#🌿आयुर्वेद
*क्या आपका भी पेट रहता है ख़राब, तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय*
अदरक : एक महत्त्वपूर्ण पाचक है। सूखा अदरक, जिसे सोंठ कहते हैं, यह पाचन क्रिया के लिए बहुत फायदेमंद है। अदरक का एक छोटा टुकड़ा पीसकर दो कप पानी में मिलाएँ। इसमें एक चुटकी धनिया मिलाकर एक कप होने तक उबालें। इसे दिन में दो बार हलका गरम ही सेवन करें। यह भोजन से पहले या बाद में लिया जाना चाहिए। इसका सेवन रोज न करें। इसे चाय के रूप में भी तैयार किया जा सकता है। सब्जियाँ बनाने, केक इत्यादि में भी अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
घी : गाय के दूध से बना घी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, क्योंकि यह खून में कोलेस्टरोल नहीं बढ़ाता तथा वात को शांत करता है; परंतु यह कफ प्रकृति के लोगों के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए कड़वी तथा तीखी औषधियों को मिलाने के बाद इसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। घी को खाना पकाने के लिए तेल की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक है।
फल : खाने में ज्यादा से ज्यादा फल का इस्तमाल करें। इससे आपकी पाचन क्रिया बिल्कुल सही रहेगी। फलों में अमरुद , अनार , संतरा का प्रयोग ज्यादा करें
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*क्यों जरूरी है आपके आहार में फाइबर, 4 बड़ी सेहत समस्याओं से रखता है दूर*
आपके भोजन में रेशा यानी फाइबर उतना ही जरूरी है जितना कि प्रोटीन, विटामिन या मिनरल। फल, सब्जी, साबुत अनाज और दालों से रेशा प्राप्त किया जा सकता है। भारतीय भोजन में रेशा मौसमी फल, रोटी, सब्जी, तुअर दाल, उड़द दाल, मूंग की दाल, राजमा आदि से प्राप्त हो सकता है। रेशा या फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है। सिर्फ इतना ही नहीं भोजन में पर्याप्त फाइबर, डाइबिटीज, कैंसर, हृदय रोग और मोटापे को भी दूर रखता है।
रेशा प्रिबायोटिक है। इससे कोलोन में मित्र बैक्टीरिया में वृद्धि होती है।फाइबर एक महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट है।डाइट में लिया गया फाइबर बुरे कॉलेस्ट्रॉल को भी बढ़ने से रोकता है।रेशे वाला भोजन खाने की संतुष्टि देता है। इससे पेट भरा रहता है।इसके विपरीत रेशे रहित पदार्थ मैदा इत्यादि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।
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खराश को दूर कर आवाज को सुरीला बनाए मुलहठी, जानिए इसके 6 फायदे*
1 अगर आप सूखी खांसी या गले की समस्याओं से परेशान हैं, तो मुलहठी आपके काम की चीज है। काली मिर्च के साथ पीस कर मुलहठी का सेवन, सूखी खांसी में तो लाभकारी है ही, साथ ही इसे चूसने या उबालकर सेवन करने से गले की खराश, दर्द आदि में भी लाभ होता है।
2 मुलहठी चेहरे की खूबसूरती को बढ़ाने का काम करती है। इसे घिसकर लगाने पर चेहरे के दाग और मुंहासे ठीक हो जाते हैं, साथ ही यह आपकी त्वचा को जवा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मुलहठी रक्त को भी शुद्ध करती है जिससे त्वचा की समस्याएं नहीं होती।
3 दूध के साथ मुलहठी का सेवन शरीर की ताकत में वृद्धि करता है। इसके अलावा घी व शहद के साथ मुलहठी का प्रयोग करने से हृदय से संबंधित समस्याएं नहीं होती।
4 मुंह में छाले हो जाने की स्थिति में मुलहठी चूसना, इसके पानी से कुल्ला करना और उसे पीना बहुत जल्दी छालों से राहत देता है।
5 पेट के अल्सर में मुलहटी का सेवन ठंडक देने के साथ ही लाभप्रद होता है। आंत की टीबी होने की स्थिति में भी मुलहठी फायदेमंद उपाय है।
6 त्वचा या शरीर में कहीं जल जाने पर भी मुलहठी के चूर्ण और मक्खन का लेप एक कारगर उपाय है, साथ ही यह आंखों की रौशनी में भी वृद्धि करती है।
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क्या आपका भी पेट रहता है ख़राब, तो अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपाय*
अदरक : एक महत्त्वपूर्ण पाचक है। सूखा अदरक, जिसे सोंठ कहते हैं, यह पाचन क्रिया के लिए बहुत फायदेमंद है। अदरक का एक छोटा टुकड़ा पीसकर दो कप पानी में मिलाएँ। इसमें एक चुटकी धनिया मिलाकर एक कप होने तक उबालें। इसे दिन में दो बार हलका गरम ही सेवन करें। यह भोजन से पहले या बाद में लिया जाना चाहिए। इसका सेवन रोज न करें। इसे चाय के रूप में भी तैयार किया जा सकता है। सब्जियाँ बनाने, केक इत्यादि में भी अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
घी : गाय के दूध से बना घी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, क्योंकि यह खून में कोलेस्टरोल नहीं बढ़ाता तथा वात को शांत करता है; परंतु यह कफ प्रकृति के लोगों के लिए अच्छा नहीं है। इसलिए कड़वी तथा तीखी औषधियों को मिलाने के बाद इसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। घी को खाना पकाने के लिए तेल की जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन इसका अत्यधिक इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक है।
फल : खाने में ज्यादा से ज्यादा फल का इस्तमाल करें। इससे आपकी पाचन क्रिया बिल्कुल सही रहेगी। फलों में अमरुद , अनार , संतरा का प्रयोग ज्यादा करें
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कब्ज, एसिडिटी जैसी समस्या बनी रहती है, तो बाईं साइड करवट करके सोए और फायदा देखें*
1 बाईं करवट सोना आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा होता है। इससे आपके दिल पर अधिक दबाव नहीं पड़ता, और वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है। जिससे आप अधिक समय तक स्वस्थ रह पाते हैं।
2 इस तरह से शरीर के विभिन्न अंगों और दिमाग तक रक्त के साथ ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरीके से होता है, और शरीर के सभी अंग स्वस्थ रहते हैं और अच्छी तरह से कार्य करते हैं।
3 गर्भवती महिलाओं के लिए बाईं करवट सोना ही सबसे बेहतर होता है। क्योंकि उससे गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। इसके अलावा एड़ी, हाथों और पैरों में सूजन की समस्या भी नहीं होती।
4बाईं करवट सोने से शरीर में रक्त कर संचार बेहतर होता है और नींद भी अच्छी आती है। इस तरह से सोने पर आपको उठने पर थकान महसूस नहीं होगी और पेट संबंधी समस्याएं भी हल हो जाएंगी।
5 इस तरह से सोने पर भोजन अच्छी तरह से पचता है, और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता।
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*कौन कहता है प्रोटीन के लिए अंडा खाना है जरूरी, ये 5 शाकाहारी चीजें नहीं पता क्या*
1. दालें : कम से कम शब्दों में कहा जाए तब भी इतना तो कहना जरूरी है कि दालें पौषकतत्वों का खजाना है। अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन देने वाली दालों के इस्तेमाल से कई बीमारियां दूर रहती हैं।
2. हरी मटर :जब बात ऐसी शाकाहारी चीजों की हो जिनमें है टेस्ट भी और हेल्थ भी तो हरी मटर बहुत ऊंचे स्थान पर आती है। थोडा सा हरा मटर डेयरी से भी ज्यादा प्रोटीन देती है।
3. डेयरी : यह अमूमन सभी को पता है कि डेयरी (दूध, दही, घी और पनीर) प्रोटीन से भरपूर हैं। इनका नियमित सेवन कई तरह के अन्य जरूरी पौषक तत्वों की भी पूर्ति करता है।
4. हरी पत्तेदार सब्जियां : हरी सब्जियां न्यूट्रिशंस का पॉवर हाउस हैं। खासतौर पर पालक को आप लगभग हर न्यूट्रिशन ग्रुप में पाएंगे। प्रोटीन भी इसमें भरपूर मात्रा में होता है।
5. मेवे : मेवे कई तरह के न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। खासतौर पर बादाम में मौजूद प्रोटीन आसानी से शरीर में पच जाता है। इससे इसके फायदे जल्दी मिलते हैं।
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*कौन कहता है प्रोटीन के लिए अंडा खाना है जरूरी, ये 5 शाकाहारी चीजें नहीं पता क्या*
1. दालें : कम से कम शब्दों में कहा जाए तब भी इतना तो कहना जरूरी है कि दालें पौषकतत्वों का खजाना है। अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन देने वाली दालों के इस्तेमाल से कई बीमारियां दूर रहती हैं।
2. हरी मटर :जब बात ऐसी शाकाहारी चीजों की हो जिनमें है टेस्ट भी और हेल्थ भी तो हरी मटर बहुत ऊंचे स्थान पर आती है। थोडा सा हरा मटर डेयरी से भी ज्यादा प्रोटीन देती है।
3. डेयरी : यह अमूमन सभी को पता है कि डेयरी (दूध, दही, घी और पनीर) प्रोटीन से भरपूर हैं। इनका नियमित सेवन कई तरह के अन्य जरूरी पौषक तत्वों की भी पूर्ति करता है।
4. हरी पत्तेदार सब्जियां : हरी सब्जियां न्यूट्रिशंस का पॉवर हाउस हैं। खासतौर पर पालक को आप लगभग हर न्यूट्रिशन ग्रुप में पाएंगे। प्रोटीन भी इसमें भरपूर मात्रा में होता है।
5. मेवे : मेवे कई तरह के न्यूट्रिशन से भरपूर होते हैं। खासतौर पर बादाम में मौजूद प्रोटीन आसानी से शरीर में पच जाता है। इससे इसके फायदे जल्दी मिलते हैं।
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क्या डायबिटीज के मरीज चीकू खा सकते हैं या नहीं? जानिए इस फल को खाने के फायदे और नुकसान
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चीकू दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छा है. खासकर पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए ये बढ़िया उपाय है. कब्ज, पेट फूलना और डायरिया जैसी दिक्कतों को कम करने में ये अच्छा काम करता है. इसमें मौजूद नेचुरल एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर की सूजन को कम करते हैं. ये शरीर में होने वाली गर्मी को भी कम करता है, साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाने और ब्लड प्रेशर (BP) कंट्रोल करने में भी चीकू का अहम रोल है.
इसमें मौजूद प्राकृतिक शुगर जैसे फ्रक्टोज और सुक्रोज शरीर को तुरंत एनर्जी देती हैं, इसलिए जो लोग थका हुआ महसूस करते हैं या जिम में वर्कआउट करते हैं, उनके लिए ये अच्छा विकल्प है. साथ ही इसमें मौजूद विटामिन 'E' और एंटीऑक्सीडेंट्स स्किन को झुर्रियों से बचाते हैं और नेचुरल 'एजिंग रोधी' की तरह काम करते हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि प्रेग्नेंट महिलाओं को होने वाली उल्टी और चक्कर जैसी दिक्कतों को कम करने में भी चीकू फायदेमंद है.
क्या डायबिटीज के मरीज चीकू खा सकते हैं?- चीकू डायबिटीज के मरीजों के लिए अच्छा नहीं है. इसका सबसे बड़ा कारण इसमें मौजूद नेचुरल शुगर है. चीकू में बहुत ज्यादा 'ग्लाइसेमिक लोड' होता है यानी जब आप इसे खाते हैं, तो आपके ब्लड शुगर लेवल में काफी तेजी से बढ़ोतरी होती है.
इसी वजह से डॉक्टर ये सलाह देते हैं कि जिनका शुगर कंट्रोल में नहीं है, वे इस फल को गलती से भी अधिक न खाएं. अगर आपको चीकू खाना है तो बहुत कम मात्रा में और डॉक्टर की सलाह से ही खाएं.
चीकू किसे नहीं खाना चाहिए?- डायबिटीज के मरीज या जिनका शुगर लेवल कंट्रोल में नहीं है, उन्हें चीकू खाने से बचना चाहिए. इससे ब्लड शुगर कंट्रोल पर असर पड़ सकता है. कुछ लोगों को कुछ फल पसंद नहीं आते. चीकू में मौजूद 'लेटेक्स' और 'टैनिन' जैसी चीजों से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है, इसलिए पहली बार चीकू ट्राई करने वाले लोग थोड़ा ध्यान रखें.





