-
ShareChat
click to see wallet page
@2489408508
2489408508
-
@2489408508
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
जिन दयानंद सरस्वती को हमने समाज सुधारक माना, क्या वे समाज सुधारक थे भी या नहीं? अधिक जानकारी के लिए देखिए 'क्या सच में सूर्य पर रहते हैं इंसान? Maharishi Dayanand के इस दावे का असली सच' SA News Channel नामक यूट्यूब चैनल पर #🙂ভক্তি😊 #🔴আজকের ভক্তি ভিডিও স্ট্যাটাস😀 #🙏ভক্তি ভজন🎵 #🙂ভক্তির সকাল😇
🙂ভক্তি😊 - ShareChat
কাশীর ব্রাহ্মণরা করৌঁত স্থাপন করে এই বিভ্রান্তি ছড়িয়েছিল যে এতে স্বর্গ প্রাপ্তি সম্ভব। এটি ছিল একটি প্রতারণা, যা অজ্ঞতার কারণে মানুষ সত্য বলে বিশ্বাস করেছিল। গরীবদাসজি স্পষ্ট বলেছেন যে, ভক্তি ছাড়া মোক্ষ সম্ভব নয়। কাশীতে মৃত্যু বা করৌঁত দিয়ে গলা কাটানোতে মোক্ষ পাওয়া যায় না। কেবলমাত্র সত্য সাধনাই আত্মার মুক্তির পথ। काशी के ब्राह्मणों ने करौंत स्थापित कर यह भ्रम फैलाया कि इससे स्वर्ग मिल सकता है। यह एक पाखंड था, जो अज्ञानता के कारण लोगों ने सच मान लिया। गरीबदास जी ने स्पष्ट कहा कि भक्ति के बिना मोक्ष संभव नहीं है। काशी में मरने या करौंत से गर्दन कटाने से मोक्ष नहीं मिलता। केवल सत्य साधना से ही जीव का उद्धार होता है। #🙏জয় বাবা লোকনাথ😊 #📖কোরানের বাণী🤲🏻 #🤲জুম্মার নামাজ 🤲 #🤲আল্লাহ 👆
🙏জয় বাবা লোকনাথ😊 - 7 तत्त्वदर्शी संत जगतगुरु जी महाराज रामपाल कटाया मोक्ष नहों पाया गरीब. बिना भगति क्या होत है॰ भावैं कासी करौंत लेह| मिटे नहों मन बासना, भर्म संदेह| | १०४ | | बहुबिधि सुमिरन का अंग (वाणीः१०४  काशी नगर के विषय में ने दंतकथा बताई ब्राह्मणों थी कि भगवान शिव ने काशी की भूमि को वरदान ঠ হনো ' था कि जो यहाँ मरेगा. वह TaTT जाएगा | देखा कि काशी में वृद्धों की भीड़ लग गई तो ডন नया षड़यत्र रखा गंगा दरिया के किनारे एक करौंत स्थापित किया जो দলায়া लकड़ी काटने के काम आता है तथा भ्रम कि जो शीघ्र स्वर्ग जाना चाहता है॰ वह करौंत से और तुरंत स्वर्ग जाए। गर्दन कटाए संत गरीबदास जी ने कहा है कि यह सब झूठ है सत्य साधना से जीव का मोक्ष होता है। करोंत लेने से कोई लाभ नहीं होगा | किसी स्थान विशेष से नहीं हो सकता Sant Rampal Ji YOUTUBE Frce Bopk] Maharaj CHANNEL 7490801825 WSLIII.III 7 तत्त्वदर्शी संत जगतगुरु जी महाराज रामपाल कटाया मोक्ष नहों पाया गरीब. बिना भगति क्या होत है॰ भावैं कासी करौंत लेह| मिटे नहों मन बासना, भर्म संदेह| | १०४ | | बहुबिधि सुमिरन का अंग (वाणीः१०४  काशी नगर के विषय में ने दंतकथा बताई ब्राह्मणों थी कि भगवान शिव ने काशी की भूमि को वरदान ঠ হনো ' था कि जो यहाँ मरेगा. वह TaTT जाएगा | देखा कि काशी में वृद्धों की भीड़ लग गई तो ডন नया षड़यत्र रखा गंगा दरिया के किनारे एक करौंत स्थापित किया जो দলায়া लकड़ी काटने के काम आता है तथा भ्रम कि जो शीघ्र स्वर्ग जाना चाहता है॰ वह करौंत से और तुरंत स्वर्ग जाए। गर्दन कटाए संत गरीबदास जी ने कहा है कि यह सब झूठ है सत्य साधना से जीव का मोक्ष होता है। करोंत लेने से कोई लाभ नहीं होगा | किसी स्थान विशेष से नहीं हो सकता Sant Rampal Ji YOUTUBE Frce Bopk] Maharaj CHANNEL 7490801825 WSLIII.III - ShareChat