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#🌿आयुर्वेद
*गर्मी के मौसम में दूर रहें खाने पीने की इन 5 चीजों से, वरना बिगड़ जाएगी सेहत*
1. बहुत ज्यादा मसाला : गर्मी के दिनों में अत्यधिक मसालों के सेवन से बचना चाहिए। वे शरीर में गर्मी का संचार करते हैं और चयापचय की दर अर्थात मेटाबॉलिज्म रेट को बढ़ावा देते हैं।
2. मांसाहार : मछली, चिकन, मांस, समुद्री भोजन और अत्यधिक ग्रेवी वाले व्यंजन खाने के लिए गर्मी उपयुक्त समय नहीं है। वास्तव में इससे व्यक्ति को और अधिक पसीना आता है और पाचन की समस्याएं भी हो जाती हैं। ज्यादा मसालेदार खाने के सेवन से डायरिया भी हो सकता है।
3. ऑइली जंक फूड : इस मौसम में मांस, बर्गर, डीप फ्राइड व्यंजन और अन्य तेल वाली खाद्य सामग्री के सेवन से बचना चाहिए। यह सभी चीजें पाचन संबंधी समस्या पैदा करेंगी और ऊर्जा में कमी लाएंगी।
4. चाय और कॉफी : इन पेय पदार्थों से निश्चित रूप से परहेज करना चाहिए। कैफीन और अन्य पेय पदार्थ वास्तव में आपके शरीर में गर्मी बढ़ाने के साथ शरीर का निर्जलीकरण यानि डिहाइड्रेशन पैदा करते हैं।
5. सॉस खाने से बचें : सॉस भी बहुत नुकसान कर सकता है। उसमें तकरीबन 350 कैलोरी होती है, जो आपको सुस्त बना सकती है। कुछ सॉस में बहुत ज्यादा नमक और MSG (मोनोसोडियम ग्लूटामेंट) होता है, जो आपके लिए हानिकारक है।
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घुटने के दर्द से निजात में फिजियोथेरेपी ज्यादा कारगर:
लोग घुटने के दर्द से मुक्त होने के लिए इसकी सर्जरी कराते हैं, लेकिन हाल के एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि अनावश्यक सर्जरी की अपेक्षा फिजियोथेरेपी घुटने के दर्द के इलाज में ज्यादा कारगर हो सकता है। आथ्रेस्कोपिक सर्जरी आम बात है, लेकिन फिनलैंड में कराए गए अध्ययन की मानें तो हजारों लोग अनावश्यक रूप से सर्जरी कराते हैं।
अध्ययन के अनुसार, इस सर्जरी की संख्या कम होनी चाहिए तथा फिजियोथेरेपी इस रोग के निदान का अच्छा विकल्प है। फिनलैंड के शोध में हालांकि, सर्जरी को कारगर माना गया है लेकिन यह कम उम्र के रोगियों पर किया जाना चाहिए है। इसका कहना है कि 80 फीसदी मामले में सर्जरी उतनी कारगर साबित नहीं होती।
अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्थोपेडिक सर्जन डेविड जेवसेवर ने कहा कि यह जाना माना अध्ययन है। यह कई शोध को विश्वसनीयता देता है जिसने यह दिखाया है कि मरीजों पर आथ्रेस्कोपी हमेशा बेहतर साबित नहीं रहती। इस अध्ययन के लिए पांच अस्पताल और 35 से 45 साल के 146 मरीजों को शामिल किया गया।
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