Shree Hari sharnam
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#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #☝अनमोल ज्ञान
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीतामृत  १७ फरवरी & बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदृष्कृते तस्माद्योगाय युज्यस्व योगः कर्मेसु कौशलम् II ५०  || कर्मजं बुद्धियुक्ता हि फलं त्यक्त्वा मनीषिणः जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः पदं गच्छन्त्यनामयम् II ५१ || भक्ति में संलग्न मनुष्य इस जीवन में ही अच्छे নথা ব্রুই কার্যী মী 3বন ক্রী মুক্ ক্ং লীনা है। अतः योग के लिए प्रयत्न करो क्योंकि सारा कार्य~्कौशल यही है। (२.५० ) भगवद्भक्ति में लगे रहकर बड़े-बड़े इस तरह ऋषि , मुनि अथवा भक्तगण अपने आपको इस भौतिक संसार में कर्म के फलों से मुक्त कर लेते हैं। इस प्रकार वे जन्म - मृत्यु के चक्र से छूट जाते हैं और भगवान् के पास जाकर उस अवस्था को प्राप्त करते ி#4781 (2.51) ঔ, লী মমম गीतामृत  १७ फरवरी & बुद्धियुक्तो जहातीह उभे सुकृतदृष्कृते तस्माद्योगाय युज्यस्व योगः कर्मेसु कौशलम् II ५०  || कर्मजं बुद्धियुक्ता हि फलं त्यक्त्वा मनीषिणः जन्मबन्धविनिर्मुक्ताः पदं गच्छन्त्यनामयम् II ५१ || भक्ति में संलग्न मनुष्य इस जीवन में ही अच्छे নথা ব্রুই কার্যী মী 3বন ক্রী মুক্ ক্ং লীনা है। अतः योग के लिए प्रयत्न करो क्योंकि सारा कार्य~्कौशल यही है। (२.५० ) भगवद्भक्ति में लगे रहकर बड़े-बड़े इस तरह ऋषि , मुनि अथवा भक्तगण अपने आपको इस भौतिक संसार में कर्म के फलों से मुक्त कर लेते हैं। इस प्रकार वे जन्म - मृत्यु के चक्र से छूट जाते हैं और भगवान् के पास जाकर उस अवस्था को प्राप्त करते ி#4781 (2.51) ঔ, লী মমম - ShareChat
#🌸 सत्य वचन #❤️जीवन की सीख #☝अनमोल ज्ञान #🙏 प्रेरणादायक विचार #🙏सुविचार📿
🌸 सत्य वचन - धैर्यकी ताकत किसी सै बढलाा लैदै की ज्जरूरता दह्लीः बस धैर्यरख्ो करेगा, ವಾ ತಕಕu aಞ೯ G UీT' पाएजा, स्यखा स्ै बडा कौईड न्यायधीश E(GGT 05` धैर्यकी ताकत किसी सै बढलाा लैदै की ज्जरूरता दह्लीः बस धैर्यरख्ो करेगा, ವಾ ತಕಕu aಞ೯ G UీT' पाएजा, स्यखा स्ै बडा कौईड न्यायधीश E(GGT 05` - ShareChat
#🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏गुरु महिमा😇 #🙏कर्म क्या है❓
🙏गीता ज्ञान🛕 - गीतामृत 3 १६ फरवरी < योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्ग त्यक्त्वा धनञ्जय  सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते II ४८ ।I दूरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धनञ्जय शरणमन्विच्छ कृपणाः फलहेतवः ।I ४९ II ತತ जय अथवा पराजय की समस्त हे अर्जुन आसक्ति त्याग कर समभाव से अपना कर्म करो। ऐसी समता योग कहलाती है। (२.४८ ) aRT हे धनंजय समस्त गर्हित कर्मों से भक्ति और उसी भाव से भगवान् की शरण ग्रहण  दूर रहो करो। जो व्यक्ति अपने सकाम कर्मफलों को भोगना चाहते हैं, वे कृपण हैं। (२.४9 ) गीतामृत 3 १६ फरवरी < योगस्थः कुरु कर्माणि सङ्ग त्यक्त्वा धनञ्जय  सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते II ४८ ।I दूरेण ह्यवरं कर्म बुद्धियोगाद्धनञ्जय शरणमन्विच्छ कृपणाः फलहेतवः ।I ४९ II ತತ जय अथवा पराजय की समस्त हे अर्जुन आसक्ति त्याग कर समभाव से अपना कर्म करो। ऐसी समता योग कहलाती है। (२.४८ ) aRT हे धनंजय समस्त गर्हित कर्मों से भक्ति और उसी भाव से भगवान् की शरण ग्रहण  दूर रहो करो। जो व्यक्ति अपने सकाम कर्मफलों को भोगना चाहते हैं, वे कृपण हैं। (२.४9 ) - ShareChat
महाकाल भस्म आरती दर्शन 20 फरवरी 2026 #महाकाल दर्शन #महाकाल महाकालेश्वर #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #महाशिवरात्रि
महाकाल दर्शन - श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन 3 6« تآ श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन 3 6« تآ - ShareChat
मंगलनाथ उज्जैन #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #☝अनमोल ज्ञान #🌸 सत्य वचन #🙌 Never Give Up
🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स - अभी से थक गए..? अभी तो तुम्हें वहां हंसना है, जहां तुम रोए थे अभी से थक गए..? अभी तो तुम्हें वहां हंसना है, जहां तुम रोए थे - ShareChat
गीता ज्ञान श्लोक 2.46 ओर 2.47 #🙏गीता ज्ञान🛕 #🙏कर्म क्या है❓ #🙏गुरु महिमा😇 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स #🙏🏻आध्यात्मिकता😇
🙏गीता ज्ञान🛕 - মীনামূন $ १५ फरवरी & स्यप्लिलोदके :| यावानर्थ उदपाने सर्वतः ೩೫ तावान्सर्वेष  ١١ ٧٤ ١١ ब्राह्मणस्य कर्मण्येवाधिकारॅस्ते मा फलेषु कदाचन | कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोउस्त्वकर्मणि II ४७ मा M छोटे से कूप का ] सारा कार्य एक एक विशाल जलाशेय से तुरन्त पूरा हो जाता है। इसी प्रकार वेदों के आन्तरिक तात्पर्य जानने वाले को उनके सारे प्रयोजन सिद्ध हो जाते हैं। (२.४६ ) तुम्हें अपना कर्म ( कर्तव्य ) करने का अधिकार है, किन्तु कर्म के फलों  ক নুস अधिकारी नहीं हो। तुम नॅ तो कभी अपने ऑपको अपने कर्मों के फॅलों का कारण मानो , न ही कर्म न करने में कभी आसक्त होओ। (२.४७ ) মীনামূন $ १५ फरवरी & स्यप्लिलोदके :| यावानर्थ उदपाने सर्वतः ೩೫ तावान्सर्वेष  ١١ ٧٤ ١١ ब्राह्मणस्य कर्मण्येवाधिकारॅस्ते मा फलेषु कदाचन | कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोउस्त्वकर्मणि II ४७ मा M छोटे से कूप का ] सारा कार्य एक एक विशाल जलाशेय से तुरन्त पूरा हो जाता है। इसी प्रकार वेदों के आन्तरिक तात्पर्य जानने वाले को उनके सारे प्रयोजन सिद्ध हो जाते हैं। (२.४६ ) तुम्हें अपना कर्म ( कर्तव्य ) करने का अधिकार है, किन्तु कर्म के फलों  ক নুস अधिकारी नहीं हो। तुम नॅ तो कभी अपने ऑपको अपने कर्मों के फॅलों का कारण मानो , न ही कर्म न करने में कभी आसक्त होओ। (२.४७ ) - ShareChat
महाकाल भस्म आरती दर्शन दिनांक 19 फरवरी 2026 #महाकाल #महाकाल दर्शन #महाकाल महाकालेश्वर #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
महाकाल - श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन 3 श्री महाकालेश्वर भस्म आरती दर्शन 3 - ShareChat
#🙌 Never Give Up #🤘My Status😎 #❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस #🥰Express Emotion
🙌 Never Give Up - आधी जंग तो आप उस समय जीत जाते हो, जब आपको लगता है कि आप कर सकते हो आधी जंग तो आप उस समय जीत जाते हो, जब आपको लगता है कि आप कर सकते हो - ShareChat
राधा कृष्ण विवाह की हार्दिक शुभकामनाएं भांडीर वन फुलेरा दूज #🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 # राधा कृष्ण #🤘My Status😎 #🙏रोजाना भक्ति स्टेट्स
🎵 राधा-कृष्ण भजन 🙏 - ShareChat
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#❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस #🥰Express Emotion #🤘My Status😎 #🙌 Never Give Up
❤️सैड व्हाट्सएप स्टेटस - परीक्षा इतनी भी नहीं "होनी चाहिए" "ख़त्म हो जाये प्रभु. করী পহিতাম কা সী৪ ৪ী परीक्षा इतनी भी नहीं "होनी चाहिए" "ख़त्म हो जाये प्रभु. করী পহিতাম কা সী৪ ৪ী - ShareChat