राकेश कुमार ॐ भूर्भुवः स्वः।
ShareChat
click to see wallet page
@3113493412
3113493412
राकेश कुमार ॐ भूर्भुवः स्वः।
@3113493412
ओ३म् भूर्भुवः स्वः।
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat
00:11
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏गीता ज्ञान🛕 - (31439/ श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 9 कट्वम्ललवणात्युष्णतीक्ष्णरूक्षविदाहिनः आहारा राजसस्येष्टा दुःखशोकामयप्रदाः II अनुवाद कड़वे , खट्टे, लवणयुक्त, बहुत गरम, 4 तीखे, रूखे, दाहकारक और चिन्ता तथा रोगों को उत्पन्न qTస आहार अर्थात् भोजन करने के पदार्थ राजस पुरुष को प्रिय होते हैं। (31439/ श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 9 कट्वम्ललवणात्युष्णतीक्ष्णरूक्षविदाहिनः आहारा राजसस्येष्टा दुःखशोकामयप्रदाः II अनुवाद कड़वे , खट्टे, लवणयुक्त, बहुत गरम, 4 तीखे, रूखे, दाहकारक और चिन्ता तथा रोगों को उत्पन्न qTస आहार अर्थात् भोजन करने के पदार्थ राजस पुरुष को प्रिय होते हैं। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat
00:11
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - (31439/ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 8 श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ आयुः सत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धनाः I रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः II अनुवाद आयु, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख और प्रीति को वाले, रसयुक्त, बढ़ाने चिकने और स्थिर বাল (তিম रहने भोजन का सार शरीर में बहुत काल तक रहता है, उसको स्थिर रहने वाला कहते हैं।) तथा स्वभाव से ही 3থনি मन को प्रिय- ऐसे आहार भोजन करने के पदार्थ सात्त्विक पुरुष को प्रिय होते हैं। (31439/ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 8 श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ आयुः सत्त्वबलारोग्यसुखप्रीतिविवर्धनाः I रस्याः स्निग्धाः स्थिरा हृद्या आहाराः सात्त्विकप्रियाः II अनुवाद आयु, बुद्धि, बल, आरोग्य, सुख और प्रीति को वाले, रसयुक्त, बढ़ाने चिकने और स्थिर বাল (তিম रहने भोजन का सार शरीर में बहुत काल तक रहता है, उसको स्थिर रहने वाला कहते हैं।) तथा स्वभाव से ही 3থনি मन को प्रिय- ऐसे आहार भोजन करने के पदार्थ सात्त्विक पुरुष को प्रिय होते हैं। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat
00:15
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏गीता ज्ञान🛕 - 9[8: श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 7 आहारस्त्वपि सर्वस्य त्रिविधो भवति प्रियः ೆ1 यज्ञस्तपस्तथा दानं तेषां भेदमिमं शृणु II अनुवाद भोजन भी सबको अपनी अपनी प्रकृति के अनुसार तीन प्रकार का प्रिय होता है। और वैसे ही यज्ञ , तप और दान भी तीनन्तीन प्रकार के होते हैं। उनके इस पृथक् पृथक् भेद को तू मुझ से सुन। 9[8: श्रीमद्भगवद्नीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 7 आहारस्त्वपि सर्वस्य त्रिविधो भवति प्रियः ೆ1 यज्ञस्तपस्तथा दानं तेषां भेदमिमं शृणु II अनुवाद भोजन भी सबको अपनी अपनी प्रकृति के अनुसार तीन प्रकार का प्रिय होता है। और वैसे ही यज्ञ , तप और दान भी तीनन्तीन प्रकार के होते हैं। उनके इस पृथक् पृथक् भेद को तू मुझ से सुन। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat
00:36
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🙏गीता ज्ञान🛕 - 3 श्रीमद्भगबद्गीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 04 ०५ अशास्त्रविहितं घोरं तप्यन्ते ये तपो जनाः 6 दम्भाहङ्कारसंयुक्ताः कामरागबलान्विताः II कर्षयन्तः शरीरस्थं भूतग्राममचेतसः 1 मां चैवान्तः शरीरस्थं तान्विद्ध्यासुरनिश्चयान् I। अनुवाद जो मनुष्य शास्त्र विधि से रहित केवल मनः कल्पित घोर तप को तपते हैं तथा दम्भ और अहंकार से युक्त एवं कामना , आसक्ति और बल के अभिमान से भी युक्त हैं। जो शरीर रूप से स्थित भूत समुदाय को और अन्तःकरण में स्थित मुझ परमात्मा को भी कृश करने वाले हैं, उन अज्ञानियों को तू आसुर स्वभाव वाले जान। 3 श्रीमद्भगबद्गीता अध्याय १७ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 04 ०५ अशास्त्रविहितं घोरं तप्यन्ते ये तपो जनाः 6 दम्भाहङ्कारसंयुक्ताः कामरागबलान्विताः II कर्षयन्तः शरीरस्थं भूतग्राममचेतसः 1 मां चैवान्तः शरीरस्थं तान्विद्ध्यासुरनिश्चयान् I। अनुवाद जो मनुष्य शास्त्र विधि से रहित केवल मनः कल्पित घोर तप को तपते हैं तथा दम्भ और अहंकार से युक्त एवं कामना , आसक्ति और बल के अभिमान से भी युक्त हैं। जो शरीर रूप से स्थित भूत समुदाय को और अन्तःकरण में स्थित मुझ परमात्मा को भी कृश करने वाले हैं, उन अज्ञानियों को तू आसुर स्वभाव वाले जान। - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏गीता ज्ञान🛕 - ShareChat
00:13
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🕉 ओम नमः शिवाय 🔱 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #🕉️सनातन धर्म🚩
🙏गीता ज्ञान🛕 - 31739/ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 4 श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय १७ यजन्ते सात्त्विका देवान्यक्षरक्षांसि राजसाः I प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तामसा जनाः 11 अनुवाद सात्त्विक पुरुष देवों को हैं, राजस पूजते पुरुष यक्ष और राक्षसों को तथा अन्य जो तामस मनुष्य हैं, वे प्रेत और भूतगणों को ೯I पूजते 31739/ श्रद्धात्रयविभागयोग श्लोक 4 श्रीमद्भगवद्गीता अध्याय १७ यजन्ते सात्त्विका देवान्यक्षरक्षांसि राजसाः I प्रेतान्भूतगणांश्चान्ये यजन्ते तामसा जनाः 11 अनुवाद सात्त्विक पुरुष देवों को हैं, राजस पूजते पुरुष यक्ष और राक्षसों को तथा अन्य जो तामस मनुष्य हैं, वे प्रेत और भूतगणों को ೯I पूजते - ShareChat