Akram Tilhari  ( poet )
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#विकास की कलम से दर्दे शायर #shayar #विकास बेदर्दी की शायरी ऐ शायर हसीन #बेनाम शायर #poet
विकास की कलम से दर्दे शायर - ৪ম ন कभी ढूंडे ना सहारे काम ख़ुद  ही किये सारे हम ने सादा लोही का नतीजा है मियाँ येजो पाए हैं ख़सारे हम ने अकरम तिलहरी ےن مہ ےراہس ہن ےڈنوھڈ یهبک ےن مہ ےراس ےئک یہ دوخ ماک J৬ _ اک ర یحول ~் ںيہ ےئاپوج ہی =@ பய் یدہلت ಗುl Akram Tilhari uote.in Your ৪ম ন कभी ढूंडे ना सहारे काम ख़ुद  ही किये सारे हम ने सादा लोही का नतीजा है मियाँ येजो पाए हैं ख़सारे हम ने अकरम तिलहरी ےن مہ ےراہس ہن ےڈنوھڈ یهبک ےن مہ ےراس ےئک یہ دوخ ماک J৬ _ اک ర یحول ~் ںيہ ےئاپوج ہی =@ பய் یدہلت ಗುl Akram Tilhari uote.in Your - ShareChat
#poet #विकास बेदर्दी की शायरी ऐ शायर हसीन #बेनाम शायर #विकास की कलम से दर्दे शायर #shayar
poet - रूह का एहतेसाब कर बैठे अपनी हालत   ख़राब कर बैठे इस क़दर बे रुख़ी नहीं अच्छी मुझ को देखा हिजाब कर बैठे अकरम तिलहरी رك باستحا اک حود ےھٹیب உ 5 பl் ಲl ینپا یھچُا یخد ےپ ںیہن لدق سِا ےھٹیب رک باجح اھکید وکھجم مدکا یدہلت Your uotein रूह का एहतेसाब कर बैठे अपनी हालत   ख़राब कर बैठे इस क़दर बे रुख़ी नहीं अच्छी मुझ को देखा हिजाब कर बैठे अकरम तिलहरी رك باستحا اک حود ےھٹیب உ 5 பl் ಲl ینپا یھچُا یخد ےپ ںیہن لدق سِا ےھٹیب رک باجح اھکید وکھجم مدکا یدہلت Your uotein - ShareChat
#poet #बेनाम शायर #विकास की कलम से दर्दे शायर #विकास बेदर्दी की शायरी ऐ शायर हसीन #shayar
poet - कज रवी से मुझे 74/47 8 वो तसव्वुर में आता जाता है तुम हवाओं से कह दो थम जाएँ ఎగౌ पर कोई बनाता है घर अकरम तिलहरी اتاچب ےهجم یور جک < <4 اتآ اتاج 09 روصت ப ںيئاج مھتود ہہکےس ںؤاوہ مت یئوک رپ اتانب دھگ تیر یدہلت م ಗ3/ Your uotein कज रवी से मुझे 74/47 8 वो तसव्वुर में आता जाता है तुम हवाओं से कह दो थम जाएँ ఎగౌ पर कोई बनाता है घर अकरम तिलहरी اتاچب ےهجم یور جک < <4 اتآ اتاج 09 روصت ப ںيئاج مھتود ہہکےس ںؤاوہ مت یئوک رپ اتانب دھگ تیر یدہلت م ಗ3/ Your uotein - ShareChat
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poet - दिखा   गई रंग ग़ुरबत अपना क्या था मैं क्या बना गई ग़ुरबत जितने अरमान थे मेरे दिल में में सब मिला गई ग़ुरबत खाक अकरम तिलहरी Your uote.in दिखा   गई रंग ग़ुरबत अपना क्या था मैं क्या बना गई ग़ुरबत जितने अरमान थे मेरे दिल में में सब मिला गई ग़ुरबत खाक अकरम तिलहरी Your uote.in - ShareChat
#poet #बेनाम शायर #shayar #विकास बेदर्दी की शायरी ऐ शायर हसीन #विकास की कलम से दर्दे शायर
poet - येअलम भी उठाना पडता है ज़ख़्म अपनों से खाना पड़ता है ऐसा मौक़ा भी आता है अकरम आँसुओं को छुपाना पड़ता है अकरम तिलहरी Your uotein येअलम भी उठाना पडता है ज़ख़्म अपनों से खाना पड़ता है ऐसा मौक़ा भी आता है अकरम आँसुओं को छुपाना पड़ता है अकरम तिलहरी Your uotein - ShareChat
#shayar #poet #बेनाम शायर #विकास की कलम से दर्दे शायर #विकास बेदर्दी की शायरी ऐ शायर हसीन
shayar - हर तरफ रंज-्ओ॰ग़म की खाई है मेरे मौला तेरी दुहाई है कोई उनको मिला नहीं सकता जिन की तक़दीर में जुदाई है उम्र भर कैसे भूल पाऊंगा एक तिनके ने जां बचाई है दर हक़ीक़त तुम्हारे आने से जिंदगी में बहार आई है किस पे करते हम ऐतबार अकरम, बेवफाई है हर तरफ आम तिलहरी अकरम Akram Tilhari Your uotein हर तरफ रंज-्ओ॰ग़म की खाई है मेरे मौला तेरी दुहाई है कोई उनको मिला नहीं सकता जिन की तक़दीर में जुदाई है उम्र भर कैसे भूल पाऊंगा एक तिनके ने जां बचाई है दर हक़ीक़त तुम्हारे आने से जिंदगी में बहार आई है किस पे करते हम ऐतबार अकरम, बेवफाई है हर तरफ आम तिलहरी अकरम Akram Tilhari Your uotein - ShareChat