Gopal Kumar
ShareChat
click to see wallet page
@2771601376
2771601376
Gopal Kumar
@2771601376
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#📚कविता-कहानी संग्रह
📚कविता-कहानी संग्रह - शायद गलती मेरी ही थी... मैं उसे पहले जैसा ढूंढती रही.. वो हर दिन थोड़ा- 2؟آ बदलता रहा.. पहले मेरी आवाज़ सुनकर खुश हो जाता था.. अब मेरे cal से उसे ivuitation होने लगा... पहले कहता था " तुम सबसे खास हो.. वही मुझे ignore करने लगा.. अब मैंने खुद सेँ पूछा... "क्या कमी रह गई मुझमें?" फिर दिल ने धीरे से कहा... कमी नहीं तुझमें থী बस उसकी चाहत कम हो गई थी... शायद गलती मेरी ही थी... मैं उसे पहले जैसा ढूंढती रही.. वो हर दिन थोड़ा- 2؟آ बदलता रहा.. पहले मेरी आवाज़ सुनकर खुश हो जाता था.. अब मेरे cal से उसे ivuitation होने लगा... पहले कहता था " तुम सबसे खास हो.. वही मुझे ignore करने लगा.. अब मैंने खुद सेँ पूछा... "क्या कमी रह गई मुझमें?" फिर दिल ने धीरे से कहा... कमी नहीं तुझमें থী बस उसकी चाहत कम हो गई थी... - ShareChat
#💔 काहानी tute dil ki 💔
💔 काहानी tute dil ki 💔 - शब्दों का प्रतिध्वनि कुदरत खामोश है॰ पर बहरी नहीं, हर शब्द तुम्हारा, वो है कहीं। सुनती तुम जो बीज जुबां से बोते हो, वो ही फल बनकर लौटते हैं यहीं। कहो "मैं कर सकता हूँ" - तो राहें खुलती हैं, कहो "मुझसे नहीं होगा" _ तो दीवारें बनती हैं। स्वर में "तथास्तु" कह देती कुदरत बस तुम्हारे 8, तुम जो चाहो, वही सच्चाई रच देती है। नहीं दोषी, सोच का आईना है, भाग्य हर वाक्य तुम्हारा, विधाता का फ़रमाना है। शब्दों में ऊर्जा है, एहसास की लौ है, वही लौट आना तय है। जो कहा 377 { इसलिए बोलो प्रेम , बोलो उजियारा, बोलो कि ॰सब अच्छा होगा"  और होगा भी మ HRT क्योंकि कुदरत नहीं सच है या झूठ, पूछती " है ~ और कहती है নী নম ி "নথাম" शब्दों का प्रतिध्वनि कुदरत खामोश है॰ पर बहरी नहीं, हर शब्द तुम्हारा, वो है कहीं। सुनती तुम जो बीज जुबां से बोते हो, वो ही फल बनकर लौटते हैं यहीं। कहो "मैं कर सकता हूँ" - तो राहें खुलती हैं, कहो "मुझसे नहीं होगा" _ तो दीवारें बनती हैं। स्वर में "तथास्तु" कह देती कुदरत बस तुम्हारे 8, तुम जो चाहो, वही सच्चाई रच देती है। नहीं दोषी, सोच का आईना है, भाग्य हर वाक्य तुम्हारा, विधाता का फ़रमाना है। शब्दों में ऊर्जा है, एहसास की लौ है, वही लौट आना तय है। जो कहा 377 { इसलिए बोलो प्रेम , बोलो उजियारा, बोलो कि ॰सब अच्छा होगा"  और होगा भी మ HRT क्योंकि कुदरत नहीं सच है या झूठ, पूछती है ~ और कहती है নী নম ி "নথাম" - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - নিলনী কথা ট पुरानो  एक कि दो उल्लू एक वृक्ष पर आ कर बैठे। " एक ने साँप अपने मुँह र्में पकड़ रखा सुबह के नाश्ते  था। भोजन था उनका  की तैयारी थी। दूसरा एक चूहा पकड़  जैसे ही बैठे वृक्ष पर  লামা থাI মরীনী  पासन्पास आकर बैठे। एक के मुॅह रमे মাঁপ বুব্ধ ক সুঁচ স বুচা/ মাঁপ ন বুট को देखा तो वह यह भूल ही गया कि॰ उल्लू के मुँह में है और मौत के वह करीब है। चूहे को देख कर उसके मुँह  भूल ही गया कि मौत के मुँह में है। उसको " में रसधार बहने लगी। वह अपनी जीवेषणा ने पकड़ लिया। और चूहे ने जैसे ही देखा साँप को वह कोँपने लगा। ऐसे मौत के मुँह में बैठा है वह भयभीत हो गया  मगर सौँप को देख कर कोँपने लगा। वे दोनों उल्लू बड़े हेरान हुए। एक उल्लू ने दरूसरे उल्लू से पूछा कि भाई इसका कुछ राज समझे ? @gన ने कहा  समझ में आया। जीभ की॰ रस की॰ स्वाद की टूसरे इच्छा इतनी प्रबल हे कि सामने मृत्यु खडी हो तो भी दिखाई नहीं पड़ती। ओर यह भी समझ में आया कि भय मौत से भी बड़ा हे। मौत सामने खडी हे॰ उससे यह भयभीत नर्ही हे चूहा, लेकिन भय से भयभीत हे कि कर्ही सॉप हमला न कर दे। मोत से हम भयभीत नहीं हें हम भय से ज्यादा भयभीत हें। और लोभ स्वाद का इंद्रियों का जीवेषणा का इतना प्रगाढ़ है कि॰ मौत चौबीर्सों घंटे खड़ी हे॰ तो भी ह्मे दिखाई नहीं पड़ती। हम अंथे  बने हुये हें। जय जय श्री राधे নিলনী কথা ট पुरानो  एक कि दो उल्लू एक वृक्ष पर आ कर बैठे। " एक ने साँप अपने मुँह र्में पकड़ रखा सुबह के नाश्ते  था। भोजन था उनका  की तैयारी थी। दूसरा एक चूहा पकड़  जैसे ही बैठे वृक्ष पर  লামা থাI মরীনী  पासन्पास आकर बैठे। एक के मुॅह रमे মাঁপ বুব্ধ ক সুঁচ স বুচা/ মাঁপ ন বুট को देखा तो वह यह भूल ही गया कि॰ उल्लू के मुँह में है और मौत के वह करीब है। चूहे को देख कर उसके मुँह  भूल ही गया कि मौत के मुँह में है। उसको " में रसधार बहने लगी। वह अपनी जीवेषणा ने पकड़ लिया। और चूहे ने जैसे ही देखा साँप को वह कोँपने लगा। ऐसे मौत के मुँह में बैठा है वह भयभीत हो गया  मगर सौँप को देख कर कोँपने लगा। वे दोनों उल्लू बड़े हेरान हुए। एक उल्लू ने दरूसरे उल्लू से पूछा कि भाई इसका कुछ राज समझे ? @gన ने कहा  समझ में आया। जीभ की॰ रस की॰ स्वाद की टूसरे इच्छा इतनी प्रबल हे कि सामने मृत्यु खडी हो तो भी दिखाई नहीं पड़ती। ओर यह भी समझ में आया कि भय मौत से भी बड़ा हे। मौत सामने खडी हे॰ उससे यह भयभीत नर्ही हे चूहा, लेकिन भय से भयभीत हे कि कर्ही सॉप हमला न कर दे। मोत से हम भयभीत नहीं हें हम भय से ज्यादा भयभीत हें। और लोभ स्वाद का इंद्रियों का जीवेषणा का इतना प्रगाढ़ है कि॰ मौत चौबीर्सों घंटे खड़ी हे॰ तो भी ह्मे दिखाई नहीं पड़ती। हम अंथे  बने हुये हें। जय जय श्री राधे - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - क्या आप जानते हैं? २. तिरुपति बालाजी में भगवान केजो बाल हैं वो असली हैं। २. वहां एक दीया बिना तेल और घी के वर्षों से जल रहा है, कोई नहीं जानता यह कैसे संभव है। ३. भगवान की मूर्ति से पसीने की बूंदें निकलती हैं जिन्हें रेशमी कपड़े से रोज़ सा़फ़ किया जाता है। ४. हर गुरुवार को जब भगवान को स्नान कराया जाता है, तो उनके वक्षस्थल पर माता लक्ष्मी की चवि दिखाई देती है। ५. यह मंदिर भारत ही नहीं , दुनिया का सबसे अमीर जहाँ रोज़़ करोडों की भेंट मंदिर माना जाता है चढ़ती है। ६. आप जब मूर्ति के पीछे खड़े होकर ध्यान देंगे, तो समुद्र की लहरों की आवाज़़ सुनाई देती है, जबकि मंदिर समुद्र से बहुत दूर है। ऐसी दिव्यता का अनुभव करने के लिए कम से जीवन में तिरुपति ज़रूर जाएं। कम एक बार रॉबि क्या आप जानते हैं? २. तिरुपति बालाजी में भगवान केजो बाल हैं वो असली हैं। २. वहां एक दीया बिना तेल और घी के वर्षों से जल रहा है, कोई नहीं जानता यह कैसे संभव है। ३. भगवान की मूर्ति से पसीने की बूंदें निकलती हैं जिन्हें रेशमी कपड़े से रोज़ सा़फ़ किया जाता है। ४. हर गुरुवार को जब भगवान को स्नान कराया जाता है, तो उनके वक्षस्थल पर माता लक्ष्मी की चवि दिखाई देती है। ५. यह मंदिर भारत ही नहीं , दुनिया का सबसे अमीर जहाँ रोज़़ करोडों की भेंट मंदिर माना जाता है चढ़ती है। ६. आप जब मूर्ति के पीछे खड़े होकर ध्यान देंगे, तो समुद्र की लहरों की आवाज़़ सुनाई देती है, जबकि मंदिर समुद्र से बहुत दूर है। ऐसी दिव्यता का अनुभव करने के लिए कम से जीवन में तिरुपति ज़रूर जाएं। कम एक बार रॉबि - ShareChat
#❤️जीवन की सीख #📒 मेरी डायरी
❤️जीवन की सीख - रिश्ता वक्त मांगता है, हर ध्यान मांगता है॰॰ लेकिन जब कोई बस अपनी ही दुनिया में खो जाए, तो सामने वाला धीरे धीरे दूर होने लगता है क्योंकि नजरअंदाज किया गया ঠিল;  एक दिन चुप हो जाता है॰. और फिर आवाज देने से भी वापस नहीं आता.. रिश्ता वक्त मांगता है, हर ध्यान मांगता है॰॰ लेकिन जब कोई बस अपनी ही दुनिया में खो जाए, तो सामने वाला धीरे धीरे दूर होने लगता है क्योंकि नजरअंदाज किया गया ঠিল;  एक दिन चुप हो जाता है॰. और फिर आवाज देने से भी वापस नहीं आता.. - ShareChat
#🤗जया किशोरी जी🕉️ #🙏गुरु महिमा😇
🤗जया किशोरी जी🕉️ - कभी तकलीफ ना देना किसी की बेटी को, एक बाप बहुत विश्वास से भेजता है अपनी बेटी को अपने जिगर के gcs को पराये घर में सही लगे तो लाइक करे कभी तकलीफ ना देना किसी की बेटी को, एक बाप बहुत विश्वास से भेजता है अपनी बेटी को अपने जिगर के gcs को पराये घर में सही लगे तो लाइक करे - ShareChat
#❤️जीवन की सीख
❤️जीवन की सीख - हनुमान जी के पैर मत छूना ೯ बहुत से लोग अनजाने में गलती कर बैठते हैं बजरंगबली के चरण स्पर्श करना शास्त्रों के हनुमान बीरब्मचानरी हया हेसलिए उनके विरुद्धा चरणों को छूना मर्यादा का उल्लंघन है। चे भगवान श्रीराम केपरम भक्त और अत्यंत तेजस्वी देवता हैं। उनके चरणों में अग्नि समान दिव्य तेज होता जिसे सामान्य मनुष्य सहन नहीं कर सकता। कहते हैं हनुमान जी को केवल हाथ rar जोड़कर या सिर झुकाकर प्रणाम करें। बेहतर ' उनके चरण छूने से है उनका नाम जपना और भक्ति करना, यही सबसे श्रेष्ठ @ है। आसथना इसलिए याद रखें हनुमान जी को प्रणाम करें, लेकिन चरण न छुएं। सच्चा भक्त वही है जो > मर्यादा में रहकर भक्ति करे। अब देखते हैं कितने सच्चे हनुमान भक्त कमेंट में "जय बजरंगबली! " लिखकर चैनलको सब्सक्राइब करते जियहनमान जी हनुमान जी के पैर मत छूना ೯ बहुत से लोग अनजाने में गलती कर बैठते हैं बजरंगबली के चरण स्पर्श करना शास्त्रों के हनुमान बीरब्मचानरी हया हेसलिए उनके विरुद्धा चरणों को छूना मर्यादा का उल्लंघन है। चे भगवान श्रीराम केपरम भक्त और अत्यंत तेजस्वी देवता हैं। उनके चरणों में अग्नि समान दिव्य तेज होता जिसे सामान्य मनुष्य सहन नहीं कर सकता। कहते हैं हनुमान जी को केवल हाथ rar जोड़कर या सिर झुकाकर प्रणाम करें। बेहतर ' उनके चरण छूने से है उनका नाम जपना और भक्ति करना, यही सबसे श्रेष्ठ @ है। आसथना इसलिए याद रखें हनुमान जी को प्रणाम करें, लेकिन चरण न छुएं। सच्चा भक्त वही है जो > मर्यादा में रहकर भक्ति करे। अब देखते हैं कितने सच्चे हनुमान भक्त कमेंट में "जय बजरंगबली! " लिखकर चैनलको सब्सक्राइब करते जियहनमान जी - ShareChat
#सनातन धर्म #जय श्री कृष्णा
सनातन धर्म - खश्ते और मित्र कम खखो पर अच्छा 0 सुनी हुई रखो एकरखो परसच्चा खखो बातों पर सोच समझ कर " भरोसा " करना चाहिए क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपको का बो भाग कभी नहीं सुना एगा कझ्ानी में एक जहाँ बह खुद गल़त था "जिंदगी " दूसरे के जैसा होना जरूरी नहीं होता बल्कि के लिए होना जरूरी होता है"मन" दूसरे  एक जैसा विचार ही "मित्र" है और मन ही शत्रु है करोगे , बैसा ही परिणाम पाओगे संपत्ति एवम " संस्कार " में संस्कार का मूल्य ज्यादा है केवल संपत्ति होतो विल बनती है और संस्कार हो तो " गुडविल" बनती है॰॰! se खश्ते और मित्र कम खखो पर अच्छा 0 सुनी हुई रखो एकरखो परसच्चा खखो बातों पर सोच समझ कर " भरोसा " करना चाहिए क्योंकि कोई भी व्यक्ति आपको का बो भाग कभी नहीं सुना एगा कझ्ानी में एक जहाँ बह खुद गल़त था "जिंदगी " दूसरे के जैसा होना जरूरी नहीं होता बल्कि के लिए होना जरूरी होता है"मन" दूसरे  एक जैसा विचार ही "मित्र" है और मन ही शत्रु है करोगे , बैसा ही परिणाम पाओगे संपत्ति एवम " संस्कार " में संस्कार का मूल्य ज्यादा है केवल संपत्ति होतो विल बनती है और संस्कार हो तो " गुडविल" बनती है॰॰! se - ShareChat