aashiqrabdaa
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मकसद।भलि गल्लां नाल जोडन दा जे भाईकिसी बोडी नालन्ई
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 वाहेगुरु जी। वाहेगुरु (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - ShareChat
01:07
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं, बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। मे बोडी तों किसी नू वी न्ई जानदा ते जानना वी न्ई जे चाहन्दा जी। हां पर रूह तों सारे इक जी। रब्ब जी। सब नाल जुडना चाहन्दा ते सब नू जोडना चाहन्दा जी। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 विषयो मे सुध बुध हारी। पापा विच उम्र गुजारी। होवेगी बहूत खुवारी। पुछे सरकार कल नू।
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00:59
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:55
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - 0 33% 12:54 4 @21|-40 रूहानी सवाल जवाब प्र. ३८ भगवान के होने का सबसे बड़ा सबूत आप क्या दे सकते है? उत्तर कम्पनी में हजारों वर्कर होते है पर एक बॉस का कंट्रोल जरूरी है, इसी ম কমা, पानी, धरती, प्रकृति तरह सूरज, आग, ब्रह्मंड में सब अपनी अपनी जगह चल रहे हैं, अनकंट्रोल न हो, इनको काबू करने प्रभु है। II प्र. ३१ संत और प्रभु में क्या अंतर है? उत्तर प्रभु :- सबसे बड़ी शक्ति, शक्ति भंडार। का अखुट प्रभु की अंश संत :- प्रभु के प्र. ४० क्या संत खुशी -खुशी पर मातलोक में आने के लिए ಫ೯ तैयार हो जाते हैं? उत्तर प्रभु की रज़ा से। A 0 0 33% 12:54 4 @21|-40 रूहानी सवाल जवाब प्र. ३८ भगवान के होने का सबसे बड़ा सबूत आप क्या दे सकते है? उत्तर कम्पनी में हजारों वर्कर होते है पर एक बॉस का कंट्रोल जरूरी है, इसी ম কমা, पानी, धरती, प्रकृति तरह सूरज, आग, ब्रह्मंड में सब अपनी अपनी जगह चल रहे हैं, अनकंट्रोल न हो, इनको काबू करने प्रभु है। II प्र. ३१ संत और प्रभु में क्या अंतर है? उत्तर प्रभु :- सबसे बड़ी शक्ति, शक्ति भंडार। का अखुट प्रभु की अंश संत :- प्रभु के प्र. ४० क्या संत खुशी -खुशी पर मातलोक में आने के लिए ಫ೯ तैयार हो जाते हैं? उत्तर प्रभु की रज़ा से। A 0 - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 धन धन सतगुरू तेरा ही आसरा, सतगुरू (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
🙏🏻आध्यात्मिकता😇 - राम-्नाम ही आत्मबल देने वाली ताकतः पूज्य गुरु जी सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोलवचन संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह  जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान  37#, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु 75, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा  है। उसको भूलने  से इन्सान के अंदर गम॰ दुःख दर्द, चिंता, परेशानियां बढ़ती  जाती हैं और इन्सान आत्मिक रब्ब का नाम लिया जाता हो कमजोरी की वजह से हमेशा एक मालिक की चर्चा होती हो, इन्सान वहां आकर बैठे हैःखी व परेशान रहने लगता जिनके तो उसे पता चलता है कि सब अंदर  fHF कोई   भी कुछ उसके अंदर है, फिर भी॰ कमजोरी होती है॰ वो कंगाल है।जो ब्रह्मांड में बात उन्हें सहन नहों हो पाती। है, वो इन्सान के शरीर में है॰ बात-बात पे तुनक मिजाज, बात-बात पे गु़स्सा करना आम  जो राम का नाम जपता है॰ बात होजाती है। एक राम- वही सब कुछ हासिल कर नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका  सकता है। उसे ही सब कुछ जाप करने से इन्सान के अंदर সিলনা = वरना जैसे लोग आते हैं॰ वैसे ही वापिस चले आत्मबल आता है নিমক द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम जाते हैं। खाली हाथ आए॰ में भी परेशान नहीं होता।  खालो   हाथ लौट जाते हैं पूज्य गुरु जी फरमाते हैं लेकिन जो लोग सत्संग सुनते  हैं ক্ি इन्सान   के राम-्नाम का जाप करते 31డ7 जब हैं, भक्ति करते हैं , वो हो उस आत्मिक कमजोरी आ जाती है, तो लोग बेवजह ही उलझे परमात्मा की खुशियां हासिल रहते हैं करते हैं और वो मालिक के बिना वजह लडते रहते हैं। आपजी फरमाते हैं रहमो ्कर्म को हासिल करके कि आत्मबल, रूहानी शक्ति तमाम   खुशियां  पाकर इस मृतलोक   में पाने के लिए सत्संग ही एक कलियुग  भी ऐसी जगह   है॰ परमानन्द की प्राप्ति कर लिया जहा T अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, करते हैं। राम-्नाम ही आत्मबल देने वाली ताकतः पूज्य गुरु जी सच्चे रूहानी रहबर पूज्य गुरु अनमोलवचन संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह  जी इन्सां फरमाते हैं कि इन्सान  37#, हरि, अल्लाह, वाहेगुरु 75, खुदा, रब्ब को भुलाए बैठा  है। उसको भूलने  से इन्सान के अंदर गम॰ दुःख दर्द, चिंता, परेशानियां बढ़ती  जाती हैं और इन्सान आत्मिक रब्ब का नाम लिया जाता हो कमजोरी की वजह से हमेशा एक मालिक की चर्चा होती हो, इन्सान वहां आकर बैठे हैःखी व परेशान रहने लगता जिनके तो उसे पता चलता है कि सब अंदर  fHF कोई   भी कुछ उसके अंदर है, फिर भी॰ कमजोरी होती है॰ वो कंगाल है।जो ब्रह्मांड में बात उन्हें सहन नहों हो पाती। है, वो इन्सान के शरीर में है॰ बात-बात पे तुनक मिजाज, बात-बात पे गु़स्सा करना आम  जो राम का नाम जपता है॰ बात होजाती है। एक राम- वही सब कुछ हासिल कर नाम ही ऐसी ताकत है, जिसका  सकता है। उसे ही सब कुछ जाप करने से इन्सान के अंदर সিলনা = वरना जैसे लोग आते हैं॰ वैसे ही वापिस चले आत्मबल आता है নিমক द्वारा इन्सान बड़े से बड़े काम जाते हैं। खाली हाथ आए॰ में भी परेशान नहीं होता।  खालो   हाथ लौट जाते हैं पूज्य गुरु जी फरमाते हैं लेकिन जो लोग सत्संग सुनते  हैं ক্ি इन्सान   के राम-्नाम का जाप करते 31డ7 जब हैं, भक्ति करते हैं , वो हो उस आत्मिक कमजोरी आ जाती है, तो लोग बेवजह ही उलझे परमात्मा की खुशियां हासिल रहते हैं करते हैं और वो मालिक के बिना वजह लडते रहते हैं। आपजी फरमाते हैं रहमो ्कर्म को हासिल करके कि आत्मबल, रूहानी शक्ति तमाम   खुशियां  पाकर इस मृतलोक   में पाने के लिए सत्संग ही एक कलियुग  भी ऐसी जगह   है॰ परमानन्द की प्राप्ति कर लिया जहा T अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड, खुदा, करते हैं। - ShareChat
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 हर भली ग्ल मेरे रब दी, ओ रूह, ओ एक, ओ हर विच, ओ जाहिर होंदा, भले क्रमा ते भली ग्लां तौं। बॉडी ते भाषा बस जरिया जी।
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00:59
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 राम जी नू। राम राम जी। राम जी। (रब/रूह), जेडि हर विच, जाहिर होन्दी भले कर्मा ते भलि गल्ला तों। बोडी ते भाषा बस जरिया जी।
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01:25
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेक:-भजन बिन बाँवरे, तैने हीरा सा जन्म गंवाया।। 4. यह संसार माया का लोभी, ममता महल चिनाया। कहत 'कबीर' सुनो भाई साधो, हाथ कछु न आया। भजन बिन...।
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00:51
#🙏🏻आध्यात्मिकता😇 टेक:-भजन बिन बाँवरे, तैने हीरा सा जन्म गंवाया।। 4. यह संसार माया का लोभी, ममता महल चिनाया। कहत 'कबीर' सुनो भाई साधो, हाथ कछु न आया। भजन बिन...।
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