aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन । धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:58
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 2. इहनां विषियां तों मन नूं हटा के रख तूं। इस दिल जलवे-बाज़ नूं समझा के रख तूं। इक्को गुरू दे निशान नूं बणा के रख तूं। सिर गुरू दे द्वारे ते झुका के रख तूं। तैनूं दीन ते जहान वाली लोड़ नाल की। मुल्लां यार...
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00:47
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेकः- मुल्लां यार नाल की तैनूं चोर नाल की। तूं तां अपणी नबेड़ तैनूं होर नाल की।। 1. फ़तवे वेले मनसूर नूं सी सूली चाढ़ेया। पत्थर मारदे सी लोकी शिबली फुल्ल मारेया। इह देख के सी रोया मस्त ने पुकारेया। शिबली अपणी प्रीत नूं तूं रख प्यारेया। तैनू आलमां मुलाणेयां दे शोर नाल की। मुल्लां यार...।
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00:52
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं। बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:11
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 होये नूकसान ते मकान वान्गू चोन्दिया ने। पुत्ता दी बिमारी विच छमाछम रोन्दिया ने। सतगुरू दी याद विच रूवाईया क्यूं ना अखियां।
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00:59
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन । धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:58
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन । धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ~ @ X < 7:58 91% ೧241-260 रूहानी सवाल जवाब प्र. २५० क्या हम शाम की बजाय २-3 घंटे सुबह ही सुमिरन कर लिया करें? उत्तर यह आपकी मर्जी है। रात को सुमिरन करने से दिनभर में अनजाने में कोई गलती हुई है तो उसकी तरफ से भी आपका मन हल्का हो जाएगा और आप तरो-्ताजा हो जाएंगे। २५१मूवी देखने और फिल्मी गाने सुनने से क्या सुमिरन . है? कटता तो नहीं है। कटता इसलिए होगा , क्योंकि आप ওন২ নননা जैसा देखते हैं फिर वैसा ही आचरण करते हैं। प्र. २५२ इंसान हर स्वार्थ त्याग दे, तब उसे मालिक मिलता है। काल ने भक्ति करके जो वर मांगे थे, उसका एक स्वार्थ था। उसे मालिक कैसे मिला, क्या मालिक को उसका स्वार्थ এনা থা? उत्तर मालिक ने ही काल को बनाया। काल की कोई इच्छा नहीं थी। मालिक ही चाहते थे कि काल इस सृष्टि की रचना करे, यह सब उसके खेल तमाशे हैं। यह मालिक को पता है उसने ऐसा क्यों किया, वह मर्जी का मालिक है। प्र. २५३ देवी-देवता मनुष्य चोले को तरसते हैं। फिर लोग उनकी पूजा करें या ना करें? उत्तर पूजा करनी है तो दोनों जहान के मालिक की करो जिसकी इबादत में देव-महादेव भी बैठते हैं। उसकी भक्ति करने से देवी-देवता सबकी भक्ति बीच में ही आ जाएगी| Al 0 ~ @ X < 7:58 91% ೧241-260 रूहानी सवाल जवाब प्र. २५० क्या हम शाम की बजाय २-3 घंटे सुबह ही सुमिरन कर लिया करें? उत्तर यह आपकी मर्जी है। रात को सुमिरन करने से दिनभर में अनजाने में कोई गलती हुई है तो उसकी तरफ से भी आपका मन हल्का हो जाएगा और आप तरो-्ताजा हो जाएंगे। २५१मूवी देखने और फिल्मी गाने सुनने से क्या सुमिरन . है? कटता तो नहीं है। कटता इसलिए होगा , क्योंकि आप ওন২ নননা जैसा देखते हैं फिर वैसा ही आचरण करते हैं। प्र. २५२ इंसान हर स्वार्थ त्याग दे, तब उसे मालिक मिलता है। काल ने भक्ति करके जो वर मांगे थे, उसका एक स्वार्थ था। उसे मालिक कैसे मिला, क्या मालिक को उसका स्वार्थ এনা থা? उत्तर मालिक ने ही काल को बनाया। काल की कोई इच्छा नहीं थी। मालिक ही चाहते थे कि काल इस सृष्टि की रचना करे, यह सब उसके खेल तमाशे हैं। यह मालिक को पता है उसने ऐसा क्यों किया, वह मर्जी का मालिक है। प्र. २५३ देवी-देवता मनुष्य चोले को तरसते हैं। फिर लोग उनकी पूजा करें या ना करें? उत्तर पूजा करनी है तो दोनों जहान के मालिक की करो जिसकी इबादत में देव-महादेव भी बैठते हैं। उसकी भक्ति करने से देवी-देवता सबकी भक्ति बीच में ही आ जाएगी| Al 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 अनमोल वचन । धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - शेष. पृष्ठ के प्रथम 4 नेक कार्यों. है जिंदगी और बस जो आए थे वो चले गए॰ और जो हैं एक दिन जाना है॰ लेकिन किसी को इस चीज की परवाह नहीं कि क्यों ना जिंदगी को इस तरह से रोशन कर जाएं कि॰ आने वाले पीढ़ियों तक लोग नाम को याद रखें। इसलिए जरुरी है कि अच्छे नेक काम करके जाओ ताकि आपको आने वाली पीढ़ियां सत्कार अदब से याद करे। शेष. पृष्ठ के प्रथम 4 नेक कार्यों. है जिंदगी और बस जो आए थे वो चले गए॰ और जो हैं एक दिन जाना है॰ लेकिन किसी को इस चीज की परवाह नहीं कि क्यों ना जिंदगी को इस तरह से रोशन कर जाएं कि॰ आने वाले पीढ़ियों तक लोग नाम को याद रखें। इसलिए जरुरी है कि अच्छे नेक काम करके जाओ ताकि आपको आने वाली पीढ़ियां सत्कार अदब से याद करे। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat