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#🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏शाम की आरती🪔 #📚कविता-कहानी संग्रह #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
🤗जया किशोरी जी🕉️ - ।श्रो RUIHI श्याम 6 कविः हेरी sT: नाम कर दी है, ये ज़िन्दगी अब मेरी, तुम्हारे संवारो तुम, बिगाड़ो तुम, ये ज़िन्दगी अब मेरी। पहला अंतराः यकीं किस और पे क्यों करु, क्यों करु किसी और पे एतबार ೯ 9೫೯, लगाया है, किया है तुम से ही प्यार। ये दिल तुमसे नाम कर दी है, ये ज़िन्दगी अब मेरी।। 35R दूसरा अंतराः भटकता फिर रहा था मैं, इस दुनिया से आस लगाए, से देख लेता, मेरे पांवो के ये छाले। कोई चुपके प्रेमी मिला ना कहीं तुमसा, करु मे जिसकी बंदगी, इसलिए, मिला ना प्रेमी कोई तुमसा, सच कहता है ये हेरी।। तीसरा अंतराः मुजे आनंद मिलता है तुम्हारा नाम सुमिरन सै ना कोई भय सताता है अंधेरी रात बेरन सै। चरणों की धूल मिल गई है, तुम्हारे अब किस्मत को संवरने में नहीं होगी कोई देरी।। ।श्रो RUIHI श्याम 6 कविः हेरी sT: नाम कर दी है, ये ज़िन्दगी अब मेरी, तुम्हारे संवारो तुम, बिगाड़ो तुम, ये ज़िन्दगी अब मेरी। पहला अंतराः यकीं किस और पे क्यों करु, क्यों करु किसी और पे एतबार ೯ 9೫೯, लगाया है, किया है तुम से ही प्यार। ये दिल तुमसे नाम कर दी है, ये ज़िन्दगी अब मेरी।। 35R दूसरा अंतराः भटकता फिर रहा था मैं, इस दुनिया से आस लगाए, से देख लेता, मेरे पांवो के ये छाले। कोई चुपके प्रेमी मिला ना कहीं तुमसा, करु मे जिसकी बंदगी, इसलिए, मिला ना प्रेमी कोई तुमसा, सच कहता है ये हेरी।। तीसरा अंतराः मुजे आनंद मिलता है तुम्हारा नाम सुमिरन सै ना कोई भय सताता है अंधेरी रात बेरन सै। चरणों की धूल मिल गई है, तुम्हारे अब किस्मत को संवरने में नहीं होगी कोई देरी।। - ShareChat
#👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
👍 डर के आगे जीत👌 - रचयिताः खोज कर्ता हेरी (अपने मूल शब्दों में) कुछ होते हुए भी अगर इधर उधर भागना पडे q निंद पलको पर अपना डेरा डाले पडी हो और फिर भी हमें जागना पडे इल्ज़ाम एसै लगे जो कभी साबित ना हो ः फिर भी हमे हालतो के हाथो मजबुर होकर अपने दामन पर छापना पडे घर छोडा द्वार छोडा और छोडना पडा परिवार पिता जेसै भाई को भी करना पडा अस्वीकार छुप छुप कर दिन बिताये अंधेरो का आंचल ओडकर अपने ही घर आना पडा फिर भी किसी से ना किया हमनै कभी भी कोई शिकवा गिला इस जन्म का तो हमे पता नहीं पर जो मिला कर्मों का फल मिला सबकुछ होते हूए भी हम उस परम आदी शक्ति इतना का करते है हाथ जोडकर धन्यवाद वाद बडा हम फिर भी सुरक्षित है इस तन मे ना कोई कष्ट पडा रचयिताः खोज कर्ता हेरी (अपने मूल शब्दों में) कुछ होते हुए भी अगर इधर उधर भागना पडे q निंद पलको पर अपना डेरा डाले पडी हो और फिर भी हमें जागना पडे इल्ज़ाम एसै लगे जो कभी साबित ना हो ः फिर भी हमे हालतो के हाथो मजबुर होकर अपने दामन पर छापना पडे घर छोडा द्वार छोडा और छोडना पडा परिवार पिता जेसै भाई को भी करना पडा अस्वीकार छुप छुप कर दिन बिताये अंधेरो का आंचल ओडकर अपने ही घर आना पडा फिर भी किसी से ना किया हमनै कभी भी कोई शिकवा गिला इस जन्म का तो हमे पता नहीं पर जो मिला कर्मों का फल मिला सबकुछ होते हूए भी हम उस परम आदी शक्ति इतना का करते है हाथ जोडकर धन्यवाद वाद बडा हम फिर भी सुरक्षित है इस तन मे ना कोई कष्ट पडा - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार #👍 डर के आगे जीत👌 #📖जीवन का लक्ष्य🤔
❤️जीवन की सीख - डायरी का पन्नाः जागते सपने और कर्म योद्धा की मंजील रचयिताः खोज कर्ता हेरी (अपने मूल शब्दों में) आप सोने की बात करते हो जबकी आपको पता है की हमनै सपने ही एसे देख रखे है की वो हमे सोने नहीं देते है जो सच है उसे ही लिखना बस ये ही काम हैअपना जो मंजील दुर होती है वो ही तो एक सच्चे राही की का नुर बनती है पहचान और आंखो मजबुर हो सकती है उस मंजील की राहे योद्धा के पेरो के छालो सै एक क्रम लहु बहता रहे और योद्धा चलता रहे फिर मंजील भी पास आने को लालाहीत हो उठती है अपनी बांहे फेलाने को मिलना और ना मिलना तो किस्मत और कर्मो की बात लेकिन जो दुरीयो और कठिनाइयों को देखकर हार मान ले परिणाम तो कुछ और होता है उसका डायरी का पन्नाः जागते सपने और कर्म योद्धा की मंजील रचयिताः खोज कर्ता हेरी (अपने मूल शब्दों में) आप सोने की बात करते हो जबकी आपको पता है की हमनै सपने ही एसे देख रखे है की वो हमे सोने नहीं देते है जो सच है उसे ही लिखना बस ये ही काम हैअपना जो मंजील दुर होती है वो ही तो एक सच्चे राही की का नुर बनती है पहचान और आंखो मजबुर हो सकती है उस मंजील की राहे योद्धा के पेरो के छालो सै एक क्रम लहु बहता रहे और योद्धा चलता रहे फिर मंजील भी पास आने को लालाहीत हो उठती है अपनी बांहे फेलाने को मिलना और ना मिलना तो किस्मत और कर्मो की बात लेकिन जो दुरीयो और कठिनाइयों को देखकर हार मान ले परिणाम तो कुछ और होता है उसका - ShareChat
#🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ #📚कविता-कहानी संग्रह #❤️जीवन की सीख #☝ मेरे विचार
🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰ - शायरः हेरी कवि (मुख्य मुखड़ा মনলা) को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई, मुसाफ़िर मुसाफ़िर बन ना जाने कौन किस हालात में आकर यहाँ जाता है। (पहला अंतरा) जिम्मेदारियों को जब कोई यहाँ अपना काम बना लेता है, से कुछ कहता नहीं है किसी भी कभी, वो चुपचाप ही चला आता है। (मुखड़े पर आएं) > मुसाफ़िर को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई.. परिवार का दर्द) (दूसरा अंतरा किसको अच्छा लगता है अपनों से दूर रहना, माँ का आँचल छोड़ना, पिता का दिल तोड़ना, हमसफ़र को तन्हाइयों में और बच्चों से मजबूरी छुपाना, ना जाने कौन किस हाल में मुसाफ़िर बन जाता है। (मुखड़े पर आएं) > मुसाफ़िर को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई.. शायरः हेरी कवि (मुख्य मुखड़ा মনলা) को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई, मुसाफ़िर मुसाफ़िर बन ना जाने कौन किस हालात में आकर यहाँ जाता है। (पहला अंतरा) जिम्मेदारियों को जब कोई यहाँ अपना काम बना लेता है, से कुछ कहता नहीं है किसी भी कभी, वो चुपचाप ही चला आता है। (मुखड़े पर आएं) > मुसाफ़िर को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई.. परिवार का दर्द) (दूसरा अंतरा किसको अच्छा लगता है अपनों से दूर रहना, माँ का आँचल छोड़ना, पिता का दिल तोड़ना, हमसफ़र को तन्हाइयों में और बच्चों से मजबूरी छुपाना, ना जाने कौन किस हाल में मुसाफ़िर बन जाता है। (मुखड़े पर आएं) > मुसाफ़िर को यहाँ केवल मुसाफ़िर ही ना समझे कोई.. - ShareChat
#📗प्रेरक पुस्तकें📘 #📚कविता-कहानी संग्रह #✍मेरे पसंदीदा लेखक #🚗🧗🏻भारत भ्रमण व सफर प्रेमी🚂⛰
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - कवि शायरः हेरी (मुख्य मुखड़ा) चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में हज़ारों मगर जो चेहरा दिल के जज़्बात समझे, ऐसा कोई चेहरा मिल पाता नहीं| आपके नए और तीखे बदलाव के साथ) (पहला अंतरा बात जिससे भी करें , वो मेरे दिल के हालात समझे ही नहीं, चंद पैसों के लिए यहाँ हर कोई, प्यार को बस एक रंगीन रात कहे। (मुख्य मुखड़े पर आएं)  हज़ारों चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में. .. (दूसरा अंतरा) ढूँढती है नज़र हो के बेख़बर, ना जाने ख़त्म कब होगा इस दिल का ये सफ़र, कोई समझे नहीं , कोई जाने नहीं, हम कहीं तो मिले किसी के विचारों में। (मुख्य मुखड़े पर आएं) > हज़ारों चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में. .. कवि शायरः हेरी (मुख्य मुखड़ा) चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में हज़ारों मगर जो चेहरा दिल के जज़्बात समझे, ऐसा कोई चेहरा मिल पाता नहीं| आपके नए और तीखे बदलाव के साथ) (पहला अंतरा बात जिससे भी करें , वो मेरे दिल के हालात समझे ही नहीं, चंद पैसों के लिए यहाँ हर कोई, प्यार को बस एक रंगीन रात कहे। (मुख्य मुखड़े पर आएं)  हज़ारों चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में. .. (दूसरा अंतरा) ढूँढती है नज़र हो के बेख़बर, ना जाने ख़त्म कब होगा इस दिल का ये सफ़र, कोई समझे नहीं , कोई जाने नहीं, हम कहीं तो मिले किसी के विचारों में। (मुख्य मुखड़े पर आएं) > हज़ारों चेहरे मिलते हैं यहाँ हुस्न के बाज़ारों में. .. - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गीता ज्ञान🛕 #📗प्रेरक पुस्तकें📘
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - डायरी का पन्नाः जीवित सत्य और कर्म (सीमित संस्करण) रचयिताः लेखक हेरी (अपने मूल शब्दों में) लिखो वो जो आपकी आंखो के सामनै हो हमारे ना होने के बाद हमारे पिछे क्या हो रहा है और क्या नही हो रहा है ये लिखकर तुम अपने जाने की हरकत मत करो लेखनी मे कभी किसी लेखक को किसी मरत इन्सान के मन की बात नहीं लिखना चाहिए और इस बात सै उन लोगो के मन मै ठेस लगती है जो किसी के जाने के बाद उनके घर दुख व्यक्त करने जाते है कोई प्यार मे किसी के ना मिलने सै आत्म हत्या कर लेता है है तो उसे क्या पता की उसके जाने या अकस्मात मर जाता के बाद क्या हो रहा है वास्तविक भीड और मिलन सार तो इन्सान के व्यवहार और उसने जो किया है उसको देखकर जो भीड जमा होती है और ना होती है ये सब तो इन्सान के काम व्यवहार और कर्म से पता चलता है किसी के इश्क मे बताने के लिये नहीं डायरी का पन्नाः जीवित सत्य और कर्म (सीमित संस्करण) रचयिताः लेखक हेरी (अपने मूल शब्दों में) लिखो वो जो आपकी आंखो के सामनै हो हमारे ना होने के बाद हमारे पिछे क्या हो रहा है और क्या नही हो रहा है ये लिखकर तुम अपने जाने की हरकत मत करो लेखनी मे कभी किसी लेखक को किसी मरत इन्सान के मन की बात नहीं लिखना चाहिए और इस बात सै उन लोगो के मन मै ठेस लगती है जो किसी के जाने के बाद उनके घर दुख व्यक्त करने जाते है कोई प्यार मे किसी के ना मिलने सै आत्म हत्या कर लेता है है तो उसे क्या पता की उसके जाने या अकस्मात मर जाता के बाद क्या हो रहा है वास्तविक भीड और मिलन सार तो इन्सान के व्यवहार और उसने जो किया है उसको देखकर जो भीड जमा होती है और ना होती है ये सब तो इन्सान के काम व्यवहार और कर्म से पता चलता है किसी के इश्क मे बताने के लिये नहीं - ShareChat
#💓 फ़ौजी के दिल की बातें #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳
💓 फ़ौजी के दिल की बातें - मिटने वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कुछ एसा कर जाएगै जो अब किसी ने ना मानी है ये राम कृष्ण की भुमी है यहां का हर एक खेल निराला है तो कृष्ण ने प्रेम को रस मे राम ने सिखाया वचन निभाना ढाला है जब बात हो यहां विरो की तो महाराणा ने अस्सी किलो का भाला संभाला है ये गाथाए आज भी वो ही महत्व रखती है चाहे चमक इनकी पुरानी है मिटने वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कुछ एसा कर जाएगै जो अब तक किसी नै ना मानी है अब तक हम तिलक करते आए चंदन और सिंदूर सै रक्त से अब हम तिलक करेंगै दुश्मन की छाती चिर के शदियों से जो नदिया बहती आई अपना आंचल भर कर निर सै अब वही नदिया बहेगी यहां दुश्मन के रक्त और सिर सै जो कहां है वो करके दिखाएंगे ये हर विर की जुबानी है मिटनै वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कूछ एसा कर जाएगै जो अब तक किसी नै ना मानी है लखक मिटने वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कुछ एसा कर जाएगै जो अब किसी ने ना मानी है ये राम कृष्ण की भुमी है यहां का हर एक खेल निराला है तो कृष्ण ने प्रेम को रस मे राम ने सिखाया वचन निभाना ढाला है जब बात हो यहां विरो की तो महाराणा ने अस्सी किलो का भाला संभाला है ये गाथाए आज भी वो ही महत्व रखती है चाहे चमक इनकी पुरानी है मिटने वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कुछ एसा कर जाएगै जो अब तक किसी नै ना मानी है अब तक हम तिलक करते आए चंदन और सिंदूर सै रक्त से अब हम तिलक करेंगै दुश्मन की छाती चिर के शदियों से जो नदिया बहती आई अपना आंचल भर कर निर सै अब वही नदिया बहेगी यहां दुश्मन के रक्त और सिर सै जो कहां है वो करके दिखाएंगे ये हर विर की जुबानी है मिटनै वाले मिट गये ये भी क्या कोई कहानी है हम कूछ एसा कर जाएगै जो अब तक किसी नै ना मानी है लखक - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #📚कविता-कहानी संग्रह
🙏गीता ज्ञान🛕 - ः। | सुन मेरै मन। ।ः यकिन उस चिज पर करो जो देखी हो अपनी आंखो सै को दो जो सुनी हो अपनै कानो सै और जवाब उस बात के द्वारा  किसी और देखकर बताई हुई चिज पर यकीन करकै और किसी और के मुँह से कही हुई बात पर यकीन करके उसै सही मानकर किसी अपने पर इल्ज़ाम लगाना और अपना रिश्ता अपना व्यवहार खराब करना कहीं से भी उचित नहीं है ।अफलातुन शायर। ।ः ।मंगल कुमार। |ः 2026-02-26 ः। | सुन मेरै मन। ।ः यकिन उस चिज पर करो जो देखी हो अपनी आंखो सै को दो जो सुनी हो अपनै कानो सै और जवाब उस बात के द्वारा  किसी और देखकर बताई हुई चिज पर यकीन करकै और किसी और के मुँह से कही हुई बात पर यकीन करके उसै सही मानकर किसी अपने पर इल्ज़ाम लगाना और अपना रिश्ता अपना व्यवहार खराब करना कहीं से भी उचित नहीं है ।अफलातुन शायर। ।ः ।मंगल कुमार। |ः 2026-02-26 - ShareChat
#🇮🇳 देशभक्ति #I ❤️️ इंडियन आर्मी 🇮🇳
🇮🇳 देशभक्ति - अरमान ना कोई दफन हो तिरंगै मे लिपटा ये तन हो ः जब जाउ इस जहाँ से मे हर आंख मेरै लिये नम हो मिले राख मेरी इस मिट्टी में ः और लिखा मेरा नमन हो ः 2 ।।जय हिन्द जय भारत।| ः ।अफलातुन शायर। |ः M मंगल कुमार। ।ः 0 2026-01-25 अरमान ना कोई दफन हो तिरंगै मे लिपटा ये तन हो ः जब जाउ इस जहाँ से मे हर आंख मेरै लिये नम हो मिले राख मेरी इस मिट्टी में ः और लिखा मेरा नमन हो ः 2 ।।जय हिन्द जय भारत।| ः ।अफलातुन शायर। |ः M मंगल कुमार। ।ः 0 2026-01-25 - ShareChat