♥️SC ST OBC बहुजनों की असली राजनीतिक पहचान 💪💙
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🎤 “क्या मोदी सरकार 14 साल के बच्चे से डर गई है?” क्या ये वही सरकार है जो खुद को दुनिया की सबसे ताकतवर सरकार कहती है? अगर हाँ — तो फिर सवाल उठता है… एक 14 साल का बच्चा, अश्वमित गौतम — उससे इतनी घबराहट क्यों? क्या सच बोलना अब अपराध हो गया है? क्या सवाल पूछना अब देशद्रोह बन गया है? इतिहास गवाह है — सत्ता हमेशा सवालों से डरती है, क्योंकि सवाल ही तानाशाही की नींव हिलाते हैं। अगर सरकार मजबूत होती, तो एक बच्चे की आवाज़ से नहीं काँपती। डर कमज़ोर सत्ता की निशानी होता है। आज अगर 14 साल का बच्चा अन्याय पर बोल रहा है, तो ये लोकतंत्र की ताकत है — कमजोरी नहीं। और याद रखिए — देश का शिक्षित वर्ग तुम्हारे साथ है, अश्वमित। डरो मत। झुको मत। क्योंकि इतिहास में वही लोग ज़िंदा रहते हैं जो सत्ता से सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। आज तुम अकेले नहीं हो — तुम्हारे पीछे भारत का जागता विवेक खड़ा है। #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 हम है हिंदुस्तानी #🌸 सत्य वचन #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🇮🇳 देश की शान किसान
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📰 कलयुग की कुमाता: जिसने ममता को ही मार डाला कहावत है — पूत कपूत हो सकता है, लेकिन माता कुमाता नहीं हो सकती। लेकिन कलयुग में ये कहावत भी झूठी साबित हो रही है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर से सामने आई ये घटना इंसानियत को झकझोर देने वाली है। 🕯️ क्या है पूरा मामला? 28 अप्रैल 2023 की शाम ग्वालियर के एक मोहल्ले में ज्योति राठौर नाम की महिला अपनी छत पर पड़ोसी युवक उदय इंदौलिया के साथ मौजूद थी। दोनों आपत्तिजनक हालत में थे। तभी ज्योति का 5 साल का मासूम बेटा जतिन राठौर छत पर पहुंच गया। बेटे ने अपनी मां को किसी और पुरुष की बाहों में देखा। यही वो पल था जहाँ से मां नहीं — अपराधी पैदा हुई। 😱 सच छुपाने के लिए मां बनी हत्यारिन ज्योति घबरा गई। उसे डर था कि बेटा ये बात अपने पिता को बता देगा। इसी डर में उसने वो किया जिसकी कल्पना भी रूह कांपा दे — 👉 अपनी ही कोख से जन्मे बेटे को 👉 दो मंजिला छत से नीचे फेंक दिया। नीचे गिरते ही जतिन के सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। 🕵️‍♂️ शुरुआत में हादसा, बाद में हत्या का खुलासा शुरुआत में मामला हादसा बताया गया। पूरा परिवार सदमे में था। लेकिन 15 दिन बाद ज्योति खुद टूट गई। उसने रोते हुए अपने पति को पूरी सच्चाई बता दी। पति ने चुपचाप पूरी बातचीत कैमरे में रिकॉर्ड कर ली और पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी। यहीं से केस ने नया मोड़ लिया। ⚖️ अदालत का फैसला लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि — मां ने जानबूझकर अपने बेटे की हत्या की है। 17 जनवरी 2026 को अदालत ने ज्योति राठौर को उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं प्रेमी उदय इंदौलिया के खिलाफ पुख्ता सबूत न होने के कारण उसे बरी कर दिया गया। 🩸 सवाल जो समाज से टकराते हैं जिस मां को भगवान का दर्जा दिया जाता है, वही मां अगर भक्षक बन जाए तो समाज किस पर भरोसा करे? ये मामला सिर्फ एक हत्या नहीं है, ये रिश्तों की गिरती हुई इंसानियत का आईना है। आज सबसे बड़ा सवाल यही है — क्या वासना ने ममता को मार डाला? कलयुग में अब ये कहना गलत नहीं होगा — पूत कपूत हो सकता है, लेकिन अब माता भी कुमाता हो सकती है। #news
news - Ranjeet gupta Ranjeet gupta ५ साल के बेटे ने मां को पड़ोसी की बाहों में देख लिया! मां ने बेटे को दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया Ranjeet gupta Ranjeet gupta Ranjeet gupta ५ साल के बेटे ने मां को पड़ोसी की बाहों में देख लिया! मां ने बेटे को दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया Ranjeet gupta - ShareChat
किसी भी देश का विकास सिर्फ सरकार से नहीं, बल्कि सरकार + जनता दोनों से मिलकर होता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं — देश का विकास कैसे होता है? 1️⃣ अच्छी शिक्षा से 📚 जब देश के बच्चे पढ़े-लिखे होते हैं तो: अच्छे डॉक्टर बनते हैं इंजीनियर बनते हैं वैज्ञानिक बनते हैं ईमानदार अफसर बनते हैं 👉 शिक्षित जनता = मजबूत देश जापान, जर्मनी जैसे देश शिक्षा से ही आगे बढ़े। 2️⃣ मजबूत अर्थव्यवस्था से 💰 जब देश में: फैक्ट्रियाँ चलती हैं लोग काम करते हैं व्यापार बढ़ता है स्टार्टअप खुलते हैं तो सरकार को टैक्स मिलता है और वही पैसा: सड़क अस्पताल स्कूल सेना पर लगता है। 👉 कमाने वाला देश = आत्मनिर्भर देश 3️⃣ ईमानदार सिस्टम से ⚖️ जहाँ: घूस कम हो कानून सबके लिए बराबर हो अफसर जनता की सेवा करें वहाँ निवेश बढ़ता है और देश तेज़ी से आगे बढ़ता है। 👉 ईमानदारी = विकास की रीढ़ 4️⃣ अच्छे इंफ्रास्ट्रक्चर से 🛣️ जब देश में हों: अच्छी सड़कें रेल एयरपोर्ट इंटरनेट बिजली तो उद्योग, व्यापार और रोजगार अपने आप बढ़ते हैं। 👉 सड़कें बनेंगी → फैक्ट्री आएगी → नौकरी मिलेगी 5️⃣ विज्ञान और तकनीक से 🚀 जो देश: रिसर्च करता है नई तकनीक बनाता है AI, Space, Defence में आगे होता है वही दुनिया में लीडर बनता है। उदाहरण: अमेरिका, चीन, इजराइल 6️⃣ जनता की सोच से 🧠 जहाँ लोग: नियम मानते हैं टैक्स देते हैं गंदगी नहीं फैलाते जाति-धर्म में नहीं लड़ते मेहनत को पूजा मानते हैं वही देश सच में आगे बढ़ता है। 👉 देश वैसा ही बनता है जैसी उसकी जनता होती है 7️⃣ मजबूत लोकतंत्र और स्थिर सरकार से 🏛️ जब: सरकार स्थिर हो नीतियाँ साफ हों लंबी प्लानिंग हो तो विकास रुकता नहीं। #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 देशभक्ति #📖जीवन का लक्ष्य🤔 #❤️जीवन की सीख
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - देश का विकास तृबा ह्ौता है जबृ॰ पढ़ी लिखी जनता ६ ईमानदार सिस्टम ६ मजबूत अर्थव्यवस्था + महान देैश अच्छी सोच [ सिर्फ नारे से नहीं कर्तव्य निभाने से दैश बनता है। देश का विकास तृबा ह्ौता है जबृ॰ पढ़ी लिखी जनता ६ ईमानदार सिस्टम ६ मजबूत अर्थव्यवस्था + महान देैश अच्छी सोच [ सिर्फ नारे से नहीं कर्तव्य निभाने से दैश बनता है। - ShareChat
✊ SC–ST–OBC समाज की राजनीतिक पार्टी कैसी होनी चाहिए 1️⃣ जाति नहीं, अधिकार की राजनीति करे पार्टी सिर्फ ये न कहे — “हम आपकी जाति के हैं” बल्कि ये कहे — “हम आपके अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे” क्योंकि: जाति पहचान है, लेकिन रोटी, नौकरी और सम्मान ज़िंदगी है। 2️⃣ शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाए SC–ST–OBC समाज को गुलाम बनाने का सबसे बड़ा कारण रहा है — अशिक्षा पार्टी का पहला एजेंडा होना चाहिए: फ्री और क्वालिटी शिक्षा कोचिंग सिस्टम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी स्कॉलरशिप का सही इस्तेमाल क्योंकि: जो समाज पढ़ लिख जाता है, उस पर ज़ुल्म नहीं चलता। 3️⃣ नौकरी और आरक्षण की ईमानदार रक्षा करे सिर्फ भाषण नहीं, ज़मीन पर काम करे: खाली पद भरवाए प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की लड़ाई लड़े ठेके की नौकरी सिस्टम का विरोध करे आरक्षण भीख नहीं है, ये सदियों के शोषण का संवैधानिक इलाज है। 4️⃣ चमचागिरी नहीं, रीढ़ वाली पार्टी हो पार्टी ऐसी न हो जो: सत्ता में जाकर बिक जाए बड़े दलों की गोद में बैठ जाए बल्कि ऐसी हो जो: सत्ता में हो या विपक्ष में हमेशा समाज के साथ खड़ी रहे नेता नहीं, योद्धा चाहिए। 5️⃣ ब्राह्मणवाद नहीं, संविधानवाद को माने पार्टी का असली धर्म हो: 📕 संविधान ✊ समानता ⚖️ न्याय 🗽 स्वतंत्रता 🤝 भाईचारा बाबा साहब अंबेडकर की सोच पर चले — व्यक्ति बड़ा नहीं, संविधान बड़ा। 6️⃣ दलित-पिछड़ा-आदिवासी को आपस में न लड़ाए आज सबसे बड़ा हथियार यही है: दलित को OBC से लड़ाना OBC को आदिवासी से लड़ाना जबकि सच्चाई ये है: जब तक बहुजन बंटा रहेगा, तब तक शासक राज करता रहेगा। पार्टी का काम जोड़ना होना चाहिए, तोड़ना नहीं। 7️⃣ नेता नहीं, नेतृत्व तैयार करे पार्टी सिर्फ एक परिवार की न हो बल्कि: गांव से नेता निकाले छात्र नेता तैयार करे मजदूर, किसान, युवा को आगे लाए क्योंकि: एक मसीहा नहीं, पूरा आंदोलन चाहिए। 🔥 निष्कर्ष (लाइन याद रखने लायक) SC–ST–OBC समाज की पार्टी ऐसी होनी चाहिए जो: जाति की नहीं, न्याय की राजनीति करे। भीख की नहीं, हक़ की राजनीति करे। नेताओं की नहीं, बहुजन की राजनीति करे। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #🇮🇳 देश की शान किसान #🌸 सत्य वचन #🇮🇳 हम है हिंदुस्तानी
📢 ताज़ा खबर 🗞️ - { "जिस देश में २४ साल का बच्चा सवाल पूछे। और जवाब देने के बजाय FIR हो जाए॰ तो समझ लीजिए डर सत्ता में है, बच्चा नहीं। गौतम आज अश्वमित గ్ कल कोई और होगा। सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा। आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा। " { "जिस देश में २४ साल का बच्चा सवाल पूछे। और जवाब देने के बजाय FIR हो जाए॰ तो समझ लीजिए डर सत्ता में है, बच्चा नहीं। गौतम आज अश्वमित గ్ कल कोई और होगा। सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा। आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा। " - ShareChat
जिस देश में 14 साल का बच्चा सवाल पूछे, और जवाब देने के बजाय FIR थमा दी जाए… तो समझ लीजिए — डर बच्चा नहीं, सत्ता में बैठी कुर्सी है! ये सिर्फ एक बच्चे की कहानी नहीं है दोस्तों… ये हमारे लोकतंत्र की परीक्षा है। आज अश्वमित गौतम है, कल कोई और होगा… और परसों शायद हम में से कोई! अगर आज सवाल पूछने वालों को चुप करा दिया गया, तो कल सच बोलने वालों की बारी आएगी। याद रखिए — सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा, और आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा! ये देश गुलामों के लिए नहीं बना था, ये देश सवाल करने वालों के लिए बना था। क्योंकि जहां सवाल ज़िंदा रहते हैं, वहीं राष्ट्र ज़िंदा रहता है। और मैं साफ़ कहता हूँ — डरना हमें नहीं है, डरना उन्हें चाहिए जो सच्चाई से भागते हैं! आज एक बच्चे की आवाज़ दबाई जा रही है, कल पूरे देश की आवाज़ दबाई जा सकती है। इसलिए चुप मत रहिए, क्योंकि इतिहास गवाह है — जब-जब जनता चुप रही है, तब-तब तानाशाही पैदा हुई है! और जब-जब जनता बोली है, तब-तब लोकतंत्र मजबूत हुआ है। इसलिए बोलिए… सवाल पूछिए… क्योंकि — सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा, आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा! जय हिंद 🇮🇳✊ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🌸 सत्य वचन #🌸 सत्य वचन #🇮🇳 हम है हिंदुस्तानी #🇮🇳 देश की शान किसान
🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान - { "जिस देश में २४ साल का बच्चा सवाल पूछे। और जवाब देने के बजाय FIR हो जाए॰ तो समझ लीजिए डर सत्ता में है, बच्चा नहीं। गौतम आज अश्वमित గ్ कल कोई और होगा। सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा। आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा। " { "जिस देश में २४ साल का बच्चा सवाल पूछे। और जवाब देने के बजाय FIR हो जाए॰ तो समझ लीजिए डर सत्ता में है, बच्चा नहीं। गौतम आज अश्वमित గ్ कल कोई और होगा। सवाल दबेगा तो लोकतंत्र मरेगा। आवाज़ उठेगी तो देश बचेगा। " - ShareChat
बाबा बने तो आस्था, अंबेडकर बने तो FIR — ये कैसी दोहरी नीति सरकार की? जब कोई ढोंगी बाबा लाखों की भीड़ इकट्ठा करे, चमत्कार के नाम पर अंधविश्वास फैलाए, लोगों की जेब और दिमाग दोनों लूटे — तो वो “संस्कृति का रक्षक” कहलाता है। लेकिन जब कोई डॉ. अंबेडकर की तस्वीर उठाकर बराबरी, शिक्षा और अधिकार की बात करे — तो वही सरकार कहती है: “कानून व्यवस्था को खतरा है।” क्या खतरा बाबा से नहीं, जो इंसान को भगवान बना देता है? खतरा उस सोच से है जो इंसान को इंसान बनाती है? संविधान ने हमें सवाल पूछने का हक दिया है, डरकर चुप रहने का नहीं। अगर सवाल पूछना अपराध है, तो चुप रहना देशभक्ति कैसे हो गया? आज FIR किसी अंबेडकरवादी पर है, कल किसी किसान पर होगी, परसों किसी छात्र पर। क्योंकि जब सत्ता को सवाल से डर लगने लगे, तो वो कानून नहीं, डंडे से शासन करती है। ये लड़ाई किसी जाति की नहीं, किसी धर्म की नहीं, ये लड़ाई है — सच बनाम सत्ता की मनमानी की। याद रखिए — जिस दिन बाबा कानून से ऊपर हो जाए और नागरिक कानून से नीचे, उस दिन लोकतंत्र मर जाता है। #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #Kripya Andhbhakt Dur Rahe
📢 ताज़ा खबर 🗞️ - वाबा बने तो आस्था, अबेडकर बने तो FIR ये कैसी दोहरी नीति सरकार की? रिपवि्य ل [7 A1 #Ambedkarlayanti DohrinNiti #FIRPolitics BabalsSamvidhan वाबा बने तो आस्था, अबेडकर बने तो FIR ये कैसी दोहरी नीति सरकार की? रिपवि्य ل [7 A1 #Ambedkarlayanti DohrinNiti #FIRPolitics BabalsSamvidhan - ShareChat
⛰️ अरावली पर्वतमाला का इतिहास (Aravali Parvat History in Hindi) अरावली पर्वतमाला भारत की ही नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वतमालाओं में से एक है। इसका निर्माण लगभग 250 करोड़ वर्ष पहले हुआ था — जब धरती अभी जीवन के प्रारंभिक चरण में थी। 📜 1️⃣ भूवैज्ञानिक इतिहास (Geological History) अरावली का निर्माण ➡️ Archaean Era (आर्कियन काल) में हुआ ➡️ हिमालय से भी कई गुना पुरानी है जब अफ्रीका और भारत एक ही महाद्वीप (Gondwana) का हिस्सा थे, तब अरावली बनी थी। कभी ये पर्वत हिमालय जितने ऊँचे थे, लेकिन करोड़ों वर्षों की घिसाई (erosion) से ये आज छोटी पहाड़ियाँ बन गए। 🏜️ 2️⃣ रेगिस्तान को रोकने वाली दीवार अरावली पर्वतमाला आज भी राजस्थान के थार रेगिस्तान को हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैलने से रोकती है। अगर अरावली न होती तो — ➡️ दिल्ली ➡️ गुरुग्राम ➡️ आगरा ➡️ पश्चिमी UP सब रेगिस्तान बन चुके होते। 🏹 3️⃣ अरावली और प्राचीन सभ्यताएँ अरावली क्षेत्र में: भील मीणा गुर्जर राजपूत जैसी प्राचीन जनजातियाँ और योद्धा जातियाँ पनपीं। इन्हीं पहाड़ों में महाराणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध गुरिल्ला युद्ध लड़ा। 🏰 4️⃣ ऐतिहासिक किले अरावली पर स्थित प्रमुख दुर्ग: चित्तौड़गढ़ कुंभलगढ़ रणथंभौर आमेर किला अलवर किला ये पहाड़ियाँ भारत की रक्षा दीवार थीं। 🛕 5️⃣ धार्मिक महत्व अरावली में स्थित: माउंट आबू दिलवाड़ा जैन मंदिर एकलिंग जी मंदिर हजारों साल से आध्यात्मिक केंद्र रहे हैं। ⚠️ 6️⃣ आज का संकट आज अरावली को: खनन अवैध कटाई रियल एस्टेट नष्ट कर रहे हैं। यदि अरावली खत्म हुई — ➡️ दिल्ली 40°C से ऊपर ➡️ जल संकट ➡️ धूल भरी आँधियाँ ➡️ खेती तबाह 🌍 निष्कर्ष अरावली केवल पहाड़ नहीं, भारत की जलवायु ढाल है। यह हमारी सांसों, बारिश और भविष्य की रक्षा करती है। "हिमालय भारत का मुकुट है, लेकिन अरावली भारत की ढाल है।" #📢 ताज़ा खबर 🗞️ #🇮🇳मेरा भारत, मेरी शान #arawali hamari आन बान और शान का प्रतीक #arawali ki pahadiyon #save arawali save rajasthan
📢 ताज़ा खबर 🗞️ - अरावली पर्वत : भारत ही नहीं, विश्र्व की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला.. 131 WWW.qvmnews.in अरावली पर्वत : भारत ही नहीं, विश्र्व की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला.. 131 WWW.qvmnews.in - ShareChat
“मनुवादी अपनी मानसिकता नहीं छोड़ सकता — UP के CM का घर गंगाजल से धुलवाना इसका उदाहरण है।” इसका अर्थ सिर्फ एक घर धुलवाना नहीं था, वह प्रतीक था — कि सत्ता में बैठा व्यक्ति भी जाति-शुद्धता और अशुद्धता की मनुवादी सोच से बाहर नहीं आया। 🧠 मनुवाद क्या है? मनुवाद का मतलब सिर्फ मनुस्मृति नहीं, बल्कि यह सोच है कि: कुछ लोग जन्म से “पवित्र” कुछ लोग जन्म से “अशुद्ध” कुछ लोग शासक कुछ लोग सेवक जब कोई नेता: दलित या पिछड़े के घर जाने के बाद “शुद्धिकरण” कराता है तो वह कह रहा होता है: “मैं तुम्हारे घर आया, पर तुम बराबर नहीं हो।” ⚠️ OBC को सबसे ज़्यादा भ्रम क्यों होता है? क्योंकि चालाकी से कहा जाता है: “देखो, मुख्यमंत्री भी OBC है।” लेकिन असली सवाल: वह OBC किसके लिए काम कर रहा है? अगर: सत्ता, मीडिया, मंदिर, शिक्षा, कॉर्पोरेट सब एक ही जाति-वर्ग के हाथ में हैं तो चेहरा OBC होना सिर्फ ढाल है — बदलाव नहीं। 🔥 यह वही खेल है जो आपने पकड़ा जैसा आपने कहा: “OBC को लगता है वो हमारा हितैषी होगा” पर मनुवादियों का नियम है: राजा बदलो, व्यवस्था मत बदलो। 🧩 डॉ. अंबेडकर की चेतावनी “यदि राजनीतिक लोकतंत्र सामाजिक लोकतंत्र के बिना आया, तो वह सिर्फ दिखावा होगा।” आज वही हो रहा है — वोट बहुजन का सत्ता मनुवादी की #मनुवाद सामंतवाद की ओर बढ़ते कदम #Manuwad
“जो किताब इंसान ने लिखी, उसे ईश्वर की वाणी घोषित कर देना, और फिर उसी के नाम पर हिंसा, दंड और नफरत फैलाना— यह धर्म नहीं, बल्कि सत्ता का हथियार है। सच्ची ईश्वरीय किताब प्रकृति है, जो सबके लिए समान है और किसी एक वर्ग की गुलाम नहीं।” #थॉमस पेन
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