Rajendra Kumar Nirala
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📗प्रेरक पुस्तकें📘 - व्राजेन्द्र कुमाव निवाला  की Google Lens Translated with व्राजेन्द्र कुमाव निवाला  की Google Lens Translated with - ShareChat
वर्षों पहले सुलतानगंज से प्रकाशित साहित्यिक पत्रिका 'क्रांतिपुत्र ' में मेरी कविता ' अबला माता ' छपी थी । #📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - अबला माता किनारे सड़क எ9 फुार सिवाला देखा एक अबला माता को गंदी, फटी साडी पहने साथ में छोटा बच्च। बचचे के हाथ में एक रोटी को टुकडी " एक सुखी महिला आयी बोली, ताकती हो क्या टुकुर - दुकुर ? दिन आज है मेरे बेटे का जन्म करना है तुमको बह्त सफाई कोा काज  वो बड बडे बात पर बात बोलती अबला माता न कभो गुँह खोलती क्या बेचारो ? E 3771 भूखो इतने में महिला के हटते हो॰ कौआ हत्थारा झपटा मारा बच्चों के हाथ से टुकडी ले 39 " बच्चा रोते रह गया, फलपते रह गथा पर कौआ तों कौआ है अन्दर कोला , बाहर काला  ತ - ೯೯ mT T व।ल। समझने द्सरों अबला माता किनारे सड़क எ9 फुार सिवाला देखा एक अबला माता को गंदी, फटी साडी पहने साथ में छोटा बच्च। बचचे के हाथ में एक रोटी को टुकडी " एक सुखी महिला आयी बोली, ताकती हो क्या टुकुर - दुकुर ? दिन आज है मेरे बेटे का जन्म करना है तुमको बह्त सफाई कोा काज  वो बड बडे बात पर बात बोलती अबला माता न कभो गुँह खोलती क्या बेचारो ? E 3771 भूखो इतने में महिला के हटते हो॰ कौआ हत्थारा झपटा मारा बच्चों के हाथ से टुकडी ले 39 " बच्चा रोते रह गया, फलपते रह गथा पर कौआ तों कौआ है अन्दर कोला , बाहर काला  ತ - ೯೯ mT T व।ल। समझने द्सरों - ShareChat
पुरानी यादें –एक नजर में: #📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - कवि सम्पेलन आयोजित मुंगेर जिलेकी सुप्रसिद्घ साहित्यिक संस्था ' राजेन्द्र साहित्य सेवा केन्द्रके  तत्वावधानमें पिछले दिनों भव्य कवि सम्मेलन बाल विकास दिद्यालय सह मैट्रिक  कोचिंग सेन्टरके विशाल प्रांगणमें वयोवृद्घ कवि डा़ गोपाल मंडलकी अध्यक्षतम  संपन्न हुआ | कार्यक्रमके संचालक युवा अंगिका साहित्यिक मंचके संस्थायर कविवर देवेनद्र नाथ * दिलवर ' थे । जबकि संयोजक कवि बिजेन्द्र कुमार राजबंधु धे। बतौर विशिष्ट अतिथियोंमें पूर्व उपमुखिया महेन्द्र प्र॰ 9 | 6 कार्यक्रमके शुभारंभर्में मंचके संस्थापक व अग्नि शिखाके प्रधान सम्पदक जनकवि राज़ेन्द्र कुमार ' निराला ' ने पिछले वर्षके कुछट कार्यक्रमोंको रखा एवं फरवर  माहसे पुनः साहित्यिक माहौल पैदा करने पर बल दिया। तदोपरांत काव्य पाठक बिजेन्द्र कुमार ` राजबंधु ' को आमंत्रित किया गया बिन्होंन  आरंभ हुआ जिसमें समकालीन कवितासे नवादाके नरसंहारको रूबरू कराये । वही जनकवि राजेन्द्र कुमार ' निराला 'ने राष्ट्रीय भावनासे प्रेरित कविता संचालन कररहे व्यग्यकार सुनाये  देवेन्द्र नाथ ' दिलंवर ' ने कोर्ट- कचहरीके क्रियाकलापोंको अंगिका कविता द्वारा इस भगवान न करे लगे कचहरीके फेरे । वहों मानवके बदलते दशाको प्रकार सुनाया कोनरमी गोपालको बांसुरीके लेखक डा. गोपाल मंडलने इस प्रकार सुनाया  কুলী  करनेमें व्यस्त है लोग नही, पत्थर सेसख्त़ है लोगा अपना अपना उल्लू सीधा बही युवा कवि महेश्वरी प्रसाद केसरीने ग्रामौण परिवेशकी अंगिका कवित भागलुपरसे आये कवि संजीव कुमार ' शर्मीला ' ने शर्मों हयाको * सुनाये । अकबरनगर अपनी सुन्दर छोटी कवितामें कही| इसके अलावा भी कई साहित्यकार व নান साहित्यप्रेमियोंने साहित्यिक माहौल पैदा करनेके लिए प्रसिद्घ कवि राजेन्द्र कुमार निराला ' से कही { कवि सम्मेलनमें नीरज कुमार, समाजसेवी महादेव मंडल चंदन राजौव कुमार, रंजन कुमार गौरव आदि शामिल थे। कवि सम्पेलन आयोजित मुंगेर जिलेकी सुप्रसिद्घ साहित्यिक संस्था ' राजेन्द्र साहित्य सेवा केन्द्रके  तत्वावधानमें पिछले दिनों भव्य कवि सम्मेलन बाल विकास दिद्यालय सह मैट्रिक  कोचिंग सेन्टरके विशाल प्रांगणमें वयोवृद्घ कवि डा़ गोपाल मंडलकी अध्यक्षतम  संपन्न हुआ | कार्यक्रमके संचालक युवा अंगिका साहित्यिक मंचके संस्थायर कविवर देवेनद्र नाथ * दिलवर ' थे । जबकि संयोजक कवि बिजेन्द्र कुमार राजबंधु धे। बतौर विशिष्ट अतिथियोंमें पूर्व उपमुखिया महेन्द्र प्र॰ 9 | 6 कार्यक्रमके शुभारंभर्में मंचके संस्थापक व अग्नि शिखाके प्रधान सम्पदक जनकवि राज़ेन्द्र कुमार ' निराला ' ने पिछले वर्षके कुछट कार्यक्रमोंको रखा एवं फरवर  माहसे पुनः साहित्यिक माहौल पैदा करने पर बल दिया। तदोपरांत काव्य पाठक बिजेन्द्र कुमार ` राजबंधु ' को आमंत्रित किया गया बिन्होंन  आरंभ हुआ जिसमें समकालीन कवितासे नवादाके नरसंहारको रूबरू कराये । वही जनकवि राजेन्द्र कुमार ' निराला 'ने राष्ट्रीय भावनासे प्रेरित कविता संचालन कररहे व्यग्यकार सुनाये  देवेन्द्र नाथ ' दिलंवर ' ने कोर्ट- कचहरीके क्रियाकलापोंको अंगिका कविता द्वारा इस भगवान न करे लगे कचहरीके फेरे । वहों मानवके बदलते दशाको प्रकार सुनाया कोनरमी गोपालको बांसुरीके लेखक डा. गोपाल मंडलने इस प्रकार सुनाया  কুলী  करनेमें व्यस्त है लोग नही, पत्थर सेसख्त़ है लोगा अपना अपना उल्लू सीधा बही युवा कवि महेश्वरी प्रसाद केसरीने ग्रामौण परिवेशकी अंगिका कवित भागलुपरसे आये कवि संजीव कुमार ' शर्मीला ' ने शर्मों हयाको * सुनाये । अकबरनगर अपनी सुन्दर छोटी कवितामें कही| इसके अलावा भी कई साहित्यकार व নান साहित्यप्रेमियोंने साहित्यिक माहौल पैदा करनेके लिए प्रसिद्घ कवि राजेन्द्र कुमार निराला ' से कही { कवि सम्मेलनमें नीरज कुमार, समाजसेवी महादेव मंडल चंदन राजौव कुमार, रंजन कुमार गौरव आदि शामिल थे। - ShareChat
28 अगस्त 1999 को मध्य प्रदेश से शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए यह सम्मान मिला। #📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - साहित्य श्री॰ सम्मान से राजेन्द्र निराला सम्मानित सुलतानगंज ( भागलपुर), २८ अगस्त (संवाद सूत्र) | लेखक   राजेन्द्र प्रसिद्ध কণি व कुमार निराला को मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था अरविंद प्रकाशन के सौजन्य से साहित्य श्री॰ सम्मान से सम्मानित किया गया 5 हो कि॰श्री निराला को इसके पूर्व भी कई सम्मानों से नवाजा गया है। साहित्य श्री॰ सम्मान से राजेन्द्र निराला सम्मानित सुलतानगंज ( भागलपुर), २८ अगस्त (संवाद सूत्र) | लेखक   राजेन्द्र प्रसिद्ध কণি व कुमार निराला को मध्य प्रदेश की सुप्रसिद्ध साहित्यिक संस्था अरविंद प्रकाशन के सौजन्य से साहित्य श्री॰ सम्मान से सम्मानित किया गया 5 हो कि॰श्री निराला को इसके पूर्व भी कई सम्मानों से नवाजा गया है। - ShareChat
#📗प्रेरक पुस्तकें📘
📗प्रेरक पुस्तकें📘 - आत्मकथा కి संघर्ष ने मुझे मजबूत बनाया, शिक्षा ने मुझे दिशा दी, समाजसेवा ने मुझे पहचान दी। लेखक निराला ' राजेन्द्र कुमार &09 साधारण व्यक्ति J एक आत्मकथा दास्तान ्है। सफर की सच्ची  असाधारण प्रेरणादायक यात्रा " समाजसेवा  सेअिक्लकज साहित्य  और राष्ट्र की सेवा  संघर्ष, शिक्षा, समाज  4RAR साधारण जीवन की सत्य कथा | एक Hff 9 जीवन... अनेक अनुभव.. . एक और राष्ट्र की सेवा | एक उद्देश्य... समाज  आत्मकथा కి संघर्ष ने मुझे मजबूत बनाया, शिक्षा ने मुझे दिशा दी, समाजसेवा ने मुझे पहचान दी। लेखक निराला ' राजेन्द्र कुमार &09 साधारण व्यक्ति J एक आत्मकथा दास्तान ्है। सफर की सच्ची  असाधारण प्रेरणादायक यात्रा " समाजसेवा  सेअिक्लकज साहित्य  और राष्ट्र की सेवा  संघर्ष, शिक्षा, समाज  4RAR साधारण जीवन की सत्य कथा | एक Hff 9 जीवन... अनेक अनुभव.. . एक और राष्ट्र की सेवा | एक उद्देश्य... समाज - ShareChat
मेरी प्यारी पत्नी मीरा सिन्हा #🎵जितनी दफा देखूं तुझे🎶
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#📓 हिंदी साहित्य
📓 हिंदी साहित्य - कविता সরমনয मेरी मा घरस विद्यालय विद्यालय सयर राजन्द्र ক্কমা "নিলা" মন্ত লমালী নিলে मझपरमेरी मा कही कछन देती है जां F जाद ాా  कहती कभी नही  9 নবোদবেে বনল किसी चीज म নিবোমেনেনা গান ভনিন্রানী সমিত साफनपर ৪fe e এঘোনি সাদ ল্রভ্রক মমমন मेरेलियेना पबिदकमाए निपलाको छको उत्कत মারিব মনা কলিম ऐसी है मेरी मा 30 घोलटते बह तहा মারিবকা সনতন মমিব সধ্রযা 81887~4 रात देरसे सोती =70 " মম্সান ম মচ্সানিব বিবা ২ - पेर पलाको कसक ক্রমানিলোকী সারৌণ सुबह सबसे पहले সচন হালন মহব সকামী হিলো ৯ F Sie মরলামমান্রা কামালত মুত্ানণব ম =சசhe   a Srae ా    a ( e {ಕ साफाकरती बड { [ 1= a মাম ৪ 5   ~ e ్హ + कविता সরমনয मेरी मा घरस विद्यालय विद्यालय सयर राजन्द्र ক্কমা "নিলা" মন্ত লমালী নিলে मझपरमेरी मा कही कछन देती है जां F जाद ాా  कहती कभी नही  9 নবোদবেে বনল किसी चीज म নিবোমেনেনা গান ভনিন্রানী সমিত साफनपर ৪fe e এঘোনি সাদ ল্রভ্রক মমমন मेरेलियेना पबिदकमाए निपलाको छको उत्कत মারিব মনা কলিম ऐसी है मेरी मा 30 घोलटते बह तहा মারিবকা সনতন মমিব সধ্রযা 81887~4 रात देरसे सोती =70 মম্সান ম মচ্সানিব বিবা ২ - पेर पलाको कसक ক্রমানিলোকী সারৌণ सुबह सबसे पहले সচন হালন মহব সকামী হিলো ৯ F Sie মরলামমান্রা কামালত মুত্ানণব ম =சசhe   a Srae ా    a ( e {ಕ साफाकरती बड { [ 1= a মাম ৪ 5   ~ e ్హ + - ShareChat
#📓 हिंदी साहित्य
📓 हिंदी साहित्य - নিলো দ্ধা মত্রিলো- शरण पष्त सष्यान  प्पणशील सवाददात बरियारपुण  fia নবোসেনেলা বানর কনিবারী সষিতর बख्याति शाष् तेखक समाक्षव काद रबेद् कुपार निराला को इनको বকিন साहित्य सवा केतिय अखिल शाखताय ச 3T # ব্লাা বৃল্ক ক্রবিন্য মবিলীয়াণে মুদ মম্সান ম মপসানিন বিমা ৪ $মন ஈ 7அ ரச் ஈள বালন মাছিল অক্কামৌ বিলা ৯ 6ೆ এলা মানা কাবলব ব্বলানবব ব্বনী সমালে পন্ন মিলা  ४खवरा १९६० को जगेशरी  तरला थखिल आरतीय शाण साढितर মামলন মাণাল ঐ আতনন মনাব ಹdmಹ mdmm೯ತ 6 ச =5 எfes #7 ত্িরিনল্ 03 170   ২ মপযৎবসবকাহান্ মেে সনোধিকাম Pa84 5 মরদধ সিলণ ra    #447 4 নিলো দ্ধা মত্রিলো- शरण पष्त सष्यान  प्पणशील सवाददात बरियारपुण  fia নবোসেনেলা বানর কনিবারী সষিতর बख्याति शाष् तेखक समाक्षव काद रबेद् कुपार निराला को इनको বকিন साहित्य सवा केतिय अखिल शाखताय ச 3T # ব্লাা বৃল্ক ক্রবিন্য মবিলীয়াণে মুদ মম্সান ম মপসানিন বিমা ৪ $মন ஈ 7அ ரச் ஈள বালন মাছিল অক্কামৌ বিলা ৯ 6ೆ এলা মানা কাবলব ব্বলানবব ব্বনী সমালে পন্ন মিলা  ४खवरा १९६० को जगेशरी  तरला थखिल आरतीय शाण साढितर মামলন মাণাল ঐ আতনন মনাব ಹdmಹ mdmm೯ತ 6 ச =5 எfes #7 ত্িরিনল্ 03 170   ২ মপযৎবসবকাহান্ মেে সনোধিকাম Pa84 5 মরদধ সিলণ ra    #447 4 - ShareChat
#💖मेरी मां के लिए स्पेशल 🤗🧑‍🍼
💖मेरी मां के लिए स्पेशल 🤗🧑‍🍼 - आज दस मई की सुबह दिन रविवार , माँ से बातें करने उत्सुक हूँ बारम्बार। क्या अब कभी बातें नहीं होगी कभी ? मदर्स डे पर आज मैं हूँ बहुत दुखी आज मेरी माँ सपने में भी आ जाओ, मेरे जी के घावों पर तरलामृत बरसाओ जनकवि राजेन्द्र कुमार निराला (१० -०५-२०२६ को' माँ की यादें शीर्षक कविता से ) आज दस मई की सुबह दिन रविवार , माँ से बातें करने उत्सुक हूँ बारम्बार। क्या अब कभी बातें नहीं होगी कभी ? मदर्स डे पर आज मैं हूँ बहुत दुखी आज मेरी माँ सपने में भी आ जाओ, मेरे जी के घावों पर तरलामृत बरसाओ जनकवि राजेन्द्र कुमार निराला (१० -०५-२०२६ को' माँ की यादें शीर्षक कविता से ) - ShareChat