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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 राधा रानी #🎶जय श्री राम🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🪔शुभ शनिवार🙏
🙏गीता ज्ञान🛕 - कर दे कृपा हनुमतवीरा मैं भी लाल हूं तेरा !! तेरी भक्ति की लाली से रंग जाए तनमन मेरा N = যস 17 11' 0' TI ~7 _5 रास ~ pwa్g [ Hannatji कर दे कृपा हनुमतवीरा मैं भी लाल हूं तेरा !! तेरी भक्ति की लाली से रंग जाए तनमन मेरा N = যস 17 11' 0' TI ~7 _5 रास ~ pwa్g [ Hannatji - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🎶जय श्री राम🚩 #🙏 राधा रानी #🙏गीता ज्ञान🛕
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 राधा रानी #🎶जय श्री राम🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🪔शुभ शनिवार🙏
🙏गीता ज्ञान🛕 - हरि शरणं जियत न जानई मरत न जानई , जनमत न जानई कोय तुलसी सो धन संचिये , जो अंत सहायक होय मनुष्य जीवन और मृत्यु के चक्र में फँसा रहता है , लेकिन उसे असली धन का ज्ञान नहीं होता । तुलसीदास जी कहते हैं कि हमें उस धन ( राम नाम और पुण्य ) को इकट्ठा करना चाहिए जो मृत्यु के बाद भी हमारे काम आए , न कि केवल भौतिक संपत्ति । - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🎶जय श्री राम🚩 #🙏 राधा रानी #🙏गीता ज्ञान🛕
🪔शुभ शनिवार🙏 - हरि शरणं -ul 2M राम झरोखा बैठि के, सबका मुजरा लेत जैसी जिसकी चाकरी , वैसा उसको देत भगवान राम अपने ऊँचे स्थान सिंहासन) पर बैठकर सबको रहे हैं। जिसकी जैसी सेवा और निष्ठा होती है॰ प्रभु देख उसे वैसा ही फल प्रदान करते हैं। हरि शरणं -ul 2M राम झरोखा बैठि के, सबका मुजरा लेत जैसी जिसकी चाकरी , वैसा उसको देत भगवान राम अपने ऊँचे स्थान सिंहासन) पर बैठकर सबको रहे हैं। जिसकी जैसी सेवा और निष्ठा होती है॰ प्रभु देख उसे वैसा ही फल प्रदान करते हैं। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 राधा रानी #🎶जय श्री राम🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🪔शुभ शनिवार🙏
🙏गीता ज्ञान🛕 - !! कवन सो काज कठिन जग माही !! जो नहीं होई तात तुम्ह पाही JENNALY Hanumanji ke bhagattt - ShareChat
#🪔शुभ शनिवार🙏 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🎶जय श्री राम🚩 #🙏 राधा रानी #🙏गीता ज्ञान🛕
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00:44
#🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏 राधा रानी #🎶जय श्री राम🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️
🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 - ShareChat
00:37
#🙏 राधा रानी #🎶जय श्री राम🚩 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏
🙏 राधा रानी - जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना ।। गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस की इस चौपाई का अर्थ है कि जहाँ सुबुद्धि (सद्बुद्धि/ अच्छे विचार ) होती है॰ वहाँ नाना प्रकार की सुख-्समृद्धि और संपत्ति का वास होता है। इसके विपरीत, बुद्धि। बुरे विचार ) होती है, वहाँ निश्चित रूप से जहाँ (314 कुबुद्धि विपत्ति (दुःख, दरिद्रता और संकट ) का वास होता है। [ucooucoL जहाँ सुमति तहँ संपति नाना। जहाँ कुमति तहँ विपति निदाना ।। गोस्वामी तुलसीदास कृत रामचरितमानस की इस चौपाई का अर्थ है कि जहाँ सुबुद्धि (सद्बुद्धि/ अच्छे विचार ) होती है॰ वहाँ नाना प्रकार की सुख-्समृद्धि और संपत्ति का वास होता है। इसके विपरीत, बुद्धि। बुरे विचार ) होती है, वहाँ निश्चित रूप से जहाँ (314 कुबुद्धि विपत्ति (दुःख, दरिद्रता और संकट ) का वास होता है। [ucooucoL - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🔊सुन्दर कांड🕉️ #🎶जय श्री राम🚩 #🙏 राधा रानी
🙏गीता ज्ञान🛕 - जाति पाति पूछे नहीं कोई। हरि का भजे सो हरि का होई । जाति पाति पूछे नहीं कोई। हरि का भजे सो हरि का होई । - ShareChat
#🔊सुन्दर कांड🕉️ #🎶जय श्री राम🚩 #🙏 राधा रानी #🙏🌺जय बजरंगबली🌺🙏 #🙏गीता ज्ञान🛕
🔊सुन्दर कांड🕉️ - हरि शरणं शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् विष्णु # 37 qాHgా को प्रणाम करता हूँ॰ जो शांत हैं॰ शेषनाग पर विराजमान हैं, जिनकी नाभि से कमल प्रस्फुटित होता है, जो पूरे ब्रह्मांड का आधार हैं॰ और जो भक्तों के सांसारिक को दूर करने वाले जगत के स्वामी हैं। दुखों हरि शरणं शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् विष्णु # 37 qాHgా को प्रणाम करता हूँ॰ जो शांत हैं॰ शेषनाग पर विराजमान हैं, जिनकी नाभि से कमल प्रस्फुटित होता है, जो पूरे ब्रह्मांड का आधार हैं॰ और जो भक्तों के सांसारिक को दूर करने वाले जगत के स्वामी हैं। दुखों - ShareChat