ANSH JINDAL DELHI
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Jai Maa Shitala ♥️🙏 #Jay man shitala🙏🙏
Jay man shitala🙏🙏 - माँ शीतला की साधना कौन करता है॰ KAxxxxxxxxxxxxxxxxxxx माँ शीतला की साधना सामान्य भक्तोंके साथनसाथ कई साधक और तांत्रिक भी करते हैं।ग्राम देवता परंपरा में रोग निवारण लिए परिवार और गाँव के लोग मिलकर ಹ उनकी पूजा करते हैं। तांत्रिक साधनाओं में भी शीतला माता को रोगों और नकारात्मक शक्तियों को शांत करने वाली शक्तिके रूपमें है।चैत्र और वैशाख मास में आने मानाजत वाली शीतला अष्टमी तथा बसोड़ा के दिन विशेष रूप से उनकी पूजा की जाती है। माँ शीतला की साधना कौन करता है॰ KAxxxxxxxxxxxxxxxxxxx माँ शीतला की साधना सामान्य भक्तोंके साथनसाथ कई साधक और तांत्रिक भी करते हैं।ग्राम देवता परंपरा में रोग निवारण लिए परिवार और गाँव के लोग मिलकर ಹ उनकी पूजा करते हैं। तांत्रिक साधनाओं में भी शीतला माता को रोगों और नकारात्मक शक्तियों को शांत करने वाली शक्तिके रूपमें है।चैत्र और वैशाख मास में आने मानाजत वाली शीतला अष्टमी तथा बसोड़ा के दिन विशेष रूप से उनकी पूजा की जाती है। - ShareChat
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Jay man shitala🙏🙏 - में उल्लेख पुराणों Kkkxkkkk माँ शीतला का उल्लेख कई ग्रंथों में मिलता है।विशेष रूप से स्कन्द पुराण, भविष्य पुराणा तथा लोक परंपराओं में प्रचलित शीतला महात्म्य में इनकी महिमा का वर्णन मिलता है।इन ग्रंथों के अनुसार देवी शीतला रोगों की अधिष्ठात्री शक्ति हैं। जब मनुष्य धर्म और शुद्धता से दूर होता है तो रोग उत्पन्न होते हैं और देवी की कृपा से वही रोग शांत भी हो जाते हैं। इसलिए ग्रामीण भारत में आज भी शीतला माता की पूजा अत्यंत श्रद्धा से की जाती है। में उल्लेख पुराणों Kkkxkkkk माँ शीतला का उल्लेख कई ग्रंथों में मिलता है।विशेष रूप से स्कन्द पुराण, भविष्य पुराणा तथा लोक परंपराओं में प्रचलित शीतला महात्म्य में इनकी महिमा का वर्णन मिलता है।इन ग्रंथों के अनुसार देवी शीतला रोगों की अधिष्ठात्री शक्ति हैं। जब मनुष्य धर्म और शुद्धता से दूर होता है तो रोग उत्पन्न होते हैं और देवी की कृपा से वही रोग शांत भी हो जाते हैं। इसलिए ग्रामीण भारत में आज भी शीतला माता की पूजा अत्यंत श्रद्धा से की जाती है। - ShareChat
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Jay man shitala🙏🙏 - शीतला स्तोत्र 4444444 प्रचलित स्तुति इस प्रकार है॰ शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् | मार्जनी कलशोपेतां शूर्पालंकृत मस्तकाम् Il नमामि शीतलां देवीं सर्वरोगभयापहाम् | यामासाद्य निवर्तन्ते विस्फोटकभयं महत् I। अर्थनमैं उस देवी शीतला को प्रणाम करता में झाडू हूँ जो गधे पर विराजमान हैं. हाथ और कलश धारण करती हैं और जो सभी रोगों तथा भय को दूर करने वाली हैं जिनकी शरण में जाने से बड़े से बड़ा रोग भी शांत हो जाता है।भक्तों की मान्यता है कि माँ शीतला की उपासना से शरीर के रोग शांत होते हैं॰ घर में स्वास्थ्य और शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा है।माता दूर होती की साधना सदैव शुद्धता , संयम और श्रद्धा के चाहिए। उनकी कृपा से जीवन में साथ करनी शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है। ।l शीतला माता की जय होे।l शीतला स्तोत्र 4444444 प्रचलित स्तुति इस प्रकार है॰ शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम् | मार्जनी कलशोपेतां शूर्पालंकृत मस्तकाम् Il नमामि शीतलां देवीं सर्वरोगभयापहाम् | यामासाद्य निवर्तन्ते विस्फोटकभयं महत् I। अर्थनमैं उस देवी शीतला को प्रणाम करता में झाडू हूँ जो गधे पर विराजमान हैं. हाथ और कलश धारण करती हैं और जो सभी रोगों तथा भय को दूर करने वाली हैं जिनकी शरण में जाने से बड़े से बड़ा रोग भी शांत हो जाता है।भक्तों की मान्यता है कि माँ शीतला की उपासना से शरीर के रोग शांत होते हैं॰ घर में स्वास्थ्य और शांति बनी रहती है और नकारात्मक ऊर्जा है।माता दूर होती की साधना सदैव शुद्धता , संयम और श्रद्धा के चाहिए। उनकी कृपा से जीवन में साथ करनी शांति और आरोग्य की प्राप्ति होती है। ।l शीतला माता की जय होे।l - ShareChat
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Jay man shitala🙏🙏 - ।l कल शीतला संप्तमी है ।l 44444<4444 माँ शीतला का स्वरूप और महिमा- माँ शीतला धर्म में रोगों को शान्त करने हिन्दू  वाली तथा आरोग्य प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं। शीतला शब्द का अर्थ है शीतलता देने वाली, अर्थात् जो शरीर और मन के ताप को शांत करती हैं। लोक परंपरा में इन्हें विशेष रूप से चेचक, ज्वर तथा संक्रामक रोगों से रक्षा करने चाली देवी के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ शीतला आदि शक्ति का ही एक करुणामयी रूप हैं। वे संसार के रोग दोष को अपने अधीन रखकर भक्तों को स्वास्थ्य और शांति प्रदान करती में झाडू हैं। उनके हाथ कलश , सूप (पंखा) और नीम की पत्तियाँ होती हैं, जो रोगों को दूर करने और शुद्धता का प्रतीक माने जाते हैं। उनका वाहन गधा है औरवे सामान्यतः कमल पर विराजमान दिखाई देती हैं। ।l कल शीतला संप्तमी है ।l 44444<4444 माँ शीतला का स्वरूप और महिमा- माँ शीतला धर्म में रोगों को शान्त करने हिन्दू  वाली तथा आरोग्य प्रदान करने वाली देवी मानी जाती हैं। शीतला शब्द का अर्थ है शीतलता देने वाली, अर्थात् जो शरीर और मन के ताप को शांत करती हैं। लोक परंपरा में इन्हें विशेष रूप से चेचक, ज्वर तथा संक्रामक रोगों से रक्षा करने चाली देवी के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ शीतला आदि शक्ति का ही एक करुणामयी रूप हैं। वे संसार के रोग दोष को अपने अधीन रखकर भक्तों को स्वास्थ्य और शांति प्रदान करती में झाडू हैं। उनके हाथ कलश , सूप (पंखा) और नीम की पत्तियाँ होती हैं, जो रोगों को दूर करने और शुद्धता का प्रतीक माने जाते हैं। उनका वाहन गधा है औरवे सामान्यतः कमल पर विराजमान दिखाई देती हैं। - ShareChat
Om Namah Shivaya Om Namah Shivay #om namah shivay
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00:24
Bilkul Sahi Baat Hai ♥️ #anmol vachan
anmol vachan - ये ऐसा है वो वैसा है ये बोलते बोलते इंसान भूल जाता है के खुद कैसा है নুষতয়কজঞ aSIC करता जीवन में कभी సారా अंधेर नहीं रहुता। Sunito dunddl ये ऐसा है वो वैसा है ये बोलते बोलते इंसान भूल जाता है के खुद कैसा है নুষতয়কজঞ aSIC करता जीवन में कभी సారా अंधेर नहीं रहुता। Sunito dunddl - ShareChat
Jai Shree Shyam ♥️ #jay shri shyam
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