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#Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐
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Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ - @) Shared hat 8 नमाज सलातुल तौबा | की माफ़ी माँगने का सलातुल तोबा तताबा की नमाज़) अल्लाह से अपने गुनाहों  एक बेहद खूबसूरत ओर रूहानी तरीका हे। इसान से गलतियाँ होना लाज़मी हे लेकिन अल्लाह को वो बंदे बहुत पसंद हे जो गलती के बाद पलटकर उससे  माफ़नी माँगते ह। सलातुल तोबा की नियत नियत दिल के इरादे को कहते हे। आप दिलरगें यह इरादा करे अल्लाह के वास्ते तीवा कीदो रकअत नपल नमाज पढ़ रहा/रही हू॰ अल्लार तआला मेरे गुनाहों को माफ़ फरमाए, अल्लाहू अकबर।  नमाज पढने कातरीका यह नमाज़ आम नपल नमाज़ की तरह ही पढी जाती हेः सबसे पहले अच्छी तरह वुजू करे दो रकअत नप्ल नमाज अदा करे। मुताबिक कोई शी सूरह पढ़ सकते हैं (जैरो पहली रकअत M TAd d सूरह काफ़िरून ओर में सूरह इखलास) नमाज़ पूरी करने के बाद खूब दूसरी  गिड़गिड़ाकर अल्लाह से अपने गूनाहों की गाफ़ी गाँगे। तौबा की शर्ते (सच्ची तौबा कैसे हो?)  सिर्फ नमाज़ पढ लेना काफी नहीं, तौबा के मुकम्गल होने के लिए उलेगा  शर्मिंदगीः अपने किए हुए गुनाह पर दिल में सच्चा दुख মীন হান ননাs 6: और शर्मिदगी हो गुनाह छोड़नाः उस गुनाह को फौरन बंद कर देना।  पवक इरादाः यह अहद (वादा) करना कि आडंदा कभी वो गुनाह नहीं करेंगे।  नोटः अगर गुनाह किसी इंसान का हक मारने से जुडा हे (जेसे किसी का पैसा  दिल दुखाना , तो अल्लाह तब तक माफ़ नहीं फरमाता जब तक आप गारीय उस डसानसे माफ़ीनगॉग लेयाउसका हक अदानकरदे। बेहतरीन वक्त यूँतो आप इरो कभी शी पढ सकते हे (सिवाय मकरूह वक्त के) लेकिन रात का आखिरी पहर (तहज्जुद का वक्त) सबसे अफज़ल हे व्योकि उस वक्त अल्लाह की रहमत पुकार पुकार कर माफ़ी मोँगने वालों को हे। दूढती हदीस का मफ़हूम  नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया कि जब कोई  बदा गुनाह  कर बेठे और फिर अच्छी तरह वुज़ू करके दो रकअत नमाज़ पढ़े और अल्लाह देता है। (सुनन अबू दाऊद मााठीि माँगेगे अल्लाह বম जरूरगाफकर RijwanAlifollowme अगर आपका दिल इजाजत दै तो लाइक शेयर कीजिएगा।   (अल्हम्दुलिल्लाह) @) Shared hat 8 नमाज सलातुल तौबा | की माफ़ी माँगने का सलातुल तोबा तताबा की नमाज़) अल्लाह से अपने गुनाहों  एक बेहद खूबसूरत ओर रूहानी तरीका हे। इसान से गलतियाँ होना लाज़मी हे लेकिन अल्लाह को वो बंदे बहुत पसंद हे जो गलती के बाद पलटकर उससे  माफ़नी माँगते ह। सलातुल तोबा की नियत नियत दिल के इरादे को कहते हे। आप दिलरगें यह इरादा करे अल्लाह के वास्ते तीवा कीदो रकअत नपल नमाज पढ़ रहा/रही हू॰ अल्लार तआला मेरे गुनाहों को माफ़ फरमाए, अल्लाहू अकबर।  नमाज पढने कातरीका यह नमाज़ आम नपल नमाज़ की तरह ही पढी जाती हेः सबसे पहले अच्छी तरह वुजू करे दो रकअत नप्ल नमाज अदा करे। मुताबिक कोई शी सूरह पढ़ सकते हैं (जैरो पहली रकअत M TAd d सूरह काफ़िरून ओर में सूरह इखलास) नमाज़ पूरी करने के बाद खूब दूसरी  गिड़गिड़ाकर अल्लाह से अपने गूनाहों की गाफ़ी गाँगे। तौबा की शर्ते (सच्ची तौबा कैसे हो?)  सिर्फ नमाज़ पढ लेना काफी नहीं, तौबा के मुकम्गल होने के लिए उलेगा  शर्मिंदगीः अपने किए हुए गुनाह पर दिल में सच्चा दुख মীন হান ননাs 6: और शर्मिदगी हो गुनाह छोड़नाः उस गुनाह को फौरन बंद कर देना।  पवक इरादाः यह अहद (वादा) करना कि आडंदा कभी वो गुनाह नहीं करेंगे।  नोटः अगर गुनाह किसी इंसान का हक मारने से जुडा हे (जेसे किसी का पैसा  दिल दुखाना , तो अल्लाह तब तक माफ़ नहीं फरमाता जब तक आप गारीय उस डसानसे माफ़ीनगॉग लेयाउसका हक अदानकरदे। बेहतरीन वक्त यूँतो आप इरो कभी शी पढ सकते हे (सिवाय मकरूह वक्त के) लेकिन रात का आखिरी पहर (तहज्जुद का वक्त) सबसे अफज़ल हे व्योकि उस वक्त अल्लाह की रहमत पुकार पुकार कर माफ़ी मोँगने वालों को हे। दूढती हदीस का मफ़हूम  नबी करीम (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने फरमाया कि जब कोई  बदा गुनाह  कर बेठे और फिर अच्छी तरह वुज़ू करके दो रकअत नमाज़ पढ़े और अल्लाह देता है। (सुनन अबू दाऊद मााठीि माँगेगे अल्लाह বম जरूरगाफकर RijwanAlifollowme अगर आपका दिल इजाजत दै तो लाइक शेयर कीजिएगा।   (अल्हम्दुलिल्लाह) - ShareChat
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Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ - ShareChat रिज़्क़ की बारिश होगी जब हालात तंग हों और रास्ते बंद लगें.. सहाबी ५ ने अर्ज़ कियाः एक या रसूलल्लाह g३! दुनिया ने मुझसे मुँह मोड़ लिया है। সাপ ; ন ক্ষমাযা: क्या मैं तुम्हें वह तस्बीह न बताऊँ, जिसकी बरकत से फ़रिश्तों को भी ঠিঢক নিয়া সানা ই? तुलू ए॰फ़ज़्र के साथ यह तस्बीह १०० बार पढ़ो َناَحْبُس ِهِدْمَحبَو ِهّللا َناَحْبُس َٱَو ِمْيِظَعْلا ِهّللا ఓ| ُرِفْغَتْسَأ ঠিঢক और अल्लाह ने ऐसा  सात दिन गुज़रे, अता किया कि सहाबी हैरान रह गए। ShareChat रिज़्क़ की बारिश होगी जब हालात तंग हों और रास्ते बंद लगें.. सहाबी ५ ने अर्ज़ कियाः एक या रसूलल्लाह g३! दुनिया ने मुझसे मुँह मोड़ लिया है। সাপ ; ন ক্ষমাযা: क्या मैं तुम्हें वह तस्बीह न बताऊँ, जिसकी बरकत से फ़रिश्तों को भी ঠিঢক নিয়া সানা ই? तुलू ए॰फ़ज़्र के साथ यह तस्बीह १०० बार पढ़ो َناَحْبُس ِهِدْمَحبَو ِهّللا َناَحْبُس َٱَو ِمْيِظَعْلا ِهّللا ఓ| ُرِفْغَتْسَأ ঠিঢক और अल्लाह ने ऐसा  सात दिन गुज़रे, अता किया कि सहाबी हैरान रह गए। - ShareChat
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Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ - ShareChat @Imtiyaz Ahmad अत्लाह की लाटी अल्लाह की लांटी बेआवाज होती है। वह पहले मोहलत देता है, फिर ढील देता है, और जब रस्सी खींचता है तो इंसान मुंह के बल गिरता है। ওম নণ कायनात की कोई ताक़त उसे उठाने वाली नहीं होती| எ 36 साथ सुकून से बैंठे हैं, जुल्म करके आज যান যস্রী- आज नहीं तो कल अपने किए কা चखेगे | সতা তত২ ShareChat @Imtiyaz Ahmad अत्लाह की लाटी अल्लाह की लांटी बेआवाज होती है। वह पहले मोहलत देता है, फिर ढील देता है, और जब रस्सी खींचता है तो इंसान मुंह के बल गिरता है। ওম নণ कायनात की कोई ताक़त उसे उठाने वाली नहीं होती| எ 36 साथ सुकून से बैंठे हैं, जुल्म करके आज যান যস্রী- आज नहीं तो कल अपने किए কা चखेगे | সতা তত২ - ShareChat
#Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ #🤲 इबादत #🤲 दुआएं
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#Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐ #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #☪️रमजान Status⏳ #🛐रमजान करीम 🤲
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#🛐रमजान करीम 🤲 #☪️रमजान Status⏳ #Islam ki pyari baten 🤲🤲🤲🌃🌃🌃🕋🕋🕋🤲🤲🤲⭐⭐⭐
🛐रमजान करीम 🤲 - ShareChat
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