Shree Hari sharnam
ShareChat
click to see wallet page
@3819013397
3819013397
Shree Hari sharnam
@3819013397
मुझे ShareChat पर फॉलो करें!
#महाकाल दर्शन
महाकाल दर्शन - श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन qororde श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन qororde - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीतामृत 3 ४ जून & भूमिरापोडनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । TSK अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा  II ४ BH( || अपरेयमितस्त्वन्यां प्रकृतिं विद्धि मे पराम् जीवभूतां महाबाहो ययेदं धार्यते जगत् II ५ II पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु, आकाश, मन, बुद्धि तथा अहंकार ये आठ प्रकार से विभक्त मेरी भिन्ना ( अपरा ) प्रकृतियाँ हैं। (७.४ ) अतिरिक्त मेरी एक अन्य हे महाबाहु अर्जुन!  इनके परा शक्ति है, जो उन जीवों से युक्त है, जो इस alfగౌ 3TqT के साधनों का विदोहन कर  प्रकृति रहे हैं। (७.5 ) गीतामृत 3 ४ जून & भूमिरापोडनलो वायुः खं मनो बुद्धिरेव च । TSK अहङ्कार इतीयं मे भिन्ना प्रकृतिरष्टधा  II ४ BH( || अपरेयमितस्त्वन्यां प्रकृतिं विद्धि मे पराम् जीवभूतां महाबाहो ययेदं धार्यते जगत् II ५ II पृथ्वी , जल , अग्नि , वायु, आकाश, मन, बुद्धि तथा अहंकार ये आठ प्रकार से विभक्त मेरी भिन्ना ( अपरा ) प्रकृतियाँ हैं। (७.४ ) अतिरिक्त मेरी एक अन्य हे महाबाहु अर्जुन!  इनके परा शक्ति है, जो उन जीवों से युक्त है, जो इस alfగౌ 3TqT के साधनों का विदोहन कर  प्रकृति रहे हैं। (७.5 ) - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - 3 লুন ৭ শীনামূন $ প্ীক্যনানুনাম मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः  असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु Il १।l श्रीभगवान् ने कहा - हे पृथापुत्र! अब सुनो कि तुम किस तरह मेरी भावना से पूर्ण होकर और मन को मुझमें आसक्त करके योगाभ्यास करते हुए मुझे पूर्णतया संशयरहित सकते हो। (७.१ ) जान 3 লুন ৭ শীনামূন $ প্ীক্যনানুনাম मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः  असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु Il १।l श्रीभगवान् ने कहा - हे पृथापुत्र! अब सुनो कि तुम किस तरह मेरी भावना से पूर्ण होकर और मन को मुझमें आसक्त करके योगाभ्यास करते हुए मुझे पूर्णतया संशयरहित सकते हो। (७.१ ) जान - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - २ जून & गीतामृत * श्रीभगवानुवाच  मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु II १।l श्रीभगवान् ने कहा - हे पृथापुत्र! अब सुनो कि तुम किस तरह मेरी भावना से पूर्ण होकर और मन को मुझमें आसक्त करके  योगाभ्यास करते हुए मुझे पूर्णतया संशयरहित जान सकते हो। (७.१ ) २ जून & गीतामृत * श्रीभगवानुवाच  मय्यासक्तमनाः पार्थ योगं युञ्जन्मदाश्रयः असंशयं समग्रं मां यथा ज्ञास्यसि तच्छृणु II १।l श्रीभगवान् ने कहा - हे पृथापुत्र! अब सुनो कि तुम किस तरह मेरी भावना से पूर्ण होकर और मन को मुझमें आसक्त करके  योगाभ्यास करते हुए मुझे पूर्णतया संशयरहित जान सकते हो। (७.१ ) - ShareChat
Sankatichaturthi पर महाकाल दर्शन दिनांक3/6/2026#🌷शुभ बुधवार #महाकाल दर्शन #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🌷शुभ बुधवार - ShareChat
#🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #mangalnath Ujjain
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - $ @ 5 9_]69 $ @ 5 9_]69 - ShareChat
#महाकाल दर्शन #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
महाकाल दर्शन - 6 6 - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕
🙏गीता ज्ञान🛕 - ३१ मई & गीतामृत 3 प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संयुद्धकिल्बिषः अनेकजन्मसंसिद्धस्ततो याति परां गतिम् II ४५ II तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन II ४६ और जब योगी समस्त कल्मष से शुद्ध होकर सच्ची निष्ठा से आगे प्रगति करने का प्रयास है, तो अन्ततोगत्वा अनेकानेक जन्मों কনা के अभ्यास के पश्चात् सिद्धि-लाभ करके वह परम गन्तव्य को प्राप्त करता है। ( ६.४५ ) योगी पुरुष तपस्वी से, ज्ञानी से तथा सकामकर्मी से बढ़कर होता है। अतः हे अर्जुन! तुम सभी प्रकार से योगी बनो | (6.46) ३१ मई & गीतामृत 3 प्रयत्नाद्यतमानस्तु योगी संयुद्धकिल्बिषः अनेकजन्मसंसिद्धस्ततो याति परां गतिम् II ४५ II तपस्विभ्योउधिको योगी ज्ञानिभ्योउपि मतोउधिकः कर्मिभ्यश्चाधिको योगी तस्माद्योगी भवार्जुन II ४६ और जब योगी समस्त कल्मष से शुद्ध होकर सच्ची निष्ठा से आगे प्रगति करने का प्रयास है, तो अन्ततोगत्वा अनेकानेक जन्मों কনা के अभ्यास के पश्चात् सिद्धि-लाभ करके वह परम गन्तव्य को प्राप्त करता है। ( ६.४५ ) योगी पुरुष तपस्वी से, ज्ञानी से तथा सकामकर्मी से बढ़कर होता है। अतः हे अर्जुन! तुम सभी प्रकार से योगी बनो | (6.46) - ShareChat