। उस क्षण राजा को लगा कि अब उसका अंत निश्चित है। निराशा और भय ने उसे पूरी तरह घेर लिया। उसे अपनी हार और मृत्यु साफ दिखाई देने लगी।
तभी अचानक उसका हाथ अपने गले में पड़े ताबीज पर गया। उसे संत की बात याद आई। कांपते हाथों से उसने ताबीज खोला और उसमें रखा छोटा सा कागज निकाला। जब उसने उसे पढ़ा, तो उस पर लिखा था — “यह भी कट जाएगा।”
इन चार शब्दों ने जैसे उसके भीतर नई ऊर्जा भर दी। उसके मन का भय धीरे-धीरे शांत होने लगा। उसे लगा कि यह कठिन समय भी स्थायी नहीं है, यह भी बीत जाएगा। उसके भीतर एक अद्भुत शांति और विश्वास जाग उठा। वह स्थिर होकर बैठ गया और अपने मन को संभाल लिया। कुछ देर बाद घोड़ों की टापों की आवाज धीरे-धीरे दूर चली गई। दुश्मन सैनिक बिना उसे देखे आगे निकल गए।
रात गहराने के बाद राजा गुफा से बाहर निकला और सावधानीपूर्वक रास्ताv तय करते हुए अपने राज्य लौट आया। इस घटना ने उसके जीवन की सोच को बदल दिया। अब वह हर कठिन परिस्थिति में घबराने के बजाय धैर्य और विश्वास बनाए रखता था।
यह कहानी केवल उस राजा की नहीं, बल्कि हम सभी की है। जीवन में ऐसे पल आते हैं जब समस्याएं हमें चारों ओर से घेर लेती हैं। हमें लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं बचा, सब खत्म हो गया है। लेकिन सच यह है कि कोई भी परिस्थिति स्थायी नहीं होती। चाहे दुख हो या सुख, हर दौर गुजर जाता है।
जब भी जीवन में अंधेरा छा जाए, बस कुछ पल ठहरिए, गहरी सांस लीजिए और खुद से कहिए — “यह भी कट जाएगा।” यही विचार आपको अंदर से मजबूत बनाएगा और कठिन समय से बाहर निकलने की शक्ति देगा। याद रखिए, जो आज असंभव लगता है, वही कल आपकी सबसे बड़ी सीख बन सकता है।
मंगलमय प्रभात
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ॐ गं गणपतये नमः‼️
🌺🌿🌼🌺🌼🌺🌼
आप खुश रहें स्वस्थ रहें दीर्घायु रहें हमेशा एवं समस्त परिवार धन धान्य से संपन्न और प्रसन्न रहें🙏🏻🌹🙏🏻 #🌞 Good Morning🌞 #🔱हर हर महादेव #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #शुभ बुधवार #श्री गणेश













