Dharmpal Sharma
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Dharmpal Sharma
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jai satya sanatan)❤
Ap sabhi ko rangon ke paawan perv "HOLI" ki dheron hardik shubhkamnayein !🙏🙏🙏 #shubh Budhwar #
shubh Budhwar # - NL ٠ [[ WUONANDPRBSS WAPT' 30209 NL ٠ [[ WUONANDPRBSS WAPT' 30209 - ShareChat
Om shri Radhe Krishnaye namaha #🙏शाम की आरती🪔
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#🥰Express Emotion पूरी दुनिया पाकिस्तानियों पर थूक रही है कि तुम्हारा पूर्व प्रधानमंत्री को मेडिकल चेकअप के लिए जब लाया गया जो लगभग अंधा हो चुका है तब पीछे खड़े सेना के अधिकारी ठहाके मारकर हंस रहे थे मजा ले रहे थे पाकिस्तानियों यह इमरान खान तुम्हारा नागरिक है यह भी भारत से नफरत करता है इसने यूनाइटेड नेशन में भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा जहर उगला है कोई दुख नहीं है,,कल मरता है आज़ मर जाये हरामी की औलाद,, परमात्मा सब का इलाज करता है,,,👊👊
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#🙏शाम की आरती🪔
🙏शाम की आरती🪔 - Jai shri Ram Jai Hanuman Jai shri Ram Jai Hanuman - ShareChat
#🥰Express Emotion 😡 ================= 1. आप, एक काले आदमी, लंदन में रहकर बिना किसी परेशानी के गोरो के साथ पढ़ते हैं, होस्टल में एक ही कमरे में गोरों के साथ रहते हैं, एक ही मेस में खाते हैं फिर अचानक ट्रेन में एक साथ सफर करने में फेंक दिए जाते है? क्यूँ? ये बात कतई हजम नहीं हुई। 2. फिर आपको, उसी काले भारतीय को, उन्हीं गोरों की सेना में सार्जेंट मेजर बना दिया जाता हैं और दक्षिण अफ्रीका में ब्रिटिश बोर वार में आपकी तैनाती एम्बुलेंस यूनिट में होती है जहां आप लड़ाई में गोरों का कालों के विरुद्ध साथ देते हैं। मिलिट्री यूनिफॉर्म में आपकी फोटो पूरे इंटरनेट उपलब्ध है। सार्जेंट मेजर गांधी लिखकर कोई भी सर्च कर सकता है। यह बात भी कुछ हजम नहीं हो रही। 3. आप में 1915 में अचानक 46 वर्ष की उम्र में देशप्रेम जागा और मिलिट्री यूनिफार्म उतारकर आपको बैरिस्टर घोषित कर दिया गया। मैं ऐसा इसलिए बोल रहा क्योंकि रानी लक्ष्मी बाई, खुदीराम बोस, बिस्मिल, भगतसिंह और आजाद जैसे अनेकों देशभक्तों की 25 की उम्र आते आते तक शहादत हो गई थी। 4. इसके बाद आपको महात्मा बुद्ध की तरह शांति अहिंसा का दूत बनाकर दक्षिण अफ्रीका से सीधे चंपारण भेज दिया जाता है जहाँ नील उगाने वाले किसानों के आंदोलन को आप हैक कर लेते हैं। हिंसक होते आंदोलन को अहिंसा शांति के फुस्स आंदोलन में बदल देते हैं। आखिर क्यूँ? 5. आप महात्मा बुद्ध की तरह दिन में एक धोती लपेट कर शांति अहिंसा के नाम पर भारतीयों के आजादी के लिये होने वाले हर उग्र आंदोलन की हवा निकाल कर उसे बिना किसी परिणाम के अचानक समाप्त कर देते हैं और अंग्रेज चैन की सांस लेते रहते हैं। आखिर क्यूँ? 6. नं.गा फकीर बनकर अपने साथ अपनी बेटी भतीजी के अलावा अनेक औरतों के साथ खुद पर परीक्षण करने के लिये नं.गे सोते हैं और अपने सेल्फ़-कंट्रोल को टेस्ट करते हैं। कौनसा महात्मा ऐसा करता है?आपने अपनी पुस्तक "सत्य के साथ मेरे प्रयोग" में आपने खुद स्वीकार किया है। 7. आप अहिंसा के पुजारी कहलाते हैं पर प्रथम और द्वितीय विश्वयुद्ध में अंग्रेजों का खुला साथ देते हैं‌ अपने अहिंसा के सिध्दांतों को दरकिनार करके भारतीयों को कहते हैं सेना में भर्ती हो जाओ और युद्ध करो ताकि ब्रिटिश राज बचा रहे। तब आपकी अहिंसा आड़े नहीं आयी? 8. इसी अहिंसा की ख़ातिर नेताजी का कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिला दिया? जब अंग्रेजों की तरफ से लड़ना अहिंसा है तो अपने देश के लिये लड़ना क्यों बुरा था? 9. दिल्ली के मंदिर में कुरान पढ़ने की जिद पूरी करने के लिए आप पुलिस बुला लेते हैं पर कभी मस्जिद में गीता या रामायण पढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। पाकिस्तान को 55 करोड़ और आज के बांग्लादेश जाने 15 KM चौड़ा कॉरिडोर जिसके दोनों तरफ 10 KM तक केवल मुस्लिम ही जमीन खरीद सके उसकी जिद पकड़कर अनशन करने की धमकी देकर सरकार को ब्लैकमेल करते हैं। यही अनशन आपने पाकिस्तान ना बनने के लिए क्यूँ नहीं किया? बापूजी सत्य यह है कि आपके अहिंसा के पाठ सिर्फ़ हिंदुओ के ही लिए थे जिन्होंने हिंदुओ को नपुंसक बना दिया। वहाँ पंजाब, सिंध, केरल में हिंदू मरते रहे, भगत सिंह सूली चढ गया मगर आपने अनशन नहीं किये। शुक्र है कि आप इजराइल नहीं गए और वहाँ अपने अहिंसा के भजन नहीं गाए, नहीं तो वहाँ के यहूदियों का अब तक अस्तित्व ख़त्म हो गया होता और वो बॉम्ब की जगह चरखे फेंक रहे होते। लिखने को तो बहुत कुछ है। अब सबको पता चल चुका है कि आपकी फकीरी कितनी महंगी थी। आप कैसे अंग्रेजों की लक्जरी कार में सवार होकर उनके ही विरूद्ध आंदोलन करने जाते थे। आगा खां पैलेस आपके जेल में रहने की कहानी खूब बयां करते हैं और देश यह भी जान गया है कि शांति प्रिय समुदाय को खुश करने के लिए गाय या भैंस की जगह आपने बकरी क्यूं पाली थी?? जब आपके लिए राष्ट्रपिता का संबोधन सुनता हूं तो मन वितृष्णा से भर उठता है। आप राष्ट्र पिता जरूर थे मगर पाकिस्तान के। देश का बेटा होता है, पिता नहीं। भारत का नये देश के रूप में तो जन्म हुआ नहीं था कि आप राष्ट्र पिता बन गये?? आपका क्या विचार है??🙏🏼 सत्य सनातन धर्म★ जयति सनातन★ जयतु भारतं★★ जयश्रीराम★★★
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की पूर्व मुख्यमंत्री और मशहूर स्टार जयललिता ने जिंदा रहते हुए कभी दिवाली नहीं मनाई,आप ‌जानते हो क्यों? 1790 नरक चतुर्दशी,यह मध्यरात्रि है, जिहादी आतंकवादी टीपू सुल्तान के पास अपने सबसे वफादार और क्रूर साथियों के साथ एक सेना थी,जो मेलुकोट के श्री चेलुवरया स्वामी के मंदिर में प्रवेश करती है। वहीं नरक चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित भगवान झांकी में लगभग 1000 श्रद्धालु शामिल हुए। रात की पूजा के बाद वे आराम करने की तैयारी कर रहे थे। जिहादी टीपू ने आकर मंदिर के सभी द्वार बंद कर दिए और 1000 भक्तों में से 800 लोगों को बंद कर दिया उसने अपनी सेना के बल से नरसंहार किया और उसे जमीन पर गिरा दिया। बच्चों-बच्चों को भी नहीं बख्शा। उसने अपने जनाना के लिए शेष 200 सुंदर महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया। अगली सुबह दीपावली पद्य का दिन था। वह मेलुकोट मंदिर को तोड़ देता है और उसकी विशाल संपत्ति को लूट लेता है। लूट को ले जाने के लिए 26 हाथियों और 180 घोड़ों की जरूरत थी। भले ही इसे इतने लंबे समय तक ले जाने में 3 दिन लगे। यही कारण है कि आज भी मेलुकोटे के कई परिवार (मांड्याम अयंगर कहलाते हैं) उस अंधेरी दिवाली की भयानक घटनाओं के कारण इस त्योहार को नहीं मना रहे हैं। जयललिता भी इसी समुदाय की थीं इसलिए उन्होंने भी कभी दिवाली का त्योहार नहीं मनाया। क्या उनके पूर्वज (मेलकोट अयंगर) 800 नरसंहारों में शामिल नहीं थे? वह कैसे भूल सकती थीं? इतिहास की किताबों में आतंकवादी टीपू सुल्तान को एक सुंदर, गंभीर, शांत और बहादुर व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है। लेकिन लंदन के पुस्तकालय में टीपू की वास्तविक छवि बहुत अलग है। टीपू सुल्तान का इतिहास इस बात का एक अच्छा उदाहरण है कि कैसे कांग्रेस और कुम्मी ने भारत के इतिहास को विकृत किया है।रूप में दानव कहे जाने वाले इस सुल्तान ने न केवल मेलुकोट मंदिर बल्कि दक्षिण भारत के लगभग 25 मंदिरों की संपत्ति भी लूट ली। जिहादी टीपू हमेशा बड़े-बड़े त्योहारों पर नरसंहार और धन की लूट में लिप्त रहता था। क्योंकि वह अच्छी तरह जानता था कि उन दिनों भक्त बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं और उन सभी के पास अधिक धन और प्रसाद के रूप में चांदी और सोना होता था। उन दिनों मंदिर में ही सारा धन और अनाज इकट्ठा करने की प्रथा थी। अब उनकी हिंदुओं की अन्य हत्याओं के बारे में: 1. कित्तूर चेन्नम्मा के राज्य में 1.40,000 हिंदू जिन्होंने धर्मांतरण से इनकार कर दिया था, बेचारे मारे गए 2. 10,000 ब्राह्मण जिन्होंने धर्मांतरण से इनकार कर दिया, उनका केरल राज्य में जबरन 'खतना' किया गया। 3. हिंदू महिलाओं का अपनी इच्छानुसार उपयोग करना और फिर उन्हें अपने सैनिकों को पुरस्कार के रूप में देना 4. 20 साल के लड़कों को हिजड़ा बनाया गया था 5. कोडागु के हिंदुओं का माराना यज्ञ 6. कोडागु में हिंदू महिलाओं के स्तनों को काट कर क्षत-विक्षत कर दिया गया। लड़कों पर इतने अत्याचार हुए कि लिखा नहीं जा सकता। अगर ये सब जिहादी टीपू का घमंड था,तो टीपू के अब्बू हैदर अली को तिरुपति कल्याण वेंकटेश्वर की विशाल संपत्ति को लूटने का श्रेय दिया जाता है। इस मामले में कोई किसी से कम नहीं है। आतंकवादी टीपू का इतिहास उन संगठनों का एक बड़ा उदाहरण है जो हिंदुओं के खिलाफ हमारे देश के इतिहास को चित्रित करते रहे हैं। टीवी सीरियलों में टीपू को एक महान देशभक्त और कुशल प्रशासक के रूप में चित्रित करने वाले धर्मनिरपेक्षतावादी। देखो कि जिहादी टीपू की मशहूर तलवार पर उर्दू में क्या लिखा है: "मुस्लिम नायक जिसने काफिरों का कत्लेआम किया" #🥰Express Emotion
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