aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेक :- कूड़ी दुनियां में जल कर देख लिया, तेरी याद में जल कर देखेंगे। जिस राह पे अपनी मुक्त होए, उस राह भी चल कर देखेंगे। 5. फाही जन्म मरण की मुकाने लिए, हम यत्न बहुतेरे करते रहे। खुदा, राम ते ओ३म, कृष्ण जपा, सतनाम* से बात कर देखेंगे। कूड़ी दुनियां में...
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00:47
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:52
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 होती है सुबह गाफिल, कर चलने की तैयारी। जहां और गए साथी, कभी तेरी भी है वारी। स्वासों का अमोलक धन, पगले क्यों लुटा बैठा। दो दिन का...
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00:46
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मुसीबत को टाल देता हर है भगवान का नाम ' सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोलवचन  गुरमीत राम रहीम सिँह  মনভাঁ जी इन्सां फरमाते हैं कि सुमिरन  के लिए अहम बात है कि॰ वचनों पर पक्के रहो। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक दया के सागर हैं॰ वो तो रहमो- करम करते ही रहेंगे। अगर अंदर के नजारे लेने हैं तो अंदर मिलने पीर- எரI =7 फकोर कहते हैं कि आपस में की भावना शुद्ध करो, फिर वो नजारे मिलने लगेंगे, जिसकी नफरत ना करो प्यार करो की लडाई-झगड़ा कभी ना करो। भी नहीं जा कल्पना সন্ধনী; ওন ননায ক্ষী লিত্র- नफरत व लड़ाई झगड़ा इंसान को मालिक, सुखनशांति और  बोल कर बयान नहीं कियाजा इंसानियत से दूर करता है। सकता| अगर शुद्ध भावना व पूज्य गुरु जी फरमाते हैं दृढ़ यकीन से मालिक का नाम  किजब इंसान संतपीर को जितना  जपो आप समय बात पर अमल करता है तो सजने संवरने में लगाते हो, उसे खुशियों के भंडार मिलते उससे आधा भी अगर मालिक की याद में लगा दो तो आपका हैं | इसलिए वचनों पर अमल करो करो , মনা   মুসিনে यह जहान और अगला जहान दोनों संवर जाए। भला करो तो आप सबका पूज्य गुरु जी फरमाते हैं मालिक   की दयान्मेहर  के किजब मन हावी होता है तो सकते   हैं और पात्र बन को पा मनमतों को बात जल्द सुनता  खुशियों उसकी तमाम नरजोरे  है, फिर उसे अपने पीर-फकीर सकते हैं| कणन्कण की बात अच्छी नहीं लगती। जर्रे   में मालिक  के মূত্ত্র ন নহীভী লীর্ঘা ক্ষী লান मिलने शुरू हो जाएंगे । ತಾ್ गुरू जी ने फरमाया कि॰ इन्सान बहुत जल्दी मान लेता दुख विपदा आने वाली हो तो है और संत पीर की नहीं। अगर वो मालिक का नाम लेने से आप वचनों को मानते हो, दृढ़ टल जाती है॰ पर जब वह यकीन से आगे बढ़ते हो तो विपदा आ ही जाती है तोवो अंतः करण की सफाई होगी बात नहीं बनती। और বলন-দিনে नजारे मुसीबत को टाल देता हर है भगवान का नाम ' सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोलवचन  गुरमीत राम रहीम सिँह  মনভাঁ जी इन्सां फरमाते हैं कि सुमिरन  के लिए अहम बात है कि॰ वचनों पर पक्के रहो। पूज्य गुरु जी फरमाते हैं कि मालिक दया के सागर हैं॰ वो तो रहमो- करम करते ही रहेंगे। अगर अंदर के नजारे लेने हैं तो अंदर मिलने पीर- எரI =7 फकोर कहते हैं कि आपस में की भावना शुद्ध करो, फिर वो नजारे मिलने लगेंगे, जिसकी नफरत ना करो प्यार करो की लडाई-झगड़ा कभी ना करो। भी नहीं जा कल्पना সন্ধনী; ওন ননায ক্ষী লিত্র- नफरत व लड़ाई झगड़ा इंसान को मालिक, सुखनशांति और  बोल कर बयान नहीं कियाजा इंसानियत से दूर करता है। सकता| अगर शुद्ध भावना व पूज्य गुरु जी फरमाते हैं दृढ़ यकीन से मालिक का नाम  किजब इंसान संतपीर को जितना  जपो आप समय बात पर अमल करता है तो सजने संवरने में लगाते हो, उसे खुशियों के भंडार मिलते उससे आधा भी अगर मालिक की याद में लगा दो तो आपका हैं | इसलिए वचनों पर अमल करो करो , মনা   মুসিনে यह जहान और अगला जहान दोनों संवर जाए। भला करो तो आप सबका पूज्य गुरु जी फरमाते हैं मालिक   की दयान्मेहर  के किजब मन हावी होता है तो सकते   हैं और पात्र बन को पा मनमतों को बात जल्द सुनता  खुशियों उसकी तमाम नरजोरे  है, फिर उसे अपने पीर-फकीर सकते हैं| कणन्कण की बात अच्छी नहीं लगती। जर्रे   में मालिक  के মূত্ত্র ন নহীভী লীর্ঘা ক্ষী লান मिलने शुरू हो जाएंगे । ತಾ್ गुरू जी ने फरमाया कि॰ इन्सान बहुत जल्दी मान लेता दुख विपदा आने वाली हो तो है और संत पीर की नहीं। अगर वो मालिक का नाम लेने से आप वचनों को मानते हो, दृढ़ टल जाती है॰ पर जब वह यकीन से आगे बढ़ते हो तो विपदा आ ही जाती है तोवो अंतः करण की सफाई होगी बात नहीं बनती। और বলন-দিনে नजारे - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:24
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन। धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:57
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 12. सदा नहीं मारनी उडारी तोतेया। सदा नहीं बाग दी बहारी तोतेया। होजूगी लाचारी खुस्स जाण फंगले। छड्ड जावें. 13. सदा नहीं फूल्लां दी सुगंधी भौरेआ। पुष्पां च लग्गू तेरे जिन्दी भौरेआ। तेरी जान वाला डण्डा डुक्क जाणगे। कर लै भजन ...
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00:46
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेक :- हत्थ जोड़ खड़े तेरे द्वार, ला दो पार जी, हां पार जी। करिए सजदे सौ सौ बार, कर दो पार जी, हां पार जी। 7. धन-धन "शाह सतनाम जीÓ दाता, तेरी शान निराली। गुण तेरे की गा सकदे हां, दाता दो जग वाली, दाता दो जग वाली। असीं अर्ज रहे हां गुजार, तेरा मिलदा रहे सदा प्यार, ला दो पार जी ...
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01:00
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat