ANSH JINDAL DELHI
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Anmol Vachan ♥️ #anmol vachan
anmol vachan - ॰कर्म ही जीवन॰ की दिशा तय कखे हैं, ட ६अच्छे कर्म जीवन खुद सुंदर ঝন আৎাা| ತಾ_ ಹತ್ मे उजाला  उसके जीवन कभी अंधेण नहीं रहुृता। सुविचार gunitu Jindul ॰कर्म ही जीवन॰ की दिशा तय कखे हैं, ட ६अच्छे कर्म जीवन खुद सुंदर ঝন আৎাা| ತಾ_ ಹತ್ मे उजाला  उसके जीवन कभी अंधेण नहीं रहुृता। सुविचार gunitu Jindul - ShareChat
I love you maa #i love you maa
i love you maa - रूह कांप गई उस दिन, जिस दिन माँने बैठाकर, मेरे बालों में उंगलियाँ फेरते पास हुए कहानमैं पूरी ज़िंदगी तेरे साथ नहीं रह पाऊँगी बेटा.. और मेरी साँसें उसकी आवाज़ कांप रही थी थम सी गई थीं। वो बोली-अपना ध्यान रखना सीख ले, दुनिया সাঁ ৪২ बहुत बेरहम है, वक्त ढाल बनकर खडी नहीं रह पाती॰. उस दिन बार समझ आया, माँ की पहली ममता सिर्फ़ प्यार नहीं, आने वाले अकेलेफन की खामोश तैयारी भी होती है। रूह कांप गई उस दिन, जिस दिन माँने बैठाकर, मेरे बालों में उंगलियाँ फेरते पास हुए कहानमैं पूरी ज़िंदगी तेरे साथ नहीं रह पाऊँगी बेटा.. और मेरी साँसें उसकी आवाज़ कांप रही थी थम सी गई थीं। वो बोली-अपना ध्यान रखना सीख ले, दुनिया সাঁ ৪২ बहुत बेरहम है, वक्त ढाल बनकर खडी नहीं रह पाती॰. उस दिन बार समझ आया, माँ की पहली ममता सिर्फ़ प्यार नहीं, आने वाले अकेलेफन की खामोश तैयारी भी होती है। - ShareChat
Bahan ka Khamosh rishta #khoon Ka rishta
khoon Ka rishta - !! बहन का खामोश रिश्ता ! भैया  बहन बोलीः- जैसे अब 467 तम खुलकर क्यों नहीं हँसते? भाई मुस्कुराया " वक्त ने थोड़ा बदल दिया है।" पगली बहन चुप हो गई॰ पर उसे याद था बचपन में वही भैया हर बात पर उसे हँसा देते थे वही बिना उसके खाना नहीं खाते थे নহ্রী লিব हर छोटी बात पर उसके लड़ जाते समय बदला, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं, और भैया ন ওপন মপনী ক্ষী পীষ্ঠ তীভ নিমা  घर संभालने के लिए जल्दी बड़े हो गए बाहर से सख्त दिखने वाला भाई, अंदर से आज भी वही नरम दिल था एक रात बहन से रोते देखा। अगले दिन उसने ন चुपके  बिना कुछ कहे उसकी पसंद का खाना बन भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दा r से नहीं, एहसास से चलते हैं। भाईन्बहन का खामोश रिश्ता सबसे गहरा होता है कमेंट में बहन जरूर लिखे। !! बहन का खामोश रिश्ता ! भैया  बहन बोलीः- जैसे अब 467 तम खुलकर क्यों नहीं हँसते? भाई मुस्कुराया " वक्त ने थोड़ा बदल दिया है।" पगली बहन चुप हो गई॰ पर उसे याद था बचपन में वही भैया हर बात पर उसे हँसा देते थे वही बिना उसके खाना नहीं खाते थे নহ্রী লিব हर छोटी बात पर उसके लड़ जाते समय बदला, जिम्मेदारियाँ बढ़ीं, और भैया ন ওপন মপনী ক্ষী পীষ্ঠ তীভ নিমা  घर संभालने के लिए जल्दी बड़े हो गए बाहर से सख्त दिखने वाला भाई, अंदर से आज भी वही नरम दिल था एक रात बहन से रोते देखा। अगले दिन उसने ন चुपके  बिना कुछ कहे उसकी पसंद का खाना बन भाई समझ गया। कुछ रिश्ते शब्दा r से नहीं, एहसास से चलते हैं। भाईन्बहन का खामोश रिश्ता सबसे गहरा होता है कमेंट में बहन जरूर लिखे। - ShareChat
Jay Shri Shyam #JAI SHREE SHYAM 🙏🌹🌹💐
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