Anil Kumar Sajjanshetty
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#💓 ಪ್ರೀತಿ #😍 ನನ್ನ ಸ್ಟೇಟಸ್
💓 ಪ್ರೀತಿ - एक पुरुष चाहे जितना भी खुश हो मगर जब वह अकेला চীনা ৪..... तो उसी औरत को याद करता है जिसे वह दिल प्यार करता ... एक पुरुष चाहे जितना भी खुश हो मगर जब वह अकेला চীনা ৪..... तो उसी औरत को याद करता है जिसे वह दिल प्यार करता ... - ShareChat
#😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔
😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔 - रिश्ते ತತ इसलिए भी ट्ूट जाते हैं ब्योंकि एक तो बााना करने के लिए इंतज्ार कर रहा होता है और दूसरे को परवाह ही नहीं होती रिश्ते ತತ इसलिए भी ट्ूट जाते हैं ब्योंकि एक तो बााना करने के लिए इंतज्ार कर रहा होता है और दूसरे को परवाह ही नहीं होती - ShareChat
#ತಾಯಿಯೇ ದೇವರು Mother's day #mother"s day
ತಾಯಿಯೇ ದೇವರು Mother's day - ShareChat
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#😍 ನನ್ನ ಸ್ಟೇಟಸ್
😍 ನನ್ನ ಸ್ಟೇಟಸ್ - ShareChat
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#😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔
😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔 - ~  कोई चाहता है किसी को अपनाने के लिए कोई चाहता है किसी को तन्हाई से बचाने के लिए मुझे भी किसी ने चाहा था सिर्फ अपना दिल बहलाने के लिए ~  कोई चाहता है किसी को अपनाने के लिए कोई चाहता है किसी को तन्हाई से बचाने के लिए मुझे भी किसी ने चाहा था सिर्फ अपना दिल बहलाने के लिए - ShareChat
Life of woumen #📝ಅಮ್ಮನ ವಿಶೇಷ ಕವನಗಳು💖
📝ಅಮ್ಮನ ವಿಶೇಷ ಕವನಗಳು💖 - माँ ने रोक टोक लगाई उसे प्यार का नाम दे दिया पिता ने बंदिशे लगाई उसे संस्कारों का नाम दे दिया सास ने कहा अपने इच्छाओं को मार दो 0999 उसे परम्पराओं का नाम दे दिया ससुर ने घर को कैदखाना बना दिया उसे अनुशासन का नाम दे दिया पति ने थोप दिये अपने सपने अपनी इच्छायें उसे वफ़ा का नाम दे दिया ठगी सी खड़ी मैं जिंदगी की राहों पर और मैंने उसे किस्मत का नाम दे दिया | माँ ने रोक टोक लगाई उसे प्यार का नाम दे दिया पिता ने बंदिशे लगाई उसे संस्कारों का नाम दे दिया सास ने कहा अपने इच्छाओं को मार दो 0999 उसे परम्पराओं का नाम दे दिया ससुर ने घर को कैदखाना बना दिया उसे अनुशासन का नाम दे दिया पति ने थोप दिये अपने सपने अपनी इच्छायें उसे वफ़ा का नाम दे दिया ठगी सी खड़ी मैं जिंदगी की राहों पर और मैंने उसे किस्मत का नाम दे दिया | - ShareChat
#😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔
😔 sad ಬ್ರೇಕ್ ಅಪ್ ಸ್ಟೇಟಸ್ 💔 - नसीब बनकर कोई जिंदगी में आता है॰ 0 ( फिर ख्वाब बनकर आंखों में समां जाता हे (( यकीन दिलाता हे किचो हमारा हे॰. फिरना जाने क्यों२? वक़्त के साथ बदल जाता हेः नसीब बनकर कोई जिंदगी में आता है॰ 0 ( फिर ख्वाब बनकर आंखों में समां जाता हे (( यकीन दिलाता हे किचो हमारा हे॰. फिरना जाने क्यों२? वक़्त के साथ बदल जाता हेः - ShareChat