Dinesh Akodiya
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🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ - दैनिक भास्कर सच्ची बात, बेधड़क ग़ुरुकुल सिम्बायोसिस से पढ़े पुजारी पढ़ा रहे मंदिर में चढ़़े दान से पढ़ रहे गरीब छात्र, संवर गईजिंदगी मंदिर परिसर में ही छात्रों के लिए १० हजार किताबों वाली लाइब्रेरी बनी है १५ से ज्यादा को मिली जॉब दिनकर मोरे /विठोबा माली | धुले महामहेश्वर मंदिर.. महाराष्ट्र के धुले यहां पढ़े १५ से ज्यादा युवक पुलिस व सेना में भर्ती हो चुके हैं। जब जिले के कापडणे गांव के इस मंदिर में किसी को नौकरी मिलती है, तो मंदिर भजन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों सेज्यादा किताबों के पन्नों की सरसराहट से लेकर पूरे गांव में उसका देती है। सिम्बायोसिस से उच्च निकलता है। इसे चलाने का खर्च সুনান  निकालने के लिए मंदिर पास की शिक्षा प्राप्त एक `योगी महाराज के मार्गदर्शन में यहां युवा अपना भविष्य जमीन पर फूलों की खेती करता है। संवार रहे हैं। मंदिर में आने वाला दान ७ घंटे बंद रहता है मोबाइल और महाराज को मिलने वाली दक्षिणा भी छात्रों की पढ़ाई किताबों पर ही सुबह ५ः३० से रात ८३३० बजे तक खर्च होती है। चलने वाले इस केंद्र में पढ़़ाई के योगी सिद्धनाथ महाराज और इस साथ ्साथ मल्लखंभ, गोला कुश्ती, मंदिर की देखरेख करने वाले फेंक पर भी जोर दिया जाता है। रात श्री के अध्यक्ष महेश १० से सुबह 5 बजे तक मोबाइल शेषनाथ संस्थान बंद रहते हैं। जो युवा नौकरी पा चुके पाटिल ने मंदिर परिसर में ' गुरुकुल' के हैं, वे छुट्टियों के दौरान नए छात्रों का रूप में एक अनोखा शैक्षिक आंदोलन से शुरू खडा किया है। मार्गदर्शन करते हैं। 2013-14 हुए इस उपक्रम में तीन स्टडी रूम यहां हम कर्मकांड नहीं सिखाते, और १० हजार से अधिक किताबों की लाइब्रेरी बनाई गई है। हर साल ५० कॅरिअर पर ध्यान देते हैं। मैं बल्क  हूं कि क्या करने को यहां मुफ्त प्रवेश जरूरतमंद छात्रों को यह बताता छात्रों दिया जाता है। योगी सिद्धनाथ महाराज की बजाय क्या नहीं करना चाहिए। छात्रों की शैक्षणिक समस्याओं समाज के काम आना ही मकसद है। को सुलझाते हैं। -योगी सिद्धनाथ महाराज, कापडणे दैनिक भास्कर सच्ची बात, बेधड़क ग़ुरुकुल सिम्बायोसिस से पढ़े पुजारी पढ़ा रहे मंदिर में चढ़़े दान से पढ़ रहे गरीब छात्र, संवर गईजिंदगी मंदिर परिसर में ही छात्रों के लिए १० हजार किताबों वाली लाइब्रेरी बनी है १५ से ज्यादा को मिली जॉब दिनकर मोरे /विठोबा माली | धुले महामहेश्वर मंदिर.. महाराष्ट्र के धुले यहां पढ़े १५ से ज्यादा युवक पुलिस व सेना में भर्ती हो चुके हैं। जब जिले के कापडणे गांव के इस मंदिर में किसी को नौकरी मिलती है, तो मंदिर भजन, कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों सेज्यादा किताबों के पन्नों की सरसराहट से लेकर पूरे गांव में उसका देती है। सिम्बायोसिस से उच्च निकलता है। इसे चलाने का खर्च সুনান  निकालने के लिए मंदिर पास की शिक्षा प्राप्त एक `योगी महाराज के मार्गदर्शन में यहां युवा अपना भविष्य जमीन पर फूलों की खेती करता है। संवार रहे हैं। मंदिर में आने वाला दान ७ घंटे बंद रहता है मोबाइल और महाराज को मिलने वाली दक्षिणा भी छात्रों की पढ़ाई किताबों पर ही सुबह ५ः३० से रात ८३३० बजे तक खर्च होती है। चलने वाले इस केंद्र में पढ़़ाई के योगी सिद्धनाथ महाराज और इस साथ ्साथ मल्लखंभ, गोला कुश्ती, मंदिर की देखरेख करने वाले फेंक पर भी जोर दिया जाता है। रात श्री के अध्यक्ष महेश १० से सुबह 5 बजे तक मोबाइल शेषनाथ संस्थान बंद रहते हैं। जो युवा नौकरी पा चुके पाटिल ने मंदिर परिसर में ' गुरुकुल' के हैं, वे छुट्टियों के दौरान नए छात्रों का रूप में एक अनोखा शैक्षिक आंदोलन से शुरू खडा किया है। मार्गदर्शन करते हैं। 2013-14 हुए इस उपक्रम में तीन स्टडी रूम यहां हम कर्मकांड नहीं सिखाते, और १० हजार से अधिक किताबों की लाइब्रेरी बनाई गई है। हर साल ५० कॅरिअर पर ध्यान देते हैं। मैं बल्क  हूं कि क्या करने को यहां मुफ्त प्रवेश जरूरतमंद छात्रों को यह बताता छात्रों दिया जाता है। योगी सिद्धनाथ महाराज की बजाय क्या नहीं करना चाहिए। छात्रों की शैक्षणिक समस्याओं समाज के काम आना ही मकसद है। को सुलझाते हैं। -योगी सिद्धनाथ महाराज, कापडणे - ShareChat
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🆕 ताजा अपडेट - aa A भास्कर ४३ साल बाद नॉर्वे पहंचे भारतीय प्रधानमंत्री aa A भास्कर ४३ साल बाद नॉर्वे पहंचे भारतीय प्रधानमंत्री - ShareChat
#✈️एयर शो के दौरान बड़ा विमान हादसा 😨
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#🌷शुभ सोमवार #🔱हर हर महादेव #😇सोमवार भक्ति स्पेशल🌟 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏जय महाकाल📿
🌷शुभ सोमवार - 6 शुभ सोमवार 3 मेरी पूजा में शब्द नहींहें  आंसू ओर विश्वास हे महादेव पर५ बस 6 शुभ सोमवार 3 मेरी पूजा में शब्द नहींहें  आंसू ओर विश्वास हे महादेव पर५ बस - ShareChat
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🆕 ताजा अपडेट - दैनिक भास्कर बेधड़क মঙ্খী নান; तनाव बढ़ा - ड्रोन हमले में ईरान पर संदेह, रेडिएशन का खतरा नहीं के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, यूएई ट्रम्प बोले... ईरान के पास कम समय है ईरान को युद्ध का मुआवजा नहीं देगा अमेरिका 3IRరIVకేం] 5]J] ईरू के हो्ूज हस्ट्रेज हेोंजोल्केवस्ल्पे के लिए विशेष दूत बनाया गया है। ७९वां दिन जहाजों के लिए वे आईआरजीसी कमांडर रहे हैं। ಶ್೯ ೯್ डिजिटल   इंश्योरेंस पॉलिसी   होगी। अमेरिका ने ईरान को वार्ता की 5 भास्कर न्यूज | तेहरान / वॉशिंगटन शर्तें भेजी हैं। इनमें युद्ध का कोई इसका पेमेंट बिटकॉइन समेत अन्य खाड़ी में फिर जंग की खलबली क्रिप्टो करंसी में हो सकेगा। ईरान का मुआवजा नहीं देना, ईरान द्वारा ४०० पैदा हो गई है। रविवार को संयुक्त दावा है कि कई देश होर्मुज से गुजरने किलो यूरेनियम उसे सौंपना और अरब अमीरात ( यूएई) के बराकाह ईरान की विदेशों में जब्त संपत्ति को के बाद उसके साथ बात कर रहे हैं। न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ।  ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद रिलीज नहीं किया जाना शामिल है। हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली बाघेर कालिबाफ को चीन मामलों ईरान ने जवाब नहीं दिया है। 8, पर शक ईरान पर है। न्यूक्लियर बराकाह खाड़ी का एकमात्र न्यूक्लियर प्लांट है। 2 लाख करोड़ रु. की रेग्युलेशन अथॉरिटी ने रेडिएशन से लागत से बने इस प्लांट से यूएईं को २५% बिजली की सप्लाई होती है। इनकार किया है। इस बीच, देर रात उधर... मॉस्को में यूक्रेनी ड्रोन हमला; 1 भारतीय की मौत, 3 जख्मी अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति ईरान को चेताया कि उसके पास कम तड़के यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार है। वार्ता की टेबल पर भारतीय की मौत हो गई जबकि 3 अन्य घायल हो गए। रूसी रक्षा লণ बचा एक आए, नहीं तो सब तबाह हो जाएगा।  मंत्रालय का दावा है कि यूक्रेन ने २४ घंटों के दौरान ५५६ ड्रोन दागे हैं। दैनिक भास्कर बेधड़क মঙ্খী নান; तनाव बढ़ा - ड्रोन हमले में ईरान पर संदेह, रेडिएशन का खतरा नहीं के न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला, यूएई ट्रम्प बोले... ईरान के पास कम समय है ईरान को युद्ध का मुआवजा नहीं देगा अमेरिका 3IRరIVకేం] 5]J] ईरू के हो्ूज हस्ट्रेज हेोंजोल्केवस्ल्पे के लिए विशेष दूत बनाया गया है। ७९वां दिन जहाजों के लिए वे आईआरजीसी कमांडर रहे हैं। ಶ್೯ ೯್ डिजिटल   इंश्योरेंस पॉलिसी   होगी। अमेरिका ने ईरान को वार्ता की 5 भास्कर न्यूज | तेहरान / वॉशिंगटन शर्तें भेजी हैं। इनमें युद्ध का कोई इसका पेमेंट बिटकॉइन समेत अन्य खाड़ी में फिर जंग की खलबली क्रिप्टो करंसी में हो सकेगा। ईरान का मुआवजा नहीं देना, ईरान द्वारा ४०० पैदा हो गई है। रविवार को संयुक्त दावा है कि कई देश होर्मुज से गुजरने किलो यूरेनियम उसे सौंपना और अरब अमीरात ( यूएई) के बराकाह ईरान की विदेशों में जब्त संपत्ति को के बाद उसके साथ बात कर रहे हैं। न्यूक्लियर प्लांट पर ड्रोन हमला हुआ।  ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद रिलीज नहीं किया जाना शामिल है। हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली बाघेर कालिबाफ को चीन मामलों ईरान ने जवाब नहीं दिया है। 8, पर शक ईरान पर है। न्यूक्लियर बराकाह खाड़ी का एकमात्र न्यूक्लियर प्लांट है। 2 लाख करोड़ रु. की रेग्युलेशन अथॉरिटी ने रेडिएशन से लागत से बने इस प्लांट से यूएईं को २५% बिजली की सप्लाई होती है। इनकार किया है। इस बीच, देर रात उधर... मॉस्को में यूक्रेनी ड्रोन हमला; 1 भारतीय की मौत, 3 जख्मी अमेरिकी डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्रपति ईरान को चेताया कि उसके पास कम तड़के यूक्रेन के ड्रोन हमले में रूस की राजधानी मॉस्को में रविवार है। वार्ता की टेबल पर भारतीय की मौत हो गई जबकि 3 अन्य घायल हो गए। रूसी रक्षा লণ बचा एक आए, नहीं तो सब तबाह हो जाएगा।  मंत्रालय का दावा है कि यूक्रेन ने २४ घंटों के दौरान ५५६ ड्रोन दागे हैं। - ShareChat
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🤩पॉजिटिव स्टोरी✌ - दैनिक भास्कर uln ausca देश की ४२ पंचायतों को अपने कामों के लिए खबरबदलावकी अलग-्अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार मिला  सर्वश्रेष्ठ पंचायतें. .. गांवों ने खुद बदले हालात, कहीं क्राइम जीरो तो कहीं पानी से होने वाली बीमारियां खत्म की कि इन गांवों ने अपनी समस्याओं का हल कैसे निकाला और दूसरों सागर भांडारकर /जेस वर्के | (भंडारा / अलाप्पुझा)  के लिए नजोर बन गए। देश को ४२ पंचायतों को अपनी समस्याओं का खुद समाधान निकालने इनमें पर्यावरण, पानी की कमो, ऑनलाइन सुविधाएं बोमारियां के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है। पंचायती राज मंत्रालय बढते अपराध जैसी कई समस्याएं थीं। गांव के लोगों ने इनसे निपटने को हाल हा सहयोग के ही खुद उस में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार, २०२५ के विजेताओं की घोषणा की है। योजना बनाई और बिना राज्य या केंद्र सरकार के इनमें देश के कई राज्यों के गांव, अलग ्अलग श्रेणियों में चुने गए हैं। परेशानी से निजात पा ली। कई गांवों ने तो इसके लिए ऐसे अनोखे तरीके दैनिक भास्कर इनमें से 5 गांवों तक पहुंचा और इस बात की पड़ताल जगहों पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है निकाले, जिन्हें अब दूसरो खरीवली , महाराष्ट्र इटगांव, महाराष्ट्र बालसरपंच सुनते हैं समस्याएं बच्चों से जुड़े क्राइम जीरो हुए वाटर एटीएम लगाया, पानी से जुड़ी बीमारियां होना बंद हो गईं रायगढ़ जिले के खरीवली को जल-पर्याप्त पंचायत का प्रथम पुरस्कार  भंडारा के इटगांव को चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है। यहां कभी पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या थी। ग्राम मिला है। इटगांव को विस्थापन को मार झेलनी पड़ी थी। इसका पंचायत अधिकारी मनाली महेश महते ने बताया , इस कमी को दूर सर्वाधिक असर बच्चों पर हुआ। फिर साल २०२२ में जनसहयोग  करने के लिए वाटर बजट बनाया गया। 7 नए जल स्रोत तैयार किए हैं। से तस्वीर बदलने का फैसला हुआ। गांव में बालपंचायत बनाई गई। बालक सरपंच उपसरपंच बच्चों की समस्याएं सुनते हैं। फिर पंचायत स्वच्छ जल के लिए वाटर एटीएम लगाए गए। एफटीके किट से पानी की स्वच्छता मापते हैं, जिससे जलजनित बीमारियां होना बंद हो गई हैं। जरूरी कदम उठाती है। अब गांव में बच्चों से जुड़ शून्य हैं। अपराध हरिप्पाड केरल मेलुकावु, केरल डिजिटल डैशबोर्ड पर हर काम सार्वजनिक, पारदर्शिता बढ़ी पानी के लिए सरकार पर निर्भर नहीं , अपना सिस्टम बनाया EunచuuAIuli BIOON PIIHAYNTI OFIT   अलाप्पुझा जिले की हरिप्पाड को सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत का कोट्टायम जिले के मेलुकावु को आत्मनिर्भर अवसंरचना श्रेणी में पुरस्कार मिला है। यहां पंचायत से प्रथम पुस्कार मिला है। मेलुकावु ग्रामपंचायत अध्यक्ष विन्सी टॉमी जुँकेसारे  सारे काम का सोशल ऑडिट होता है। किसी भी कार्य की लागत, बताती हैं, हमने पेयजल पर सबसे ज्यादा काम किया। जलस्रोतों को का नाम टाइमलाइन सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले करते हैं। हर काम को समय सीमा में पूरा नए सिरे से जीवित किया। पानी के लिए हम सरकारी सुविधाओं पर निर्भर नहीं हैं। अगर किसी के घर में पानी की दिक्कत होती है, तो करने की अनिवार्यता होती है। साथ ही डिजिटल डैशबोर्ड पर निगरानी उसके घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था पंचायत मिलकर करती है। होती है, ताकि लोग नजर रख सकें। इससे काम में पारदर्शिता बढी है। मामित जिले की कावर्था नॉर्थ पंचायत को स्वच्छ एवं কাবথ নাঁথ, মিসীমে हरित पंचायत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है। विलेज कॉम्पटीशनः स्कूलों - काउंसिल सेक्रेटरी ने बताया कि हमने सफाई को सिर्फ दुकानों को भी देते हैं सरकारी पहल तक सीमित नहीं किया। साल में दो प्रतियोगिता कराते हैं। स्कूल, पूजास्थल TIIIS 3Idis बारस्वच्छत दुँकाहें  घर, सरकारी दफ्तरों को अलग-्अलग पुरस्कार इससे जागरूकता बढी है। दैनिक भास्कर uln ausca देश की ४२ पंचायतों को अपने कामों के लिए खबरबदलावकी अलग-्अलग श्रेणियों में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार मिला  सर्वश्रेष्ठ पंचायतें. .. गांवों ने खुद बदले हालात, कहीं क्राइम जीरो तो कहीं पानी से होने वाली बीमारियां खत्म की कि इन गांवों ने अपनी समस्याओं का हल कैसे निकाला और दूसरों सागर भांडारकर /जेस वर्के | (भंडारा / अलाप्पुझा)  के लिए नजोर बन गए। देश को ४२ पंचायतों को अपनी समस्याओं का खुद समाधान निकालने इनमें पर्यावरण, पानी की कमो, ऑनलाइन सुविधाएं बोमारियां के लिए पुरस्कृत किया जा रहा है। पंचायती राज मंत्रालय बढते अपराध जैसी कई समस्याएं थीं। गांव के लोगों ने इनसे निपटने को हाल हा सहयोग के ही खुद उस में राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार, २०२५ के विजेताओं की घोषणा की है। योजना बनाई और बिना राज्य या केंद्र सरकार के इनमें देश के कई राज्यों के गांव, अलग ्अलग श्रेणियों में चुने गए हैं। परेशानी से निजात पा ली। कई गांवों ने तो इसके लिए ऐसे अनोखे तरीके दैनिक भास्कर इनमें से 5 गांवों तक पहुंचा और इस बात की पड़ताल जगहों पर भी इस्तेमाल किया जा रहा है निकाले, जिन्हें अब दूसरो खरीवली , महाराष्ट्र इटगांव, महाराष्ट्र बालसरपंच सुनते हैं समस्याएं बच्चों से जुड़े क्राइम जीरो हुए वाटर एटीएम लगाया, पानी से जुड़ी बीमारियां होना बंद हो गईं रायगढ़ जिले के खरीवली को जल-पर्याप्त पंचायत का प्रथम पुरस्कार  भंडारा के इटगांव को चाइल्ड फ्रेंडली पंचायत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है। यहां कभी पानी की कमी सबसे बड़ी समस्या थी। ग्राम मिला है। इटगांव को विस्थापन को मार झेलनी पड़ी थी। इसका पंचायत अधिकारी मनाली महेश महते ने बताया , इस कमी को दूर सर्वाधिक असर बच्चों पर हुआ। फिर साल २०२२ में जनसहयोग  करने के लिए वाटर बजट बनाया गया। 7 नए जल स्रोत तैयार किए हैं। से तस्वीर बदलने का फैसला हुआ। गांव में बालपंचायत बनाई गई। बालक सरपंच उपसरपंच बच्चों की समस्याएं सुनते हैं। फिर पंचायत स्वच्छ जल के लिए वाटर एटीएम लगाए गए। एफटीके किट से पानी की स्वच्छता मापते हैं, जिससे जलजनित बीमारियां होना बंद हो गई हैं। जरूरी कदम उठाती है। अब गांव में बच्चों से जुड़ शून्य हैं। अपराध हरिप्पाड केरल मेलुकावु, केरल डिजिटल डैशबोर्ड पर हर काम सार्वजनिक, पारदर्शिता बढ़ी पानी के लिए सरकार पर निर्भर नहीं , अपना सिस्टम बनाया EunచuuAIuli BIOON PIIHAYNTI OFIT   अलाप्पुझा जिले की हरिप्पाड को सर्वश्रेष्ठ ब्लॉक पंचायत का कोट्टायम जिले के मेलुकावु को आत्मनिर्भर अवसंरचना श्रेणी में पुरस्कार मिला है। यहां पंचायत से प्रथम पुस्कार मिला है। मेलुकावु ग्रामपंचायत अध्यक्ष विन्सी टॉमी जुँकेसारे  सारे काम का सोशल ऑडिट होता है। किसी भी कार्य की लागत, बताती हैं, हमने पेयजल पर सबसे ज्यादा काम किया। जलस्रोतों को का नाम टाइमलाइन सार्वजनिक रूप से डिस्प्ले करते हैं। हर काम को समय सीमा में पूरा नए सिरे से जीवित किया। पानी के लिए हम सरकारी सुविधाओं पर निर्भर नहीं हैं। अगर किसी के घर में पानी की दिक्कत होती है, तो करने की अनिवार्यता होती है। साथ ही डिजिटल डैशबोर्ड पर निगरानी उसके घर तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था पंचायत मिलकर करती है। होती है, ताकि लोग नजर रख सकें। इससे काम में पारदर्शिता बढी है। मामित जिले की कावर्था नॉर्थ पंचायत को स्वच्छ एवं কাবথ নাঁথ, মিসীমে हरित पंचायत श्रेणी में प्रथम पुरस्कार मिला है। विलेज कॉम्पटीशनः स्कूलों - काउंसिल सेक्रेटरी ने बताया कि हमने सफाई को सिर्फ दुकानों को भी देते हैं सरकारी पहल तक सीमित नहीं किया। साल में दो प्रतियोगिता कराते हैं। स्कूल, पूजास्थल TIIIS 3Idis बारस्वच्छत दुँकाहें  घर, सरकारी दफ्तरों को अलग-्अलग पुरस्कार इससे जागरूकता बढी है। - ShareChat