एक दिन…
बातें बंद हो जाती हैं
न कोई झगड़ा,
न कोई अलविदा
बस जैसे कोई किताब बिना आख़िरी पन्ने के बंद हो जाए
और अजीब बात ये है
दर्द उतना ही होता है
जितना एक असली ब्रेकअप में होता है
क्योंकि रिश्ता भले नाम का नहीं था
पर दिल ने उसे सच मान लिया था।
'कुछ नही' वाला 'बहुत कुछ' हो गया था।
Saba Parveen 🥀💯❤️ #💝 शायराना इश्क़