सुशील मेहता
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सुशील मेहता
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मैं अवकाश प्राप्त डाक्टर हूँ
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - आज का मंत्र शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिम न गजे னI साधवो नहि सर्वत्र चंदन न वने वने।। भावार्थः प्रत्येक पर्वत पर अनमोल रत्न नहीं होते , प्रत्येक हाथी के मस्तक में मोती नहीं होता। सज्जन लोग सब जगह नहीं होते और प्रत्येक वन में चंदन नही பஙIJ @myquote आज का मंत्र शैले शैले न माणिक्यं मौक्तिम न गजे னI साधवो नहि सर्वत्र चंदन न वने वने।। भावार्थः प्रत्येक पर्वत पर अनमोल रत्न नहीं होते , प्रत्येक हाथी के मस्तक में मोती नहीं होता। सज्जन लोग सब जगह नहीं होते और प्रत्येक वन में चंदन नही பஙIJ @myquote - ShareChat
दोहा अनस खान #✒ शायरी
✒ शायरी - बड़े शहर से अपनी दूरी रखिए मीलों मील जितनी दूर समुंदर से हो उतनी मीठी झील अनस खान @myquote बड़े शहर से अपनी दूरी रखिए मीलों मील जितनी दूर समुंदर से हो उतनी मीठी झील अनस खान @myquote - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - एहतिजाज करे भी तो क्या मिले क़तरा अब दरिया जो लग रहे थे समंदर से जा मिले गज़़ल भीड़ दौड़ता है यहां की तरफ हर शख़्स फिर यह भी चाहता है उसे रास्ता मिले इस आरज़ू ने और तमाशा बना दिया जो भी मिले है हमारी तरफ़ देखता मिले की नज़र से न देखिये दुनिया को दूसरों चेहरे न पढ सके तो किताबों में क्या मिले रिश्तों को बार बार समझने की आरज़ू कहती है फिर मिले तो कोई बेवफ़ा मिले। दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं ' वसीम' इस जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले बरेलवीotivational Vicleos Aoo वस एहतिजाज करे भी तो क्या मिले क़तरा अब दरिया जो लग रहे थे समंदर से जा मिले गज़़ल भीड़ दौड़ता है यहां की तरफ हर शख़्स फिर यह भी चाहता है उसे रास्ता मिले इस आरज़ू ने और तमाशा बना दिया जो भी मिले है हमारी तरफ़ देखता मिले की नज़र से न देखिये दुनिया को दूसरों चेहरे न पढ सके तो किताबों में क्या मिले रिश्तों को बार बार समझने की आरज़ू कहती है फिर मिले तो कोई बेवफ़ा मिले। दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं ' वसीम' इस जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले बरेलवीotivational Vicleos Aoo वस - ShareChat
रुबाई सरमद #सूफी काव्य
सूफी काव्य - "रुबाई  ईं मुर्दुम एन्दुनिया ज़े ख़ुदा बे खबर अंद, हर शाम ओ सहर, दर तलब ए सीम ओ ज़र अंद | पहलू एन्हमदिगर, जिगर रेश तर 3 अंद, हर चंद कि चूं बाद-ए॰सबा दर गुज़र अंद | हैं अहल-एन्जहाँ बेख़बर ए राज़ ए ख़ुदा है शाम ओ सहर ग़म उन्हें सीम ओ-ज़र का रुकते ही नहीं उनके लड़ाई झगड़े हर-चंद गुज़र जाऐंगे सब সিলে-৭-মনা (सरमद) Motivational Videos Appi Want . "रुबाई  ईं मुर्दुम एन्दुनिया ज़े ख़ुदा बे खबर अंद, हर शाम ओ सहर, दर तलब ए सीम ओ ज़र अंद | पहलू एन्हमदिगर, जिगर रेश तर 3 अंद, हर चंद कि चूं बाद-ए॰सबा दर गुज़र अंद | हैं अहल-एन्जहाँ बेख़बर ए राज़ ए ख़ुदा है शाम ओ सहर ग़म उन्हें सीम ओ-ज़र का रुकते ही नहीं उनके लड़ाई झगड़े हर-चंद गुज़र जाऐंगे सब সিলে-৭-মনা (सरमद) Motivational Videos Appi Want . - ShareChat
चाणक्य का वचन #संतो के ज्ञान वर्धक वचन
संतो के ज्ञान वर्धक वचन - = सही समय, सही मित्र, सही स्थान, आय के साधन और धन के सही उपयोग पर विचार करें ঠিলাৎশা यह सफलता uQ Motivational Videos App Want = सही समय, सही मित्र, सही स्थान, आय के साधन और धन के सही उपयोग पर विचार करें ঠিলাৎশা यह सफलता uQ Motivational Videos App Want - ShareChat
शुभ सोमवार #शुभ कामनाएँ 🙏
शुभ कामनाएँ 🙏 - 16/02/2026 बेशक आप हवा में उड़ो लेकिन जमीं वालों से ताल्लुक बनाए रखिए मुश्किल वक्त में वही काम आते हैं. ஆபிபபப राष्ट्रीय बादाम दिवस తిరగార [ಊ@[ಲರ जय ত্ুঙ্খভ্রঙ্নস্ু भोले देवाधिदेव महादेव जी की कृपा सदा बनी रहे !! आप एवं आपुके   परिवार पर ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि , तन्नो रूद्र प्रचोदयात्। Want Motiyational Vdeos App 16/02/2026 बेशक आप हवा में उड़ो लेकिन जमीं वालों से ताल्लुक बनाए रखिए मुश्किल वक्त में वही काम आते हैं. ஆபிபபப राष्ट्रीय बादाम दिवस తిరగార [ಊ@[ಲರ जय ত্ুঙ্খভ্রঙ্নস্ু भोले देवाधिदेव महादेव जी की कृपा सदा बनी रहे !! आप एवं आपुके   परिवार पर ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि , तन्नो रूद्र प्रचोदयात्। Want Motiyational Vdeos App - ShareChat
#प्रातः विचार
प्रातः विचार - शुभ प्रभात जीवन का एक सत्य- मनुष्यो को अपनी . झूठी ecols तारीफ बर्बाद सुनकर होना तो पसंद है, अपनी सच्ची पर mreepik आलोचना सुनकर meepik संभलना नहीं| meepik< Motivatonat Videos App Want' शुभ प्रभात जीवन का एक सत्य- मनुष्यो को अपनी . झूठी ecols तारीफ बर्बाद सुनकर होना तो पसंद है, अपनी सच्ची पर mreepik आलोचना सुनकर meepik संभलना नहीं| meepik< Motivatonat Videos App Want' - ShareChat
#शुभ रात्रि
शुभ रात्रि - Ceed ہنمk !! !! समय और जिन्दगी दुनिया چ5 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं जिन्दगी, सदुपयोग सिखाती IHG है और समय हमें जिन्दगी की कीमत सिखाता है शुभ रात्रि !! Ceed ہنمk !! !! समय और जिन्दगी दुनिया چ5 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक हैं जिन्दगी, सदुपयोग सिखाती IHG है और समय हमें जिन्दगी की कीमत सिखाता है शुभ रात्रि !! - ShareChat
गज़ल #✒ शायरी
✒ शायरी - आँखों में रहा दिल मेंउतर कर नहीं देखा  कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा बेन्वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा  जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा यारों की मोहब्बत का यक़ीं कर लिया मैं ने फूलों में छुपाया हुआ ख़ंजर नहीं देखा महबूब का घर हो कि बुज़ुर्गों की ज़मीनें जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा ख़त ऐसा लिखा है कि नगीने से जड़े हैं वो हाथ कि जिस ने कोई ज़ेवर नहीं देखा पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा  बशीर बद्र Moiivational Vicloos Appl Xant आँखों में रहा दिल मेंउतर कर नहीं देखा  कश्ती के मुसाफ़िर ने समुंदर नहीं देखा बेन्वक़्त अगर जाऊँगा सब चौंक पड़ेंगे इक उम्र हुई दिन में कभी घर नहीं देखा  जिस दिन से चला हूँ मिरी मंज़िल पे नज़र है आँखों ने कभी मील का पत्थर नहीं देखा ये फूल मुझे कोई विरासत में मिले हैं तुम ने मिरा काँटों भरा बिस्तर नहीं देखा यारों की मोहब्बत का यक़ीं कर लिया मैं ने फूलों में छुपाया हुआ ख़ंजर नहीं देखा महबूब का घर हो कि बुज़ुर्गों की ज़मीनें जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़ कर नहीं देखा ख़त ऐसा लिखा है कि नगीने से जड़े हैं वो हाथ कि जिस ने कोई ज़ेवर नहीं देखा पत्थर मुझे कहता है मिरा चाहने वाला मैं मोम हूँ उस ने मुझे छू कर नहीं देखा  बशीर बद्र Moiivational Vicloos Appl Xant - ShareChat
#आज का मंत्र
आज का मंत्र - "शिव मंत्र" पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय कृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय। भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकाय नीलाब्जकण्ठसदृशाय नमः शिवाय। । भावार्थः जो स्वच्छ पद्मरागमणि के, से किरणों की कुण्डलों ; वर्षा करने वाले हैं, चन्दन तथा अगरू से चर्चित तथा भस्म, जूही से सुशोभित और प्रफुल्लित कमल ऐसे नीलकमलसदृश कण्ठवाले शिव शंकर को प्रणाम। @myquote "शिव मंत्र" पद्मावदातमणिकुण्डलगोवृषाय कृष्णागरुप्रचुरचन्दनचर्चिताय। भस्मानुषक्तविकचोत्पलमल्लिकाय नीलाब्जकण्ठसदृशाय नमः शिवाय। । भावार्थः जो स्वच्छ पद्मरागमणि के, से किरणों की कुण्डलों ; वर्षा करने वाले हैं, चन्दन तथा अगरू से चर्चित तथा भस्म, जूही से सुशोभित और प्रफुल्लित कमल ऐसे नीलकमलसदृश कण्ठवाले शिव शंकर को प्रणाम। @myquote - ShareChat